मामी ने लिया लौड़ा खैंचकर

हाय फ्रेंड्स, मैं कुनाल नागपुर Antarvasna से एकबार फिर से आपको चूत का स्वाद चखाने के लिए हाजिर हूँ. मैं एक 23 साल का साधारण जवान लड़का हूँ और मैं चूत का बहुत प्यासा हूँ. दोस्तों आज मैं आप सभी के लिए मेरी एक जवान और बहुत खूबसूरत मामी के साथ हुई मेरी कामलीला की कहानी को इस वेबसाइट के माध्यम से लेकर आया हूँ. मैं अपने मामा के यहाँ पर हरबार ही छुट्टियों में जाता हूँ।

दोस्तों मेरी मामी एक ग्रहणी है और वह 90 से.मी. की पैन्टी पहनती है. वह ब्रा नहीं पहनती तो उसके बड़े-बड़े बब्स गहरे भूरे रंग के निप्पल के साथ नज़र आ जाते है. जिससे मेरा लंड मेरी पेन्ट में ही तन जाता है।

यह कहानी लिखने से पहले भी मैंने मेरी मामी को मामा की गैर-मौजूदगी में कई बार चोदा था उनके वापस आने तक. और उसके बाद हमको कभी मौका ही नहीं मिला सेक्स करने का. और फिर ऐसे ही 2 महीने बीत गये थे और अगले साल फिर मेरे कॉलेज में मेरी परीक्षा ख़त्म हो गई थी. तो मैं अपने मामा के घर रहने चला गया था, लेकिन अफ़सोस मैं उन छुट्टियों में भी अपनी मामी को चोद नहीं पाया था मैं सिर्फ़ उसके कभी-कभी बब्स ही दबा देता था और गांड को सहला लेता था. लेकिन फिर मैंने ठान लिया था कि, कैसे भी करके मामी को इसबार चोदकर ही जाऊँगा तो मैंने अपनी छुट्टियाँ खत्म होने के बाद भी अपने घर नहीं गया था. और मैं वहीँ पर रुका रहा और तब उनके बच्चे का स्कूल शुरू हो गया था तो घर पर सुबह 10 बजे के बाद में मामी और एक नौकरानी ही रह जाते थे. और फिर एक दिन उनके बच्चे के सुबह 7.30 बजे स्कूल चले जाने के बाद मैं उठा तो मामी नहाने जा रही थी तो मैंने उनके पीछे से उनकी गांड पर मार दिया तो वह एकदम से चौंक गई थी और फिर वह मेरी तरफ मुस्कुराकर जाने लगी, अभी भी मेरे मामा घर पर ही थे. तो फिर मैं सीधा मामी को बाथरूम में लेकर गया और दरवाजा बन्द करके सीधा उनको चूमना शुरू किया, वो मुझको मना कर रही थी लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था. तो मैं अपना एक हाथ उसके बब्स पर रखकर दबा रहा था और अपने दूसरे हाथ से उसकी चूत को मसल रहा था. और फिर थोड़ी देर के बाद तो मामी भी जोश में आकर मेरा साथ देने लगी थी. और फिर हम दोनों एक दूसरे की जीभ को चूसने लग गए थे. और फिर मैंने मेरे और उनके दोनों के कपड़े उतारे तो अब वह मेरे सामने अपनी पैन्टी में ही थी।

