चुलबुली भाभी की चूत में मचाई खलबली

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम हर्षवर्धन है और सभी प्यार से मुझको हर्ष कहकर बुलाते हैं. मेरी उम्र 25 साल की है, मेरा रंग साफ़ है और जिम जाने की वजह से मेरी बॉडी भी शानदार है. दोस्तों मेरे कॉलेज के दिनों में मेरे साथ एक बहुत ही हसीन और खूबसूरत सी घटना घटी थी जिसको मैं आज आप सभी के सामने कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से लेकर आया हूँ।

दोस्तों यह बात आज से 2 साल पहले की है जब मैं अपने कॉलेज के आखरी साल की परीक्षा के बाद की छुट्टियों में अपने घर गया था. दोस्तों मैं रहता तो अहमदाबाद में ही हूँ लेकिन तब मैं अपनी पढ़ाई की वजह से कॉलेज के हॉस्टल में रहता था. मेरा घर ठीक-ठाक और काफी बड़ा है, जिसमें 1 एक परिवार और भी किरायेदार के रूप में रहता है. हमारा परिवार नीचे और वह लोग ऊपर की तरफ रहते है. मेरे घर में सिर्फ़ मेरे मम्मी-पापा ही रहते हैं और जब मैं छुट्टियों में आता था तो मैं उनके साथ रहता था।

हाँ तो दोस्तों छुट्टियों में अपने घर पहुँचने के एक दिन बाद मैं हमारे घर के हॉल में बैठकर अपने लेपटॉप पर अपने ई-मैल चेक कर रहा था कि, तभी अचानक से एक प्यारी सी आवाज़ आई, “आंटी कहा हो आप, मैं अन्दर आ जाऊँ?.” और फिर मेरी मम्मी ने उनको अन्दर आने के लिए कहा और तब मैं दरवाज़े की तरफ देख रहा था, और सोच रहा था कि, इतनी प्यारी सी आवज़ आखिर किसकी हो सकती है? और फिर जब वह घर के अन्दर आई तो दोस्तों कसम से क्या मैं आपसे क्या कहूँ मैं तो बस उसको देखता ही रहे गया था. वह एकदम गोरी चिट्टी, और अच्छे फिगर वाली, और नयी-नयी शादीशुदा, क्या बताऊँ दोस्तों उसके बब्स तो कसम से बहुत ही गजब के थे. और उसका फिगर 34-30-36 का लग रहा था. मैं तो उसको बस देखता ही रह गया था. दोस्तों उसका नाम था “पल्लवी” और फिर मैंने उसको देखा और उसने मुझको देखा. और फिर वह मुझको बिना कोई हाव-भाव दिये ही अन्दर मम्मी के पास चली गई थी और फिर वह अन्दर जाकर मम्मी के साथ बात करने लग गई थी. वह कोई चीज़ पकाना चाहती थी, तो उसको बनाते कैसे हैं वह यह पूछने के लिए मम्मी के पास आई थी।

