जयपुर का टूर और भाबी की बुर दोनों का मज़ा लिया

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम कैलाश हैं और मैं बरोड़ा गुजरात का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 29 साल हैं और मैं 3 साल पहले ब्याह चूका हूँ Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai आज की यह कहानी मेरी और मेरी पड़ोसन मीना की हैं. यह बात तब की हैं जब हम लोग पिछले महीने राजस्थान की टूर पे गए थे और जयपुर की एक होटल में मैंने मीना को चोदा था. तो अब वक्त को बिलकुल ना बिगाड़ते हुए मैं आप को उस दिन पर ले चलता हूँ और क्या हुआ वो शब्दसह बताता हूँ.

जयपुर में इंटर होते ही हमें गुलाबी बिल्डिंग नजर आने लगी. मैं और मेरी बीवी रुबा आगे की सिट पे थे और बस में हमारी सिट के बिलकुल पीछे हमारे पड़ोस का कपल मीना और विनोद भाई थे. मैं इस से पहले एक बार जयपुर आया था इसलिए मुझे यहाँ के कुछ ठिकानो का पता था. होटल में बस लगते ही हम लोगनाहा के फ्रेश हो गए. एक घंटे बाद बस में ही हम लोगों को साईटसिन के लिए जाना था. सब लोग रेडी होके साईटसिन पे निकल पड़े. मीना भाभी ने आसमानी पंजाबी स्यूट पहना था और उसके अंदर उसकी गांड आज कुछ मादक लग रही थी. मीना भाभी की गांड मादक लगने की वजह थी की ड्रेस थोडा टाईट था और उसका गला भी खुला था. रुबा की नजर बचाते हुए मैंने 2-3 बार मीना भाभी की गांड को मन भर के देख लिया. मेरे लंड में जैसे अंगड़ाईया आ रही थी. मीना भाभी पेशे से एक बिजनेशलेडी हैं जिनका खुद का प्लास्टिक फेक्ट्री हैं. विनोद भाई यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक हैं. जयपुर शाम ढलने से पहले कुछ देख के हम लोग वापस होटल में अ पहुंचे. खाने के लिए हमें निचे बुफेट टेबल पे जाना था. करीब 20 लोगों का ग्रुप था यह जिसमे हम लोग राजस्थान टूर के लिए आये थे.

बेसन गट्टे की सब्जी को खाते खाते विनोद भाई: अरे कैलाश भाई मैंने सूना हैं की यहाँ पे शराब सही मिलती हैं राजस्थान में. (गुजरात में दारु पर प्रतिबंध हैं इसलिए कई लोग दारु की महफ़िलें मनाने राजस्थान आते हैं, वो मुझे पता था)

मैं: हाँ, काफी लोग यहाँ आते हैं इसी के लिए.

रमीना भाभी: विनोद क्या पीने का इरादा हैं तुम्हारा?

विनोद भाई अपने मुहं में लगी शराब की तलप को छिपा नहीं पायें. उन्होंने मुंडी हिला के हाँ कह दिया.

रुबा: अरे नहीं प्रॉब्लम होंगी, आप तो कभी पीते नहीं हो चढ़ वीढ गई तो?

विनोद: अरे भाभी जी आप के पति तो पीते हैं ना वो संभाल लेंगे हमें. आप e कभी पी हैं?

रुबा: अरे नहीं बाप रे मुझे पीनी भी नहीं हैं.

मीना भाभी: अरे रुबा भाभी कुछ नहीं होंगा, मैंने एक दो बार बियर पी हैं पता भी नहीं चलता बस थोड़ी कडवी होती हैं.

मैंने मीना भाभी की और देखा और हंस पड़ा. रुबा ने इस से पहले कभी शराब नहीं पी थी और विनोद भाई भी उतनी ड्रिंक नहीं लेते थे. मैंने सोचा की यदि आप मेरी बीवी और उसके पति को चढ़ा दी जाएँ तो मीना भाभी को चोदा जा सकता हैं. मीना भाभी को लाइन देना मैंने चालू कर दिया था.

