विधवा का हुआ काम और मेरे

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम Antarvasna चन्दर है, मेरी उम्र 29 साल की है और मैं एक शादीशुदा इंसान हूँ मेरी शादी को हुए 4 साल हो चुके है. दोस्तों मैं काफी दिनों से किसी दूसरी लड़की से अपनी सेटिंग करने के बारे में सोच रहा था. और दोस्तों मैं यह तो नहीं जानता कि, इस वेबसाइट पर जो कहानियाँ होती है वह सच होती है या झूँठ मगर हाँ इतना जरूर जानता हूँ कि, बिना आग के धुआँ नहीं उठता है।

मेरी लड़की की तलाश चालू थी. कभी नेट पर तो कभी फोन पर मगर मेरी कहीं भी बात नहीं बनी थी. और फिर मैं ऐसे ही एक दिन खाली बैठा हुआ इन्टरनेट पर चेटिंग कर रहा था तो वहाँ पर मुझे एक फ्रेंड मिला मगर वह साला तो एक गुब्बा था. और फिर मैंने उससे उसका नम्बर माँगा तो उसने अपना नम्बर मुझको दिया, और फिर मैंने उससे लड़कियों के नम्बर भी माँगे तो उसने मुझको काफ़ी सारी लड़कियों के नम्बर भी दे दिए थे. मगर उनमें से कोई भी मुझसे सेट नहीं हुई थी, क्योंकि मैं तो एक अमीर और शादीशुदा औरत को तलाश कर रहा था, मगर मुझको एक लड़की मिली जिसकी उम्र 30 साल की थी और वह विधवा थी. वह अपना और अपने बेटे का खर्चा नौकरी करके निकालती थी और वह एक बहुत ही अच्छी लड़की थी।

मेरी उससे फोन पर लगातार ही बात होती रही. और फिर एक दिन उसने मुझसे बोला कि, उसको कुछ पैसों की ज़रूरत है. तो मैंने सोचा कि, यह तो उल्टा वार पड़ गया और यहाँ पर तो लेने के देने पड़ रहे है. मगर फिर उसकी मज़बूरी को देखकर मैं उसको पैसे देने को राज़ी हो गया था. और फिर जब मैं पहलीबार उससे मिलने गया तो वह दिखने में ज्यादा खूबसूरत नहीं लग रही थी, मगर मैंने अपने वादे के अनुसार उसको 3000 रूपये दे दिए और फिर मैं वहाँ से वापस आ गया था. और उसने मुझे बहुत बार धन्यवाद बोला और उसने मुझसे संपर्क बनाए रखा, मगर मेरा उसके साथ सेक्स करने को बिलकुल भी दिल नहीं हुआ. और फिर एक दिन मैंने उसे फोन किया तो उसने मुझसे कहा कि, तुम इतने दिन से कहाँ थे? तो मैंने भी उससे पूछा कि, क्यों तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो? तो उसने मुझसे कहा कि, उसने एक सेक्सी फिल्म देखी थी और उसका दिल कर रहा था क्रत्रिम सेक्स करने का, और फिर उसने मुझसे एक वाइब्रेटर लाने की ज़िद करी. और फिर मैंने मार्केट में उसको बहुत तलाशा मगर वह नहीं मिला और मेरी सारी कोशिश बेकार गई, और फिर उसका फोन आया तो मैंने उससे कहा की मैंने बहुत तलाश किया मगर वह मुझको कहीं भी नहीं मिला. और फिर मैंने उसको मज़ाक में ही बोला कि, वाइब्रेटर की क्या ज़रूरत है, मैं खुद ही आ जाता हूँ ना. तो फिर उसने मुझको मना कर दिया मगर फिर हम लोग फोन सेक्स करने लगे. दोस्तों उस दिन के बाद तो जब भी मेरा दिल करता था तो मैं उसके साथ फोन सेक्स कर लेता था. और जब उसका दिल करता तो वह भी कर लेती थी. और फिर यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा. और फिर एक दिन मेरी पत्नी कुछ दिनों के लिए घर से बाहर गई हुई थी तो मैंने मेरी सेटिंग को फोन किया तो उसने मुझसे कहा कि, वह तो ऑफीस में है और शाम को 5 बजे यहाँ से निकलेगी. और फिर मैंने उससे कहा कि, यार आज बहुत दिल कर रहा है तो उसने शाम को मिलने के लिए बोला. और फिर जब मैंने उससे उसके बेटे और ससुर जी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि, वह सब लोग तो घूमने गये है 2-3 दिन के लिए. और फिर मैंने उसे शाम को 5 बजे अपनी गाड़ी में उसके ऑफिस के पास से बैठाया और फिर हम उसके घर की तरफ चले गए, और रास्ते में मैंने उसे अपनी जरुरत बताई तो वह भी मान गई थी. और फिर वह मुझको अपने घर ले आई थी. दोस्तों उसका घर ज्यादा बड़ा तो नहीं था मगर हम दोनों के लिए काफ़ी था. और फिर उसने मुझे बैठाया और फिर चाय के लिए पूछा।