और फिर थोड़ी देर के बाद वह चली भी गई थी और उसके जाते वक्त फिर से हमारी नज़रें आपस में मिली थी. कसम से वह तो बड़ी ही कमाल की लग रही थी. उसको देखकर मेरे तो बदन में बिजली सी दौड़ गई थी. उसके जाने के बाद मैंने मम्मी से उसके बारे में पूछा तो मम्मी ने बताया कि, वह तो हमारे ही घर पर किराये से रहती है, और उसकी अभी 6 महीने पहले ही शादी हुई है, और वह लोग नये-नये ही यहाँ पर आए हैं. मैं तो तब भी बहुत खुश हुआ कि, जब मम्मी ने मुझको बताया कि वह हमारे मकान के ऊपर वाले हिस्से में मेरे ही कमरे के बगल वाले कमरे में रहती हैं। दोस्तों मेरा पढ़ाई करने के लिये हमारे घर में ऊपर की तरफ एक कमरा था जो कि, किराये पर नहीं दिया था. पल्लवी को देखते ही मेरे मन में उसके लिए हजारों घंटियाँ एक साथ बजने लग गई थी. और अब मैं उसको पटाना चाहता था और उसके लिए मैं सारी कोशिशें कर भी रहा था. दोस्तों वह मुझसे उम्र में 3.5 साल बड़ी थी, और उसकी और मेरी बालकनी एक ही थी. और अब तो मैं रोज थोड़ा जल्दी उठकर अपनी बालकनी में बैठा रहता था, कभी पेपर पढ़ने के बहाने से तो कभी लेपटॉप लेक मैल चेक करने के बहाने से. और फिर जब भी मुझको उसको देखने का मौका मिलता था तो मैं तो बस उसको देखता ही रहता था. उसका पति तो बिल्कुल ही ढील्ले किस्म का था. पल्लवी की जोड़ी उसके साथ किसी भी कोने से नहीं जमती थी. वह सवेरे 8.30 बजे अपने काम पर निकलता था तो सीधा रात को 9-10 बजे ही वापस आता था. और दिनभर पल्लवी घर में अकेली ही रहती थी. दोस्तों मुझको उसको देखते हुए 4-5 दिन हो गए थे और तब तक वह भी समझ गई थी कि, मैं उसको ताकता रहता हूँ. और फिर एक दिन वह अपने पति के काम पर जाने के थोड़ी देर बाद गीला टावल सुखाने के लिए बालकनी में आई तो मैंने उसको अकेला देखकर उससे बातें शुरू कर दी थी।

और फिर 5-7 मिनट तक बात करने के बाद फिर वह अपने कमरे के अन्दर चली गई थी. दोस्तों मैं पहलीबार उससे बात करके बहुत खुश हुआ था. और फिर तो अब हम जब भी एक दूसरे को देखते थे तो एकदूसरे को हल्की सी मुस्कान देते थे. 5-7 दिनों से रोज बात करके अब तक हम एक-दूसरे से काफी खुल गये थे, और हम दोनों को यह भी पता था कि, हम एक दूसरे की तरफ आकर्षित भी हो रहे हैं. लेकिन हम में से कोई भी पीछे नहीं हट रहा था. और फिर एक दिन मेरा नसीब खुल ही गया था, और उसका कूलर जो कि, बालकनी की खिड़की पर लगा हुआ था वह खराब हो गया था. तो फिर मैं जब अपने कमरे से बाहर निकला तो वह अपने कूलर को देख रही थी. तो फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या हुआ ?. तो फिर उसने मुझको बताया कि, इसने आचनक से ही चलना बन्द कर दिया है।

तो फिर मैंने उनको बोला कि, ठीक हैं मैं देखता हूँ, और मैं मन ही मन बहुत खुश भी हो रहा था क्योंकि मेरे घर पर भी कोई नहीं था. मेरे पापा उनके ऑफिस गए हुए थे, और मेरी मम्मी मेरे ताईजी के घर पर किसी प्रोग्राम में गई हुई थी. और फिर मैंने उसको बोला कि, आप अन्दर कूलर के सामने बैठ जाओ और फिर जब मैं कहूँगा तब आप इसका बटन चालू या बन्द करना. और फिर वह अन्दर चली गई थी, और जाकर कूलर के सामने बैठ गई थी. और फिर मैंने उसके कूलर का पिछला हिस्सा खोला और फिर वह मुझको खिड़की से अन्दर मेरे सामने बैठी हुई दिख रही थी. दोस्तों उसने उस वक्त एक लाल रंग का गाऊन पहना हुआ था और उसका गला थोड़ा बड़ा था उस गाऊन में वह इतनी सेक्सी दिख रही थी कि, क्या बताऊँ दोस्तों. और फिर मैंने उसको कूलर का बटन चालू करने के लिए कहा तो वह कूलर के एकदम सामने बेड पर बैठी थे तो फिर वह बटन चालू करने के लिए जैसे ही झुकी उसके बब्स मुझको दिख गये थे।