कमरे में जाके मैंने रिसेप्शन पे कॉल कर के दो व्हिस्की की बोतल और सोडा मंगा ली. साथ में बाईटिंग के लिए फ्राय किये हुए काजू और पोटेटो चिप्स भी मंगवा ली. रुबा और मीना भाभी दोनों ही बड़ी उत्साहित लग रहे थे ड्रिंक करने के ख़याल से ही. मैंने चार पेग बनाई और हमने चियर्स किया. रुबा ने एक सिप के बाद ही मना किया क्यूंकि उसे व्हिस्की बहुत कडवी लगी. लेकिन मैंने और मीना ने जिद कर के उसे 2 पेग पिला डालें. कुछ देर में ही वो मुझे चक्कर आ रहे हैं वैसा कह के हमारें कमरे की और भागी. विनोद भाई भी तीसरे पेग के बाद एक वोमिट कर के वहीँ निढाल हो गएँ. मेरा और मीना भाभी का यह तीसरा पेग था. वो कभी मुझे देखती थी और मैं कभी उसे. मेरी नजर अब मीना भाभी के बूब्स पे थी, जैसे की मैंने उन्हें नजरों से ही चोदा.

मीना भाभी ने अपने पति विनोद की और देखा और मैं समझ गया की वो झिझक रही हैं उसकी हाजरी से.

मैंने खड़े हो के विनोद को हिलाया लेकिन उसके मुहं से बडबडाहट के अलावा कुछ नहीं निकला. मैंने मीना भाभी को कहा की आओ बालकनी में खड़े हुए सिप लेते हैं. और वो हॉट भाभी तो मेरे साथ सीधे बालकनी में आ गई. यह बालकनी बहार की और गार्डन में पड़ती थी और उसकी दीवारें ऊँची थी. हम दोनों वही पड़ी हुई लकड़े की कुर्सियों पे बैठ गएँ और दारु को गले में डालने लगे. अब मैं मीना भाभी की आँखों में आँखे डाल के फ्लर्ट करने लगा.

मीना भाभी: क्या देख रहे हो आप? मैंने मार्क किया हैं की आप शाम से ही मुझे देख रहे हो.

मैं: भाभी आप आज बहुत ही सेक्सी लग रही हो.

मीना भाभी: थेंक्स. लेकिन देखने से क्या होने वाला था?

मैं हडबडा गया उसके ऐसा कहते ही, और उसके बाद तो उसने बन्दुक ही फोड़ी: कभी चोदा हैं किसी दोस्त की बीवी को.

मैं: चोदा तो हैं लेकिन मेरी शादी के पहले, उसके बाद में नहीं.

मीना भाभी उठ खड़ी हुई और मेरे पास आ गई. मेरे हाथ जैसे अपनेआप ही उठे और उसकी कमर की चारोतरफ लिपट गएँ. मीना भाभी ने ग्लास को निचे रखा और वो मेरे बालों के अंदर अपनी उँगलियाँ घुमाने लगी. मैंने अपने हाथ से उसकी गांड को दबाया और फिर उसकी चूंचियों पे हाथ रख के दबाने लगा. मीना भाभी की चुंचियां मस्त टाईट थी जैसे की किसी नई नवेली दुल्हन के बूब्स. मीना भाभी ने मेरे हाथ को अपने बूब्स के ऊपर दबाया और सिसकियाँ लेने लगी. मैंने दरवाजे से झाँक के देखा की अभी भी विनोद नशे में ही लेटा था. बालकनी में ज्यादा कुछ कर नहीं सकते थे नहीं तो कल की राजस्थान पत्रिका में छप जाता. मीना भाभी का हाथ पकड के मैंने उसे कमरे में लिए. जरा भी आवाज ना हो वैसे हम लोग बाथरूम में आ गये. मीना भाभी ने अंदर आते ही अपने स्यूट को खोला और उपर कर के निकाल दिया. उसने अंदर ब्ल्यू ब्रा पहनी थी जिसे अंदर उसकी बड़ी बड़ी चुंचियां जैसे दबा दबा के भरी गई थी. बाथरूम बड़ा था इसलिए कोई टेंशन नहीं था. मीना भाभी ने फिर अपनी सलवार के नाड़े को भी खोला और उसे उतार दिया. इधर मेरा लंड उसे नंगा होते हुए देख के एकदम टाईट हो रहा था. वैसे रुबा को मैंने अगले दिन ही चोदा था लेकिन घर की मुर्गी तो दाल के बराबर ही होती हैं.

