पड़ोस वाली दीदी ने सिखाई मुझे चुदाई

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम मोहित है और मेरी उम्र 20 साल है पिछले 5 महीने से मैं भी कामलीला वेबसाइट पर कहानियां पढ़ रहा हूँ और इस वेबसाइट का पता मुझे मेरे करीबी दोस्त से चला था यहाँ प्रकाशित सभी कहानियाँ ऐसी लगती है जैसे अपनी आँखों के सामने कोई सजीव वर्णन चल रहा हो तो मैनें भी इनसे प्रेरित होकर सोचा कि मैं भी अपनी पहली कहानी को कामलीला के माध्यम से ही आप लोगों को बताऊँगा

तो चलिये दोस्तों आज की कहानी कि शुरुआत करते हैं

मैं एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ और गुडगाँव में रहता हूँ मैनें यह कहानी आप सभी को बताने में काफ़ी देर कर दी है मुझे लगता है कि शायद मुझे यह कहानी आपको अब तक बता देनी चाहिये थी वैसे सभी का मानना है कि यहाँ प्रकाशित ज्यादातर कहानियाँ झूँठी होती हैं मगर दोस्तों मेरी कहानी एकदम सच्ची है और आप तो जानते ही है कि कहानी पढ़ने से सब समझ में आ जाता है कि यह कहानी सही है या झूँठी

तो दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैनें 12 वीं की परीक्षा दी ही थी और मैं अब खाली बैठा हुआ था सुबह क्रिकेट खेलने चला जाता था फिर दोपहर को टीवी देख लेता था और फिर सो जाता था और मुझे पतंग उड़ाने का भी बहुत शौक था और इसके अलावा मैं कॉमिक्स भी पढ़ता रहता था ऐसे ही मेरे दिन कट रहे थे लेकिन कभी सोचा ही नहीं था कि सेक्स का मज़ा भी कितना अच्छा होता है और कितना प्यारा भी एक बार यह आपको मिल जाए तो बस क्या कहने एक बार जब मैं पतंग उड़ा रहा था तो एक पतंग कट कर मेरे सामने वाले घर में जा गिरी थी वहाँ एक अंकल और आंटी रहते थे और उनकी एक लड़की थी जिसका नाम नीलू था मैं उनको दीदी कहकर बुलाता था क्यूंकि वह मुझसे 2-3 साल ही बड़ी थी

अब मैं अपनी असली कहानी पर आता हूँ

पतंग कट कर जब उनकी छत पर चली गई थी और मैं भी अपनी छत से कूदकर उनकी छत पर आ गया था ऊपर छत पर भी एक कमरा था जो कि नीलू दीदी का ही था पतंग उनके कमरे के ऊपर ही थी तो मैं वहाँ चढ़कर पतंग को निकाल रहा था तो नीलू दीदी भागकर बाहर आई क्यूंकी उन्हें कुछ आवाज़ आई थी तो उन्होनें आकर पूछा कि कौन है वहाँ पर फिर मैनें बोला दीदी मैं हूँ पतंग लेने आया हूँ तो वह बोली ठीक है फिर मैनें कहा कि दीदी पानी पीना है तो वह पानी पिलाने लगी फिर मैं पानी पीकर वहीं रुक गया और इंतजार करने लगा कि शायद कोई और पतंग भी कटकर आ जाए तो फिर मैं उसे भी लेकर अपने घर जाऊंगा और थोड़ी देर तक मैं वहीँ पर खड़ा रहा दीदी को लगा कि शायद मैं चला गया हूँ तो वह अपने कपड़े बदल रही थी मैं उनके कमरे में फिर से पानी की बोतल लेने गया तो देखा कि दीदी अपनी ब्रा उतार रही थी और मैनें उनके छोटे-छोटे बब्स देख लिए थे वो ब्रा को उतारकर अपने शरीर पर क्रीम लगा रही थी यह सब नज़ारा देखकर तो मेरा लंड अपनी जीन्स में ही खड़ा हो गया

