एक अनजान विधवा को चुदाई का सुख दिया

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम सुनील है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरा रंग गेहुँवा है और मेरी लम्बाई 5.9 फुट की है, मेरी बॉडी भी ठीक-ठाक सी है और मैं दिखने में भी काफी स्मार्ट दिखता हूँ. मैं मुंबई में ही एक बड़ी कम्पनी में काम करता हूँ. और मैं अपने काम के सिलसिले में ज्यादातर शहर से बाहर ही रहता हूँ. और इसी तरह मैं एकबार अपने काम के सिलसिले में पटना गया हुआ था, और वहाँ से वापस आते समय मुझको ट्रेन में एक बहुत ही खूबसूरत भाभी मिली थी. और फिर मैंने उसके साथ क्या-क्या किया यह सब मैं आपको अपनी इस कहानी में आगे बताऊँगा।

हाँ तो दोस्तों एकबार मैं ट्रेन से पटना से अपना काम खत्म करके वापस मुंबई आ रहा था तो ट्रेन में मेरी सीट नीचे वाली थी और मेरे ऊपर वाली सीट पर एक औरत बैठी हुई थी. दिन में तो उनके साथ मैं मेरे बर्थ पर बैठकर बात करते-करते चल रहा था. मैंने उनसे उनके बारे में पूछा तो वह मुझसे बोली कि, वह विधवा है और 3-4 साल पहले ही उसके पति की मृत्यु हुई है, वह अपनी माँ के यहाँ आई थी और अभी वह अपने घर जा रही है उनके पति सरकारी नौकरी में थे और अब उनको अपने पति की जगह पर नौकरी मिल गयी है। उनके दो बच्चे है एक बेटा और एक बेटी, और वह दोनों ही स्कूल जाते है. दोस्तों उनको देखकर तो लगा कि, उनकी उम्र 43-44 साल की होगी और वह एक सीधी-साधी सभ्य महिला है, उनका बदन बहुत ही सेक्सी लग रहा था. उनकी बड़ी और उभरी हुई गांड और बड़े-बड़े बब्स को देखकर मुझको तो पता नहीं क्या हो रहा था. पूरे रास्ते हम दोनों ही एक ही बर्थ पर बैठकर बात करते-करते टाइम पास कर रहे थे. और फिर उन्होनें अपना फोन नम्बर मुझको दिया और मैंने भी अपना फ़ोन नम्बर उनको दे दिया था. और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, मैं आपको फोन करूँगी तो आप बात कर लेना. और फिर मुंबई पहुँचकर वह मुझसे बोली कि, मेरा घर मुंबई स्टेशन के पास ही में है आप आना कभी समय निकालकर मेरे घर पर. और फिर वह उतरकर दूसरी लोकल ट्रेन में बैठ गई. और फिर दो दिन के बाद उनका फोन आया और उन्होनें मुझे अगले दिन उनके घर आने के लिए बोला, तो मेरे ऑफिस में शनिवार को आधा दिन ही काम होता था. तो फिर मैंने भी आने के लिए उनको हाँ कर दी और फिर अगले दिन शाम को मैं उनके घर चल दिया था।

और उनके घर पर मैं करीब 8 बजे पहुँचा और फिर मैंने देखा कि, घर में और कोई भी नहीं है तो फिर मैंने उनसे पूछा कि, आपके बच्चे कहाँ है? तो फिर वह मुझसे बोली कि, आज सुबह ही मेरे पति का भतीजा आया था तो वह बच्चों को अपने साथ ले गया, क्योंकि कल तो रविवार है ना. और फिर हमको बात करते-करते 9.30 बज गये थे. मैं सोफे पर बैठा था तो वह भी एकदम से मेरे पास आई और उन्होनें मेरा हाथ पकड़कर मुझसे उठने को कहा, तो फिर मैं उठ गया तो फिर उन्होनें एक कमरे की तरफ इशारा करके मुझसे बोला कि, आप उस कमरे में चलकर बैठो. और मैं भी अभी आती हूँ.. और फिर मैं उस कमरे की तरफ बढ़ने लगा और तभी उन्होंने पहले से ही उस कमरे की लाइट बन्द कर दी थी जिसमें हम पहले बैठे थे. और फिर मैं जिस कमरे में पहुँचा वह बेडरूम था. और फिर वह भी 5 मिनट के बाद आ गई, और बेड पर दीवार से पीठ टिकाकर आराम से बैठ गई थी. और फिर मैं भी उसके साथ अपने पैर फैलाकर आराम से बैठ गया था. और फिर वह मेरी तरफ देखकर मुझसे बोलने लगी कि, आप मुझे बहुत अच्छे लगे हो, और मैं बहुत परेशान हूँ, मुझसे अकेलापन बिलकुल भी बर्दास्त नहीं हो रहा है इसलिए ही मैंने आपको आने के लिए बोलकर अपने बच्चों को उनके चाचा के यहाँ भेज दिया था।

