दामाद ने करी सास की चूत आबाद

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम Antarvasna सद्दाम है, मैं फ़िरोजाबाद का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 27 साल की है. दोस्तों कामलीला डॉट कॉम पर यह मेरी पहली सच्ची कहानी है. यह बात तब की है जब मेरी शादी को 2 साल हो गये थे, उस समय मेरी उम्र 25 की थी और मेरी पत्नी की उम्र 24 साल की थी।

मेरे ससुराल में मेरी सास जिनकी उम्र 43 साल की है, और मेरे ससुरजी की उम्र 45 साल की है और मेरे एक साला भी है जिसकी उम्र 19 साल की है. मेरी कोई साली नहीं है, जिसका मुझे बहुत अफ़सोस होता है. लेकिन मुझको इस बात की बहुत ख़ुशी है कि, मेरी सास भी बहुत खूबसूरत है. और जो भी उनको एक बार देखता है तो देखता ही रह जाता है. इस उम्र में भी उनका फिगर 36-32-36 का है. और उनमें एक अजीब सा आकर्षण भी है जो किसी भी मर्द को बड़ी ही आसानी से अपनी तरफ खींच लेता है।

दोस्तों वह इस उम्र में भी जवान लड़कियों को मात देती है. उनका भरा हुआ जिस्म किसी भी मर्द की नियत को खराब कर सकता है. लेकिन मैंने पहले कभी भी उनको ग़लत नज़र से नहीं देखा लेकिन उस दिन जो हुआ वह मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था. हाँ तो दोस्तों अब हम मेरे साथ घटी उस घटना पर आते है।

दोस्तों शादी के 2 साल बाद मेरी बीवी गर्भवती हो गई थी तो उसने अपनी मम्मी को काम-काज़ में मदद के लिए हमारे घर पर बुला लिया था. हमारे घर पर मैं और मेरी पत्नी ही रहते है, और मेरे मम्मी-पापा तो गाँव में रहते है. मेरी बीवी को आठवाँ महीना लगा हुआ था, और वह दिसम्बर का महिना था. और डॉक्टर ने भी सेक्स करने को मना किया हुआ था। दोस्तों, हम रोज़ ही चुदाई का यानी सेक्स आनन्द लेते थे. मेरी बीवी बहुत ज़्यादा सेक्सी है और मैं भी. और उसको यह भी पता है कि, अगर वह मुझको ज़्यादा दिन तक उसकी चुदाई ना करने दे तो मैं घर से बाहर भी चुदाई कर सकता हूँ. और यह बात मेरी बीवी अपनी मम्मी को भी कई बार बता चुकी थी. और मैंने भी उनकी यह बाते चुपके से सुन ली थी. मेरी सास कहती थी कि, सभी मर्द एक जैसे ही होते है और उन सभी को चुदाई की आदत होती है इसलिए उनकी यह माँग हमेशा पूरी होनी चाहिए. मर्द इस चीज़ से सबसे ज़्यादा खुश रहता है. मेरी सास हमेशा मेरा ख़याल रखती है और समय से सब काम करती है। दोस्तों मुझको सेक्स किए हुए काफ़ी समय हो गया था और रात को मुझे सेक्स करने का बहुत मन होता था, लेकिन हम दोनों मज़बूर थे इसलिए मैं अलग कमरे में सोता था, क्योंकि कहीं रात को बीवी के साथ कोई ग़लत काम ना हो जाए। मेरी बीवी को मेरी सेक्स की ज़रूरत का पता था इसलिए वह डरती भी थी कि, मैं कहीं बाहर जाकर चूत ना मार लूँ. उसने अपने मन की बात अपनी मम्मी को बताई तो उसकी मम्मी ने कहा कि, मेरा दामाद ऐसा नहीं है, और वह ऐसा कभी नहीं करेगा।