मगर मैं वहाँ पर चाय पीने के लिए नहीं बल्कि उसकी जवानी के रस को पीने के लिए गया था. दोस्तों उसके पति की मौत को हुए 5 साल हो गये थे. और फिर मैं उसपर झपट पड़ा था और वह भी किसी जंगली बिल्ली की तरह मुझपर टूट पड़ी थी. और फिर हम दोनों एक दूसरे के साथ चुम्मा चाटी करते रहे. उसने सूट पहन रखा था तो मैंने उससे उसके सूट की कीमत पूछी तो उसने कहा कि, 350 रूपये का है. तो मैंने उसका सूट झट से फाड़ दिया और फिर मुझको उसकी ब्रा नज़र आने लगी. दोस्तों उसने लाल रंग की पारदर्शी ब्रा पहन रखी थी, और फिर मैंने उसकी ब्रा खोली. दोस्तों उसके बब्स ना तो ज़्यादा बड़े थे और ना ही ज्यादा छोटे थे, उसके निप्पल बिल्कुल कड़क हो गये थे. और फिर मैंने एक-एक करके उसके निप्पल चूसे तो वह गरम होती गई. और फिर उसके मुहँ से आहहह… उह्ह्ह… की आवाज़ें आने लगी थी. और फिर उसने मेरा लंड मेरी पेन्ट के ऊपर से ही पकड़ लिया था, मेरी जीन्स टाइट थी इसीलिए वह उसको ठीक से मसल नहीं पा रही थी. और फिर उसने मुझे रोक के मेरी जीन्स के बटन खोले और फिर मेरा लंड बाहर निकाला. और उसे देखकर वह तो चौंक गई थी।

और फिर वह मुझसे बोली कि, चन्दर इतना मोटा और इतना लम्बा लंड तो मैंने कभी नहीं देखा. और फिर मैंने उसको अपना लंड चूसने को कहा तो उसने साफ़ मना कर दिया. लेकिन फिर मैंने उससे कहा कि, इसमें हम दोनों को ही बहुत मज़ा आएगा तो फिर वह राजी हो गई थी. और फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया था और फिर वह उसको चूसने लग गई थी. पहले तो उसे उल्टी सी आने लग गई थी, मगर बाद में उसे मज़ा भी आने लगा था. और फिर वह बड़े ही प्यार से उसको चूसने लग गई थी. और फिर मैंने उसको रोका और फिर उसको खड़ा किया और फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी थी. उसने सलवार के नीचे लाल रंग की पैन्टी पहन रखी थी और वह भी जालीदार थी. और फिर मैंने उसको भी फाड़ दिया था. और फिर हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए थे. और अब मैं उसकी चूत को चाट रहा था, और वह मेरे लंड को चूस रही थी. और फिर 10-15 मिनट तक हम लोग वैसे ही करते रहे।

