सेक्सी आंटी की भरी हुई जवानी

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम राज Antarvasna है और मैं भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम का एक नियमित पाठक हूँ. और मैं हैदराबाद का रहने वाला हूँ और मुझको चुदाई करना बहुत ही ज्यादा पसन्द है. मैं अपनी यह सच्ची सेक्स कहानी पहली बार लिख रहा हूँ, और यह मेरे जीवन का एक सच्चा सेक्स अनुभव है।

दोस्तों यह बात तब की है जब मैं 19 साल का था और तब मेरा लंड 5.5” का था. तब हमारे पडौस में एक विधवा आंटी रहती थी, जो की बहुत ही खूबसूरत थी. उनकी एक 6 साल की बेटी भी थी जो अपने मामा के पास रहती थी. जब वह आंटी चलती थी तब मैं उनकी बब्स और गांड को देखकर बहुत गरम हो जाता था. और उनके फिगर का साइज़ 34-32-36 का था. क्या गजब का माल थी यारों वह तो. वह मुझको एकदम होश उड़ाने वाली नज़रों से देखती थी. मैं उनके घर अक्सर उनके बब्स को देखने जाता था. मैं उनसे नज़रें चुराकर उनकी नाइटी के अन्दर देखता था. और मैं उनके नाम की मूठ भी मारता था। और फिर एक दिन मैं उनके घर गया तो मैंने देखा कि, वह आंटी घर पर नहीं थी. और फिर मैं जब वहाँ से लौटने ही वाला था तो मुझको उनके बाथरूम में से आंटी की सिसकारियाँ सुनाई दी. तो मैंने खिड़की के होल से देखा तो आंटी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी. और मैं उस नज़ारे का मजा लेने लगा और अपने लंड को भी सहलाने लगा था. दोस्तों मैं तो पहली बार किसी लड़की को उस समय सच में नंगी होकर चूत में ऊँगली करते हुए देख रहा था. वह उस समय बहुत ही कमाल की दिख रही थी. उनके बड़े-बड़े बब्स देखकर मेरा लंड भी पूरी तरह से खड़ा हो गया था. और मैं वहीं पर धीरे-धीरे अपना लंड सहला रहा था. और फिर जब वह नहाकर सिर्फ़ एक टावल में बाहर आई तो मैंने देखा कि, मैं अपना लंड हाथ में लेकर खड़ा था. और वह पहले मुझे देखकर के चौंक गई थी फिर मैंने उनसे कहा कि मैं सब कुछ देख चुका हूँ और मुझे भी तुम एक मौका दे दो। पूरी सेक्स की मूरत लग रही थी. और उसके एकदम गोरे बदन से मदहोश करने वाली खुश्बू आ रही थी. मैं तो उनको हवस भरी नज़रों से देख रहा था।

उन्होंने पहले तो मुझको सेक्स करने के लिए मना कर दिया था, फिर मैं उन्हें कमर से पकड़कर के किस करने लगा. उन्होंने बहुत अपने आप को मेरी बाहों से छुड़ाने की कोशिश की पर मैं उनके होठों को अपने होठों से लगाकर किस किए जा रहा था. और फिर तो वह भी धीरे-धीरे मेरा साथ देने लगी. मैं उन्हें किस करने के साथ-साथ टावल के ऊपर से ही उनके बब्स को दबाने लगा. बहुत ही मस्त होकर उनके बब्स मुझे बुला रहे थे की आओ और हमें खा जाओ. वो तब तक आहें भरने लगी थी. मैं उन्हें ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा. फिर मैंने उनकी चूत को सहलाया और उनके गालों को चूमना शुरु कर दिया था. वो तो बिना पानी के मछली की तरह तड़प रही थी. मैं उनके बब्स को ज़ोर-ज़ोर से रगडे जा रहा था. उधर उनकी साँसे तेज-तेज चल रही थी. मुझे तो जैसे जन्नत मिल गया हो. मैं उन्हें चोदने का पूरा प्रोग्राम बना चुका था, तो फिर आंटी बोली यही पर ही सब कुछ करोगे क्या राजा? जरा अन्दर तो चलो।