और फिर मैंने शावर चालू किया और हम दोनों एक दूसरे को मालिश करते हुए नहलाने लगे थे, हम दोनों आवाज़ कम कर रहे थे क्योंकि मामाजी हमारी अन्दर की कामलीला को सुन ना ले. और फिर मैंने मामी की पैन्टी को उतारा तो मैंने उनकी बालों के बीच में छिपी हुई प्यारी सी चूत को देखा तो मैं सीधा ही उसपर टूट पड़ा था और फिर मैंने उसको अपने मुहँ में भरकर चूसना शुरू कर दिया था। और फिर मेरा लंड भी अब अपने पूरे आकर में आने लग गया था और फिर मामी ने भी मेरी अंडरवियर उतार दी थी, और फिर मैंने नीचे बाथरूम के फर्श पर मामी की साड़ी और पेटीकोट को फैला दिया था. और फिर हम 69 की पोज़िशन में आकर एक दूसरे के सेक्सी अंगों को चूसने लग गए थे. और फिर मैंने अपनी चूसने की रफ़्तार को थोड़ा और बढ़ाया तो मामी सिसकारियाँ लेने लग गई थी आहहह… उमम्म… आहहह… करने लग गई थी, और इधर मेरी भी हालत कुछ वैसी ही थी. और फिर करीब 15 मिनट के बाद हम दोनों ही झड़ गये थे. और फिर हम दोनों ने अच्छे से नहाना शुरू कर दिया था। और अभी तक मेरे मामा सो ही रहे थे तो मामी झट से नहाने के बाद बाहर अपने पेटीकोट में ही आ गई थी और फिर बाहर सब ठीक है क्या यह देखकर उन्होनें मुझको भी बाथरूम से बाहर बुलाया तो फिर अपने कमरे में और मामी अपने बेडरूम में चली गई थी. और फिर 9.30 बजे तक मामा भी ऑफीस के लिए चले गये थे तब तक मामी अपना घर का काम करती रही और मैं भी टीवी देखता रहा. मेरी अभी भी पूरी प्यास नहीं बूझी थी और सुबह-सुबह हुए सेक्स को सोचते-सोचते मेरा लंड फिर से तन गया था. और फिर मैं मामी की तरफ जा रहा था तभी मामी की नौकरानी आ गई थी कपड़े और बर्तन धोने के लिए।

मुझको तो उस समय उसपर गुस्सा आ रहा था और मैंने भी मन में ठान लिया था कि, आज तो मामी को हर कीमत पर चोदकर ही रहूँगा, तो फिर मैंने उस नौकरानी को कपड़े और बर्तन एक साथ ही साफ़ करने के लिए दे दिए थे. मामी के यहाँ पर यह सब काम नीचे जाकर करना पड़ता था. तो अब मैंने घर के सब दरवाजे बंद किए, और अब सिर्फ़ मैं और मेरी सेक्सी मामी ही घर के अन्दर थे. और फिर मैं झट से किचन में गया तो मामी मेरी तरफ पीठ करके रसोई का काम कर रही थी, तो फिर मैंने उनको एकदम से पीछे से जाकर पकड़ लिया था और फिर उनकी गर्दन पर पीछे से ही किस करने लगा. और वह भी सुबह के सेक्स से पूरी तरह से सन्तुष्ट नहीं हुई थी तो वह भी फिर से मज़े लेने लग गई थी. पर फिर भी वह नौकरानी के आ जाने के डर से मुझको मना करने लगी थी।

और फिर मैंने उनको बता दिया कि, वह तो अब पूरे 2 घन्टे तक अन्दर नहीं आएगी तो फिर वह अब मान गई थी. और फिर मैंने उनको सीधा किया और फिर मैं उनके होठों पर किस करने लगा, तो मामी भी मेरा अब पूरा साथ दे रही थी और फिर वह भी गरम होने लगी थी, और फिर मैंने उनका ब्लाउज खोल दिया और फिर मैं उनके बड़े-बड़े बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा था. और अपने एक हाथ से दूसरे बब्स के निप्पल को मसलने लगा तो वह मचली और आवाजें लगाने लगी उम्मम्म… आहहह… और अपने होठों को भी काटने लगी थी। और जब मैंने अपनी मामी को पूरा गरम किया तो मामी ने भी मेरी पेन्ट में हाथ डालकर मेरे खड़े लंड को भी आज़ाद किया और फिर वह उसको अपने हाथ में लेकर ऊपर-नीचे करने लगी. और फिर मैं भी अब अपने एक हाथ से उनकी चूत को उनकी पैन्टी के ऊपर से मसल रहा था. और फिर अब हम बड़े मजे से एक दूसरे के शरीर के मज़े ले रहे थे. और मामी की चूत का तो इस बीच 2 बार पानी छूट गया था और उनकी पैन्टी पूरी गीली हो गई थी. और फिर मैं मामी की साड़ी को उतारने लगा पर मामी ने ऐसे ही ऊपर से ही करने को कहा तो मैंने नीचे जाकर उनकी पैन्टी निकाली. उन्होनें उस समय एक पीले रंग की फूलों वाली पैन्टी पहनी हुई थी।

