चूत की अमानत को चूत में ही डाला

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम Antarvasna भरत है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं गाजियाबाद का रहने वाला हूँ. मैं यहाँ पर एक ऑटो-पार्ट्स की दुकान में मशीन ऑपरेटर का काम करता हूँ और मैं यहीं पर एक कमरा किराये पर लेकर रहता हूँ. दोस्तों मैं एकदम कुँवारा हूँ और यहाँ पर अकेला ही रहता हूँ. और इसी वजह से मैं अपने अकेलेपन में बैठकर कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ और कभी-कभी अपने मोबाईल पर सेक्सी वीडियो भी देख लेता हूँ. लेकिन दोस्तों जो मजा सेक्सी कहानियाँ पढ़ने में आता है वह मजा सेक्सी वीडियो देखने में नहीं आता है क्योंकि वीडियो में तो आवाज़ भी होती है तो किसी को भी आसानी से पता चल जाता है कि, हम क्या देख रहे है, पर सेक्सी कहानी पढ़ने में किसी को भी कुछ पता नहीं चलता है।

हाँ तो दोस्तों अब मैं आपको मेरे साथ घटी उस घटना के बारे में बताता हूँ जिसकी वजह से मुझको भी चुदाई का सुख मिला था. दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मेरे मकान मालिक की बीवी बहुत ही सेक्सी है, और मैं जिस दिन से उनके यहाँ रहने आया था तब से मेरी नजर में वह खटक गई थी, और मैंने मन ही मन सोच लिया था कि, इसकी चूत एकबार ज़रूर मारूँगा, मगर वह मेरे मकान मालिक की बीवी थी इसलिए कुछ भी करने से पहले सोचना पड़ता था. वैसे मैं बड़ा हो या छोटा सबसे बड़ी ही इज्जत से बात करता हूँ. और मेरी यही आदत मुझे हर चीज़ बड़ी ही आसानी से मुहैया करवा देती है. मैं हमेशा ही उससे बात करने का मौका ढूढ़ता रहता था. और फिर उससे बात भी हुई थी. उससे बात करते-करते हम दोनों आपस में काफ़ी घुल मिल गए थे. दोस्तों उसकी उम्र 32 साल के आस-पास की होगी और मैं 27 साल का. पर साली थी बहुत ही सेक्सी. उसके बब्स बहुत ही कमाल के थे. घर में वह ब्रा नहीं पहनती थी. सुबह जब वह नहाकर कपड़े सुखाने के लिये छत पर जाती थी तो मैं अक्सर ही उनको बोलता था कि, आप बहुत ही खूबसूरत लग रही हो। और फिर एक दिन मेरी तबीयत खराब थी और मुझको थोड़ा बुखार था और मैं अपने कमरे में ही सोया हुआ था, और वह कब ऊपर छत पर गई मुझको कुछ पता ही नहीं चला, और फिर वापसी में उन्होंने (उनका नाम मोना था) मेरे कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो फिर मैंने उठकर दरवाजा खोला. और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, क्या हुआ आज अभी तक सोए हुए हो, तबीयत तो ठीक है ना? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, हाँ ठीक है. तो वह बोली कि, तो अभी तक क्यों सोए हुए हो? तो फिर मैंने उनपर लाइन मारते हुए उनसे कहा कि, वो क्या हुआ कि, कल रात को आप मेरे सपने में आई थी तो आपको देखते-देखते मुझको देर हो गयी इसलिए अभी तक सोया हुआ हूँ. तो फिर वह मुझसे बोली कि, सिर्फ़ देखोगे या करोगे भी।

और फिर तो क्या था, उसके इतना कहते ही मैंने उसकी बाहँ को पकड़कर अपने कमरे के अन्दर खीँच लिया था. और फिर मैं उसके होठों तो चूमने लग गया था, और अपने एक हाथ से उसके बब्स को भी दबाने लग गया था. आदतन उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी. और फिर मैं उसके कुर्ते के नीचे से हाथ डालकर उसके बब्स को मसलने लग गया था. और वह भी बेतहाशा मुझे चूमती जा रही थी, और मेरा लंड तो उस अहसास से ही खड़ा हो गया था और उसकी चूत से टकरा रहा था. और तभी नीचे से उसके पति ने आवाज़ लगाई. और फिर वह अपने पति की आवाज़ को सुनकर हड़बड़ा के जाने लगी, तो मैंने उससे कहा कि, मेरे खड़े लंड पर चोट देकर आप कहाँ जा रही हो? तो फिर वह बोली कि, बाकी काम दोपहर में… और फिर वह चली गई थी। दोस्तों मेरा लंड तो आज सुबह-सुबह ही खड़ा हो गया था और मैं सोचने लगा कि, अब मैं करूँ तो क्या करूँ और फिर मैं बाथरूम में गया और वहाँ जाकर मकान मालकिन के नाम की मूठ मार के वापस आ गया था। दोस्तों उस दिन उन भाभी के कहने पर मैंने अपनी दुकान से भी बुखार का बहाना कर के छुट्टी ले ली थी. और फिर दोपहर में मैं अपने मोबाईल पर सेक्सी फिल्म देख रहा था. और मेरी पीठ दरवाजे की तरफ थी. और मैं दरवाजा बन्द करना भूल गया था. और फिर पता नहीं मोना भाभी कब से खड़ी होकर मेरे पीछे से फिल्म देख रही थी. और मैं अपनी पेन्ट की चैन को खोलकर अपने लंड को सहला भी रहा था. और फिर अचानक से वह पीछे से ज़ोर से चिल्लाई कि, “यह तुम क्या कर रहे हो? मैं तो एकदम से डर ही गया था कि, यह कौन आ गया यार. और फिर मुझको डरते हुए देखकर वह बड़े ज़ोर-ज़ोर से हँसने लग गई थी. और फिर उसको हँसता हुआ देखकर मुझको गुस्सा आ गया था. और फिर मैं उठा और उसकी बाहँ पकड़कर मैंने उसको बेड पर धकेल दिया था, और फिर दरवाजा बन्द करके मैं वापस पलटा तो मैंने देखा कि, वह वापस खड़ी हो गई थी. उसने उस समय टी-शर्ट पहन रखी थी. और फिर मैंने उसके पास जाकर उसको पकड़कर फिर से बेड पर गिरा दिया था. और अब वह मेरे नीचे दब गई थी और वह मुझसे बोली कि, मारोगे क्या? तो फिर मैंने उससे कहा कि, मारूँगा नहीं चोदूंगा।

और फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को निकालकर उतार दिया था. तो फिर वह बोली कि, इतनी भी जल्दी क्या है? अब यहाँ पर कोई भी नहीं आने वाला शाम तक. तो फिर मैंने कहा कि, तभी तो जल्दी कर रहा हूँ, क्योंकि कोई आ ना जाए. और फिर मैंने अचानक से उसकी लैगी को उतार दिया था. और फिर मैंने देखा तो बाप रे! उसकी चूत पर तो बड़े-बड़े बाल थे, और फिर मैंने उनसे कहा कि, यहाँ पर भी नारियल का तेल लगाती हो क्या? तो फिर वह बोली कि, नहीं यहाँ पर तो मैं बस शैम्पू ही लगाती हूँ. और फिर मैंने उसके बब्स को दबाना शुरू किया और वह अब मेरे सामने पूरी की पूरी नंगी थी. और मैं उसके होठों को चूमे जा रहा था. और फिर उसने मुझसे कहा कि, तुम तो बड़े सेक्सी किस्म के लड़के हो जो आते ही मुझपर डोरे डालने लग गए थे. तो फिर मैंने भी उससे कहा कि, तुम भी तो इतनी सेक्सी हो, तुमको देखकर तो कोई भी जवान लड़का बड़ी ही आसानी से तुमपर मरने लगेगा, और फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाली वह सीत्कार करने लगी थी आहह… और फिर 2 ऊँगलियाँ डालकर अन्दर-बाहर करने लगा तो वह अपनी आँखें बन्द करने लग गई थी. और मैं तो बस उसके गुलाबी होठों को चूसे जा रहा था. दोस्तों वाकई में औरत के होंठ बहुत ही मीठे होते हैं. और फिर उसने मेरी भी पेन्ट खोल डाली थी और फिर वह मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़कर हिलाने लग गई थी. और फिर अब मैं उसकी चूत में ऊँगली करना छोड़कर उसके बब्स दबा रहा था. और फिर मैंने उसको बेड पर सीधा सुला दिया और फिर उसकी चूत पर अपना मुहँ लगाकर उसके अन्दर अपनी जीभ को घुमाने लगा तो वह मदहोश सी हुई जा रही थी. और फिर उसने भी मेरा लंड चूसना चाहा तो मैं 69 की पोज़िशन में हो गया था, और फिर वह भी मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर आगे-पीछे करने लग गई थी, यार पहली बार कोई मेरे लौड़े को अपने मुहँ में लेकर चूस रही थी. उस समय मेरी तो हालत खराब होने लगी थी और मैं खुद पर जैसे काबू खोने लगा था. और अब मैं उसकी चूत को चाटना छोड़कर बेड पर लेट गया था और अब वह मेरे ऊपर आ गई थी और वह मेरे लंड को चूसने लग गई थी. और अब मैं भी दुबारा से उसकी चूत को चाटने लग गया था. और अब मैं उसकी चूत को वैसे चूसने लग गया था जैसे कि, मैं उसकी चूत के अन्दर का सारा माल पीना चाहता हूँ, इस पर वह भी कराहने लग गई थी आहहह… तुम तो मेरी जान ही ले लोगे…. और ज़ोर से चूसओ….. पी जाओ मेरे अन्दर का सारा माल…..आहहह… अब मुझसे और सहा नहीं जाता अब चोद दो मुझे अब और मत सताओ. तो फिर मैंने उससे कहा कि, साली तूने तो आज मुझको डरा ही दिया था आज मैं तेरी सारी शोखी निकालूँगा. तो फिर वह मुझसे बोली कि, वो तो बाद में निकाल लेना अभी तो लंड डाल दे।