और फिर एक रात को हम सब बैठकर टी.वी. पर कॉमेडी का प्रोग्राम देख रहे थे, उसमें एक सेक्सी जौक आया जिसपर मेरी सास कुछ ज़्यादा ही हँस रही थी. और मुझको यह देखकर बहुत अच्छा भी लगा. मेरी पत्नी को जल्दी सोने की आदत पड़ गई थी तो वह तो बीच में ही उठकर सोने चली गई थी. और फिर मेरी सास और मैं हम दोनों ही अकेले रज़ाई में बैठकर टी.वी. देख रहे थे. मेरी बीवी के सोने चले जाने के बाद मेरी सास थोड़ा सा मेरे और पास आ गई थी, और उससे रजाई में मेरे पैर उनके पैरों को छूने लगे थे. मुझको भी उस समय बहुत अच्छा लग रहा था. और फिर उन्होनें भी जानबूझकर धीरे-धीरे मेरे पैरों को अपने पैरों से रगड़ना शुरू कर दिया था. और फिर टी.वी. पर वह कॉमेडी का प्रोग्राम खत्म हो गया था तो मैंने कोई दूसरा इंग्लीश फिल्म वाला चेनल लगा दिया था, जिसमें कोई वयस्क फिल्म चल रही थी. और फिर तो मेरा मन भी सेक्स की तरफ घूम गया था. और मेरे साथ मेरी सास बैठी हुई थी, यह बात मैं भूल गया था. और इसी बीच मेरी सास ने भी बेड के पास ही लगे बटन से उस कमरे की लाइट बंद कर दी थी. और फिर वह मेरे और भी पास आ गई थी. और फिर तो मैं भी उनके साथ चिपक गया था. और फिर कुछ देर तक मैंने उनके साथ कुछ भी नहीं किया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मेरी सास ने फिल्म देखते हुए अपनी एक टाँग मेरी टाँग के ऊपर रख दी थी, तो फिर मैंने भी अपना एक हाथ उनकी जाँघ के ऊपर रख दिया था. और फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी जाँघ पर अपना हाथ फेरना शुरू कर दिया था, तो उन्होनें मेरा हाथ रोक दिया था।

तो फिर मैंने थोड़ी देर के बाद फिर से अपना हाथ चलाना शुरू कर दिया था. और फिर मैंने उनकी सलवार का नाडा भी खोल दिया और फिर धीरे-धीरे डरते हुए मैंने अपना हाथ नीचे उनकी नाभि और चूत के बीच में रख दिया था और फिर मैं आगे की सोचने लग गया था कि, यह मेरी सास है तो क्या हुआ, आखिर यह भी है तो एक औरत ही, जो मुझको चुदाई का पूरा मज़ा दे सकती है. और फिर थोड़ी देर तक मेरी सास की तरफ से कोई विरोध ना होते हुए देखकर मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी और फिर मैं अपना हाथ और नीचे ले गया था. और मेरा हाथ अब उनकी चूत से निकलते हुए पानी से गीला हो गया था. और फिर तो मैं भी यह समझ गया था कि, मेरी सास भी अब गर्म हो चुकी है। और फिर तो मैंने भी उनके साथ चुदाई करने का पूरा मन बना लिया था. और फिर मैंने अपना दूसरा हाथ उनकी ब्रा में डाल दिया था. और फिर मैं उनके मोटे-मोटे बब्स को दबाने लग गया था. और उस समय मेरी सास ने अपनी आँखें बन्द कर ली थी और वह भी उस पल का पूरा मज़ा लेने लग गई थी. और फिर मैंने धीरे-धीरे उनके सारे कपड़े उतार दिए थे. दोस्तों उफ… क्या बला की खूबसूरत लग रही थी वो उस समय नंगे बदन में, टी.वी. की हल्की-हल्की रोशनी में वह बड़ी ही गजब की लग रही थी. और फिर तो मैं भी झट से पूरा नंगा हो गया था. और फिर मैं झट से उनके ऊपर चढ़ गया था. और फिर मैंने उनके होठों को चूसना शुरू कर दिया था और साथ ही मैं अपने लंड को उनकी प्यारी सी चूत के ऊपर घिसने भी लग गया था, और मेरी सास भी उस काम में मेरा पूरा साथ दे रही थी. उन्होनें मुझे कसकर पकड़ लिया था और वह मुझको जगह-जगह किस करने लग गई थी. और फिर मैं उनके बब्स को चूसने लग गया था, जिससे उनके मुहँ से सिसकियाँ निकल रही थी।

