गोवा में बदल गई बीवियां – [Part 1]

दोस्तों मेरा नाम Antarvasna मोहसिन हे और मेरी वाइफ का नाम सबाना हे. हम लोग मुंबई से हे. आज की इस ग्रुपसेक्स कहानी में दो और भी किरदार हे. उसमे भी एक देसी जोड़ी हे. वो मेरा दोस्त हनीफ और उसकी वाइफ नुसरत हे. बात की स्टार्ट यहाँ से हुई की हम लोग गुजरात से गोवा गए एक बस टूर पर. सबाना और मेरी शादी को वैसे तो कुछ साल हो गए थे. पर बहुत समय से हम लोग बहार नहीं गए थे तो मैंने सोचा की चलते हे एक टूर पर. दोस्त को बोला तो वो भी अपनी वाइफ के साथ रेडी हो गया.

हम चारो अप्रैल के एंड में बस से रात को बरोडा से निकले. दुसरे दिन मोर्निंग में गोवा पहुँच भी गए. हमारी होटल कलंगुट रोड पर ही थी. वहां से बिच 300 मीटर दूर था बस. मेरा दोस्त हनीफ पहले भी काफी बार गोवा आया था. उसने कहा की देखो अगर हमें एन्जॉय करना हे तो बस वालो के साथ नहीं अपने तरीके से चलना होगा. मैंने कहा ठीक हे. हमने मोर्निंग में ही बस वाले को कहा की आप लोग जाओ हम शाम में आप को डिनर के लिए ही ज्वाइन करेंगे. उसने एक कागज के ऊपर हम दोनों के साइन ले लिए ताकि कोई प्रॉब्लम हो तो उसके पास सबूत हो.

हम दोनों कपल के लिए बस वालो ने एक डबल रूम दिया था जिसके अन्दर एक एक्स्ट्रा बेड लगा हुआ था. थकान दूर करने के बाद हनीफ और उसकी वाइफ नुसरत रेडी हुए. और फिर हम दोनों भी नाहां के निकले. हनीफ ने तब तक सिक्युरिटी वाले से मिल के पड़ोस के एक रेंट वाले से दो बाइक ले ली थी. मैं निचे आया तो हम लोगों ने वही होटल के रेस्टोरेंट में नाश्ता किया. हनीफ बोला, कलंगुट के ऊपर बहुत भीड़ होती हे. असली गोवा देखने हे तो छोटे बिच के ऊपर चलो. मैंने कहा ओके.

वो बोला यहाँ से कुछ फासले पर आरामबोल का बिच हे, बिच में अंजुना और वागाटर बिच भी आता हे.

मैंने कहा, सब से अच्छा कौन सा बिच हे?

तो वो बोला, आरामबोल सही हे.

मैंने कहाँ वही चलते हे ना फिर.

हम दोनों की वाइफ पीछे बैठी और हनीफ ने बाइक आगे लिया. मैं उसके पीछे पीछे चला रहा था क्यूंकि मैं रास्ता जो नहीं देखा था. कुछ 25-30 मिनिट की जर्नी के बाद हम लोग जिस बिच पर आये वो काफी मस्त था. जैसे हनीफ ने कहा था वैसे एकांत का माहोल था वहां पर. कुछ टूरिस्ट थे लेकिन उसमे 90% विदेशी थे.

हम लोगों ने 4 अम्ब्रेला पहले ही फुल डे के लिए रेंट पर ले लिए. नुसरत और सबान ने अपने तोवेल वगेरह निकाल लिए. और वो दोनों अपने बदन के ऊपर सनस्क्रीन मसलने लगी.

