प्रोफ़ेसर और उसकी मम्मी की चुदाई

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप? Antarvasna मैं आपका दोस्त प्रिंस आपके लिए एक सच्ची कहानी लेकर आया हूं. आपको यह कहानी पढ़ने में बहुत मजा आएगा. यह मेरी और मेरी कॉलेज प्रोफेसर और उसकी मम्मी की कहानी है.

यह कहानी तब की है जब मैं मेडिकल कॉलेज के फाइनल ईयर में था, और ट्रांसफर कर के अपने शहर लुधियाना से जालंधर में हॉस्टल में रह रहा था, क्योंकि मेरा कॉलेज घर से बहुत दूर था. इसलिए मैं वहां रहता था और स्टडी करता था.

मेरी क्लास की एनाटॉमी की प्रोफेसर शिल्पा एकदम ब्यूटीफुल ३६ साल की लेडी थी, जिसकी निगाहें बहुत ही कातिलाना थी, हम चार दोस्त थे जिसमें तीन लड़के और एक लड़की रूपाली थी और हम मैम के कोर्स को बहुत अच्छे से पढ़ते थे और उन के क्वेश्चन के आंसर देते थे.

मुझे जालंधर आए ६ महीने कब हो गए थे पता ही नहीं चला था, पर हम ४ दोस्तों के अलावा और भी हमारे दोस्त बन चुके थे. हमारा इंटरेस्ट स्टडी में ज्यादा होने की वजह से मैं कभी कभी मूवी देखने या दोस्तों के साथ ड्रिंक करने के लिए बैठ जाता था और जिंदगी के मजे लेता था.

एक दिन की बात है मेरा मूड अडल्ट मूवी देखने का कर रहा था, जोकि थियेटर में लगी थी इसलिए मैं चल पड़ा पर रास्ते में प्रोफेसर शिल्पा जी का फोन आया और उन्होंने मुझे हॉस्पिटल आने को कहा.

फिर मैं २० मिनट के बाद वहां पर पहुंच गया, तब पता चला कि उनकी मम्मी वहां एडमिट है और उनके साथ कोई नहीं है. इसलिए उनका ख्याल रखने के लिए मुझे बुलाया है.

शिल्पा ने कहा – प्रिंस तुझे कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी.

मैंने कहा नहीं

मैं तो चाहता ही था कि मैं मैम के करीब आऊ, पर यहां तो चौका लग गया और मैं बहुत खुश था.

फिर मैम ने मुझसे पूछा कि तुम्हें कोई और काम तो नहीं था?

मैंने तब उन्हें बता दिया कि मैं मूवी देखने जा रहा था और हॉस्पिटल का नाम सुनते ही आ गया, तो उसमें कोई काम नहीं था जी यह तो मेरा फर्ज है.

शिल्पा मैडम ने कहा तुमने डिनर कर लिया?

मैंने कहा नहीं मैडम हॉस्टल पर जाकर करुंगा, क्योंकि किसी को नहीं पता नही कि मैं यहां आया हूं.

तब उन्होंने मुझसे एक साथ डिनर करने को कहा और यह भी कहा कि अगर हॉस्टल जाना ज्यादा जरूरी नहीं है तो तुम मेरे साथ यहां बैठ कर पेशंट का ख्याल रख सकते हो. तब मैंने उनकी बात मान ली और वहीं रुक गया और उनके साथ डिनर करने लग गया.

हम डिनर करने के बाद बाहर थोड़ा घूमने गए और पेशेंट से बातचीत करके टाइम पास करने लगे.

हम बातें कर रहे थे तो मैडम ने बताया कि उनकी मम्मी को मोनोपाज कॉन्प्लिकेशन की वजह से एडमिट किया है, मम्मी ८ साल से विधवा है और मेरे साथ ही रहती है, और मैंने भी अपनी शादी के कुछ दिन बाद रिश्ता खत्म कर दिया. क्योंकि मेरा हस्बैंड को लड़कों में ज्यादा इंटरेस्ट था.

मैंने अब तक शिल्पा मेडम का बहुत अच्छे से विश्वास जीत लिया था और मैं सिगरेट पीने बाहर आ गया था.