दोस्तों उसके बब्स बिल्कुल दूध जैसे सफेद थे. और उसने जो टाइट ब्रा पहन रखी थी उससे उसके सफेद बब्स मे जो काले रंग की दरार दिख रही थी क्या कहूँ दोस्तों आज भी वह नजारा मेरी आँखों के सामने नज़र आ जाता है. और फिर मैं ऐसे ही उसके कूलर को ठीक करने के बहाने से उसके बब्स को देख रहा था. और फिर मैंने उससे कहा कि, बटन में ही थोड़ी दिक्कत है इसलिये आप उसको थोड़ा दबाकर रखो और फिर वह थोड़ा झुककर उस बटन को दबाकर रखे हुए थी, और मैं उसके बब्स को देख रहा था कि, तभी अचानक उसने अपनी नज़र उठाई और उसने मुझको उसके बब्स को देखते हुए देख लिया था. और फिर उसने बटन को छोड़कर अपना गाऊन आगे से थोड़ा पीछे किया तो मेरे चेहरे पर थोड़ी सी शिकन आ गई थी. और फिर उसने मेरी तरफ देखा और फिर थोड़ी सी मुस्कुराई और दोबारा से कूलर पर ध्यान देने लग गई थी. और फिर तो मैं भी समझ गया था कि, शायद वह भी कोई शरारत करने के मूड में है और वह थोड़ा भाव भी खा रही है. और फिर मुझसे उसका कूलर ठीक नहीं हुआ तो मैंने उससे कहा कि, भाभी में चलता हूँ शाम को किसी को बुलवाकर आपका कूलर दिखवा दूँगा. और फिर मैं जैसे ही वहाँ से जाने लगा तो उसने मुझको रोक दिया और कहा कि, चाय पीकर जाना तो फिर मैं भी रुक गया. और फिर वह चाय बनाने के लिए किचन में चली गई थी. और जाते समय वह अपनी गांड को खूब मटकाकर चल रही थी. और फिर वह वैसे ही मुझको दिखा-दिखाकर चाय बनाकर लेकर आई. और चाय देते समय वह फिर से झुकी और उसने मुझको फिर से स्वर्ग के दर्शन करवा दिए थे. जिसको देखकर मेरा लंड बाहर आने को तैयार हो रहा था लेकिन मैंने अपने आप को रोका, क्योंकि मुझको हल्का-सा डर भी लग रहा था. और फिर उसने मुझसे कहा कि हर्ष, तुम थोड़ी देर बैठो और तब तक मैं नहाकर आती हूँ. और फिर उसके जाने के बाद मैंने उनके बाथरूम में देखने की बहुत कोशिश करी, लेकिन मुझको कुछ भी नहीं दिखा तो मैं दोबारा से वहीं पर आकर बैठ गया था और सोचने लगा था कि, क्या करूँ? और फिर इतनी ही देर में पल्लवी भाभी भी आ गई थी।

