दोस्त की माँ की चूत चुदाई

काफी टाइम के बाद मैं आशीष आप सबको अपने करंटली हुए चुदाई Antarvasna के बेहद ही शानदार अनुभव को आप सब के साथ शेयर करने वाला हूं, जिसमें मैंने अपनी एक दोस्त की विधवा मां की बेहतरीन तरीके से चुदाई की और उनकी दस साल की चुदाई की प्यास को बुझाया.

तो कहानी स्टार्ट करते हे, यह बात मेरे बी.कोम. दूसरे साल से स्टार्ट हुई थी जब मैं पहली बार अपने दोस्त से मिला. उसका नाम विजय है. मैं दूसरे साल में दो बार दिया क्योंकि गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हुआ था तो डिप्रेस हो गया था इसलिए फेल हो गया था. मेरा दोस्त विजय मुझ से ४ साल बड़ा है अभी उसकी उम्र २६ साल है और उसकी मां की उम्र ५४ साल है.

उसकी मां का नाम भारती है, उनका फिगर ३४-३०-३६ है. मस्त बड़े बड़े बूब है सेक्सी गांड है और मांसल जांघे हैं, दीखने में ठीक है, ना ज्यादा गोरी ना ज्यादा सांवली. मैं पहली बार विजय की माँ से एक शाम को एक ग्रोसरी स्टोर पर मिला था. वहां विजय के साथ आई हुई थी.

मेने नमस्ते कहां और कैजुअल बातचीत की, उनका बिहेवियर मेरे लिए अच्छा था, में ज्यादा बातें विजय से ही कर रहा था, वह आंटी को लेने आया था. वह घर ले जाने के लिए क्योंकि आंटी रोज दोपहर को म्यूजिक क्लास देने के लिए जाती है और शाम को ७ बजे वापस उसी ग्रोसरी स्टोर पर आती है, और विजय उन्हें वहां से पिक कर लेता था. क्योंकि उनका घर हरिपुर नाम के एरिया में है, जो मेन रोड से काफी अंदर है.

विजय लड़का तो दिखने में सीधा साधा दिखता है लेकिन १८ साल की उम्र से लगातार किसी न किसी औरत को चोदता रहता है. या तो वह औरत उस की फैमिली से होती या भारती आंटी की फ्रेंड निकल जाती, नहीं तो वह नागपुर और इंदौर चला जाता दो तीन दिन के लिए और वहां की रंडियों को चोद देता था. अभी कुछ दिन पहले ही उसने उसके फ्लेट के सामने के फ्लैट में रहने वाली एक बंगाली लड़की की एक पंजाबी दोस्त की चुदाई कर डाली वह भी उसके घर जाकर जब उसका पति जॉब पर गया था.

भारती आंटी मेरे से चुदने से पहले से यह बात बिल्कुल भी नहीं जानती थी तो जब मुझे विजय ने यह सब बताया तो मैंने भी सोच लिया कि भारती आंटी को चोद कर ही रहूंगा, क्योंकि आंटी म्यूजिक टीचर है तो मैंने भी विजय से बोला कि अपनी मम्मी को बोल मुझे म्यूजिक क्लास देगी? तो विजय ने भी हां कर दी और आंटी को मुझे म्यूजिक क्लास देने के लिए रेडी कर दिया. अब मैं संडे टू संडे उनके घर जाकर क्लास लेने लगा, दोनों मां बेटे रेजिडेंशियल सोसाइटी में एक टू बीएचके फ्लैट में रहते हैं.

विजय कभी कभी होता था तो कभी बाहर होता था, भारती आंटी घर में लूज गाउन पहनती थी या फिर सलवार सूट और दुपट्टा भी कभी कभी डालती थी. तो जब जुकती थी तो उनके ३४ के बड़े बूबे जुल जाते और मेरी आंखें वही गड जाती, आंटी यह देख लेती थी, लेकिन कुछ नहीं बोलती थी. शायद औरतों को उनके बूब्स को ऐसे घुरे जाना पसंद आता है. मैं संडे को वहां पर जाकर ३ घंटे के लिए उनसे म्यूजिक सीखता था.