और फिर मैंने उसका हाथ अपने हाथ में लेकर उसे चूमा तो उसकी आँखें अपने-आप ही बन्द हो गई थी और उसकी साँसें भी तेज-तेज चलने लग गई थी. और फिर मैंने उसे जब गौर से देखा तो मुझको उसका बदन इतना सेक्सी लगा था कि, मैं आपको बता नहीं सकता, उसकी गांड गजब की उभरी हुई थी और उसकी भरी हुई जाँघें उसकी साड़ी में से भी दिख रही थी. वह एक सफेद रंग का ब्लाउज पहने हुई थी, जिसमें से उसके बब्स का आकर साफ़ दिख रहा था. और फिर मैं उसके हाथ को चूमते हुए थोड़ा आगे बड़ा और फिर उसकी गर्दन से होते हुए मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए तो वह एकदम से सिहर उठी और फिर उसने अपनी आँखें खोलकर मुझे देखा और फिर वह झट से मुझसे लिपट गई थी. और फिर वह लम्बी-लम्बी साँसे ले रही थी. और उसने मुझे इतनी ताक़त के साथ अपनी बाहों में ले लिया था कि एक समय तो मेरी भी साँसे रुकने लगी थी।

और फिर करीब 10-15 मिनट तक हम दोनों एक-दूसरे के होठों को चूस रहे थे, और फिर मैंने अपने होंठ उसके होठों से अलग किए तो फिर वह ज़ोर-जोर से हाँफ रही थी. और फिर मैंने अपने होठों को उसके गालों से रगड़ते हुए उसकी गर्दन पर होते हुए उसके कान पर चूमना शुरू कर दिया था. जिससे वह एकदम से मचल उठी थी. और फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके बब्स को सहलाना शुरू किया तो उसने अपना एक हाथ मेरी गर्दन के पीछे से डालकर मेरा सिर अपने सीने की तरफ खीँच लिया था, और फिर वह बिस्तर पर लेट गई थी. और फिर मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके दोनों बब्स पर अपने होंठ फेरना शुरु किया और फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी साड़ी को पकड़कर उसकी जाँघों तक ऊपर कर दी थी, और फिर मैं उसके बब्स से होते हुए पेट पर और उसकी नाभि को चूमने लगा तो वह फिर भी अपनी आँख को बन्द किए हुए लेटी हुई थी और अपने होठों को चबा रही थी, और ज़ोर-ज़ोर से साँसे ले रही थी. और फिर मैंने अपने होंठ उसकी साड़ी के ऊपर से ही उसकी चूत पर लगा दिए थे. और फिर मैं अपने मुहँ से उसकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा. और फिर मैंने उसकी चिकनी जाँघो को देखा तो मैं तो बस उनको देखता ही रह गया था. क्योंकि वह सबसे ज़्यादा सेक्सी उसकी जाँघों के कारण ही लग रही थी, क्या चिकनी और मोटी जाँघें थी उसकी।

मैं तो उनको देखकर ही मस्त हो गया था. और फिर मैंने उसकी साड़ी थोड़ी और ऊपर उठाई तो मैं और भी हैरान रह गया था, क्योंकि उसको देखकर तो मुझको ऐसा लगा कि उसके शरीर से सेक्स बाहर आने को बेताब हो रहा है. वह नीले रंग की पैन्टी पहने हुए थी. और फिर मैंने उसकी मस्त जाँघों को खूब चूमा. और फिर मैंने उसकी वह पैन्टी भी निकाल दी थी और फिर मेरे सामने उसकी बिल्कुल साफ़ बिना बालों वाली चिकनी चूत थी. और फिर मैंने अपने होंठ उसकी चूत के होठों पर रख दिए थे उसकी चूत पहले से ही बहुत गीली थी. और फिर मैं उसे उसकी चूत से चूमते हुए फिर से उसकी जाँघों पर आया और फिर उसकी जाँघों से होते हुए उसके पूरे पैरों को चूमा. वह भी मुझको उस समय बड़ी ही अजीब सी निगाहों से देख रही थी. और फिर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर उठाकर खड़ा किया. और फिर हम दोनों बेड पर खड़े हुए थे. और फिर मैंने उसको अपने सीने से लगाया और फिर मैं उसकी पीठ पर और कूल्हों पर हाथ फेरने लगा. उसके बड़े-बड़े मुलायम कूल्हों से मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था।