दोस्तों कसम से वह उस समय क्या कमाल की लग रही थी लाल रंग की साड़ी और वह भी गहरे गले के ब्लाउज के साथ और ऊपर से गीले बाल. मैं तो उसको देखकर तड़प सा गया था, और फिर मैं उसको आँखें फाड़-फाड़कर देखने लगा. और फिर उसने मुझको बोला कि. ऐसे क्या देख रहे हो ?. तो मैंने उसको बोला कि, आप बहुत खूबसूरत लग रही हो. तो उसने मुझको थैंक्स बोला और फिर उसने अपने बाल मेरे मुहँ पर झटके. क्या गजब की खुशबू आ रही थी उसके बालों और उसकी बॉडी में से. दोस्तों उस अहसास से मेरा तो लंड खड़ा ही हो गया था और उसकी नजर भी मेरे खड़े लंड पर पड़ गई थी। और फिर मैंने जानबूझकर उसके सामने ही एकबार अपने लंड को मसला. लेकिन वह तो किसी और ही मस्ती मे थी. और फिर वह मेरे सामने बैठ गई थी और उसने अपना पल्लू नीचे कर दिया था जिससे ऐसा लग रहा था कि, उसके बब्स चिल्ला रहे हों कि, हमको बाहर निकालो. और फिर वह कहने लगी कि, बाहर बड़ी गर्मी है. तो फिर मैंने उससे कहा कि, लेकिन आप तो अभी नहाकर आए हो. तो फिर उसने कहा कि, तब भी मुझे बहुत गर्मी लग रही है और “मैं बहुत गरम हो रही हूँ”. तो फिर मैंने उससे कहा कि, हाँ वो तो दिख ही रहा है. दोस्तों वह साली इतनी शरारती थी कि, उसने मुझसे कहा कि, बेडरूम में चलते है, वहाँ का कूलर ठीक है… और फिर मैंने भी कहा कि, चलो. और फिर उसके बेडरूम के अन्दर जाते ही उसने अपनी अलमारी खोली और उसमें से कुछ सामान गिरा, और शायद उसने वह जानबूझकर गिराया था, और दोस्तों गिरा भी क्या था 2 जोड़ी ब्रा और पैन्टी. उनको देखकर तो मेरी तो साँसे ही रुक गई थी और फिर उसने जल्दी से उनको उठाया और वापस अन्दर रख दिया था. दोस्तों उस समय मेरी तो बहुत फट रही थी।

लेकिन फिर भी मैंने डरते हुए उनसे पूछ ही लिया कि, भाभी आपका फिगर क्या है ?. तो उसने बोला कि, मुझको तो पता नहीं और यह भी कहा कि, वह फीता रखा हुआ है उसको उठाकर तुम खुद ही नाप लो. और फिर तो मैंने झट से फीता लिया और फिर उसके बब्स पर रख दिया. और फिर मैं अपने हाथ उसके बब्स पर ले गया और फिर धीरे-धीरे उनको सहलाने भी लगा था. और फिर मैंने उसको सीधा किया और हल्के से उसके मुहँ को ऊपर उठाया और फिर हम दोनों एक-दूसरे को देखने लग गए थे. और फिर मैंने उसको बड़े ही प्यार से आई.लव.यू. कहा, और वह चुप-चाप बस मुझको ही देख रही थी. और फिर मैं थोड़ा आगे बढ़ा और फिर मैं उसके होठों पर अपने होंठ रखकर किस करने की कोशिश करी तो उसने थोड़ा पीछे हटकर मुझको मना किया तो मैंने उसका हाथ बड़े ही प्यार से अपने हाथ में लिया और फिर मैंने उसको किस किया पहले तो उसने कोई जवाब नहीं दिया पर बाद में वह भी मुझको किस करने लग गई थी. और अब हम पूरा एक दूसरे के मुहँ में मुहँ डालकर गहरा किस कर रहे थे कम से कम कम 10 मिनट तक मैं उसके होठों को चूसता ही रहा था. और फिर मैं ऊपर से ही उसके बब्स को दबाने लग गया था. और मेरे ऐसा करने से अब वह भी गरम हो चुकी थी. और वह लम्बी-लम्बी साँसे छोड़ते हुए आवाज़ भी कर रही थी, और पागलों के जैसे मुझको किस भी कर रही थी. और फिर मैंने उसको खड़ा किया और फिर मैंने उसकी साड़ी को खोलना शुरू कर दिया था। और फिर जब मैंने उसकी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट खोल दिए थे तो मैंने देखा कि, उसने अन्दर उसी रंग की ब्रा और पैन्टी पहन रखी थी, और वह भी बहुत सुंदर डिज़ाइन वाली जिसमें वह क्या गजब की सेक्सी दिख रही थी. और वह थोड़ा शरमा भी रही थी. और फिर मैंने उसको फिर से अच्छे से किस किया और किस करते-करते ही नीचे उसके बब्स पर भी किस करने लग गया था और तब तक उसने भी मेरी शर्ट के बटन खोल दिए थे. और फिर मैंने धीरे से उसकी ब्रा निकाली तो क्या बताऊँ दोस्तों उसके बब्स को देखकर तो मेरे होश ही उड़ गये थे, क्योंकि मैं पहली बार इतने सुडोल बब्स देख रहा था।

