चूत मारे चूतिया और गांड मारे सूरमा

आप सभी लंड वालों Antarvasna और चूत वालियों को मेरा सलाम दोस्तों मेरा नाम राहुल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और मैं समझ सकता हूँ कि उन देवरों की पुकार जो अपनी मालभरी भाभीयों को देखकर सिसकियों में कई साल काट देते है। वैसे हम भी उन लोगों में से ही थे,लेकिन मैंने मौक़ा पाकर और मौका देखकर चौका मार ही दिया था। और मैं आज आपको मेरी कहानी को आप सबकी खिदमत में पेश कर रहा हूँ। जिसे पढ़कर आप लोग अपने लंड से पानी छोड़ देंगे और कोमल सी लडकियाँ अपनी चूत से। दोस्तों ये मज़ेदार सेक्स कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

बात तब की है जब मैं स्कूल में पढ़ता था, उम्र होगी यही कोई 20 साल तब तक मुझे इन सब चीज़ों का इतना पता नहीं था। एक दिन मुझे किसी काम से अपने पड़ोस में जाना पड़ा जब में उनकी सीढ़ियाँ चढ़ता हुआ ऊपर पहुँचा तो मैंने उनको पुकारा पर कोई आवाज़ नहीं आई घर काफ़ी बड़ा था मैं घर के अन्दर चला गया की शायद अन्दर कोई होगा, अन्दर गया तो देखा की एक खिड़की से कुछ अजीब सा ही नज़ारा देखने को मिला कमरे में भाभी घोड़ी बनी हुई थी और उनका पति अपने 6″ के लोड़े से उन्हें धीरे-धीरे चोद रहा था ये दोपहर की बात है समय होगा कोई 1:30 का मैंने ये काम पहली बार देखा था फिर यह नज़ारा देखकर मैं वहां से चलने को हुआ पर मन किया एक बार और देख लूँ। मैं खिड़की के पास खड़ा होकर देखने लगा भाभी बहुत सुन्दर है और उनका शरीर तो ऐसा है की देखने वाला एक मिनट में अपने लंड से पानी छोड़ दे। जब वो पानी लाने या किसी और काम से घर से बाहर निकलती हैं तो गली के सभी लड़के और आदमी उन्हीं को देखते है उनकी विशेषता उनके चूतड़ है उनकी चुचिया ना तो ज़्यादा मोटी है और ना ही ज़्यादा छोटी है। हाँ तो दोस्तों फिर मैंने देखा के भैया ने अपना लंड बाहर निकाल लिया था और कुछ बोल रहे थे मैंने ध्यान से सुना भाभी कह रही थी मैंने आपको इतनी बार कह दिया आप सुन भी लिया करो कभी तो। भैया बोले कि नहीं वो सब मुझसे नहीं होगा और वो ग़लत भी है. और फिर भाभी को गुस्सा आ गया तो वह बोली इसमें क्या ग़लत है? मैं क्या किसी और से कह रहीं हूँ कि, अपना यह लौड़ा कभी मेरी गांड में भी घुसा दिया करो जब मेरा मन करता है गांड में लंड डलवाने का तो मैं तो तुम से ही तो कहूँगी ना? और फिर भैया को भी गुस्सा आ गया और उन्होंने भाभी को बिना अपने लंड से पानी छोड़े ही कपड़े पहन लिए मुझे लगा अब मुझे कुछ आवाज़ करनी चाहिए ताकि उनको लगे कि, मैं अभी आया हूँ. और फिर मैं वापस गेट पर गया और आवाज़ लगाई भाभी जी अन्दर से आवाज़ आई “अभी आती हूँ” भाभी ने काले कलर का सूट पहना हुआ था और पटियाला सलवार में उनकी गांड अलग ही दिख रही थी।

मेरा मन तो कर रहा था की अभी उनको घोड़ी बनाकर उनकी इच्छा पूरी कर दूँ मैं उनको बताना चाहता था की मैं उनकी गांड का ही दीवाना हूँ, और फिर मैंने उनको वो काम बताया जो मम्मी ने मुझे उनको बताने को बोला था और मैं चला गया उसके बाद पूरा दिन मेरी आँखो के सामने रश्मि भाभी के गोरे- गोरे बड़े चूतड़ घूम रहे थे मेरा लंड इस बात को सोचकर ही खड़ा हो जाता था कि, उनको गांड मरवानी है और कोई उनकी मार नहीं रहा है और फिर मैंने सोच लिया था कि, मैं एकबार कोशिश ज़रूर करूँगा और फिर मैं मौके की तलाश में रहने लगा कि, कब मौका मिले. और फिर संयोग से उसी दिन रात को करीब 1:00 बजे मैं पेशाब करने के लिए उठा और उनका पूरा आँगन हमारे घर की छत से साफ-साफ दिखता है और फिर मैंने देखा कि, वो सीढ़ियों से नीचे आ रही हैं और फिर मैं छुपकर के उनको देखने लगा और फिर उन्होनें आँगन में आकर उधर-उधर देखा और फिर अपनी सलवार का नाडा खोलकर के पैशाब करने बैठ गई थी, दोस्तों उस समय मेरा लौड़ा तो बेकाबू हो रहा था और मैं तो चाहता था कि, वह एकबार मुझे देख ले और मैं उसको ही देखता रहा और फिर तभी मैं जानबूझकर थोड़ी रोशनी में आ गया था ताकि उसको पता चल जाए कि, मैं उसके नंगे चूतड़ को देख रहा हूँ।

