स्कूल वाली मेम के साथ चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna सबसे पहले मैं आप सभी को यह बता दूँ कि, मेरा नाम नितेश है, मैं नोएडा में किराये का फ्लेट लेकर रहता हूँ। दोस्तों मैं यहाँ पर अपने ऑफिस और मेरी हाऊसिंग सोसायटी की लगभग 10-15 भाभियों और लड़कियों को चोद चुका हूँ और वह सभी मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट है, क्योंकि मैं चुदाई सिर्फ़ चुदाई के लिए नहीं करता बल्कि सामने वाले को पूरी संतुष्टि देना मेरी आदत है। दोस्तों आज मैं आप सभी को कामलीला डॉट कॉम के इस मंच के माध्यम से एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जो कि बिल्कुल सच है।

दोस्तों यह कहानी मेरे स्कूल के समय की है जब मैं 12 वीं कक्षा में पढता था. और हमको एक मेम जिनका नाम साधना था वह हमको विज्ञान पढ़ाती थी. लेकिन मैं उस विषय में बहुत कमजोर था, इसलिए मैंने मेरी साधना मेम से विनती करी कि, वह मुझको ट्यूशन पढ़ा दे. दोस्तों मेरे पापा को पैसों की कोई कमी नहीं थी इसलिए वह भी मेरी ट्यूशन के लिये मान गए थे. और फिर वह मेम मुझको मेरे घर पर पढ़ाने के लिये आने लगी थी. दोस्तों मेरी पढ़ाई ट्यूशन पर बहुत अच्छी चल रही थी. और फिर एक दिन मैं घर पर अकेला ही था तो मेम मुझको पढ़ाने के लिये आ गई थी. और फिर उन्होनें मुझको बोला कि नितेश, आज चलो मैं तुमको गर्भाधान का तरीका बताती हूँ. तो फिर मैंने भी उनको कहा कि ठीक है मेम।

मेम :- नितेश, असल में गर्भाधान को जनन भी कहा जाता है और इसमे मादा और नर के जनन के भाग इसमें हिस्सा लेते है।

नितेश :- मेम यह जनन क्या होता है?

मेम :- नितेश देखो शरीर के निचले हिस्से में हमारा जनन भाग रहता है और नर के जनन भाग को लिंग या लंड कहते है और मादा के भाग को योनी या फिर चूत. अब तुम एक काम करो और तुम खड़े हो जाओ और फिर मैं तुमको समझाती हूँ।

और फिर मैं खड़ा हो गया था और दोस्तों उस दिन साधना मेम ने बहुत ही प्यारी सी सलवार कमीज पहनी हुई थी. और फिर मेम ने मेरी जीन्स के बटन को खोल दिया और फिर उन्होनें मेरी पेन्ट की ज़िप को नीचे किया और उन्होनें मेरी जीन्स को खोलकर नीचे गिरा दिया था. और फिर मैं अपने अंडरवियर में आ गया था।

मेम :- नितेश अब तुम तुम्हारी इस अंडरवियर को भी उतार दो।

मैं :- वो क्यूँ मेम?

मेम :- नितेश तुम्हारा जनन इसी अंडरवियर के अन्दर है।

मैं :- लेकिन मेम वह तो मेरी लुल्ली है जिससे मैं पेशाब करता हूँ।

मेम :- नितेश दिखाओ तो जरा कैसा है?

मैं :- ठीक है मेम मैं अभी खोलता हूँ और फिर मैंने अपना अंडरवियर खोलकर अपने बदन से अलग कर दिया था, और फिर उसको देखकर मेम मुझसे कहने लगी कि, अरे वाह! नितेश तुम्हारी लुल्ली तो बहुत गोरी है और टाइट भी है. और फिर मेम मुझको बताने लगी कि, देखो इसी लुल्ली को लंड भी कहते है और यह जनन भाग का एक मुख्य हिस्सा है. और तुम्हारा लंड अब इस काबिल हो चुका है कि, वह जनन प्रक्रिया का हिस्सा बन सके. यह लंड मादा की योनी के अन्दर जाकर उसको चोदता है, और फिर थोड़ी देर की चुदाई करने के बाद यह मादा की योनी में अपना पानी गिरा देता है और फिर इसी से बच्चा पैदा होता है।

मैं :- लेकिन मेम इस लंड से तो मूत ही बाहर निकलता है, क्या उसी मूत से बच्चा भी पैदा होता है?

मेम :- नितेश तुम भी एकदम बच्चे हो।

और फिर मेम ने अपनी सलवार को ऊपर उठाकर अपनी पैन्टी की तरफ दिखाते हुए मुझसे कहने लगी कि, इसके अन्दर मेरी चूत है. पहले जब मेरी शादी नहीं हुई थी तो इसको हम बुर कहते थे, और जब अब मेरी शादी हो गई है तो यह बुर लंड से चुदने लगी है तो अब इसको हम चूत कहते है। और फिर मेम ने अपनी सलवार का नाडा खोल दिया था और फिर मेम ने एक ही झटके में अपनी सलवार को अपनी कमर से अलग कर दिया था. दोस्तों मेम की सलवार के नीचे लाल रंग की पैन्टी बहुत ही खूबसूरत लग रही थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, नितेश इधर आओ और अपने हाथ को मेरी इस पैन्टी के अन्दर डालो।

मेम :- जी मेम.

और फिर मैंने अपना एक हाथ मेम की पैन्टी के अन्दर डाला तो कसम से दोस्तों वह मुझको बहुत ही गरम लगी तो मैंने झट से अपना हाथ उनकी पैन्टी से बाहर निकाल लिया था. और फिर मैंने मेम से पूछा कि, मेम इसके अन्दर इतनी गर्मी और भीगा हुआ सा क्या है, क्या आपने पेशाब तो नहीं कर दिया है?