और फिर तो मैंने भी एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह उसकी बात मान ली थी. और फिर मैंने अपने खड़े और उसके थूँक से चमकते लंड को उसकी चूत पर रखकर खूब ज़ोर से धक्का दिया तो, मेरा 7.5” का लौड़ा पूरा का पूरा ही उसकी चूत में घुस गया था जिससे वह बहुत जोर से चीख पड़ी उईईईईई माआआआ…..साअले मादरचोद तूने इससे पहले किसी को नहीं चोदा है क्या, ऊऊऊ माआ साले ने तो मेरी जान ही ले ली. पर मैंने कुछ भी नहीं कहा और मैं तो अपना लंड उसकी चूत में डाले हुए ही पड़ा रहा, और मैं उसके होठों को चूसने लगा, और अपने हाथों से उसके बब्स को भी दबा रहा था. और फिर थोड़ी देर में जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो वह भी मुझको किस करने लग गई थी. और फिर तो मैं भी अपने लंड को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा था. और फिर धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया था, और वह भी अपनी कमर को उठा-उठाकर चुदवा रही थी।

और मैं उसके बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूस भी रहा था. और इसी बीच मैंने उसके निप्पल पर दाँत से काट लिया था तो वह एकबार फिर से चीख पड़ी थी और कहने लगी थी कि, साले तू क्या मेरी जान ही लेगा क्या? और फिर मैंने दुबारा से दाँत से उसके निप्पल को काटा तो वह इसबार हँसने लगी और वह मुझसे कहने लगी थी कि, तुम मनोगे नहीं ना? मुझको ठीक से चोदो मैं तुम्हारी मकान मालकिन हूँ, और अगर ठीक से नहीं चोदा तो मैं तुमको घर से बाहर निकाल दूँगी. अब मैं थक गया था और मैं उसके ऊपर से हटकर बेड पर लेट गया था अब वह मेरे ऊपर आ गई थी, और वह अब अपनी गांड को हिला-हिलाकर चुदने लगी थी, और उसके हिलने से पूरे कमरे में फच फच की आवाज़ आ रही थी. और फिर 5 मिनट के बाद ही उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था. और फिर थोड़ी देर के बाद वह थककर बोली कि, मैं तो अब थक गई हूँ।

और फिर मैंने अब उसको घोड़ी बनने को कहा, और फिर जब वह घोड़ी बन गई थी तो मैंने भी उसके पीछे से आकर अपना लंड उसकी चूत में एक ही झटके के साथ डाल दिया और फिर मैं उसकी कमर को पकड़कर आगे-पीछे करने लगा तो पूरे ज़ोर-ज़ोर से वह भी चीख रही थी और कहती जा रही थी कि, चोदो और ज़ोर से चोदो मेरी चूत को आज फाड़ दो,. उसके मुहँ से अजीब सी आवाज़ निकल रही थी. उहह आअहह और मैं भी अपनी पूरी स्पीड से उसको चोदे जा रहा था. और फिर वह बोली कि, अब मैं झड़ने वाली हूँ, तो फिर भी मैंने अपनी स्पीड को कम नहीं किया और उसको उसी स्पीड से चोदता रहा. और फिर थोड़ी ही देर में वह ढीली होने लगी और उसकी चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया था. और फिर उसके झड़ने के 10 मिनट के बाद ही अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि, अब मेरा भी माल निकलने वाला है, बताओ इसको कहाँ पर निकालूँ?

तो फिर उसने बड़े ही प्यार से मेरी तरफ देखते हुए मुझसे कहा कि, “चूत की अमानत को चूत में ही डाल दो.”

और फिर मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया और फिर मैं उसकी चूत में ही अपना लंड डालकर उसके ऊपर ही ढेर हो गया था. और फिर वह मुझसे बोली कि, तुम साले बहुत हरामी हो, तुमने तो आज मेरी चूत ही फाड़ दी है. और फिर मैं उसको प्यार से दुबारा किस करने लगा और साथ ही उसके बब्स को भी दबा रहा था. और फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था. तो फिर वह बोली कि, अब नहीं और उसने मना कर दिया और वह बोली कि, एक बार से ज्यादा करने पर मजा ख़त्म हो जाता है. तो फिर मुझको गुस्सा आया तो मैंने उसकी चूत में अपने लंड को (जो पहले से ही उसकी चूत में था) ज़ोर से धक्का मारा तो वह कराहने लगी और तभी घर के मेन गेट पर घन्टी बजी और फिर मोना जल्दी से उठी और फिर कपड़े पहनने लगी. और फिर तो मैंने भी उसको नहीं रोका. और वह कपड़े पहनकर चली गई थी. और फिर मैं भी कपड़े पहनने लग गया था. और फिर थोड़ी देर में मैं भी नीचे गया तो मोना भाभी की कोई सहेली आई हुई थी. और फिर मुझे नीचे आते हुए देखकर उसकी सहेली मुझे अजीब सी नज़रों से देख रही थी. और फिर मैं घर से बाहर चला गया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!