मैं और हनीफ भी चड्डी पहन के रेडी ही थे. हम चारो एक दुसरे का हाथ पकड के दरिया में भागे. मैंने अपनी वाइफ के ऊपर पानी की छीटें डाली और उसे पूरा भिगो दिया. उसकी बिकिनी वाली बॉडी को एकदम से भिगो दिया मैंने. उधर हनीफ ने तो नुसरत को दो हाथो से उठा के निचे ही पटक दिया पानी में. वो एकदम से भीग चुकी थी. उसकी बिकनी एकदम स्किन टाईट थी और भीगने के बाद उसके बूब्स और गांड का आकार देखते ही बनता था. कसम से उस वक्त मेरे दिमाग में कोई गन्दा ख्याल नहीं था नुसरत के लिए. और होता भी तो वाइफ साथ में थी चला जाता! पर मैं खुद को जैसे रोक नहीं पा रहा था. बार बार मेरी नजर उसके ऊपर जाती थी. हनीफ ने देखा एक दो बार मुझे लेकिन वो वही मस्ती के मूड में था.

फिर हम लोगों ने बिच पर एक लॉन्ग वाल्क किया. मेरी वाइफ और नुसरत ने तोवेल से बाल सूखा लिए और वो अम्ब्रेला में लम्बी हो गई. हनीफ ने इशारे से मुझे कहा की चल पीछे बियर मार के आते हे.

वैसे मैं रेग्युलर शराब नहीं पीता पर आज हनीफ ने कहा तो सालों के बाद मेरा भी पिने का मन हो गया. वो हमारी बीवियों को बोला, हम लोग पीछे घूम के आते हे, तुम लोग आराम से सी एन्जॉय करो. और ये कह के उसने नुसरत को आँख मारी, उसने आँख मारी वो मैंने देखा. मुझे पता नहीं चला उसका मतलब, जो की बाद में पता चल गया था.

हनीफ मुझे पीछे कतार में बने रेस्टोरेंट वाली साइड पर ले गया. वहां उसने स्ट्रोंग बियर के दो टिन ले लिए. पैसे दे के वो और मैं चलते चलते 10 बजे की धुप में ठंडी चिल्ड बियर पिने लगे.

कुछ देर ऐसी वैसे बातें कर के हनीफ बोला,

हनीफ: साली ये गोरियां तो माल लगती हे ना यहाँ पर.

मैंने कहा: हां भाई सच में.

हनीफ: साली किसी किसी के बूब्स ऐसे बड़े हे जैसे पुरे गाँव को दूध पिलाना हो और किसी के तो जैसे उपरवाले ने उगाने के लिए दाने ही नहीं डाले.

मैं हंस पड़ा, उसका इशारा वो जवान गोरियों के ऊपर था जिनकी चेस्ट एकदम फ्लेट थी.

मैं: हां सच में साला कैरम बोर्ड हे पूरा किसी की छाती तो.

हनीफ: नुसरत के कैसे लगे तुझे?

मैं: क्या, क्या कह रहा हे?

हनीफ: अब इतना मत बाल साले हरामी. कब से उसके मम्मे और कुल्हे ही देख रहा था तू दरिया में.

मैं: साले भरोसा रख वो भाभी हे.

हनीफ: घबरा मत मैं फ्री माइंड से पूछ रहा हूँ.

मैं: मजाक मत कर यार.

हनीफ: साले अब इतना भी मत बन. मैंने दो बार तो तुझे देखते हुए देखा और तूने मेरे बिना देखे कितनी बार उसको देखा वो मुझे नहीं पता.

मैं कुछ नहीं बोला क्यूंकि मैं उसकी बीवी को देख रहा थ तब हमारी नजरें मिली भी थी. वो आगे बोला.

हनीफ: साले इतना सिरियस क्यूँ हो रहा हे, हम माइंड फ्री करने आये हे न की स्ट्रेस लेने.

मैं: यार तूने बात ही ऐसी जो की.

हनीफ: अबे साले देखा तो बोल दे ना की देखा, वैसे तू मेरी वाली को देख रहा था तो मैं भी तो तेरी वाली को देख रहा था.

