साले की बीवी को चोदा

हेलो देवराज में Antarvasna लखनऊ से हु, मैं इस साईट का पुराना रीडर हु, मुझे लगा कि मुझे अपना एक्सपीरियंस आप लोगों से शेयर करना चाहिए इसलिए मैंने आप लोगों को जो स्टोरी सुनाने वाला हूं वह इसी होली की हे यानी की मार्च की हे. मैं १८ साल का हूं मैंने सुना है कि मैं बहुत स्मार्ट हूं, मेरी हाइट ६ फुट है और गोरा भरा हुआ शरीर हे. मेरा लंड ८ इंच लम्बा और ३ इंच चौड़ा हे.

इस होली पर में और मेरी फैमिली घर पर ही थे, मेरे घर का फ्रंट बहुत बड़ा और खाली पड़ा है, मेरे भैया और भाभी गाँव गये हुए थे, वह लोग अपनी होली वहां मना रहे थे. घर पर मैं, मेरी मोम डेड, मेरे भाई के साले और उनकी बीवी थी अनामिका. मैं होली नहीं खेलता हूं. बाकि घर के बड़े लोग बहार रूम में बैठकर टीवी देख रहे थे, में ऊपर टेरेस गार्डन में बैठा था और होली देख रहा था, आदित्य और अनामिका होली खेलने में मग्न थे, में मेगेजिन पढने लगा और पीछे से अनामिका ने मेरे पर रंग लगा दिया. मेने उसे बहुत दौड़ाया रंग ले कर और उसको जा के रंग लगाने लगा. अचानक मेरा हाथ उसकी चुचियो पर पड़ गया मेंने ध्यान नहीं दिया में रंग लगाने में मशगुल था उसके मुह से आह्ह हहह की आवाज निकल आई तब मेरा ध्यान उसकी तरफ गया.

और में शरमा गया, फिर वह भी चली गयी, लेकिन वह निचे नहीं गयी वो बाथरूम की तरफ गयी और इशारे से मुझे बुलाया. में भी पीछे पीछे चला गया और उसने कहा की जरा निचे देखो, मेने देखा तो उसने अपना लोवर निचे कर दिया. उसकी बुर खुली हुई थी, उसकी चूत पर काफी जांटे थी. मेरा लंड यह देख कर खड़ा हो चूका था और बहुत ही ज्यादा जोश मारने लगा था, मेने सीधे उसकी बुर पर हाथ रख दिया तो उसने कहा की तुम्हे तो कुछ भी नहीं आता मुझे ही सब कुछ सिखाना पड़ेगा. उसने मुझे बाथरूम के अन्दर घसीट लिया और अपने सारे कपड़े उतार कर मेरे सामने खाड़ी थी, मेरा लंड तो अब तोफ की तरह खड़ा हो चूका था और फिर उसने मेरे लिप्स पर किस कर दिया और इतने में उसका पति आदित्य आ गया और उसने उसे बुलाया., उसने कहा की आप चलो में आ रही हु. वो निचे गया में और उसने शोवर ओन कर के मेरे कपड़े उतार के मेरे लंड पर अपने हाथ फेरने लगी मेने उसके चूची को चूसने लगा और उसके निपल एकदम तलवार की तरह खड़े हो गए थे.

उसने फिर मुझे निचे हो कर अपनी बुर चाटने को कहा, पहले में तैयार नहीं हुआ, उसने मुझे पकड के अपनी बुर पर दबा दिया और फिर मेने चाटना चालू कर दिया, वो सिसकिय ले रही थी और बोली की देव अब डाल दो वरना में मर जाउंगी, मेने अपना ८ इंच लम्बा लंड निकला और वो बोली की कितनी लडकियों को बर्बाद किया हे इसने, मेने कुछ नहीं कहा और वो पलट के दीवार पकड के खड़ी हो गयी. मेने धीरे से उसकी बुर पर अपने लंड का टॉप रख के धीरे से दबाया और उसके मुह से चीख निकल गयी अह्ह्ह मार डाला तूने देव, अभी तक मेरा २ इंच ही गया था, ऐसा लग रहा था की उसका पति उसे चोद नहीं पाता हे. मेने धीरे से उसकी चुचियो को दबाना चालू कर दिया और उसे पकड के अचानक से पूरा डाल दिया, वो रोने लगी और खून की पिचकारी मेरा लौडा रंग चुकी थी, और वह इतनी तेज चीखी आह्ह्ह अह्ह्ह माआया हहहम मामाआया मार डालाआआअ देव पूरी फट गयी हे की आदित्य आके पूछने लगा की क्या हुआ? वो बोली की कुछ नहीं में नहाते वक्त गिर गयी हु, वो बोला की नहाने की अभी क्या जरुरत हे?