शिल्पा मैडम की अच्छी पहचान होने की वजह से उन्हें स्पेशल एक रूम मिला था जहां पर पेशंट के बेड के अलावा एक बेड, एक सोफा और एक चेयर और बहुत बड़ा बाथरूम और बहुत ही शानदार कमरा बना हुआ था.

अब जब मैं अंदर आया तो देखा कि मम्मी सो रही है और शिल्पा मैडम सौफे पर बैठकर मेडिकल मैगजीन पढ़ रही थी, और मेरे आते ही मैम ने मुझे कमरे को लॉक करने के लिए कहा.

मैंने उनकी यह बात सुनी तो मेरा लंड खड़ा हो गया. मुझे लगा अब तो शिल्पा मुझ से चुद ही जाएगी और मैं सोफे पर आकर बैठ गया और उनके साथ मेगेजीन देखने लगा.

मैंने अच्छे से दरवाजे खिड़कियां बंद कर के मेडम के पास बैठ गया और उनकी चूत पर निगाहें लगाए बैठा रहा.

मैडम ने मुझसे कहा प्रिंस जाओ मम्मी का पेड़ चेंज कर दो, ताकि रात को बीच में उठकर ना करना पड़े.

मैं थोड़ा घबरा गया तो मैडम बोली डॉक्टर होकर तुम इतना क्यों घबरा रहे हो? यह तो तुम्हारी ड्यूटी है, यह मत भूलो कि हर पेशंट किसी ना किसी का रिश्तेदार होता है.

मैं उठा और ट्रे में से पेड़ कॉटन और डेटोल लेकर मम्मी के पास चला गया और उनका गाउन कमर तक करके उनका पेड उतारा और कॉटन और डेटॉल से साफ करके नया पेड़ लगा दिया और खुद वॉशरूम में जाकर हाथ धोने लगा.

मैं जब बाहर आया तो मुझे अपनी जींस में लंड खड़ा हुआ महसूस हुआ, मेरे बाहर आने पर शिल्पा मैडम की मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी और मेरे लंड को भी.

मैं वहां जाकर मैडम के पास बैठ गया तब उन्होंने मुझे पूछा प्रिंस अगर तुम गायनोकोलॉजिस्ट बने तो किसी फिमेल को कैसे एग्जामीन करोगे?

मैंने कहा मैडम मैं मम्मी को डॉक्टर नहीं बल्कि अपना मान कर अपना काम कर रहा था.

शिल्पा मैडम ने कहा अगर तुम्हें मुझे ठीक करना है तो कैसे करोगे?

मैडम ने अब मुझे कुर्ता पजामा दिया और खुद भी अपने लेकर वॉशरूम चली गई.

मैं अभी अपने चेंज ही कर रहा था की मम्मी ने टी शर्ट डाल कर आ गई और मुझे बिना कपड़ों के नंगा ही देख लिया और मुस्कुराने लगी.

अब मेम बाहर आई और अपने कपड़े बाहर रखकर फिर से वाशरूम में चली गई और तब मुझे लगा कि वह टॉयलेट सीट पर है.

शिल्पा मैडम ने मुझे आवाज़ लगाई और मैं भी यह सोच कर कि अब तो मेरे लंड उसकी चूत में घुस जाएगा इसलिए फटाफट अंदर चला गया है और मेम को नंगा देख कर पागल होने लगा.

शिल्पा मैडम ने कहा आओ प्रिंस मेरे पास आओ और मेरे बीच में फिर या को साबुन लगाकर अच्छे से साफ कर दो

शिल्पा मैडम ने कहा क्या हुआ कोई प्रॉब्लम तो नहीं?

मैंने कहा नहीं मैडम बस घबराहट है और डर भी है कि कहीं मम्मी ना उठ जाए.

मैंने कहा मैडम एक बात कहूं?

तो मैडम ने कहा हां कहो.

मैं – मैं तो कब से चाहता था कि आप की चूत मिले पर कभी यह नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा मौका मिलेगा.