फिर उन्होनें ब्रा और टॉप पहन लिया और मैं भी चुपके से वहाँ से निकल आया और अपने घर आ गया दीदी को मेरे वहाँ रहने का और उनको देख लेने का जरा भी पता नहीं चला था और रात को जब मैं सोया हुआ था तो मेरा दिमाग़ और भी ज्यादा खराब हो गया था क्योंकि मुझे तो बस नीलू दीदी के बब्स ही नज़र आ रहे थे मेरा मन कर रहा था कि उनको अपने हाथ में लेकर मसलूं अब मैं यही प्लान बनाने लगा था और पतंगबाजी तो अब गई भाड में मुझे तो बस एकबार नीलू दीदी की चूत मिल जाए पर कैसे और मैं उनको पटाऊ तो पटाऊ कैसे 3-4 दिन तो मेरे उनकी याद में मूठ मार कर ही कट गये पर अब दिन कट नहीं रहे थे एक बार दोपहर को मैनें उनके कमरे पर जाने का प्लान बनाया उनके कमरे पर जाकर मैनें उनसे कहा कि दीदी कुछ कॉमिक्स वगैरह हो तो पढने के लिये दो ना मैं बहुत बोर हो रहा हूँ तो फिर उन्होंने मुझे कॉमिक्स पढने के लिये दे दी

मैं वहीं पर बैठकर उसको पढ़ने लगा वहाँ कमरे में दीदी का एक ही बेड था थोड़ी देर बाद मैनें कहा दीदी नींद आ रही है तो वह बोली कि इधर ही सो जा मैं भी मन ही मन यही तो प्लान बनाकर आया था क्योंकि मुझे तो पहले से ही पता था कि दीदी के कमरे में सिंगल ही बेड था गरमी के दिन थे तो कमरे में कूलर चल रहा था जिसकी ठंडी हवा में अब दीदी को भी नींद आने लगी थी फिर थोड़ी देर बाद दीदी भी सोने के लिए आ गई उन्होंने उस समय एक कट बाहँ वाली टी-शर्ट और वाइट शॉर्ट्स पहन रखा था उनको लगा कि मैं सो रहा हूँ पर मैं तो दीदी की चूत को चोदने की फिराक में था और दीदी भी मेरे पास आकर सो गई 10-15 मिनट होने के बाद मुझे लगा कि दीदी अब सो गई है तो मैनें नींद में करवट बदलने का नाटक करके अपना एक हाथ उनके ऊपर रख दिया

थोड़ी देर बाद दीदी ने मेरा हाथ अपने ऊपर से हटा लिया मुझे तो एकदम से लगा कि आज मेरा प्लान फैल होने वाला है यह तो मेरा साथ ही नहीं दे रही है फिर थोड़ी देर बाद उनकी बॉडी मेरे शरीर से टच होने लगी उनके बदन की भीनी-भीनी खुशबू ने मेरा दिमाग़ खराब कर रखा था मन तो कर रहा था कि अभी इसको यहीं पेल दूँ फिर मैनें अपना मुहँ उनके पास लिया और महसूस किया कि उनके मुहँ से गरम-गरम साँसे निकल रही थी मैनें अपनी जीभ उनके होठों पर लगाई तो पाया कि क्या बड़े नरम और मुलायम होंठ थे उनके

फिर एक किस उनके होठों पर करके अपनी एक ऊँगली उनके टॉप में डाल दी जहाँ से बब्स शुरू होते है और ऊपर से क्लीवेज दिखती है साला बड़ा ही मुलायम भाग था वह तो फिर उसमें मैनें अपनी पूरी ऊँगली घुसेड़ दी पर साली ब्रा बीच में आने लगी थी तो मैं अब उनके बब्स को ऊपर से ही पकड़कर दबाने लगा था थोड़ी देर बाद दीदी हिली तो मैनें अपना हाथ भी हटा लिया था और उनसे चिपक कर सो गया था और जब मैं उठा तो देखा दीदी भी उठने वाली थी और उन्होनें मेरे माथे पर किस किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा तो मैनें उनको गले से लगा लिया और मेरा मुहँ उनके बब्स पर था मैनें उनसे कहा दीदी मुझे भी किस करने दो ना तो वह बोली करले तो मैनें उनके गालो पर एक किस किया तो फिर मैनें दीदी से कहा कि एक बार और कर लूं तो वह बोली करो ना मैनें कहाँ मना किया है तुमको फिर मैनें कहा कि दीदी आपके होंठ पर किस करना है तो उनको एकदम से झटका लगा कि यह क्या बोल रहा है फिर वह थोड़ा सोचने लगी