और फिर मैंने उसकी साड़ी खोल दी थी. और फिर तब वह मेरे सामने अपने सफेद ब्लाउज और पेटीकोट में थी. उस समय उसका तो जो हाल था वह तो था ही लेकिन मेरा भी बुरा हाल था. क्योंकि मुझको तो मेरी पसन्द का शरीर जो मिल गया था. और फिर वह खड़ी थी और मैं नीचे बिस्तर पर बैठ गया था और फिर मैं उसको उसके पाँव से चूमते हुए उसकी जाँघों पर आ गया था और वह मेरे सिर के बालों को पकड़े हुए थी. और फिर मैंने अपना मुहँ उसकी चूत पर लगाया तब उसने मेरा सिर ज़ोर से उसकी चूत के ऊपर दबा दिया था. और जिससे उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और वह मचल रही थी और मैं उसकी चूत को चूस रहा था. वह फिर बेकाबू हो रही थी. और उसने खड़े-खड़े ही अपना एक पैर ऊपर उठाकर मेरे कन्धों पर रख दिया था जिससे फिर मैं उसकी चूत के बिल्कुल नीचे था. और फिर तो उसने लगभग अपना पूरा वजन मेरे मुहँ पर अपनी चूत के सहारे रख दिया था. और मैं भी लगातार उसको चूस रहा था. और फ़िर उसने अपना पैर नीचे किया और फिर मेरा सिर अपनी चूत पर ज़ोर से दबाते हुए अपने दोनों पैर फैलाकर मेरे ऊपर अपना पूरा वजन डालकर ज़ोर लगाकर मुझे बिस्तर पर लेटने के लिए मजबूर कर दिया था, और मेरा मुहँ फिर भी उसकी चूत से सटा हुआ था. और वह अपनी पूरी ताक़त से मेरा सिर अपनी चूत पर दबाए हुए थी. और फिर मैं बिस्तर पर लेट गया था और वह मेरे मुहँ पर अपनी चूत को रखकर बैठी हुई थी. और फिर वह ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत को मेरे मुहँ से रगड़ने लगी थी और उस समय वह मेरे बालों को भी पकड़े हुए थी, और वह ज़ोर-ज़ोर से हिल भी रही थी. और फिर करीब 5 मिनट तक वैसा ही करने के बाद वह झड़ गई थी. और मैं भी हाँफ रहा था. और फिर वह कुछ नीचे खिसकी और फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे. सबसे बाद में उसने मेरी अंडरवियर उतारी थी. और फिर मेरा खड़ा लंड देखकर तो वह मदहोश सी हो गई थी। दोस्तों ये मजेदार कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