वो बोली की आपको तो कुछ नहीं करना मुझे मेहमानों को भी देखना पड़ता हे. उसके कहा की ठीक से नाहा लो, वो चला गया मेने फिर धक्के लगाना चालू कर दिया अब उसका दर्द बढ़ रहा था और धीरे धीरे धक्के देते देते कम हुआ अब में थोडा सा स्पीड बढ़ा दिया और वह सिसकिय भरने लगी.

आह्ह हहह ओह्ह हां स्स्स्स श्श्शदेव बहुत मजा आ रहा हे, मेरी जान तूने मेरी फाड़ दी, में अपनी स्पीड ak ४७ की तरह बढ़ा रखी थी, और वह ७ मिनिट बाद जड़ गयी, उसकी बुर से इतना ज्यादा पानी निकाल रहा था की उसके और मेरी जांघे भी गीली हो चुकी थी, फिर उसने मेरे लंड को निकाल दिया और फिर मुझे बैठाकर वो मेरे टांगो के बिच में आ गयी और अपनी बुर में मेरा लंड डाल दिया और उसकी बुर से इतना पानी टपक रहा था की मेरी जांटे भी गीली हो रही थी, वो बहुत तेजी से उछल रही थी और उसने दोबारा पानी निकाल दिया और अब में भी आने वाला था उसकी चूत से पच पच पच की आवाजे निकल रही थी.

में परेशान हो गया था की में जड़ क्यों नहीं रहा था, २० मिनिट बाद मेने उसकी चूत में गर्म लावा छोड़ दिया और वह तिसरी बार जड़ गयी थी. मेरा लंड अभी तक उसकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर के बाद वह उठी और अपनी चूत को पेंटी से धोया और चली गयी, में भी उठा और चल दिया. पर वह पूरा दिन अपनी बुर फैलाकर चल रही थी, और अब में जब भी किचन में जाता तो कभी उसकी चूची दबाता और कभी उसके बुर पर हाथ फेर देता था वो भी मुस्कुरा देती थी.

शाम को वह मेरे रूम में आई और बोली अभी इस जंगल को साफ कर के आउंगी और फिर रात रंगीन बनाई जाएगी. उसका पति दारु पि कर रात के ८ बजे ही सो गया था. मुझे सोच सोच कर ही मजा आ रहा था की क्या मजा आएगा आज इस पर मेरा लंड अनाकोंडा की तरह हो गया था, फिर वो रात के ११ बजे मेरे रूम में आई. उस वक्त उसने जींस और टी शर्ट पहनी हुई थी, उसने आते ही किस करना चालु कर दिया और धीरे धीरे में हाथ उसके शरीर पे फेरने लगा था.

वो बोली की आज तुमने मुझे वो मजा दिया हे जिसके सपने में बचपन से देख रही थी.

मेने देखा की अब उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और एकदम गुलाबी हो रही थी, एमने अभी खुद ही उसे गोद में उठा कर बेड पर लेटा दिया और हम 69 पोज में आ गए, जब मेने उसकी चूत को देखा तो जगह जगह से कट गयी थी, लेकिन मे भी मस्ती में था, हम दोनों एक दुसरे के अंगो को चाट रहे थे, अब उसने मुझे सीधा लेटाया और मेरे ऊपर आ गयी, और मेरे लंड पर बैठ गयी लेकिन मुझे लगा की मुझे कंडोम लगा देना चाहिए, में जब लेने के लिए गया तो उसके कंडोम पकड़ के फेंक दिया और बोली की आय लव नेचरेलिटी. में हसने लगा मेने कहा की ठीक हे, और फिर उसने मेरे ऊपर बैठ कर लंड को अन्दर ले लिया लेकिन वो ठीक से ले नहीं पा रही थी, क्यूंकि उसे थोडा दर्द हो रहा था, फिर मेने उसकी बुर पर स्ट्रोक लगाने चालू कर दिए और वो सिसकिया आह्ह औ उऔ करने लगी, उग्ग्ग उफ्फ्फ क्या लंड हे देव काश मेने तुमसे शादी कर ली होती आह उऔ माँ हां ओह्हह मार डाला तूने देव मार ले इसे तेरी ही हे आज से.

मेने कहा चुप रहो जान वरना कोई आ जायेगा लेकिन वो चुप नहीं हुई और में मजे से चोदता रहा. अब वह १० मिनिट बाद जड़ गयी मेने फिर भी चुदाई चालू राखी और उसकी चूत से पच पच पच की आवाजे निकल रही थी.

मेने उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी टांगे निचे लटक रही थी, अब मेरे हर स्टोक पर वो चीख रही थी इस तरह से मेने उसकी चूत में जड़ गया और इस तरह से मेने सुबह के ३ बजे तक तरह तरह से चुदाई किया. फिर वह अपने रूम में जा कर सो गयी और में भी सो गया. अगले दिन मेरे भैया भाभी आ गए थे और वो लोग अब जा रहे थे. अब वो अपने घर चले गए में अगले महीने जाके अनामिका की फिर से चुदाई करूँगा.