नर्स ने किया मेरे लंड का चेकअप

हाय फ्रेंड्स, मैं आपका Antarvasna दोस्त जीतू, मध्य-प्रदेश से आपके लिये एकबार फिर से हाज़िर हूँ एक सेक्सी एक्शन के साथ. मैं कामलीला डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ और मैंने इस साईट में बहुत अच्छी और मस्त सेक्स कहानियां पढ़ी है इसलिए मैंने भी आज सोचा कि मैं भी आप लोगों को अपनी एक पर्सनल सेक्स स्टोरी लिखूं। यह मेरी लाईफ का फर्स्ट सेक्स था दोस्तों असल में सच्ची कहानी लिखना बड़ा ही कठिन होता है. इसलिए मैं अपनी कहानी को चुदाई करने के बाद ही लिख पाता हूँ, क्यूंकी मुझसे झूँठी सेक्स कहानी लिखी ही नहीं जाती है।

हाँ तो दोस्तों यह बात आज 8 महीने पुरानी है जब मैं अपने घर पर अकेला बैठा हुआ अपने खड़े लंड का माप ले रहा था और मन ही मन बहुत खुश भी हो रहा था, क्योंकि मेरा लंड 6.5” का हो गया था और उसका टोपा भी एकदम फूला हुआ लग रहा था तो फिर मैंने सोचा कि क्यों ना इसको और भी बड़ा किया जाए। इसलिए फिर मैं अपने शहर के एक गुप्त रोग के डॉक्टर के पास चला गया. मैं वहाँ पर गया तो वहाँ पर उसकी नर्स भी थी जो की लगभग 32 साल की थी. लेकिन वह आंटी एकदम मस्त और चोदने लायक माल थी। और फिर उस डॉक्टर को मैंने अपना लंड बड़ा करने की चाह बताई. तो उन्होनें मुझको मेरा लंड दिखाने को कहा. उस समय उनकी नर्स भी पास में ही खड़ी थी तो मुझे उसकी थोड़ी शर्म सी आ रही थी. तो फिर उन्होनें कहा कि, शरमाओ मत, यह तो हमारा रोज का ही काम है।

और फिर मैंने फिर भी शरमाते हुए अपना लंड उस डॉक्टर को दिखाया तो उसकी वह नर्स भी मेरे लंड को बड़े ही गौर से देख रही थी. और शरम और एक अजीब सी झिझक की वजह से मेरा लंड चूहा बना हुआ था. लेकिन जब चेकअप के लिये उस डॉक्टर ने अपने हाथ में मेरा लंड पकड़ा तो वह अब हरकत में आ गया था. और फिर कुछ ही देर में मेरा लंड अपने विराट रूप में आ चुका था। और फिर उस डॉक्टर ने अपने हाथ से मेरे लंड को थोड़ा आगे-पीछे किया और फिर उसने मुझसे बोला कि, वाह यह तो इतना पहलवान लौड़ा है और तुम अभी भी इसको छोटा समझते हो! और फिर यह कहकर वह डॉक्टर और उसकी नर्स वह दोनों ही हँस पड़े थे. और मैं तो शरम के मारे पानी-पानी हो गया था। और फिर उस डॉक्टर ने मुझको कुछ दवाईयाँ लिखकर दी और एक तेल की बॉतल भी दी. और उन्होनें मुझको रोज उस तेल से अपने लंड की मालिश करने के लिये बोला था. और फिर 3 हफ्ते के बाद वापस दिखाने को भी कहा. उसकी नर्स मेरी तरफ देख के अभी भी हल्के-हल्के से हँस रही थी।

