गाँव की गोरी का प्यार 2

मेरा हाथ पकड़ लिया, और बोला एक बार गले तो लग जाओ मुझे उस लौंडे की उस बात पर बहुत गुस्सा आया ही था कि Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai वो समझ गया और सॉरी कहने लगा! उसका सॉरी कहना ही मेरे लिये बहुत अच्छा था! शायद उसके उस सॉरी ने ऐसा जादू किया कि, मैं उस लड़के से गले लगे बिना नहीं रह पाई! मैं चुपचाप शादी के पंडाल में आ गयी और घरवालो के साथ मिल गयी!

वो लड़का अब मुझे देखता ही रहा और मैं उसे! रात करीब 11 बजे फेरो से पहले, खाने के समय वो मुझे फिर मिला और बोला कि, क्या हम 15-20 मिनट्स एक साथ अकेले में बात कर सकते हैं? मैंने कहा देखती हूँ! इतना कह कर मैं चली गयी! खाना खा कर गाँव के लोग वापस अपने घर जा रहे थे और कुछ जा चुके थे! भीड़ भी छट चुकी थी

मैंने सभी घर वालो को व्यस्त देखा और उस लड़के को इशारा करके बाहर मिलने को कहा! वो आ गया और हम दोनों फिर उसकी कार में बैठ गये! वो लड़का शायद पागल हो चुका था! गाडी में बैठते ही हम दोनों गले लगे और एक दुसरे को चूमने लगे, मुझे नहीं मालूम क्या हो रहा था! और उस लड़के ने कार में ही मेरे साथ वो कर दिया जो नहीं होना चाहिये था!

उस समय मैं भी अपनी जवानी के नशे में चूर थी, और समय भी वही कह रहा था! मैंने उस समय का आनंद तो लिया लेकिन, वो लौंडा मुझे उसके बाद कभी नहीं मिल पाया! उसने झूठ बोला था कि, वो मेरी चचेरी बहन के पति का चचेरा भाई है! मैं लुट चुकी थी, और किसी से इस बात का ज़िक्र भी नहीं कर सकती हूँ! मैं आज भी अकेली हूँ और एक ऐसे इंसान को, जो मुझे समझ सके प्यार करना चाहती हूँ!