और फिर उसने मुझको देखा और फिर वह जल्दी से उठ गई और फिर उसने अपनी सलवार का नाडा बाँधते हुए मेरी तरफ देखा. और एकबार ऊपर की तरफ देखकर वह फिर से मुझे देखने लगी और फिर मैंने उसको ऐसा महसूस करवाया कि, किया जैसे मेरा ध्यान उसकी तरफ नहीं है मेरा लंड 7″ का लम्बा और 3” मोटा हो गया था और फिर मैंने जानबूझकर खड़े-खड़े ही अपना लंड बाहर निकाला और पैशाब करने का नाटक करने लगा मैं लाइट में खड़ा था और मुझे पता था कि, वह भी मेरा लंड देख रही है और मैं भी उसको अपनी कनखियों से देख रहा था और फिर उसने भी दूसरी तरफ अपना मुहँ करके और गांड मेरी तरफ करके दोबारा अपनी सलवार का नाडा खोल दिया था और फिर हल्के से खाँसते हुए बैठ गई थी और फिर मैं ध्यान से उसे देखने लगा और उसके कूल्हों की चौड़ाई को देखकर मैं वहीं पर खड़ा-खड़ा मुठ मारने लगा था और मेरे बदन में आग लगी हुई थी. और फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से मूठ मार रहा था और तभी वह आगे की और झुकती हुई खड़ी हो गई थी और अभी तक उसकी सलवार नीचे ही थी और मैं मस्ती में अपने लंड को आगे-पीछे कर रहा था और तभी अचानक उसने मुझे देख लिया और ऐसा नाटक किया की उसने मुझे अभी देखा है तब उसने इतमीनान से अपनी सलवार का नाडा बाँध लिया. आँगन को पार करके एक कमरा है जिसमें उनके जानवरों का कुछ भूसा और अनाज़ रखा रहता है उस कमरे के दरवाजे पर जाकर वह खड़ी हो गई थी और फिर वह मेरी तरफ देखने लगी और अबकी बार तो मैं भी उसी को देख रहा था और मेरा मन भी वहाँ जाने को कर रहा था पर हिम्मत नहीं हो रही थी. और फिर वह अन्दर चली गई थी और मैं वहीं खड़ा रहा था और फिर उसने कमरे के अन्दर का बल्ब बंद कर दिया था. और फिर मैंने भी सोचा कि, अभी नहीं गया तो फिर कभी नहीं जा पाऊँगा. और फिर मैं नीचे आ गया था और अब मुझको उनके और अपने घर के बीच की दीवार फाँदनी थी।

और फिर मैंने इधर-उधर देखा और फिर मैं दीवार पर चढ़कर उनकी साइड में धीरे से उतर गया था. और फिर मैं बड़ी सावधानी से चलता हुआ उस कमरे तक पहुँचा और फिर हिम्मत करके अन्दर घुस गया था और वह दरवाजे के पास ही खड़ी थी. और फिर मेरे अन्दर जाते ही उसने दरवाजा धीरे से अन्दर से बन्द कर लिया था और फिर उसने मुझे पकड़ लिया था और फिर तेज़-तेज़ साँसे लेते हुए धीरे से कहा कि, क्या देख रहे थे मैंने हिम्मत करके जवाब दिया कि, आप दुनिया की सबसे सेक्सी औरत हो। और फिर वह बिना किसी झिझक के बोल रही थी कि, क्यूँ मुझमें ऐसा क्या है? तो मैंने कहा कि, आपकी पिछली साइड ने मुझे दीवाना बना दिया है जब आप चलती हो तो मन करता है कि, और फिर मैं कहते-कहते ही रुक गया था तो उसने मुझसे कहा कि, रूको मत और ना ही शरमाओ और साफ-साफ कहो कि, तुम क्या कह रहे थे. तो फिर मैंने कहा मुझे आपकी गांड बहुत अच्छी लगती है वो बोली अब तो तुमने इसे नंगा देख लिया है अब क्या चाहते हो. मैंने तोड़ा अटकते हुए कहा में इसे छुना चाहता हूँ उसने झट से मेरा हाथ पकड़कर अपने पीछे लगा लिया तब मुझे पता चला की उसने अंधेरे में सलवार उतार दी थी. और उसका बदन बहुत ज़्यादा गरम लग रहा था मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था अब तो उसे काबू करना मेरे बस से बाहर हो गया उसने मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया और उसे ज़ोर से मसलते हुए बोली मुझे गांड मरवाना बहुत ज़्यादा पसंद है पर तुम्हारा लंड देखकर अब मुझसे रहा नहीं जा रहा और फिर वह नीचे बैठ गई थी और फिर वह मेरे 7″ के लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी थी फिर उसने थोड़ा रुकते हुए बताया कि शादी से पहले कैसे उसके चाचा ने केवल उसकी गांड की ही चुदाई इतनी बार की है कि, तबसे उसको केवल गांड मरवाने का ही मन करता रहता है पर मेरे पति तो मेरी सुनते ही नहीं है रश्मि भाभी मेरा लंड चूस रही थी, और फिर मैंने कहा कि, लाइट जला देता हूँ तो उसने पहले तो मना किया पर फिर कुछ सोचते हुए फिर खुद ने ही लाइट जला दी।