हम मेन हॉल में बैठकर रीयाज करते थे. मुझे ४ महीने हो चुके थे, मैं और आंटी काफी खुल गए थे एक दूसरे से. आंटी के हस्बैंड की डेथ २००६ में हुई थी, तब से उनकी चुदाई नहीं हुई है, उनकी आंखों में वह चुदाई की प्यास साफ दिखती थी, मैंने यह बात जान ली और आंटी से नजदीक होने लगा. उनके साथ अपनी पर्सनल बातें करने लगा कभी कभी डबल मीनिंग बातें भी कर देता तो वह हंस देती थी.

वो बोलती थी कि तू बड़ा स्मार्ट है रे, तू बहुत बड़ा वाला फ्लर्ट है, पता नहीं तेरी गर्लफ्रेंड ने तुझे क्यों छोड़ दिया, उसको खुश नहीं रखता था क्या? तो में बोला आंटी वह खुद ही खुश नहीं होना चाहती थी, एक बार बस किस ही मिली थी, उसके आगे कुछ नहीं हो पाया. और आंटी उसने मेरे फोन में पोर्न मूवी भी देख ली थी, जो उसे पसंद नहीं आई. तो हमारा झगड़ा हो गया. और फिर ब्रेकअप ऐसा कह के वो इमोशनल होने के एक्टिंग करने लगा.

तो आंटी मेरे पास आ कर बैठी और मेरे नकली आंसू पोछे, तो मैं मौका अच्छा देख के उनकी नेक और बुब के बीच अपने गाल रख दिया, उन्होंने भी मुझे दोनों हाथ से दबा लिया और मुझे चुप कराने लगी. मैंने फिर अपना हाथ उनके कंधो पर रख दिया.

मैंने अपने हाथों से काम लेना चालू किया और कंधे से नीचे उनकी छाती पर रख दिया उन्होंने सलवार सूट और टाइट लेगी डाला हुआ था. मेने उनकी छाती पर हाथ फिराना शुरु कर दिया, वह भी साथ दे रही थी, फिर मैं उनसे अलग हुआ और उनकी आंखों में देखा, वह भी मुझे मदहोशी में देख रही थी. मैं उनके नजदीक आया और गले पर किस करने लगा. मैंने अपने दोनों हाथ उनकी कमर के दोनों तरफ डाल दिए.

फिर उनकी सूट को ऊपर उठाने लगा और उनकी कमर और पीठ वापिस सहलाना चालू किया, इधर किस चालू था. मैं अब लिप पर किस करने लगा. वो मुझे साथ दे रही थी, फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और खीच के उतार दी, और बुब को आजाद कर दिया, फिर किस कर के सूट को उतार दिया, अब वो ऊपर से नंगी थी उनके इतने बड़े गोल बुब देख कर मैं पागल हो गया, मैंने दोनों हाथों से दबाना शुरू किया. आंटी बहुत गर्म हो गई थी और जोर जोर से सिसकियां ले रही थी.

हम दोनों मेन हॉल के कोच पर बैठ कर फोरप्ले का मजा ले रहे थे, फिर मैं उठा और और आंटी के लेगी को नीचे कर दिया, अब आंटी की बालों वाली खाली फैली हुई चूत मेरे सामने थी, तो मैं आंटी को बोला कि आंटी आपकी चूत में बहुत बाल है इस को धोके शेव कर दूं क्या? तो वो उठी और मुझे बेडरूम के अटैच बाथरूम में ले गई, वहां विजय का रेजर रखा था और शेम्पू की बोतल भी थी. आंटी ने वहां रखे बैठक पर अपनी चूत को खोल कर बैठ गई, मैंने शैंपू लिया और उनकी चूत को गीला कर के शेम्पू रगड़ दिया.

आंटी की सिसकियां तेज होती चली गई, मैंने आंटी की चूत को पूरा जाग से भरा और चूत में २ उंगलिया डाल कर अंदर बाहर करने लगा, फिर मैंने रेजर लिया और आराम आराम से उनकी चूत को शेव किया, चूत एकदम चिकनी हो गई. मैंने भी अपनी पेंट उतार ली और मैंने उस दिन चड्डी नहीं पहनी थी, तो मेरा मोटा लंड खड़ा हो कर लोहे का रोड बन कर आंटी की चूत को सलामी दे रहा था.

आंटी जमीन पर टांगे खोल कर दीवार के सहारे बैठ गई तो मैंने भी शावर ऑन किया और आंटी को अपना लंड पकड़ा दिया, उन्होंने मुंह में लिया और किस करना चालू कर दिया. किस करते करते उन्होंने पूरा मुंह में अंदर तक भर लिया और चूसने लगी. १० मिनट बाद लंड मुंह से बाहर निकाला और मुझे घुटने के बल नीचे बैठाया और मेरे गाल पकड़ कर लिप किस करने लगी.