दोस्तों मुझको उनकी पैन्टी बहुत पसन्द है तो फिर मैं उसको सूंघने लगा और फिर मैंने उसको चाट भी लिया था. और फिर मैंने अपनी मामी की साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठाया और फिर सीधा मैंने अपना सिर उनकी चूत पर लगाकर ज़ोर-ज़ोर से उसको चूसने लगा तो मामी भी अब पूरे मजे से मोन करने लगी थी आहहह… इस्सस… और ज़ोर से चूस. मामी खड़ी थी और मैं उनकी चूत को चूस रहा था और वह मेरे बालों में ऊँगलियाँ कर रही थी. और फिर ऐसे ही आधा घंटा निकल गया था. और अब हमारे पास समय भी कम था, क्योंकि नौकरानी कभी भी आ सकती थी. तो फिर मैंने उनको नीचे लेटा दिया और फिर अपने लंड को उनके मुहँ में पेल दिया. और फिर उन्होनें भी उसको बड़े ही मजे से लोलीपोप की तरह चूसते हुए जब मेरा माल निकला तो वह उसने पूरा ही निगल लिया था. और मैं अब ठंडा पड़ गया था तो मामी ने लगातार ही मेरे लंड को चूसते हुए उसको फिर से खड़ा कर दिया था।

और फिर मैंने उनको एक कुत्तिया की तरह खड़ा किया. और फिर मैंने अपने लंड के टोपे को उनकी बाल वाली चूत के छेद पर टिका दिया था और फिर लगाया एक झटका तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में सररर करते हुए अन्दर चला गया था और उससे मामी ज़ोर से चीख पड़ी थी. और फिर मैं भी थोड़ी देर तक रुका और फिर धीरे-धीरे झटके देने लगा. और अब तो मामी भी मज़े ले रही तो और मोन भी कर रही थी आहहह… उहहह… एम्म मार डाअल्ल्ला आज्ज्जज्ज तो मुज्जझे।

और फिर मैंने मेरा लंड फिर से बाहर निकाला और फिर मैंने उनको किचन के प्लेटफार्म से चिपकाकर खड़ा किया, और फिर उनका एक पैर उठाकर अपने कन्धे पर रखा, और फिर उनकी साड़ी को भी ऊपर करके मैंने अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया. और इस बार मामी को थोड़ा दर्द कम हुआ था लेकिन मैं इसबार तेजी से झटके लगा रहा था. और फिर मामी ने उनके होठों को मेरे होठों से जोड़ा और फिर वह मेरी जीभ को ज़ोर से चूसने लगी थी. दोस्तों कसम से वह क्या अहसास था यह मैं आपको शब्दों में नहीं बता सकता हूँ. हम तो मानो किसी जन्नत की सैर कर रहे थे, और एक दूसरे को चूसते हुए सेक्स कर रहे थे. और फिर मैं धक्के लगाते हुए मामी के बब्स को पीने लग गया था और वह आहहह… इस्सस… करके तेजी से साँसे भर रही थी। और फिर मैंने मामी को किचन के प्लेटफार्म के सहारे ही उल्टा किया और फिर पीछे से उनकी चूत में अपना लंड घुसा दिया और फिर मैं अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को दबाते हुए उसको पेलने लगा. तो वह भी ज़ोर-ज़ोर से उम्म्म माररररर डालल्ल्ल्ला साले ने कहने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो फिर मैंने भी उसको किस करके आई.लव.यू. कहकर और ज़ोर से उसको पेलने लगा और मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मार-मारकर उसको पूरा लाल कर दिया. और मेरी मामी अभी तक 3 बार झड़ चुकी थी और अब मेरी बारी थी तो मैंने उनको नीचे लिटाकर उनकी चूत में ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा. और फिर जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और फिर उनके पेट पर ही अपना सारा माल गिरा दिया. और फिर मैं उनके साइड में उनके बब्स को पकड़कर लेटा रहा।

और फिर हमारी उस चुदाई को 2 घन्टे से भी ज्यादा टाइम हो चुका था और मामी अभी भी लम्बी-लम्बी साँसे ले रही थी. तो फिर मैंने उठकर उनको एक लम्बा किस दिया और फिर मैंने ही उनको ब्लाउज और पैन्टी पहना दी थी. मुझको मामी को अपने हाथों से कपड़े पहनाना बहुत अच्छा लग रहा था. और फिर मैं मामी के होठों को किस करके हॉल में आकर के टीवी देखने लगा और मामी भी अपना बचा हुआ काम करने लगी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!