और फिर बोली कि चलो कर लो तो फिर मैनें उनके होठों पर एक लम्बा सा किस किया तो उन्होनें कुछ रिएक्ट नहीं किया तो मैनें कहा दीदी मैनें आपको इतने किस्सस किये पर आप ने तो कोई रिएक्ट ही नहीं किया तो फिर वह बोली अच्छा बाबा करती हूँ तो मैनें कहा कि मेरे होठों पर ही करना तब उन्होनें मेरे होठों पर एक बहुत लम्बा किस किया और मैनें भी उनका साथ दिया और फिर उन्होंने कहा कि ठीक है ना अब तो तुम खुश हो ना? तो फिर मैनें कहा कि हाँ दीदी मैं बहुत खुश हूँ

और फिर वह नहाने जाने लगी तो मैं वहीं पर लेटा था और वह नहाकर बाथरूम से बाहर आई तो मैनें देखा कि उनके गीले-गीले बाल क्या मस्त लग रहे थे और जब वह पीछे मुडकर बाथरूम का दरवाज़ा लगाने लगी तो उनकी गांड कसम से क्या मस्त गांड थी एकदम मोटी और बहुत ही सुन्दर और क्या मोटे-मोटे बब्स थे हाय मेरी तो जान ही ले ली दीदी के फिगर ने तो फिर मैनें उनसे कहा कि दीदी एक प्रॉब्लम है तो वह बोली क्या? फिर मैनें कहा कि शरम आती है तो उन्होनें कहा कि बता ना क्या बात है तो मैनें अपने लंड की तरह ऊँगली करके कहा दीदी मुझे वहाँ बहुत दर्द होता है

और खुजली भी फिर वह बोली कि क्या बात कर रहा है? तो मैनें कहा कि क्या आप देख सकती हो तो फिर वह बोली मुझे ऐसे नहीं पता कि क्या प्रॉब्लम हो सकती है फिर मैनें कहा कि घर पर बताने में शरम आ रही थी इसलिए सोचा कि आपको बता दूँ तब वह मुझे बाथरूम में लेकर गई और उन्होनें कहा कि दिखाओ तब मैनें जीन्स और अंडरवियर उतारकर अपना लंड दिखाया तो वह एकदम से चौंक सी गई शायद मन में सोच रही होगी कि इतना बड़ा लंड उन्होनें पहली बार देखा था फिर मैनें अपना हाथ लगाकर बताया और कहा कि दीदी यहाँ दर्द होता है पता नहीं क्यूँ फिर दीदी ने उसको अपने हाथ में लिया तो वह अब खड़ा होने लगा तो मैनें कहा दीदी इसमें खुजली भी बहुत होती है

फिर उन्होनें कहा कि यह तो होता रहता है, फिर मैनें कहा कि दीदी मुझे भी आपका नीचे का देखना है तो वह कहने लगी कि पागल है क्या तू मैनें कहा दीदी प्लीज़ दिखाओ ना कैसी होती है मैनें आज तक किसी की भी नहीं देखी है तो वह मान गई क्यूंकि मेरा मोटा लंड देखकर उनके मन में मुझसे चुदने का मूड तो पहले से ही हो चुका था फिर उन्होंने अपनी कैपरी और पैन्टी को उतार दिया फिर मैनें कहा कि दीदी कमरे में चलो ना यहाँ बहुत अंधेरा है तो फिर वह मान गई और फिर हमलोग कमरे में चले आए और बेड पर बैठ गये जब मैंने उनकी चूत को देखा तो हाय दोस्तों क्या मस्त और कोमल सी चूत थी कितनी प्यारी आज तक वह किसी से चुदी भी नहीं थी एकदम साफ़ बिना बालों वाली और बिलकुल टाइट थी फिर मैं उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा जिससे वह अब सिसकारियाँ लेने लगी और उनको सेक्स की तलब चढ़ने लगी थी मैनें कहा कि दीदी मेरे लंड में भी खुजली बहुत हो रही है तो वह बोली मुझे दिखा ज़रा तो फिर मेरा लंड अपने हाथ में लेकर उसको देखने लगी और उसको अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी मेरे लंड को वह अपने मुहँ में लेकर फका-फक चूस रही थी लगभग 10 मिनट के बाद मेरा पूरा माल उनके मुहँ में ही निकल गया और वह सारा का सारा गटक गई और बेड पर लेट गयी और फिर वह मुझसे बोली कि रात को आना और भी मज़े करेंगे

फिर मैं अपने घर वापस आ गया और रात होने का बड़ी बेसब्री से इन्तजार करने लगा और वह समय भी बड़ी मुश्किल से कट रहा था और फिर रात हो गई