मेम :- नहीं नितेश देखो.

और फिर मेम ने अपनी पैन्टी को उतार दिया था और फिर उन्होंने मुझको दिखाते हुए यह कहा कि, यह मेरी चूत है, इसके ऊपर काले रंग के बाल होते है, जिनको मैंने अभी साफ़ कर रखा है. और देखो यह जो बीच में गहराई है ना इसी को चूत कहते है, और तुम्हारा लंड इसी चूत में जाकर चोदेगा तो उसे चुदाई कहेंगे. हाँ तो चलो मैं अब तुमको सच में करके दिखाती हूँ. और फिर मेम ने मुझको कहा कि, मैं टेबल के बल खड़ी हो जाती हूँ अपने पैरों को फैलाकर और फिर तुम अपना लंड मेरी इस चूत में डालना।

मैं :- लेकिन मेम अगर बच्चा पैदा हो गया तो?

मेम :- कोई बात नहीं, मैं एक टीचर हूँ ना तो मैं उसको पैदा होने ही नहीं दूँगी।

मैं :- लेकिन मेम मेरा लंड तो टाइट है, अगर यह आपकी चूत को फाड़ देगा तो?

मेम :- नहीं फाड़ेगा, जब तुम उसे इसमें डालोगे तो यह अपने आप ही अन्दर चला जाएगा।

मैं :- ठीक है मेम.

और फिर मेम एक टेबल के बल पर आगे की तरफ थोड़ा झुककर खड़ी हो गई थी अपने दोनों पैरों को फैलाकर, और फिर मैंने अपना लंड मेम की चिकनी चूत के मुहँ पर रखा और फिर मैंने धीरे से एक धक्का दिया तो सरसराता हुआ मेरा लंड मेम की चूत की गहराइयों में पता नहीं कहाँ चला गया था।

मेम :- ओह… नितेश जरा धीरे-धीरे डालो, बड़ा टाइट लंड है तुम्हारा, मुझको तो लगता है कि, यह तो आज मेरी चूत को फाड़ ही डालेगा।

और फिर मैंने धीरे से एकबार अपने लंड को उनकी चूत में और दबाया तो अबकी बार मेरा पूरा का पूरा ही लंड मेम की चूत में चला गया था।

मेम हमम्म…… नितेश, अब तुम अपने लंड को बाहर निकालकर फिर से अन्दर डालो।

मैं :- जी मेम.

और फिर मैंने अपने लंड को मेम की चूत से थोड़ा बाहर खींचकर फिर से अन्दर डाला. दोस्तों उस पल मुझको वह सब बहुत ही अच्छा लग रहा था. और फिर उत्तेजना में आकर मेम ने भी अपनी आँखें बन्द कर ली थी।

मेम :- नितेश कैसा लग रहा है? इसको ही चोदना कहते है और जब चूत में लंड आगे-पीछे होता है तो, देखो चूत से जो पानी रिसता है और चुदाई होती है इसको ही जनन प्रक्रिया कहते है. डाल हाँ और अन्दर तक डालो, तुम तो अच्छी तरह चुदाई कर रहे हो. नितेश तुम्हारा लंड तो वाकई में जवान है और तुम्हारी इस चुदाई से तो मुझको भी मज़ा आ रहा है।

दोस्तों उस समय मेरा लंड वाकई में बहुत टाइट हो गया था और मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी कसावट पैदा हो गई थी. और फिर मुझको ना जाने क्या हो गया, मेम आपकी चूत को मेरा लंड चोद रहा है या पेल रहा है?

मेम :- नितेश, तुम्हारा लंड मेरी चूत को पेल रहा है और मेरी चूत तुम्हारे लंड से चुद रही है, नितेश थोडा रूको और अपने लंड को मेरी चूत से बाहर निकालो, पहले मैं घोड़ी बन जाती हूँ और फिर तुम मुझको पीछे से पेलना।

मैं :- ठीक है मेम.

और फिर मेम अपने दोनों हाथों को जमीन के बल करके घोड़ी बन गई थी. और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में पीछे से लगाया और फिर मैंने उनको फिर से पेलना शुरू कर दिया था. और मेम भी बीच-बीच में कहती जा रही थी कि नितेश, आह्ह्ह… बहुत मज़ा आ रहा है, चोदो और चोदो।

मैं :- ठीक है मेम मैं आज आपकी चूत को फाड़ दूँगा अपने लंड से।

और फिर यह चुदाई का खेल करीब 15-20 मिनट तक चलता रहा और फिर मैंने मेम से कहा कि, मेम मेरे लंड से कुछ निकलने वाला है।

मेम :- ठीक है तो तुम अब अपने लंड को मेरी चूत में से बाहर निकालो।

और फिर मेम ने मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर खूब चूसा. और फिर 2 मिनट के बाद ही मैंने अपना सारा पानी मेम के मुहँ में ही छोड़ दिया था और मेम मेरे सारे पानी को बड़े ही चाव से चाट गई थी. और फिर मेम ने मेरे लंड को भी चाट-चाटकर एकदम साफ़ कर दिया था. और फिर कुछ देर के बाद उनके मुहँ से मेरे पानी की कुछ बूँदे उनके मुहँ से बाहर आई तो उन्होंने मुझको कहा कि, देखो नितेश यह वही पानी है जो अगर मेरी चूत के अन्दर गिर जाता तो बच्चा पैदा हो जाता।

और फिर हम दोनों ने एकदूसरे को साफ़ करके कपड़े पहन लिये थे, और अब तो मेरी चुदाई की क्लास मेम के साथ अक्सर लगने लग गई थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!