नर्स ने किया सेक्सी इलाज़

हाय फ्रेंड्स, कैसे Antarvasna हो आप सब? देर से ही सही लेकिन मैं राज एकबार फिर से हाज़िर हूँ अपनी नयी हिन्दी सेक्स कहानी के साथ. दोस्तों मेरी पिछली कहानियाँ पढ़कर आप सभी ने मुझे बहुत मैल किए, उम्मीद करता हूँ की, आप सभी को मेरी यह कहानी भी पसंद आएगी. दोस्तों अब ज़्यादा वक़्त बर्बाद ना करते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों अभी 4-5 महीनें पहले ही मेरे साथ एक बाइक से दुर्घटना हुई थी तो डॉक्टर ने मुझे आराम करने को कहा है. मुझे चलने को मना किया गया है ताकि मैं जल्दी सही हो सकूं और मेरे लिए एक नर्स की व्यवस्था की गई है जिसका नाम रजनी है जो की बहुत ही खूबसूरत है. उसकी पतली कमर लंबे काले बाल भूरी आँखें है. और उसके वह बब्स हाय वह नर्स कम सेक्सी फिल्मों की हिरोइन ज़्यादा लगती थी, वह नई-नई नर्स बनी थी उसकी उम्र लगभग 25-26 साल की थी। वह दिन भर हमारे घर में मेरे कमरे में ही रहती थी मुझे दवा देना खाना खिलाना सब उसके ज़िम्मे ही था, हम बात भी करते थे और मज़ाक भी, काफ़ी दिन गुज़र गए थे और अब हमारी सामान्य बातें बहुत आगे बढ़ गई थी।

और फिर एक दिन वह मुझे दवा देने के लिए झुकी तो उनके बब्स मुझको अंदर तक दिख रहे थे और वह नज़ारा देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था. और उसने भी उसको महसूस किया था और फिर वह हंसने लग गई थी. और फिर मैंने बिल्कुल अनजान बनते हुए उससे पूछा की, क्या हुआ? तो फिर वह बोली की, कुछ नहीं तुम सो जाओ अब नहीं तो ठीक नहीं हो पाओगे। और फिर समय निकलता गया और मैं ठीक हो चुका था अब उनके जाने का दिन आ गया तो मुझे उस दिन बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था और वह भी उदास सी लग रही थी. और फिर जाते वक़्त वह मुझसे मिलने आई और उसने मुझे गले से लगाया और कहा की, अपना ख्याल रखना. दोस्तों उस पल मुझको तो ऐसा लग रहा था की, मानो कोई गर्लफ्रेंड अपने बॉयफ्रेंड को बोल रही हो. और फिर उसने मुझको अपना मोबाईल नम्बर दिया और कहा की, जब भी कोई दिक्कत हो तो फ़ोन करना मैं आ जाऊँगी. और फिर मैंने भी हाँ में अपना सिर हिलाया और फिर वह चली गई थी।

और फिर उसके जाने के बाद मुझको बहुत अजीब सा लगने लगा था इसलिये मैंने उस दिन एक ब्लू फिल्म देखी जो कि एक मरीज की और एक नर्स की थी और उसको देखकर मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो गया था और मुझको फिर रजनी की भी याद आ गई थी और फिर उस दिन मैंने रजनी के नाम की 3 बार मूठ मारी थी. और फिर अगले दिन मुझे लगा की, क्यों ना मैं भी रजनी को चोद दूं. इसलिये फिर मैंने उसको हिम्मत करके फ़ोन किया और कहा की, मुझे बहुत खाँसी हो रही है तुम जल्दी आ जाओ और फिर उसने कहा की, मैं अभी आ रही हूँ तुम घबराओ मत. और फिर मैं बहुत खुश हो गया था। और फिर ठीक 15 मिनट के बाद मेरे घर के दरवाजे की घन्टी बजी तो फिर मैं समझ गया था की, जरूर रजनी ही आई है. और फिर मैंने कहा की, अंदर आ जाओ दरवाजा खुला है. तो फिर वह अंदर आई तो फिर मैं तो बस उसको देखता ही रह गया था, वह क्या लग रही थी।

मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, और फिर वह मेरे पास आई और बोली की क्या हुआ है तो फिर मैं जानबूझकर ख़ासने लगा तो फिर उसने थर्मामीटर मेरे मुहँ में डाला और फिर थोड़ी देर में निकाल लिया था और फिर बोली कि, बुखार तो नहीं है और मैं उसी को देखे जा रहा था और फिर शायद अब वह भी समझ चुकी थी कि, मैंने उसको क्यों बुलाया है। और फिर वह बोली कि, क्या दिक्कत हो रही है? तो फिर मैंने उससे कहा कि, खाँसी और जुकाम हो रहा है। और फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए थे मैं कम्बल में था इसलिए उसको मेरा लंड महसूस नहीं हुआ और फिर अचानक से उसने कम्बल हटा दिया था और मेरा लंड पेंट में खड़ा था. वह चौंक गई थी मेरा खड़ा लंड देखकर जो मेरी पेन्ट में ही था. और फिर वह शरमाने लगी और फिर अब वह सब समझ गई थी कि, मैंने उसको क्यों बुलाया है. लेकिन उसने उस वक़्त कुछ नहीं कहा था. और फिर उसने मेरी बॉडी ऊपर से चेक करके कहा कि, इधर कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत तो शायद नीचे है?

और फिर मैं यह सुनकर दंग रह गया था कि, वह बोली कि, क्या मैं नीचे देख सकती हूँ? तो फिर मैंने कहा कि, ठीक है देख लो. और फिर उसने मेरी पेन्ट उतार दी और फिर वह मेरे लंड को देखती ही रह गई थी, और फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और फिर वह बड़े ध्यान से उसको देख रही थी, और उसके चेहरे के हाव-भाव से लग रहा था की अब वो भी सेक्स के मुंड में है और फिर उसने पता नहीं क्यों मेरा लंड हिलाया जिससे मैं बहुत जोश में आ गया था और मैं 5 मिनट में ही झड़ गया था उसके हाथ पर ही. और फिर वह उठी और मुझे गुस्से से देखा और फिर वह वॉशरूम में चली गई थी। और फिर वह वापस आने के बाद बहुत बदली सी लग रही थी. और फिर एकदम से उत्तेजित होकर वह मेरा लंड चूसने लगी वह बहुत अच्छे से मेरा लंड चूस रही थी. और फिर 20 मिनट तक उसने मेरा लंड चूसा और मैं दूसरीबार उसके मुहँ में ही झड़ गया था और वह मेरा सारा माल पी गई थी।

और फिर वह उठी और उसने मेरे कपड़े उतार दिए थे और फिर मैंने भी देर ना करते हुए मैंने भी उसके कपड़े उतार दिए और वह सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में ही थी तो फिर मैंने तुरंत ही उसको किस करना शुरू किया और वह भी मेरा बहुत अच्छा साथ दे रही थी. और फिर 20 मिनट तक किस करने के बाद मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी भी निकाल दी थी और उसको नंगा देख मैं तुरंत उठा और फिर मैंने उसको अपनी तरफ खींचा और उल्टा लेटा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा और वह अहह ह्म्‍म्म्मम चूस और चूस बना लो मुझको अपनी रंडी कहने लग गई थी आहह आहह… मैं उसकी इन बातों से और जोश में आ गया था और फिर मैंने उसको खड़ा किया और अपना लंड उसकी चूत में सेट किया और एक झटके में मेरा पूरा लंड बड़ी ही आसानी से घुस गया था शायद वह पहले भी बहुत बार चुदवा चुकी थी. मैं अपना लंड आगे-पीछे करने लगा वह आहह उहह अहह और तेज अहह मज़े आ रहे है फाड़ दो मेरी चूत को कहने लगी।

और फिर लगभग 25 मिनट तक मैंने उसको चोदा और फिर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था और फिर वह उठी और मेरा लंड अपने मुहँ में लेकर चाटने लगी. और बोलने लगी तेरा लंड तो बहुत अच्छा है मैं तो बहुत समय से चुद रही हूँ मगर इतना बड़ा लंड मैंने अपनी चूत में नहीं लिया है और फिर उसने मुझे किस किया और फिर उसको हॉस्पिटल से जरूरी फ़ोन आया और वह कपड़े पहनकर चली गई थी. अब जब भी मुझे उसको चोदना होता मैं उसको फ़ोन करता हूँ और वह हाज़िर हो जाती है और ये स्टोरी भी उसी के साथ बैठ कर लिखी है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!