मेने किस करते हुए लंड आंटी की चूत में डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरु किया है, फिर अपनी स्पीड तेज कर दी और धकाधक से चोदने लगा. आंटी की पूरी बॉडी शेक हो रही थी, झटके खा रही थी. मैंने किस तोड़ी उनके दोनों हाथों को जोर से पकड़ लिया और दीवार से चिपका दिया, और जोर जोर से झटके मारने लगा. एकदम दर्दनाक चुदाई कर रहा था, आंटी भी बहुत चीख रही थी.आह औऊ ईई अय्य्य औउ अऊ ओऐइअ हां ये हां ये यस य्य्स ह्श्स आयी ई औउ ओइह्ह इई ओह्हो अम्म आशीष धीरे धीरे कर… आराम से कर. मैं कहीं नहीं भाग रही, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह औऊ ओह्ह हां अम्म्म अहह इई आराम से चोद.

हमने फिर पोजीशन चेंज कि, हम दोनों खड़े हुए और आंटी मुड कर दीवार की तरफ अपना मुंह कर लिया और पाईप के ऊपर अपना पैर रख लिया, फिर मैंने अपना लंड नीचे से गांड के साइड से उसकी चूत में घुसा दिया और पेलना शुरु कर दिया और जोर जोर से दमदार चूत की चुदाई चल रही थी, १० साल से चुदाई की प्यासी चूत को ताबड़तोड़ तरीके से चोद रहा था.

१० मिनट तक इसी पोज में चुदाई के बाद फिर हम दोनों बाथरुम से बाहर आए और मैं बेड पर खड़ा लंड लेकर लेट गया और आंटी मेरे लंड को चूत के अंदर डाल के ऊपर नीचे उछलने लगी और मोन कर रही थी, उनके खुले हुए दूर तक लंबे बाल पूरी तरह से बिखर गए थे, अपने हाथों से उनके बुब्स को जोर से मसल रहा था, फिर आंटी रुक गई तो मैंने अपनी गांड ऊपर नीचे करके आंटी को चोदना चालू किया तेजी से झटके मारने लगा.

दस मिनिट तक चोदने के बाद फिर आंटी को मैंने अपनी छाती पर पीठ की तरफ से लेटा दिया और चुदाई चालू की. २०-२५ झटकों के बाद फिर हमने पोजीशन चेंज की और अब हमने अमेजॉन पोजीशन में चुदाई शुरू की, जिस पोजीशन में मैं जमीन पर बेड के किनारे खड़ा था और उनकी टांगे में अपने कंधो पर रख दिए थे और उनकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा.

अमेजॉन पोजीशन को ज्यादातर औरतें पसंद करती है, मुझे और आंटी को चुदाई करते हुए एक घंटे से ज्यादा हो गया था, ईतने टाइम में आंटी चार बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और मेरा एक ही बार निकला था. जब हम बाथरुम से बेडरूम में आए थे इतनी देर की चुदाई के बाद अब फाइनली में जडने वाला था तो आंटी ने लंड मुंह में ले लिया और मैंने उनके मुंह में और बूब्स में पानी गिरा दिया और हम दोनों बेड पर थक कर लेट. में उनके बब्स दबा रहा था और उनको खुद से चिपका लिया, उनके बुब्स को अपनी छाती पर प्रेस करता रहा.

फिर कोई भी २०-२५ मिनट के बाद हम दोनों बाथरुम में साथ में शावर लिया, एक दूसरे को साबुन लगा के नहा लिया. मैंने फिर आंटी की चूत को साफ करके ५-१० मिनट तक चूसा, चाटा. अपनी जीभ उनकी चूत के बाहर दाने पर फिराया, एक बार और उनकी चुदाई कि वह भी कुतिया बनाकर, उनकी गांड को अपने लंड पर सेट किया और चूत के दाने पर लंड को थोड़ा सा रगड़कर आंटी को डॉगी स्टाइल में आधे घंटे तक चोदा और अपना पानी उनकी गांड के ऊपर छोड़ दिया..

फिर अपने कपड़े पहने, आंटी को किस किया और घर आ गया. अब मुझे और आंटी को भी जब मौका मिलता है हम चुदाई स्टार्ट कर देते हैं.