उसके बाद मैं उनके पेट और कमर से किस करते हुए उनकी चिकनी चूत के पास आ गया था. और फिर मैं उनके जिस्म को एक कुत्ते की तरह चाटने लग गया था. और फिर मेरी सास भी मेरे सिर को अपनी चूत के ऊपर ले गई थी. और फिर वह मेरे सिर को अपनी चूत पर जोर-जोर से दबाने लग गई थी. और फिर तो मैं भी समझ गया था कि, अब क्या करना है. और फिर मैंने उनकी चूत के ऊपर के दाने को चाटना शुरू कर दिया था. और फिर तो मेरी सास की हालत इतनी खराब हो गई थी कि, वह ज़ोर-ज़ोर से आहहह… उफ़फ्फ़… करने लग गई थी. और फिर मैंने भी अपनी चाटने की स्पीड और बढ़ा दी थी, और साथ ही एक-दो ऊँगली भी उनकी चूत के अन्दर-बाहर करने लग गया था. और मेरे ऐसा करने से उनको बहुत मज़ा भी आ रहा था। और फिर उन्होनें मुझको अपने नीचे लिटा दिया था, और फिर वह मेरे ऊपर चढ़ गई थी, और अब वह मुझको मज़ा देने लग गई थी. मेरे सारे जिस्म को चूसते और चाटते हुए वह मेरे लंड को भी अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी. दोस्तों वह लंड चूसने में इतनी माहिर है कि, उनका एक भी दाँत मेरे लंड को नहीं चुभ रहा था। और फिर उन्होनें मेरा लंड चूस-चूसकर मुझको पागल कर दिया था. और फिर जब मेरा पानी निकलने वाला था तो फिर मैंने उनको अपने ऊपर से हटाया पर वह फिर भी ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूसती ही जा रही थी. और फिर मेरा थोड़ा सा पानी छूट गया था और वह उनके मुहँ में चला गया था तो उन्होनें उसको झट से थूँक दिया था और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, मुझको इससे उबकाई आ रही है यह बहुत ही ज़्यादा लिसलिसा सा है।

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, चलो अब असली काम करते है. तो फिर वह मुझसे बोली कि, आप ऊपर आ जाओ, मैं नीचे से ही चुदूँगी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं उनके ऊपर चढ़ गया था, और फिर मैं उनको और भी गर्म करने लगा तो वह फिर से आग की तरह गर्म हो गई थी. और फिर मैंने अपना 6.5” के लम्बे लंड को उनकी चूत के छोले के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया था, और तब तक रगड़ता रहा जब तक उन्होनें खुद नहीं कहा कि, जल्दी से मेरी चूत के अन्दर डाल दो. और फिर मैंने जब उनकी चूत में अपना लंड डाला तो उनका मुहँ खुला का खुला ही रह गया था. और फिर मैं उनको बड़े ही जबरदस्त तरीके से अलग-अलग पोजीशन में लगभग 25-30 मिनट तक चोदता रहा. और फिर वह भी बड़े ही मज़े से चुद रही थी. इस बीच उनका पानी दो बार निकल चुका था।

और फिर जब हम चुदाई करके अलग हुए तो मैंने उनसे कहा कि, यह तो बहुत ही ग़लत काम हो गया, तो फिर वह मुझसे बोली कि, मेरी बेटी को लगता था कि, आप बाहर किसी और की चूत मारकर आओगे, इसलिए मेरा भी मन डोल गया था, और वैसे भी मैंने भी बहुत दिनों से आपके ससुर के साथ सेक्स नहीं किया था, तो मेरा भी मन तुमसे अपनी चूत मरवाने को हो गया था. और वैसे तो मैं भी बहुत सेक्सी औरत हूँ और आपके ससुर और मैं हम दोनों मिलकर 2-3 दिन छोड़कर चुदाई करते है. और जब तक मैं यहाँ पर हूँ आप मेरे साथ खूब मज़ा कर सकते हो, लेकिन मेरी बेटी को इस बात का बिलकुल भी पता ना चले. और अगर पता चल गया तो उसके बाद मैं आपको अपनी चूत कभी नहीं दूँगी। और फिर मैं भी मान गया था और फिर हम दोनों ने मिलकर खूब मज़े किए थे जब तक मेरी बेटी नहीं हो गई थी. और फिर उसके बाद मेरी सास अपने घर चली गई थी। और फिर मेरी पत्नी मुझसे बोली कि, तुमने इतने दिन कैसे सब्र किया? तो फिर मैंने उसको बोला कि, मेरी जान अपने हाथ से ही काम चला लिया था।

दोस्तों, उसके बाद भी मैंने ससुराल में जाकर मेरी सास को कई बार चोदा था क्यूंकी मेरी सास है ही इतनी सेक्सी कि, उनको बार-बार चोदने का मन करता है. लेकिन उन्होनें मुझसे कहा कि, वो सब जो हुआ था वह मज़बूरी में हुआ था. और तुम उसको एक सपना समझकर भूल जाओ, और इसी में हम दोनों की भलाई है. और फिर मैंने दुबारा फिर कभी उनके साथ कोई ग़लत बात नहीं करी थी. और फिर हम सब पहले की तरह रहने लग गए थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!