फिर उन्होंने मुझे अपने बेडरूम में जाने का इशारा किया. और फिर हम दोनों अन्दर जाते ही एक-दूसरे को पूरा नंगा करने में जुट गये. फिर हम पूरे नंगे होकर एक-दूसरे को कुछ पल देख रहे थे. वाह क्या नज़ारा था. हम दोनों पूरी तरह से गरम भी हो चुके थे. और फिर हम किस करते हुए बेड के ऊपर चले गये. मैं उनके ऊपर चढ़ गया. मेरा खड़ा हुआ लंड उनके पेट के नीचे चुभ रहा था. हम तो अपनी-अपनी दुनिया में खो गये थे और एक-दूसरे को किस करने लगे थे. हम करीब 10 मिनट तक जोरदार किस करते रहे. मैं किस करने के बाद उनके बड़े-बड़े बब्स को चूसने लगा. वो सच में बहुत बड़े और रसीले थे. उनके आम बहुत सख़्त और टाइट हो गये थे. मैं उन्हें चूस-चूसकर लाल कर रहा था. मैं उनके निपल्स को भी काट भी रहा था. वो तो अपनी आँखें बंद करके बेड को खींच-खींच के मज़े ले रही थी. बड़े-बड़े आमों को खूब चूसने के बाद उन्होंने मुझे अपनी चूत चाटने को कहा. फिर मैं उनकी चूत को बड़े ही प्यार से चाटने लगा जिससे आंटी लम्बी-लम्बी सिसकारियाँ ले रही थी।

वो पहले ही 2 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी. उनकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. मैं तो मज़े के साथ उनकी चूत को चाट रहा था. क्या चूत थी दोस्तों. बड़ी ही प्यारी चूत थी. पूरी की पूरी गुलाबी रंग की. उसके ऊपर थोड़े-थोड़े बाल भी थे फिर भी वह बहुत कमाल की चूत थी. मैंने तो उसे चाटकर और चूसकर लाल कर दिया था. फिर उन्होंने मुझे अपना लंड अन्दर डालने को बोला. तो मैंने उन्हें अपना लंड चूसने को कहा. थोड़ी सी ना नुकूर के बाद वो मान भी गई थी. उन्होंने मेरा लंड बड़े प्यार से हाथ में लिया और कहा बहुत मोटा और प्यारा लंड है तेरा तो. फिर उन्होंने उसे चूसना और चाटना शुरू कर दिया. उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुहँ में लेकर चूसना शुरु कर दिया था. मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था. वो ख़ुशी-खुशी मेरा लंड मुहँ में लेकर चूस रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने अपना लंड उनके चूत में डालने की कोशिश की, पर उनकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी. क्यूंकी उन्होंने बहुत दिनों से चुदवाया नहीं था ना तो उनकी चूत पूरी खुली हुई नहीं थी फिर उन्होंने ड्रेसिंग टेबल से वैसलीन निकाली और मेरे लंड के ऊपर उसे लगा दिया. तब मैंने थोड़ी देर तक अपना लंड उनकी चूत में रगड़ा, तो वो मज़े से तिलमिला उठी. उन्होंने थोड़े उँची आवाज़ में कहा कि, अब तड़पाना बंद करो और अपना लंड डाल भी दो मेरी चूत में अब मैंने फिर से कोशिश करी और इस बार एक ही ज़ोर के झटके के साथ आधा लंड अन्दर चला गया. फिर एक और जोरदार झटके के बाद मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गहराई को नापने लगा. फिर धीरे-धीरे धक्के के साथ मैं आगे बढ़ा. इधर मैं उन्हें किस किए जा रहा था और उनके बब्स को दबा रहा था. फिर तो वैसलीन की वजह से जोरदार सेक्स बढ़ता गया. हम दोनों को बहुत ख़ुशी मिल रही थी।

तकरीबन 15 मिनट तक मैंने उनको ऐसे ही चोदने के बाद हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए. मैं उनकी चूत और वो मेरा लंड चूस रहे थे. करीब 5 मिनट के बाद फिर से मैं उनकी चूत के अन्दर अपना लंड डालकर उन्हें आनंद देने लगा. क्या मज़ा आ रहा था यारों. हम दोनों करीब 10 मिनट की घचा-घच धक्कापेल चुदाई के बाद झड़ गये. फिर मैंने उनके मुहँ में ही अपना सारा माल निकाल दिया. उस दिन के बाद हम दोनों का सेक्स 2 साल लगातार और चला. और फिर हम वहाँ से दूसरी जगह रहने आ गये थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!