गाँव की लड़की ने दे दी मुझे

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम कुलदीप है और मेरी उम्र 20 साल की है. और मैं पटना के पास के एक गाँव का रहने वाला हूँ. दोस्तों मेरी यह कहानी उन दिनों की है जब मैं छुट्टियों में अपने मामा के घर गया था और वहाँ पर मुझको मेरे मामा के पडौस में रहने वाली एक लड़की ने अपनी चूत मुझको तोहफ़े में दी थी. दोस्तों वह दिन मैं शायद कभी नहीं भूल पाऊँगा, और उसकी वह चुदाई आज भी मुझको उत्तेजित कर देती है। हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ।

दोस्तों जैसा कि, मैं अपने मामा के घर आया था तो मैं बहुत खुश था. रातभर के सफर के बाद मैं ट्रेन से उतरकर सुबह अपने मामा के घर पर जाकर फ्रेश हुआ और फिर मैं वहाँ पर सभी घरवालों से बात करने लगा. फिर खाना खाकर मैंने थोड़ा आराम भी किया। और फिर शाम को मैंने अपने मामा के घर पर एक लड़की को देखा जो दिखने में ज़्यादा आकर्षक तो नहीं लग रही थी, और उसके बब्स भी ज्यादा बड़े तो नहीं थे लगभग 32” की साइज़ के तो होंगे ही और फिर वह आई और मेरी मामी से बातें करने लगी. और फिर वह मेरे पास आकर मुझसे मेरा हाल पूछने लगी. और तब मुझे पता लगा कि, यह तो मेरे मामा के पडौस में ही रहती है. शुरुआत से ही मुझको वह थोड़ी अटपटी सी लग रही थी. और फिर वह धीरे-धीरे मुझसे खुलकर बातें करने लग गई थी. और फिर वह मेरे बहुत करीब आ गई थी।

और फिर एक दिन हम दोनों ही मेरे कमरे में अकेले थे, और फिर वह मेरे करीब आ गई थी. और मुझको कुछ समझ में नहीं आ रहा था और मेरा लंड भी जोश में आने लगा था. और फिर मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया था, लेकिन वह मुझसे कुछ नहीं बोली थी. और फिर तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी तो मैंने सीधे ही अपना हाथ उसके बब्स पर रख दिया था. तो उसने तुरन्त ही मेरे हाथ को हटा दिया था, लेकिन वह मुझसे कुछ नहीं बोली थी. और वह मेरे पास ही बैठी रही थी. तो फिर मैं फिर से उसके बब्स को दबाने लग गया था. लेकिन दूसरी बार वह मुझसे कुछ नहीं बोली थी. लेकिन फिर अचानक से किसी के आने की आहट आने से हम अलग हो गये थे. और फिर मैंने उसको छत पर आने को कहा क्योंकि छत पर एक स्टोर रूम था. और फिर वह वहाँ चली गई थी। तो मैं भी उसके पीछे-पीछे सभी से खुद को बचाते हुए वहाँ पहुँच गया था और वहाँ पहुँचते ही मैंने स्टोर रूम का दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया था।

और फिर मैंने उसको ज़ोर से गले लगाया और फिर मैं उसको चूमने लग गया था. 5-10 मिनट तक चूमने के बाद मैं उसके बब्स को दबाने लग गया था. और फिर तो वह भी गरम होने लगी थी. और मैं उसको किस भी करता जा रहा था. और वह भी मेरे किस का जवाब दे रही थी. और उसका ऐसा करना मुझको बहुत गरम कर रहा था. वह किस करने में मेरा इतना साथ दे रही थी कि, मेरा तो मज़ा ही डबल हो गया था. और फिर कुछ देर तक उसके बब्स को दबाने के बाद मैंने उसके टॉप को उतारा और फिर मैं उसके दूध जैसे बब्स को चूसने लग गया था. जिससे वह और भी उत्तेजित हो रही थी, और हल्के-हल्के आहें भी भर रही थी. और उसकी वह मादक सी आहें मुझको पागल बना रही थी. और फिर मैं अपना हाथ उसकी मखमली चूत के ऊपर ले गया था और मैं उसकी चूत को ऊपर से ही रगड़ने लग गया था. तो उस समय उसने मुझको रोक दिया था और फिर वह मुझसे बोली कि, अभी यह सब मत करो कोई आ जाएगा यह सब हम बाद में करेंगे।

और उसकी इस बात पर मुझको भी राजी होना पड़ा क्यूंकी कोई भी छत पर आ सकता था. और फिर मैंने उसको एक किस करके ही छोड़ दिया था. और फिर हम दोनों नीचे आ गए थे और फिर हमने एकदूसरे के मोबाइल नम्बर आपस में एकदूसरे को दिए. और फिर रात 9.30 बजे उसका फ़ोन आया और उसने मुझसे कहा कि, उसके घर पर कोई भी नहीं है और उसके मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार के यहाँ पर प्रोग्राम में गए थे और वहाँ से उनका फ़ोन आया था कि, वह अगले दिन आने वाले है. और फिर मैंने घर पर मामा से बोला कि, मैं गाँव में ही मेरे एक दोस्त के घर पर जा रहा हूँ क्योंकि मैं उसके साथ वहाँ पर वीडियो गेम खेलूँगा और फिर मैं इस बहाने से घर से निकल गया था और उसके घर पर चला गया था।