और फिर तो मैं पागलों की तरह उसके बब्स को दबा रहा था. और फिर मैं उसके निप्पल अपने को मुहँ में लेकर चूसने लग गया था. और फिर तो वह भी पागलों की तरह कर रही थी और बोले जा रही थी कि, और दबाओ जान आज खुश कर दो मुझको, आज से मैं तुम्हारी बीबी हूँ करो जैसा चाहते हो खुश कर दो इतनी देर से मैं तुमको तडपा रही थी, आज चोद डालो मुझे. उसके बब्स को दबाते-दबाते मैं नीचे उसके पेट पर भी किस करता गया. और अब मैं उसकी पैन्टी के पास आया तो इतनी देर में उसके पैन्टी गीली हो चुकी थी. और फिर मैंने धीरे से उसकी पैन्टी को नीचे सरकाया और फिर तो क्या था दोस्तों मैं तो उसकी फूली हुई गोरी एकदम साफ़ और गुलाबी होठों वाली चूत को देखता ही रह गया था. और फिर मैं उसकी चूत को पागलों की तरह चाटने लग गया था. और अब तो वह भी पूरी तरह से गरम हो गई थी और वह मेरे बालों को खींचते हुए मुझसे बोली कि, मेरे राजा अब और सब्र नहीं होता करो कुछ तो. लेकिन मैं तब भी नहीं माना और उसको बेड पर लेटाकर जोरों से उसकी चूत को चाटने लगा था जिससे अब उसकी आवाज़ और बढ़ने लगी थी आहहह… ह्ममम्म… डाल भी दो अब और मत तड़पाओ प्लीज़ मुझे अपनी रंडी बना लो. और फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत में जैसे ही डाला तो वह बहुत उत्तेजित हो गई थी और बोलने लगी कि, बस भी करो नहीं तो मैं अपना सारा पानी तुम्हारे मुहँ में ही छोड़ दूँगी, और फिर वह उठकर बैठ गई थी. और वह मुझको पागलों की तरह किस करने लगी थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, अब मुझको भी कुछ करने दो. और फिर फिर उसने मुझको खड़ा करके मेरे कपड़े उतरना शुरू किया और अब तक मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था जो कि, 7 इंच लंबा और 3 इच मोटा हैं. और फिर जैसे ही उसने मेरी अंडरवियर को उतारा तो मेरा लंड झट से उसके सामने आ गया था. और फिर उसको देखते ही उसकी आँखें बड़ी हो गई थी. और फिर उसने बड़े ही प्यार से मेरी तरफ देखा और फिर मेरे लंड को पकड़कर अपने हाथ से आगे-पीछे करने लग गई थी. और फिर मैंने उसको बोला कि, इसको अपने मुहँ में भी लो ना. तो फिर उसने मेरी तरफ देखते हुए बड़े ही प्यार से मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया था. और फिर वह उसको अपने मुहँ में आगे-पीछे करने लगी थी. दोस्तों क्या बताऊँ मैं तो उस समय सातवें आसमान पर था. और फिर थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद मैंने उसको बिस्तर पर लिटाया और फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया था, और उसको खूब किस करने लगा और तब उसने बोला कि, डार्लिंग अब और इन्तजार नहीं होता डालो इसको मेरी चूत में. और फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा तो उसने मुझको रोक लिया और बोली कि, थोड़ा धीरे से करना क्योंकि इतना बड़ा लंड मैं आज पहली बार देख रही हूँ. और फिर मैंने भी उसको हाँ कहते हुए अपने लंड का टोपा उसकी चूत में डाला तो उतने में ही उसके आँखें बड़ी हो गई थी. और फिर जब मैंने एक झटका मारा तो उसकी एक चीख निकल गई थी. और फिर मैं रुक गया था. और फिर थोड़ा रुककर फिर से धीरे-धीरे आगे-पीछे होने लगा. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने एक और जोरदार झटका मारा तो उसकी एक और चीख निकल गई थी. और फिर मैंने उसके मुहँ पर अपना हाथ रख दिया था, पर तब तक मेरा आधा लंड उसकी चूत के अन्दर जा चुका था और वह अपनी गर्दन को हिलाकर ना ना बोल रही थी, और मैं धीरे-धीरे आगे-पीछे कर रहा था।