सबसे पहले तो उसने मेरे लंड को प्यार से सहलाया और फिर मेरे लंड को चूमते हुई एक लम्बी साँस ली और फिर एकदम से उसने मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया था. और फिर वह मेरा लंड चूसने लगी थी. और फिर करीब 5-7 मिनट तक लंड चूसने के बाद मुझको लगा कि, अगर वह थोड़ा और चूस ले तो मैं झड़ जाऊँगा तो फिर मैंने उसको ऊपर की तरफ खींचा लेकिन उसके ऊपर आने के बाद भी उसने मेरा लंड नहीं छोड़ा. और फिर वह मेरी कमर के दोनों तरफ अपने पैर डालकर अपने घुटनों के बाल बैठकर मेरे लंड को अपनी चूत से रगड़ने लगी थी. और फिर कुछ ही देर के बाद उसने एकदम से मेरा लंड अपनी चूत के मुहँ में घुसा दिया था. और फिर वह खुद ही चीख पड़ी थी, क्योंकि मेरा लंड अन्दर नहीं जा रहा था. और फिर मैंने कुछ देर रुककर एक ज़ोरदार झटका दिया हाय कसम से क्या गरम गरम गुफा थी उसकी, मेरे लंड को तो मज़ा ही आ गया था. और साथ ही वह भी दूसरी दुनिया में चली गई थी. और फिर उसने ज़ोर से अपना पूरा वजन मेरे लंड पर ही रख दिया था. उसकी आँखें उस समय बन्द थी और मुहँ खुला हुआ था. और वह गहरी-गहरी साँसे ले रही थी. और फिर कुछ देर के बाद मैंने फिर से एक दो धक्के मारे तो फिर मेरा लंड सही जगह पर आ गया था. और फिर वह अपने दोनों हाथों के सहारे कुछ ऊपर उठी और फिर अपनी गांड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर आगे-पीछे होने लगी. वह भी उस समय बहुत ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रही थी, बहुत ताक़त थी उसमें. और वह पागलों की तरह मुझसे चुद रही थी. मेरे मुहँ के सामने उसके बड़े-बड़े बब्स लटक रहे थे जिनका मैं लगातार ही रस पी रहा था जिससे भी उसको बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर अचानक से उसने अपनी स्पीड थोड़ी और बढ़ा दी थी. और फिर वह ज़ोर-ज़ोर से आहहह… इस्सस… की आवाज़ निकाल रही थी और फिर वह एक हाथ के सहारे थी और अपने दूसरे हाथ से मेरे सिर को अपने बब्स पर दबाए हुए थी और बहुत तेज-तेज पागलों की तरह आवाज़ निकालते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रही थी. और फिर अचानक उसने बहुत ज़ोर से चीख मारी अहहा…. और फिर वह झड़ चुकी थी. और फिर वह जबरदस्त खुश हुई थी, जैसे उसको पूरा आनद मिल गया था. और फिर वह मेरे ऊपर ही लेट गई थी. और मेरा लंड तब भी उसकी चूत में ही था. वह मेरे सीने पर लेट रही थी और मैं भी बड़े ही प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरने लगा था. और फिर करीब 10-15 मिनट के बाद हम उठे और एक-एक करके बाथरूम होकर आए और फिर हम दोनों नंगे ही बेडरूम में घूम रहे थे. और फिर वह आकर बेड पर उल्टी लेट गई थी. और उसकी उभरी हुई गांड मुझे बुला रही थी. और फिर मैं उसको उसके पैरों से फिर से चूमते हुए उसकी जाँघों पर आ गया था. और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके कूल्हों पर प्यार से अपना हाथ फेरा, और फिर मैंने एक गहरी साँस लेते हुए उसके दोनों कूल्हों को अपने दोनों हाथ में लेकर दबाया. और फिर मैं अपने होठों और गालों को उसके कूल्हों पर रगड़ने लगा. और फिर करीब 10 मिनट तक मैं जी भरकर उसके कूल्हों से खेलता रहा और फिर मैं बिल्कुल उसके ऊपर आ गया था. और अपना पूरा वज़न भी उसके ऊपर रख दिया था. और फिर मैं उसकी गांड की दरार में अपने लंड को रगड़ने लगा था। दोस्तों ये मजेदार कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उसकी गांड के छेद में अपना लंड डालना चाहा तो उसने मना कर दिया और वह बोली कि, प्लीज़ यहाँ नहीं. और फिर मैं भी उसकी बात को मान गया था. और फिर मैंने उसकी दोनों जाँघों को मोड़कर उसको घोड़ी बना दिया था. और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के अन्दर कर दिया था. और फिर मैं उसके कूल्हों पर अपने दोनों हाथ रखते हुए धक्के मार रहा था. और वह भी हिल-हिलकर मेरा पूरा साथ दे रही थी. दोस्तों कसम से मुझे उस समय बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने उसको बेड पर सीधा लेटाकर उसका एक पैर उठाकर अपने कन्धे पर रख लिया था और फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुदाई करने लग गया था. और मेरी उस चुदाई से उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था. और वह आहहह… उफ्फ्फ… करके सिसकार रही थी. और फिर कुछ देर के बाद मैंने उसकी इतनी ज़ोर से चुदाई करी कि, उसको भी बहुत मजा आने लगा. और फिर करीब 20 मिनिट की चुदाई के बाद मेरे मुहँ से भी एक ज़ोर की आवाज़ निकल गई आहहह… और फिर उसने तुरंत ही मेरे मुहँ पर अपना हाथ रख दिया और फिर उसने मुझको अपने सीने पर खीँच लिया था. हम दोनों ही उस जबरदस्त चुदाई के बाद बहुत हाँफ रहे थे. और फिर हम ऐसे ही करीब 15-20 मिनट तक एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर लेटे रहे और मेरा लंड उसकी चूत में ही था. और फिर जब हम उठे तो वह बहुत खुश थी और वह मुझे बहुत देर तक चूमे जा रही थी. उसने मुझको बहुत प्यार किया और मुझे भी उस पर बहुत प्यार आया. और फिर हम दोनों ही बाथरूम में गए और फिर वहाँ एक दूसरे को साफ़ करके वापस आकर मैं अपने कपड़े पहनकर निकलने को तैयार था. और वह भी अपनी साड़ी पहन चुकी थी. और फिर वह भागकर आकर मेरे सीने से चिपक गई थी. और फिर वह मुझको चूमते हुए कहने लगी कि, मैं फिर आप को बुला सकती हूँ क्या? तो मैंने भी उससे कहा कि, हाँ क्यों नहीं मैं अभी एक महीना तो घर पर ही रहूँगा आप जब चाहे मुझको बुला लेना और यह कहते हुए मैं दरवाजे के बाहर आ गया।

और उस दिन से जो हमारा चुदाई का सिलसिला शुरू हुआ था वह आज भी वैसे ही चल रहा है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!