वह उसके घर के दरवाजे पर खड़ी होकर मेरा इन्तजार कर रही थी. और फिर मैं इधर-उधर देखकर जल्दी से उसके घर के अन्दर चला गया था. और फिर वह भी दरवाजे को बन्द करके अन्दर आ गई थी. और फिर तुरन्त ही हमारा एकदूसरे को किस करना चालू हो गया था. और फिर मैं तो पूरी तरह से उत्तेजित हो गया था. और मेरा लंड भी मेरी पेन्ट के अन्दर से बाहर आने के लिए तड़पने लग गया था. उसको किस करने के साथ-साथ मैं उसके बब्स को भी ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. जिससे वह भी बहुत उत्तेजित हो रही थी. और फिर उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी थी. और फिर वह मेरे बदन पर किस करने लग गई थी. और फिर 10 मिनट के बाद ही मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर सुला दिया था. और फिर मैंने उसके टॉप और शॉर्ट्स को उतार दिया था. और अब वह मेरे सामने सिर्फ़ अपनी पैन्टी में ही थी, और वह उस समय एकदम कमाल की लग रही थी. और फिर मैंने भी अपनी पेन्ट उतार दी थी क्योंकि मेरा लंड अन्दर ही दबा-दबा दर्द करने लग गया था. और फिर मैं उसके बब्स को चूसने लग गया था और उसके बब्स की निप्पल को भी काट रहा था. और वह ज़ोर-ज़ोर से आहें भर रही थी, जो मुझको और भी पागल कर रही थी. और फिर मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी थी. और फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और मैं अपनी ऊँगली को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लग गया था, तो फिर तो वह भी पागलों की तरह मुझे किस किये जा रही थी. और फिर उसने मुझे एक धक्का देकर नीचे कर दिया था. और फिर उसने मेरी जॉकी से मेरे लंड को बाहर निकाल लिया था और फिर वह उसको चूसने लग गई थी. दोस्तों उस समय तो मैं तो किसी स्वर्ग में था. दोस्तों आज तक किसी ने भी मेरा लंड इस तरह से नहीं चूसा था. और फिर तो मैं भी उसके सिर को पकड़कर उसके मुहँ में अपने लंड से धक्के लगाने लग गया था. दोस्तों वह पल बहुत ही मस्त था और मुझको एक अजीब सा नशा आ रहा था. वह पागलों की तरह मेरे लंड को चूस रही थी. और फिर 10 मिनट के बाद ही मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था. और उसने मेरा सारा माल गटक लिया था. और फिर मैंने उसको उल्टा किया और फिर मैं भी उसकी चूत को चूसने लग गया था. और वह भी मेरे सिर को ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत के ऊपर दबा रही थी. और मैं अपनी जीभ को उसकी चूत के अन्दर तक डालने लगा था, जिससे वह पूरी तरह से आपे से बाहर हो गई थी. और फिर वह अपनी कमर को उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी. और मेरे सिर पर उसका दबाव बढ़ता ही जा रहा था. और मुझको तो ऐसा लग रहा था कि, वह मेरा पूरा सिर ही अपनी चूत के अन्दर लेना चाहती है. और फिर करीब 10 मिनट तक चूसने के बाद वह भी झड़ गई थी लेकिन मैंने फिर भी चूसना चालू रखा था।

और फिर वह भी मुझे चूमने लगी तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने उसको नीचे लेटाकर, उसकी दोनों टाँगों के बीच में आकर अपना लंड उसकी चूत पर रखा लेकिन उस समय कंडोम तो मेरे पास था ही नहीं था तो फिर मैंने सोचा कि, जो होगा देखा जाएगा और फिर मैंने एक ज़ोर से झटका मारा और मेरा पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में चला गया था. जिससे उसकी एक जोर की चीख निकल गई थी. और फिर मैं थोड़ा रुककर उसको किस करते हुए फिर से फुल स्पीड में धक्के लगाने लग गया था. और फिर 10 मिनट तक करने के बाद मैंने अपनी पोजीशन बदली और फिर मैं नीचे आ गया और वह मेरे ऊपर आकर मेरे लंड पर उछलने लग गई थी. और उसके हिलते हुए बब्स को देखकर मुझको तो बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था. और बीच-बीच में हम दोनों एकदूसरे को चूमते हुए धक्के लगा रहे थे. और फिर 10 मिनट के बाद मैं फिर से पोजीशन बदलकर उसको घोड़ी बनाकर उसके साथ सेक्स करने लग गया था. और फिर करीब 10 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद वह झड़ गई थी. लेकिन मैंने फिर भी अपने धक्के चालू रखे थे. और फिर 5-7 मिनट की और चुदाई करने के बाद मैं भी झड़ने वाला था, तो मैंने अपनी चुदाई की स्पीड और बढ़ा दी थी और फिर 5 मिनट के बाद हम दोनों एकसाथ ही झड़ गये थे।

और फिर मैं उसके ऊपर ही निढाल होकर पड़ गया था. और वह मुझको किस कर रही थी. और फिर करीब 15 मिनट के बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में गये और हमने एकदूसरे को साफ़ किया और वापस आकर हमने एक लम्बी किस करी और फिर हमने अपने-अपने कपड़े पहने. और फिर मैं अपने घर पर आ गया. और फिर हमको छुट्टियों में जब भी मौका मिलता तो हम खूब सेक्स करते थे।

दोस्तों उसके साथ किये सेक्स को मैं कभी नहीं भूल सकता हूँ, क्यूंकी इतना प्यारा सेक्स मैंने उससे पहले कभी नहीं किया था. और वह मेरे साथ हर पोजीशन में मेरा पूरा साथ देती थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!