मीना भाभी अब टॉयलेट के फ्लेप को निचे कर के उसके उपर बैठ गई. मैंने अपनी पतलून को खोल के लंड को बहार निकाला. लंड को बहार आते ही मीना भाभी उसे अपने हाथ से पकड के जोर जोर से हिलाने लगी. मेरे लंड के मुहं से चिकनी बुँदे निकल चुकी थी जो मेरी उत्तेजना की बयान कर रही थी. मीना भाभी ने अपने मुहं को खोला एयर लपक के लंड को अपने मुहं में भर लिया. वाऊ क्या मजा आया जब भाभी के मुहं में लंड ने प्रवेश किया. मैंने भाभी के बालों को अपने हाथ में पकड के लपेटा और उसके मुहं के अंदर अपने लंड को चलाने लगा. मीना भाभी ने एक मिनिट के अंदर ही मेरे लंड को अपने गले तक भर लिया. इतना ज्यादा मजा तो आज से पहले किसी भी ब्लोजोब में नहीं आया था. (इसके पहले मैं कुछ 3 भाभी और 2 आंटी को चोदा था)

मैं मीना भाभी के बालों को पकड के अपनी और खिंच खिंच के उसके मुहं में लंड डाल रहा था. मीना भाभी कभी मेरे लंड को चूसती तो कभी निचे के बाल्स के ऊपर अपनी जबान फेरती. उसके ऐसे सेक्सी ब्लोजोब ने मेरे लंड को एफिल टावर के जैसे टाईट और खड़ा कर दिया. मैं अब भाभी की चूत को चोदने के लिए बिलकुल रेडी था. मीना भाभी दारु के नशे में भी मेरी केफियत समझ चुकी थी. उसने अपनी जबान को लंड से हटाई और वो उठ खड़ी हुई. अब वो ऊपर चढ़ के बेसिन के साथ लगे हुए बड़े फ्लेट पत्थर पे जा बैठी. उसने अपनी टाँगे फैला दी और मैं अपने लंड को हाथ में पकड के उसकी टांगो के बिच में जा खड़ा हुआ. मीना भाभी ने मेरे लंड को पकड के अपनी चूत के ऊपर रख दिया. जैसे ही मैंने एक झटका मारा मेरा आधा लंड भाभी की चूत के अंदर घुस गया. मीना भाभी ने बहुत प्रयत्न किया लेकिन फिर भी उसके मुहं से हलकी आवाज निकल ही गई. मेरे लंड की मार से उसकी चूत फटी जो थी.

मैंने अपने लंड को 2 मिनिट ऐसे ही रहने दिया और फिर धीरे से उसे अंदर बहार करने लगा. मीना भाभी ने अपने दोनों हाथ को पत्थर के ऊपर रख के आसन जमा लिया. अब मैं मीना भाभी की चूत को ठोक रहा था और वो आराम से चुदने के मजे लुट रही थी. मेरा लंड उसकी गीली चूत के अंदर जा के बहार आते हुए गिला हो रहा था. भाभी की चूत के अंदर मस्त चिकनाहट थी जो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी. मैं अब जोर जोर से अपने लौड़े को भाभी की चूत के अंदर दे रहा था; वैसे भी बहुत अरसे के बाद आज मैंने किसी भाभी को चोदा था. मीना भाभी भी अब अपनी गांड को हिला के चुदाई के झटके अपनी चूत के अंदर ले रही थी.

दारु के नशे में 10 मिनिट की चुदाई हो गई और पता भी नहीं चला. मीना भाभी ने भी जोर जोर से अपने कुल्हें उठा के मुझ से बखूबी चुदवाया. मैंने भी आज इस भाभी को बड़ी ही मस्ती से चोदा था. 2 मिनिट और उसकी चूत के अंदर धक्के लगाने के बाद मेरे लंड ने अपनी मलाई निकाली. मीना भाभी ने वीर्य निकलते ही अपनी चूत को टाईट किया ताकि सब वीर्य उसकी चूत के अंदर भी भर जाएँ. जब मैंने अपने लंड को बहार निकाला तो मीना भाभी फट से निचे आई और लौड़े को मुहं में ले लिया. उसने लंड के एक एक इंच भाग को अपने मुहं से साफ़ किया और फिर मुझे पतलून पहनाई. वो भी कपडे पहन के तैयार हो गई और हम बारी बारी बाथरूम से बहार आये. विनोद अभी भी वहीँ लेटा था दारु के नशे में. मैंने और मीना भाभी ने फिर बालकनी में जाके एक ही ग्लास से दारु पिया. 20 मिनिट के बाद फिर हम लोग बाथरूम में गए जहाँ मैंने भाभी को फिर से एक बार चोदा.

जयपुर की इस टूर में ही मैंने मीना भाभी को 3 बार और चोदा. जब वापस बरोड़ा आये तो मीना भाभी मुझे नितनये तरीके से अपनी चूत मारने के लिए बुलाती हैं.