मैं हंस पड़ा और हनीफ को एक मार दी मजाक में. उसकी बियर खत्म हुई तो उसने रस्ते में एक कूड़ेदान में अपनी टिन डाली. मेरी आज ख़तम नहीं हो रही थी. मैंने आधी जितनी बियर उसके साथ कूड़ेदान में डाल दी.

हनीफ: तुझे पता हे हम पहले भी 5-6 बार गोवा आये हे. और हर बार हम अलग अलग लोगों के साथ ही आये हे.

मैं: तू गोवा काफी आया हे वो मुझे पता हे.

हनीफ: मेरी वाइफ का बड़ा मन करता हे यहाँ आने के लिए. तुझे एक राज की बात बताऊँ.

मैं: कैसी राज की बात.

हनीफ: मेरी वाइफ को स्वेपिंग का मजा आता हे. वो अलग अलग मर्दों को ट्राय करने के लिए यहाँ आती हे. पिछली बार शर्मा जी हे उन्के साथ आये थे हम. तब हमारे कमरे अलग अलग थे. शर्मा की वाइफ अंजलि मेरी बनी पूरी रात और वो नुसरत को ले के गया था.

मैं कुछ नहीं बोला और उसे सुनता ही रहा.

हनीफ: मेरी बीवी हे ही इतनी सेक्सी और हॉट की किसी का भी लंड खड़ा कर दे.

मैं अभी भी चूप ही था.

हनीफ: साले अब सांप सूंघ गया क्या?

मैं: साले बोल ना मैं सुन रहा हु.

हनीफ: तुझे कैसी लगी नुसरत वो बताया नहीं तूनें?

मैं: भाभी अच्छी ही हे.

हनीफ: तू लेगा उसकी?

मैं: क्या?

हनीफ: साले पूरी कथा सुना दी और अब भोला पंडित बन रहा हे. तू लेगा उसकी बोल ना?

मैं: वो मानेगी?

हनीफ: वो तो मान ही गई हे, वो तो इसलिए ही यहाँ आती हे.

मैं: फिर मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हे.

हनीफ: बदले में सबाना मेरे साथ आएगी!!!

मैं: मेरी बीवी नहीं मानेगी यार.

हनीफ: मेरी बीवी ट्राय कर रही हे उसके लिए. अगर वो आधी अधूरी भी मानी तो हम पूरी मना लेंगे उसे.

मैं: तभी तूने नुसरत को आँख मारी थी!

हनीफ ने आँख मारी और हंस पड़ा!

मेरी बीवी सबाना सीधीसादी हे और वो ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं हे. वो स्वेपिंग का मतलब भी शायद वो समझती नहीं थी. मैंने सोचा की अगर वो मानती हे फिर मुझे कोई दिक्कत नहीं हे. और यही बात मैंने हनीफ को बता दी. हम दोनों ने बिच का एक और लम्बा चक्कर काटा और फिर मैं और वो दोनों बबीवियों के पास आ गए. सबाना अलग निगाहों से मुझे देख रही थी. नुसरत और हनीफ की आँखों में कुछ बात सी हुई जिसका मतलब उन्हें ही पता था.

हनीफ बोला, यार भूख लगी हे चलो कुछ खाते हे. भाभी जी आप क्या लेंगी? यहाँ की गोअन फिश करी बड़ी मस्त होती हे. आप लेंगी.

सबाना की आँखों में वो नयी नवेली दुल्हन वाली शर्म देखी मैंने. वो सिर्फ हाँ बोली. शायद नुसरत ने उसे बोल के अग्री कर लिया था. वेटर को बुला के हनीफ ने 4 फिश करी और ड्राय फिश ऑर्डर की.. साथ में उसने ड्रिंक्स मंगवाई सब के लिए. बियर के बाद भूख काफी लगी थी. हम लोगों ने खाना खाया और फिर वहीँ बिच के ऊपर अम्ब्रेला के निचे लेट गए. मेरी नजर अब नुसरत के लिए काफी अलग थी. मैंने उसकी बिकनी के पीछे के शरीर की कल्पना सी कर रहा था. हनीफ बार बार सबाना को देख रहा था. सबाना थोड़ी असहज सी लग रही थी. शाम को हम लोग वापस नहाए और 6 बजे के बाद हम लोग वापस होटल के लिए निकल गए. होटल पर आ के नमकीन क्षार को बदन से निकालने के लिए हम लोग निचे स्विमिंग पुल में चले गए.