और फिर उसके बाद मैंने उसे सीधा किया और फिर मैं उसकी चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा तो उसको भी मज़ा आने लगा और फिर वह मुझसे बोलने लगी कि, चन्दर अब मुझको और मत तड़पाओ 5 साल से मेरी इस चूत में कोई लंड नहीं गया और फिर उसकी इस बात को सुनकर मैं और भी जोश में आ गया था. और उसकी चूत में अपना लंड घुसाने लगा मगर जब मेरा लंड मैं उसकी चूत में घुसा रहा था तो मुझको पता चला कि, सच में 5 साल से इस चूत में कोई लंड नहीं गया क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी. और फिर मैंने उससे थोड़ा सा तेल माँगा तो उसने मुझे तेल लाकर दिया. और फिर मैंने अपने पूरे लंड पर तेल लगाया और फिर उसकी चूत के मुहँ पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड आधा उसकी चूत में घुस गया था जिससे वह थोड़ी सी चिल्ला उठी थी. और फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या हुआ तो उसने बोला बहुत दर्द हो रहा है। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो फिर मैंने कहा कि, 5 साल के बाद लोगी तो दर्द तो होगा ही. और फिर मैंने एक और झटका मारा तो मेरा लंड उसकी चूत में पूरा सेट हो गया था. और इसबार मैंने उसके मुहँ पर अपना हाथ रख दिया था. और उसकी आँखों से आँसू निकलने लग गए थे. और फिर मैं थोड़ी देर तक रुक गया था और फिर मैं उसके बब्स को चूसने लग गया था 10 मिनट तक उसके बब्स को चूसने के बाद वह थोड़ा शान्त हुई और फिर वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. और फिर मैंने भी धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में आगे-पीछे किया तो उसको भी मज़ा आने लगा और वह भी बोलने लगी कि, चन्दर 5 साल के बाद आज मेरी इस चूत ने कोई लंड खाया है कसम से आज तो बहुत मज़ा आ रहा है, अच्छे से चोदो मुझको और फिर पता नहीं फिर मौका मिले या ना मिले।

और फिर मैंने उसकी चुदाई अपनी पूरी रफ़्तार से चालू कर दी थी और वह भी आवाज़ें निकालने लग गई थी आहहह… चन्दर मज़ा आगय्या मेरे राजा तुम तो खूब अच्छी चुदाई करते हो मेरे पति के मरने के बाद 5 साल तक मैंने मेरी इस चूत को कैसे शान्त रखा है, यह तो मैं ही जानती हूँ, मगर आज मैं रुक नहीं सकती हूँ, फाड़ दो मेरी चूत को आज और चोद-चोदकर इसका भोसड़ा बना दो. तुम जैसे चाहो मुझको वैसे चोद लो, मैं आज तुमको बिलकुल भी नहीं रोकूँगी मेरी जान मैं हमेशा के लिए तेरी रंडी बन के रहूंगी. चोद डाल फाड़ दे मेरी चूत को राजा. और मैं उसे अपनी पूरी स्पीड से धक्के मारता रहा और उसके मुहँ से मादक सी आवाज़ें आती रही आहहह… तुमने आज तो मुझको जन्नत का मज़ा दिया है. और हम लोगों की चुदाई ऐसे ही चलती रही और फिर 30 मिनट के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि, मेरी जान अब मेरा माल निकलने वाला है. तो फिर उसने मुझको बोला कि, तुम अपना माल मेरी चूत के अन्दर ही निकाल दो मेरे सुरक्षित दिन चल रहे हैं. और फिर मैंने अपनी स्पीड को थोड़ा और बड़ा दिया, और फिर 5-7 मिनट के बाद हम दोनों ही एकसाथ झड़ गये थे और हम दोनों ही हल्के-हल्के झटकों के साथ झड़ने का मजा ले रहे थे तो उसके बाद जब मैंने उससे पूछा कि, मेरी जान मज़ा आया ना। तो उसने मुझसे कहा कि, इतना मज़ा तो मुझे अपने पति के साथ भी कभी नहीं आया जितना मजा तुमने मुझको आज दिया है. मैं आज पहली बार 3 बार झड़ी हूँ।

और फिर मैं उससे दुबारा मिलने का वादा करके वहाँ से चला गया और अगली बार मैंने उसकी गांड भी मारी मगर उसकी मर्जी से।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!