शिल्पा मैडम ने कहा हां वह तो है क्योंकि मुझे भी अपनी चूत तुम्हारे लंड से चुद्वानी हे और आज मौका मिला है तो तुम मेरी चूत अच्छे से चोद डालो.

मैंने मैडम को बाथरूम में गोदी में उठाया और बाहर सोफे पर लेटा दिया. उनकी टांगे खोलकर अपना मुह उन की चूत में रखकर जीभ से लंबा लंबा चाटने लगा और गुलाबी चूत को चूसने लगा.

मुझे सोफे पर उन की चूत अच्छे से नहीं चुसी जाती थी इसलिए मैंने उन्हें बेड पर लेटाया और उनके ऊपर आकर 69 की पोजीशन में लेट गया और उनकी चूत की जांघों को अपनी जीभ से चाटने लगा और फिर अपनी जीभ उनकी चूत में डाल कर उनकी चूत का मीठा स्वाद चखने लगा, मैडम के मुंह से आह्ह औउ उःह अय्य्य औऊ हहह ईई निकल पड़ी जिस से पूरा कमरा सेक्स के माहौल में रंगीन हो उठा..

मैडम भी अब मदहोश होती गई और मेरे लंड को दांतो से हल्का हल्का काट कर बोलने लगी प्लीज फक मी माय शोनू.

अब मैं उनकी यह बात सुनकर पागल हो गया और उनको चोदने की तड़प और बढ़ गई है पर मेरा मन उन के जिस्म को और चाटने और चूसने का करने लगा, इसलिए मैंने बिना चुदाई किये अपनी जीभ चूत में डाल कर जोर जोर से ऊपर नीचे कर के उनकी चुदाई कर डाली, जिससे वह भी अपनी गांड उठा उठा कर अपना पानी निकाल रही थी और मैं उनकी चूत का गर्म पानी अपनी जीभ से पी लिया.

मैडम मेरे चूतड़ों को पकड़ कर दबा रही थी तभी मुझे महसूस हुआ मेरा लंड किसी के हाथों में है, मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो पता चला की मम्मी ने मेरा लंड पकड़ा हुआ है और अपने आप को कंट्रोल से बाहर पा कर मेरे लंड की मुट्ठ मार रही है.

मैंने भी अनजान बनकर शिल्पा मैडम को फिर से चूसने और चाटने लग गया और मम्मी के इरादों को समझने लग गया, तभी शिल्पा मैडम को भी पता चला कि मम्मी जी उठ गई है, तो मैडम ने मुझे अपने ऊपर से उठाकर मम्मी को चूसने की परमीशन दे दी जिस से मम्मी की तड़प भी शांत हो जाए.

मैंने मम्मी को लेटाया और खूब जम के उनके बूब्स मसले और उनका शरीर गरम किया.

मेम उठी और तीन गिलास व्हिस्की बना कर ले आई, मैंरे सिगरेट कहने पर उन्होंने सिगरेट और लाइटर एक साथ मेरे हाथों में दे दिया..

हमारा चुदाई का एक राउंड इसी बीच हो गया था और हमने फिर ड्रिंक के साथ सिगरेट लेते हुए खूब बातें की और एक दूसरे के बारे में बताया..

मुझे पता चला कि शिल्पा मैडम ने अपने हस्बैंड को छोड़कर मम्मी के साथ रहना शुरु कर दिया और एक दिन मम्मी ने मैडम को ब्लू फिल्म देखते हुए पकड़ लिया था और तब से वह एक दूसरे के दोस्त बन गए और एक साथ नंगे सोने लग गए..

अब हम बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे, इसलिए जब भी प्लान बनाते तो मिल लिया करते और हम कभी एक दूसरे से नहीं रूठते थे.

दोस्तों में अब करीब १७-१८ साल बाद फिर से मिला हूं और अपनी कहानी आपसे शेयर की है इसलिए आपसे एक तहेदिल से विनती है कि अपने चूत के प्यार को कभी बदनाम मत कीजिएगा.

“प्रोफ़ेसर और उसकी मम्मी की चुदाई” पर एक उत्तर

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