उसका बदन लाइट से जगमगा उठा था. उसका मुहँ दीवार की तरफ था और गांड बाहर की तरफ निकली हुई मुझे बुला रही थी और मैं तो एकदम बावला सा हो गया था. और फिर मैंने उससे कहा कि तेरे चूतड़ देखकर तो मेरा लंड ऐसे ही पानी छोड़ने वाला है. जल्दी से कुछ लगाने का दो तो फिर उसने पास की अलमारी से थोड़ा सा तेल लेकर मेरे लंड पर और थोड़ा सा अपनी गांड पर भी लगा लिया था और अब तो रास्ता साफ था. तो मैंने उसको एकबार अपनी मस्त चाल में चलने को कहा. तो वह मेरे सामने अपनी कमर को मटकाती हुई चलने लगी अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने दौड़कर उसे पकड़ लिया और फिर मैं अपना लंड उसके कूल्हों के बीच में रगड़ने लगा और वह भी आहें भरने लगी थी. और फिर मैंने उसे आगे की तरफ झुका दिया था और फिर मैंने उसको घोड़ी बनने को कहा. और फिर जैसे ही वो झुकी तो उसकी चूत बाहर को निकल गई थी और उसके इस पोज़ को देखकर तो पेशेवर रंडी भी शरमा जाए और अब तो मेरे लिये भी रुकना नामुमकिन था, और फिर मैंने अपना लंड उसके पीछे चिपका दिया था तेल में चिकना होने के कारण मेरा लंड फिसलकर उसकी चूत में घुस गया था, और फिर मुझे इतना अच्छा लगा कि, जैसे मुझको कोई स्वर्ग मिल गया हो. और फिर उसने कहा कि, बाहर निकालो और पहले मेरी गांड की खुजली मिटाओ और फिर चाहे जो कर लेना और फिर उसने मेरा लंड पकड़कर बाहर निकाला और फिर उसने उसको अपने कूल्हों के ठीक बीच में डाल लिया था और अब उसने अपना सारा वजन मेरे लंड पर डाल दिया था जिससे मेरा लम्बा लंड उसकी गांड में पूरा चला गया था. और फिर वह हाँफने लगी थी और फिर बोली कि, इतना मज़ा उसे आज से पहले कभी भी नहीं आया था और अब उसने मुझसे कहा कि, में उसे जितनी बुरी तरह से चोदना चाहूं चोद सकता हूँ तो फिर मैंने अब धक्के लगाने शुरू किए और फच-फच की आवाज़ आने लगी मैं अपना पूरा लंड बाहर निकालता और फिर से अन्दर डाल देता मुझे ऐसा करने में बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था। दोस्तों ये मजेदार सेक्स कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसने अपनी आँखे बंद की हुई थी और मज़े में बड़बड़ा रही थी, आज मेरे गोरे चूतड़ अपने लंड के पानी से पूरी तरह भर दे. तो फिर मैंने उससे कहा कि, हाँ भाभी तेरे चूतड़ में मैं अपना सारा माल छोड़ दूँगा. और फिर उसने कहा कि और ज़ोर से चोद डाल आज अपनी भूख मिटा ले अब से रोज़ रात को मेरी गांड मार लिया कर। अब मुझे लगा कि मेरा पानी निकलने वाला है तो मैंने मशीन की तरह से चोदना शुरू कर दिया था तो उसने मुझसे कहा कि, अन्दर ही भर दे और फिर मैंने उसे औंधे मुहँ लेटा लिया और उसके ऊपर लेट गया और फिर मैंने उसे 20 मिनट तक ज़ोर-ज़ोर से चोदा और तब उसकी चूत से भी पानी बह रहा था और फिर मेरा लंड भी जब अपना पानी छोड़ने लगा तो मैंने उसे अन्दर तक डाल दिया था। मैंने अपना लंड बाहर निकालना चाहा लेकिन मैंने उसको नहीं निकाला, क्युंकी उसकी गांड में ही मेरी जान बसी हुई थी. मैं पूरे जोश से दना-दन अपना लंड पेलता गया और फिर आख़िर में उसकी गांड में मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और फिर मैंने उन्हें बहुत प्यार किया। उसने भी मेरा लंड अपने दोनों कूल्हों के बीच में भींच लिया था और कहा कि, वादा करो कि, इतना ही मज़ा मुझे तुम रोज़ या जब भी मैं कहूँगी दोगे. तो मैंने उससे कहा कि, रश्मि भाभी मेरी तो लॉटरी ही निकल गई है आपकी गांड मारकर, और अब तो जब भी आप बुलाओगी तो मैं आपकी खिदमत में हाज़िर हो जाऊँगा।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!