और अब तो उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और मेरा आधा लंड भी खूब मस्त तरीके से आगे-पीछे हो रहा था. और फिर अब तो वह भी थोड़ी सामान्य हो गई थी और तब मैंने एक और जोरदार झटका मारा और इसबार अपना पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में सरररर करते हुए घुसेड दिया था जिससे उसकी एक तेज चीख निकल गई थी और उसने मुझको बुरी तरह से जकड़ रखा था. और फिर मैं थोड़ी देर तक वैसे ही पड़ा रहा बिना लंड को हिलाए और फिर जब वह थोड़ी शांत हुई तो मैंने अपना लंड फिर से धीरे-धीरे से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया था, और अब तो उसको भी मज़ा आने लगा था। मेरा पूरा लंड जब उसकी चूत में था तब तो मैं सातवें आसमान पर था और वह भी मुझको बहुत ही प्यार से देख रही थी और फिर वह अपनी आँखों को बन्द करके उन खूबसूरत पलों के मज़े लेने लग गई थी. और अब तो वह कहने लग गई थी कि, जान और जोर से चोदो मुझको फ़ाआड़ दो म्म्मेरी चूत को आज आहहह… मेरे राजा तुमने तो आज मुझको खुश कर दिया, क्या मस्त लंड है तुम्हारा तो आहहह… और ज़ोर से मेरे राजा तुम्हारी यह रंडी कब से ऐसी ही चुदाई के लिए तड़प रही थी मेरी जान आहहह… और फिर लगातार 30-40 मिनट की चुदाई के बाद वह झड़ गई थी और उसके बाद ही मैं भी झड़ने वाला था तो उसने मुजको खुद से चिपकाकर बोला कि डाल दो अपना पूरा रस मेरी चूत के अन्दर ही बहुत प्यासी है मेरी चूत आज तुम इसकी प्यास बुझा दो मेरे राजा आज से मैं तुम्हारी हूँ. और फिर उसके कहने के बाद मैंने अपनी स्पीड बधाई और फिर मैंने 8-10 धक्कों के काद उसकी चूत के अन्दर ही अपना पूरा रस छोड़ दिया था।

और फिर हम दोनों एक दूसरे को कसकर पकड़कर लिपटकर कुछ देर तक बिना बोले शांत ही पड़े रहे. और फिर थोड़ी देर के बाद फिर से मैंने उसकी तरफ देखा तो वह बहुत खुश लग रही थी. और फिर उसने मुझको किस करना शुरु कर दिया और फिर हमने खूब किस किया और फिर वह बोली कि, हर्ष तुम बहुत अच्छे हो, और आज वाकई में तुमने मुझको बहुत खुश कर दिया है और मेरी सारी इच्छा को पूरी कर दिया है। दोस्तों उस दिन के बाद तो यह हमारा रोज का ही काम हो गया था, और जो आज तक चलता आ रहा है. पल्लवी भाभी ने मुझसे हुए एक बच्चे को भी जन्म दिया है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!