वहां पर बाल पड़ी हुई थी अन्दर. हनीफ बोला: चलो हम लोग बोल पकड़ा पकड़ी खेलते हे. भाभी आप मेरी टीम में और नुसरत तुम मोहसिन के साथ.

नुसरत तो रेडी ही थी. वो मेरे पास आई और मुझे अपना हाथ पकड़ने के लिए दे दिया. मैंने उसके हाथ को पकड़ा और स्विमिंग पुल की एक साइड से हम अन्दर उतरे. नुसरत ने जानबूझ के अपनी जांघ ना जाने कितनी बार मेरी जांघ से टच कर ली. उधर हनीफ ने अपने हाथ से सबाना को स्विमिंग पुल में उतारा. फिर नुसरत ने हनीफ की तरफ बोल फेंकी और वो जानबूझ के ही मेरे ऊपर गिरी शायद. हनीफ ने बोल केच की. और हमारी तरफ फेंकी.

ऐसे बोल की फेंकाफेंकी चालु हुई.

तभी हनीफ मेरी वाइफ से बोला, आप तो केच करती ही नहीं.

सबाना कुछ नहीं बोली.

हनीफ: आप को मैं केच करवाता हूँ, नुसरत जरा आराम से फेंकना भाई.

और फिर वो मेरी बीवी के पीछे खड़ा हुआ. उसने अपने लंड को मेरी बीवी की गांड पर टच करवा दिया. मैं ये देख रहा था और नुसरत भी. सबाना को शायद शर्म आ रही थी. मैंने नुसरत के हाथ से बाल ली और बोला, ये लो सबाना. जब सबाना ने देखा की मैं सब देख रहा हूँ तो उसकी शर्म कम सी हो गई. हनीफ ने अपने दोनों हाथ से मेरी वाइफ की कमर पकड के उसे ऊपर उठा लिया. सबाना ने बाल पकड़ी लेकिन वो ऊपर उठी तो हनीफ की चड्डी में उसके खड़े हुए लंड को मैंने और नुसरत ने देखा. नुसरत मेरे आगे आ गई. हनीफ बोला: अब तुम नुसरत को मदद करो मोहसिन.

मैंने नुसरत की कमर को पकड़ा तो मेरे लंड में जैसे घंटी सी बज गई. लंड बेबाक खड़ा हो के नुसरत की गांड को टच कर रहा था. और वो तो आराम से अपनी गांड को मेरे लंड की तरफ दबा रही थी जैसे उसे भी ठंडे पानी में गरम लंड का टच पसंद आया हो. और फिर वो एकदम धीरे से बोली, आप का तो बहुत बड़ा हे मोहसिन जी!

वाह क्या मस्त तारीफ़ थी मेरे लंड की! मैंने नुसरत को ऊपर उठाया और ऐसा करते हुए उसके बूब्स दबा दिए. उधर सबाना और हनीफ का खेल भी चालु हो गया था. हम चारों स्विमिंग पुल में ही मस्ती के मूड में आ गए थे. मैंने देखा की हनीफ ने सबाना के बूब्स को काफी बार मसला. और एक बार तो मैंने देखा की उसने अपना लंड भी मेरी बीवी को हाथ में पकडवा दिया था चड्डी के ऊपर से ही. नुसरत ने भी मेरे लंड को बहुत बार अपने हाथ से पकड़ा.