और फिर मैं दवाईयाँ लेकर अपने घर पर वापस आ गया था. और फिर मैंने वह दवाईयाँ खानी शुरु कर दी थी और उस तेल की मालिश भी रोज ही करता था. और फिर 1 हफ्ते में ही उन दवाईयों का असर भी दिखने लगा था. और उससे मैं भी बड़ा खुश हो गया था. 15-17 दिन तक मेरा लंड कुछ और लंबा और मोटा भी हो गया था. और मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि, यह लंड मेरा ही है। दोस्तों अब तो उस लंड को पकड़कर मूठ मारने का मज़ा ही कुछ और था। दोस्तों अब मुझको तलाश थी एक चुदाई के मैदान की जहाँ पर मैं अपने लंड की नई ताक़त को आजमा सकूँ। खैर फिर मैं उस डॉक्टर के बताए दिन पर उसके क्लिनिक पर चला गया. और वहाँ जाने पर मुझको पता चला कि, आज तो सिर्फ़ उसकी नर्स ही आई थी, और वह डॉक्टर साहब आज कहीं दूसरी जगह पर गये हुए थे। और फिर वह नर्स मुस्कुराती हुई मेरे पास आई और फिर वह मुझको चेकअप वाले कमरे में ले गई थी. और फिर उसने मुझसे कहा कि, आज मैं ही आपका चेकअप करूँगी. मैं उस समय बहुत शरमा रहा था. और फिर उसने मुझे तुरन्त ही मेरी पेंट खोलने के लिये कहा. और फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी पेन्ट को नीचे किया और मैं अब अपनी अंडरवियर में ही था. मेरी अंडरवियर में मेरा हथियार अब साफ दिख रहा था. और फिर मैंने अपने लंड को अपने हाथ से ढक लिया था. और फिर वह नर्स एक मादक सी मुस्कुराहट देती हुई मुझसे बोली कि, इसको भी उतारना पड़ेगा। मैं उस समय बहुत ही शरमा रहा था. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, तुमने पहले कभी किसी लड़की के सामने अपने कपड़े नहीं उतारे क्या? और फिर वह यह भी बोली कि, चलो तुम अब ऐसे ही इस टेबल पर लेट जाओ. और फिर उसने मेरी छाती से नीचे की तरफ एक परदा लगा दिया ताकि मैं नीचे की तरफ जो भी हो उसको देख ना सकूँ. और फिर उसने मुझसे कहा कि, तैयार हो? मैं जैसा तुमसे कहूँ तुम वैसे ही करना और इस पर्दे को हाथ भी मत लगाना। और फिर मैंने भी एक हल्की सी आवाज़ में कहा कि, जी ठीक है।

और फिर मेरी धड़कन भी एकदम से बढ़ गई थी. और उसने एक ही झटके में मेरा अंडरवियर पकड़ के उतार दिया था. और फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और फिर वह उसको अपने कोमल से हाथों से दबाने लगी थी. जिससे मेरा पूरा बदन ही अकड़ गया था, और मेरा लंड भी पूरी तरह से खड़ा हो गया था। और फिर मेरे लंड के आकार को देखकर उस नर्स की भी सिसकारी निकल गई थी, और फिर वह कहने लगी थी कि, हाय, मार डालेगा ये तो किसी को भी। और फिर परदे के पीछे वह शायद फीते से मेरे लंड का नाप ले रही थी. और इधर मेरी हालत और भी खराब हो रही थी. और नाप लेने के बाद उसने मेरे लंड के आगे की चमड़ी को थोड़ा आगे-पीछे किया और फिर मेरी गोलियों को भी सहलाया. उससे मेरे मुहँ से एक सनसनी से भरी हुई एक सिसकारी निकल गई थी और परदे के पीछे से हल्की सी उसकी भी आह… की आवाज़ आ रही थी। और फिर वह अचानक से रुक गई थी, और मुझे कुछ पता भी नहीं चल रहा था कि, परदे के पीछे क्या हो रहा है. और फिर कुछ जल्दी-जल्दी से काम करने की आवाज़ सी आई. तो मुझको लगा कि, शायद तब उसने अपने कपड़े उतारे थे, और इसका मुझे बाद में पता भी चल गया था। और फिर मैंने उससे पूछा कि, मेम हो गया क्या? तो फिर वह एकदम से बोली कि, चुप रहो। और फिर मुझको तो ऐसा लगा कि, वह खुद भी शायद टेबल पर आ गई है. और एक बार फिर उसने मेरे लंड को पकड़ा, और इसबार उसका हाथ उल्टा था. और फिर वह मेरे लंड को किसी बहुत ही कोमल सी और नरम चीज़ के साथ रगड़ने लगी थी. दोस्तों कसम से उस समय मेरा तो हाल एकदम बुरा होने लगा था. और फिर अचानक से मुझको कुछ गीला सा महसूस होने लगा और फिर उसकी एक ज़ोर से सिसकारी निकल गई थी, आहहह…