मैं रात को उनके रूम में अपने घर पर पढने का बहाना करके गया था तो वह वहाँ बैठी हुए थी मैनें रूम में जाकर अंदर से कमरे को बन्द कर दिया और कहा कि दीदी मुझे आपको पूरा नंगा देखना है तो उन्होनें झट से अपने सारे कपड़े उतार दिए और फिर मैनें भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और उनके बब्स से खेलने लगा वह भी मेरा खूब साथ देने लगी थी फिर उन्होनें मुझसे कहा कि अपना लंड मेरी चूत में डालो तो मैनें कहा दीदी आगे अब कैसे करना है वह मुझे नहीं आता है तो वह अपनी टाँगों को फैलाकर और अपनी चूत को चौड़ी करके बोली कि इसमें डालो और आगे पीछे होकर झटके दो पर मैं तो अंदर डालने से पहले ही झड़ गया फिर एक दो दिन तो ऐसे ही चलता रहा और फिर एक दिन मैं मेडिकल की दुकान से वियाग्रा की गोली लेकर उसके घर गया और मैनें उनसे कहा कि आज तो पूरा करेंगे तो वह भी बहुत खुश हो गई

फिर मैनें दोनों के सारे कपड़े उतारे और अपना लंड उसके मुहँ में डालकर चूसने को कहा तो अब उसको भी मज़ा आ रहा था और फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये और अब मैं उसकी प्यारी सी चूत को और वह मेरे लंड को बड़े ही प्यार से चूस रहे थे उसके मुहँ से बहुत तेज-तेज सिसकारियाँ निकल रही थी और वह मेरे सिर को अपनी चूत में दबा रही थी और कुछ देर बाद उसने मेरे सिर को अपनी चूत पर पूरा दबाते हुए तेजी से अपना पानी छोड़ दिया और लम्बी-लम्बी साँसे लेने लगी और मेरे सिर पर अब प्यार से अपना हाथ फेरने लगी और मुझसे कहने लगी कि आज तो तुमने आज पहली बार मेरी चूत में से पानी निकाला है

फिर मैनें देर ना करते हुए उसकी टाँगों के बीच आकर उसकी एक टांग को अपने कंधे पर रखकर उसकी चूत में अपना लंड घुसाया पर घुस ही नहीं रहा था तो दीदी ने कहा कि कसके झटका दो तभी तो जाएगा तो फिर मैनें जोर लगाया तो अब लंड उसकी चूत में बड़ी मेहनत के बाद चला गया लंड अंदर जाते ही वह मछली की तरह छठपटाने लगी और मुझे धक्का मारकर पीछे हटाने लगी उसकी आँखों से आँसू आ रहे थे और मैं यह सब देखकर डर गया और रुक गया फिर उसने शान्त होकर कहा कि डरने की कोई बात नहीं है जब किसी जवान और कुँवारी लड़की की पहली बार चुदाई होती है तो उसकी चूत की झिल्ली फट जाती है और बहुत दर्द होता है और खून भी निकलता है पर यह एक बार ही होता है उसके बाद तो बहुत मजा आता है

उसके यह सब कहने के बाद अब मैनें हल्के-हल्के झटके देने चालू किए तो उसे भी अब बड़ा मज़ा आ रहा था पहले तो वह बहुत चिल्लाई थी फिर अब वह भी मेरा साथ देने लगी थी जब मैं झटके दे रहा था उसकी चूत में मेरा लंड ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी आग की भट्टी के अंदर है साली बहुत गर्म थी वह फिर 20 मिनट की लम्बी चुदाई में मैनें उसको उसी के कहने पर अलग-अलग पोजीशन में चोदा और अंत में उसने कहा कि मैं अपनी पहली चुदाई को अपने अंदर तक महसूस करना चाहती हूँ तो उसके कहने पर ही मैनें अपना सारा कामरस उसकी चूत में ही डाल दिया और उसके साथ चिपककर सो गया यह सिलसिला दो सालों तक चलता रहा और फिर उसके घर वालों ने उसे बिना बताए ही उसकी शादी कर दी और हमारी कामलीला अब यहीं रुक सी गई पर अब जब भी वह अपने ससुराल से अपने घर आती है तो हमको जब भी मौका मिलता है तो हम चुदाई करने से नहीं चूकते हैं क्योंकि दोस्तों वह माल ही बहुत मस्त थी अब तो उसके बब्स भी बड़े हो गये हैं उसके एक लड़का भी हो गया

दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी…

तब तक दोस्तों मज़ा कीजिए और सेक्स करते रहिये क्योंकि इससे अच्छा जीवन में और कुछ भी नहीं है

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!