Antarvasna ट्रेन का सफर 2

कोई परेशानी नहीं होगी ! हम दोनो, ट्रेन के उस खाली कम्पार्टमेंट में, एक दुसरे का हाथ पकड़ कर, बात कर रहे थे Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai वो बात करते हुए मेरे हाथ को सहला रही थी ! धीरे-धीरे वो मेरे करीब आई और उसने अपने कपकपाते होटों को मेरे होटों पर रख दिया ! ऐसा लग रहा था कि वो मुझे उसके साथ रुकने का इनाम दे रही है ! दिल में बगैर-टिकट होने के डर को भुला कर, अब में उसके कोमल होटों को चूम रहा था ! मेरे दोनों हाथ उसके बालों को सहला रहे थे और मैं उसको किस कर रहा था ! हम दोनो, एक दुसरे के साथ कई मिनट्स तक जुड़े रहे ! मेरा हाथ अब उसके बदन को हर जगह स्पर्श कर रहा था ! प्यार का वो अहसास मुझे आज भी याद है…

ट्रेन की गति अब बहुत तेज़ हो चुकी थी ! मैंने ट्रेन की खिड़की से बाहर देखा तो पाया कि फरीदाबाद स्टेशन आने वाला है ! पर यह क्या, ट्रेन तो फरीदाबाद स्टेशन पर रुकी ही नहीं ! उसकी गति तो, और भी तेज़ होती जा रही थी ! मैं हैरान था ! ट्रेन का अब तक का वो सुहावना सफ़र, अब मुझे चिंता में डाल रहा था ! मुझे चिंता में देखकर, अब वो भी घबराने लगी थी! मैंने साथ के कम्पार्टमेंट में जा कर पूछा कि यह ट्रेन फरीदाबाद स्टेशन पर क्यूं नहीं रुकी ! मुझे पता चला, कि दिल्ली स्टेशन से यह ट्रेन “सर्वोदय एक्सप्रेस” से तब्दील हो कर – “जम्मू-तवी” सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस बन जाती है और अब यह किसी भी छोटे स्टेशन पर नहीं रुकेगी ! यह सुनकर मेरे जैसे होश ही उड़ गये ! रात को देर हो जाने से और बगैर-टिकट होने की वजह से, मैं बहुत घबराने लगा था ! उस वक़्त मेरा सारा प्यार रफू-चक्कर हो चुका था और मुझे सिर्फ घर जाने की चिंता हो रही थी! ख़ैर, एक घंटे बाद, मथुरा स्टेशन आया ! ट्रेन वहां रुकी और मैं बाहर आया ! मैंने अपनी दोस्त को एक आखरी बार गले लगाया, उससे विदाई ली ! मैंने उसे यकीन दिलाया कि, मैं आराम से घर पहुच जायूँगा ! उसका, ट्रेन की खिड़की से मुझे मुस्कराते हुए देखना, मुझे आज भी याद है।

रात आधी बीत चुकी थी ! मैंने वापसी की टिकट ली और अगली ट्रेन में बैठ गया ! मुझे याद नहीं की वो कौन सी ट्रेन थी पर वो हर स्टेशन पर रुक रही थी ! शायद, मैं एक पैसेंजर ट्रेन में बैठ गया था ! रस्ते के सभी स्टेशन जैसे- गोविन्द फुर, छ्हत, खोसि, पलवल, बल्लब्गढ़ और फरीदाबाद पर वो ट्रेन रुकी ! मैं सुबह के 6 बजे घर पंहुचा ! सारी रात ना सोने के कारण, मैं थक गया था पर मेरे दिल में उससे मिलने की मीठी-मीठी यादें थी ! ट्रेन का वो सफ़र मैं कभी नहीं भूलूंगा