और फिर मुझको तब तक सब पता चल गया था कि, वह अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ रही थी. और फिर तो मैंने भी देर ना करते हुए अपनी कमर को थोड़ा सा एकदम से उठाकर अचानक से एक धक्का मारा. तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया था, और उसके मुहँ से एक जोर की चीख निकल गई थी. और फिर अचानक हुए उस हमले से वह मेरे ऊपर गिर गई थी। जिससे अब हम दोनों के बीच का वह परदा हट गया था. और फिर अब हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में आ गए थे. और फिर हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे थे. और फिर हमारी मस्तीभरी चुदाई भी चालू हो गई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर 10-15 मिनट के बाद ही हम दोनों के ही बदन अकड़ने लग गए थे, और हम एक-दूसरे के साथ कसकर लिपट गये थे. और फिर हम दोनों का ही पानी एकसाथ में ही निकल गया था. और फिर हल्के-हलके झटकों के साथ पानी निकले जा रहा था. और फिर हम दोनों के गरम-गरम माल से उस नर्स की चूत एकदम लथपथ हो गई थी. और फिर हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और एक-दूसरे को किस करते रहे। और फिर कुछ देर के बाद वह उठी और उल्टा होकर मेरे ऊपर लेट गई थी. और अब हम दोनों ही 69 की पोज़िशन में आ गए थे. और वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूस रही थी और मैं भी उसकी चूत को चाट रहा था. और फिर 10 मिनट के बाद मेरा लंड एकबार फिर से खड़ा हो गया था। और फिर मैं उसकी ब्रा में उसके दोनों बब्स के बीच में अपना लंड डालने लगा तो उसने मेरे लंड को पकड़कर अपनी गांड के छेद पर रख दिया था. और फिर मैंने भी एक झटका देकर अपना लंड उसकी गांड के अन्दर घुसा दिया था. और उसके मुहँ से एक जोर की चीख निकल गई थी. और फिर मैं भी बिना रुके ही तेज़ी से उस नर्स की गांड को चीरने लगा था. और मेरी उस दर्दनाक चुदाई से उसकी आँखों से आँसू निकल गये थे. और फिर मैं उसके बब्स को पकड़कर अपनी चुदाई की गति को बढ़ाने लगा था. और फिर 15 मिनट की उसकी एकदम टाईट गांड की जबरदस्त चुदाई के बाद जब मैं झड़ने जा रहा था, तो मैंने उसके गालों पर अपने दाँत गड़ा दिए थे और फिर मैं हल्के-हल्के 8-10 झटकों के साथ उसकी गांड में ही झड़ गया था।

और फिर हम दोनों ही कुछ देर तक वैसे ही टेबल पर लेटे रहे थे. और फिर कुछ देर के बाद मेरा लंड भी छोटा होकर उसकी गांड के छेद से फिसलता हुआ बाहर आ गया था. और उसके बदन के ऊपर बहुत सारा चिकना पानी लग गया था. और फिर कुछ देर के बाद मेरी जाँच भी पूरी हो गई थी. और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मैं वहाँ से जाने लगा तो उसने मुझको अपनी बाहों में भरकर मुझको एक जबरदस्त किस किया और फिर उसने मेरा मोबाइल नम्बर भी लिया था।

और फिर जब हम दोनों उस क्लिनिक से बाहर आए तो शाम हो गई थी. और उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था और मेरा लंड भी उसकी टाईट गांड की जबरदस्त चुदाई से छिल गया था. और मुझको मेरे लंड की चमड़ी में बहुत दर्द हो रहा था. और फिर मैंने उसकी क्लिनिक को बन्द करने में उसकी मदद करी और फिर मैं उसको अपनी बाइक पर उसके घर पर भी छोड़ आया था।

हाँ तो दोस्तों अब तो वह जब भी वह डॉक्टर क्लिनिक पर नहीं होता है, तो मुझको फोन करके बुला लेती है. और फिर वह खूब जमकर मेरा चेकअप करती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!