आधे घंटे के बाद हम लोग तोवेल लपेट के ऊपर कमरे में आ गए. सबाना को हनीफ ने बाथरूम में ले जाते हुए कहा, चलो भाभी आज मैं आप को नहला दू. सबाना ने मुझे देखा और फिर निचे.

मैंने थोथी सी जबान से कहा, जाओ भाई हनीफ भाई के साथ.

सबाना की गांड पर हाथ रख के हनीफ उसे अन्दर ले गया. नुसरत रंडी के जैसे मेरे पास आ गई. हम दोनों ने आलिंगन किया और उसने तोवेल में मेरे लंड को पकड़ा और बोली, सच में काफी बड़ा हे आप् का तो.

मैंने नुसरत के बूब्स पकड लिए और उन्हें मसलने लगा. उसने अपनी बिकनी किसी रंडी की स्टाइल में खोल दी. मेरा दिल एकदम जोर जोर से धडक रहा था. पता नहीं मेरी बीवी के साथ अंदर क्या हो रहा था. नुसरत ने फिर मेरे तोवेल की मोड़ को खोल दी.. मेरा तोवेल निचे गिरा. चड्डी को ऊपर से पकड के जैसे ही उसने निचे किया तो मेरे लंड ने एकदम बहार निकल के जैसे नुसरत की खूबसूरती को सलाम भेजा! मैंने नुसरत के तोवेल को खोला. उसकी खूबसूरती एकदम सदाबहार जवानी के जैसे लग रही थी. मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया.

नुसरत भी लंड के बहार आने के ही इंतजार में थी. उसने सीधे ही लौड़े को अपने बूब्स के बिच में भरते हुए उसके सुपाडे को चाटना और चुसना चालू कर दीया. क्या मस्त लंड चूस रही थी वो. मैं अपने माथे को ऊपर किये उसके माथे को अपने लंड पर दबा रहा था. वो अम्मम्म अह्म्म्मम्म अहम्म के आवाज निकालते हुए बूब्स के ऊपर के हिस्से को चूस रही थी और टट्टे के साथवाला भाग उसके बूब्स के बिच में था. कुछ देर लंड चूसने के बाद नुसरत खड़ी हुई. मैंने उसके बाल पकडे और उसे अपने पास खिंच के उसके होंठो को चूम लिया. उसके बदन की खुसबू मेरी नाक में समा सी गई थी. नुसरत ने लंड को हाथ में पकड़ के मरोड़ दिया.

मैं नुसरत को बेतहाशा चूमने लगा और वो भी मेरे से लिपट के प्यार और रोमांस की लज्जत को लुटने लगी थी. नुसरत की कमर से होते हुए मैं अपने हाथ को उसकी गांड पर ले गया और वहां मैंने प्यार से दबा दिया. नुसरत की सिसकी निकल गई. तभी बाथरूम में से सबाना की आहें और सिसकियाँ निकल सुनाई दी. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हअह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी. और बिच बिच में हनीफ की आवाज भी उसकी आवाज के साथ मिक्स हो के आ रही थी.

नुसरत ने मुझे हंस के कहा: मेरे वाला आप की वाली की ले रहा हे.

मैं: चलो देखते हे.

मैं और नुसरत नंगे बाथरूम के अन्दर घुसे. वो एक आलिशान बाथरूम था. हनीफ ने शोवर ओन कर रखा था और दिवार पकड के सबाना वहां पर खड़ी थी. हनीफ ने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाला हुआ था और वो मेरी बीवी को खड़े खड़े ही चोद रहा था. उसका लंड काफी बड़ा था लेकिन मेरे से थोडा छोटा. जिस अंदाज़ में सबाना आज चुद रही थी ऐसे मैंने कभी उसे नहीं चोदा था. इस वजह से ही उसकी सिसकियाँ आज कुछ ज्यादा ही निकल रही थी. नुसरत ने वही मेरे लंड को पकड लिया और बोली, चलो हम भी करते हे ना!