बुआ के साथ करी गांड-मस्ती

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम मयंक है और मेरी उम्र 27 साल की है. और मुझे कामलीला डॉट कॉम पर कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मैं इन कहानियों को रोज पढ़ता हूँ. मुझे आंटी और भाभी की चुदाई कहानियाँ पढ़ने में सब से ज्यादा मज़ा आता है. दोस्तों कामलीला डॉट कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है और मैं उम्मीद करता हूँ कि, आप सभी लोगों को मेरी यह कहानी जरूर पसन्द आएगी।

दोस्तों मैं उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ. मेरे घर में मेरी मम्मी-पापा और मेरी पापा की बहन यानी की मेरी बुआ ऊषा रहती है. मेरी ऊषा बुआ विधवा है और उनके पति की मौत उनकी शादी के 6 महीने के बाद ही हो गई थी. उनके पति को केंसर था. ऊषा बुआ की उम्र उस समय 32 साल की थी और उनका रंग थोड़ा सा गेहूँवा सा है. लेकिन मेरी बुआ बहुत ही सेक्सी औरत है. दोस्तों मेरी बुआ के बब्स बड़े-बड़े है और गांड भी बाहर निकली हुई है. और उनके फिगर का साइज़ 36-30-36 का है जो मुझे बुआ ने खुद ही बताया था. हमारा घर दो मंज़िल का है, नीचे 3 कमरे है और ऊपर भी 3 कमरे है. मम्मी और पापा नीचे के कमरे में रहते है. मैं और मेरी बुआ ऊषा ऊपर के कमरे में रहते है।

दोस्तों यह कहानी आज से 3 साल पहले की है जब एक दिन मैं अपने कमरे में सो रहा था तो मेरी आँख अचानक से खुली और मुझे बुआ के कमरे से कुछ आवाज़ आई. मेरा और मेरी बुआ के कमरे के बीच में सिर्फ़ एक दीवार थी. और हम दोनों के कमरे में एक अटेच बाथरूम भी है. और फिर मैं बाथरूम में घुसा और अन्दर से झाँक के देखा तो बुआ अपने बेड पर एकदम नंगी लेटी हुई थी. उनकी दो उंगलियाँ उनकी चूत में थी और वह उनको अन्दर-बाहर कर रही थी. बुआ के बब्स कमरे की हल्की रौशनी में बड़े मस्त लग रहे थे. और उनके निप्पल भी कड़क हुए दिख रहे थे. बुआ का यह रूप देख के तो मेरा लंड भी एकदम से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने वहीं पर खड़े हुए ही अपनी पेन्ट में से अपने लौड़े को बाहर निकाला. बुआ चूत में ऊँगली करते हुए आहह.. आहह… ओह… ओह… कर रही थी और मैंने भी अपने लंड को हाथ से पकड़ लिया था. और फिर अपने लंड को हिलाकर के मैंने अपना सारा जोश वीर्य के रूप में निकाल दिया था. और फिर मैं अपने कमरे में जाकर सो गया था। लेकिन उस दिन के बाद से मेरा बुआ को देखने का नज़रिया ही बदल गया था. अब तो जब भी मैं उनकी गांड को देखता हूँ तो उसके ऊपर हाथ फेरने को मन हो जाता था। और फिर एक दिन पापा के मोबाइल पर गाँव से फोन आया कि, उनके किसी दोस्त की माँ की मौत हो गई है. तो पापा और मम्मी गाँव जाने के लिए तैयार हो गये थे और फिर वह बुआ को मेरे पास छोड़कर मम्मी-पापा चले गये थे. और फिर उनके जाते ही मैंने अपने कमरे में जाकर अपने कंप्यूटर पर सेक्सी फिल्म लगाई और देखने लगा. और तभी बुआ मेरे कमरे में एकदम से दाखिल हुई. मेरा हाथ भी उस समय मेरी पेन्ट के अन्दर ही था जिसमें मैंने अपना लंड पकड़ा हुआ था. और बुआ ने वह सब कुछ देख लिया था. और फिर वह मुझे देखकर कुछ नहीं बोली, और फिर मैंने भी अपनी पेन्ट के अन्दर से हाथ निकाला. और बुआ भी मेरे कमरे से निकल के बाहर चली गई थी. मुझे डर भी लगा कि, कहीं यह मेरे मम्मी-पापा को ना बता दे सब कुछ. और रात तक बुआ ने मुझसे कुछ नहीं कहा. और फिर रात को बुआ मेरे कमरे में आई और फिर वह मुझसे बोली कि, चलो खाना तैयार है मयंक. और फिर मैं बुआ के पीछे-पीछे नीचे की और निकल पड़ा. हाथ मुहँ धोके मैं खाने के लिए बैठ गया. बुआ मुझे देख रही थी और खाना निकाल रही थी. और फिर मेरी नज़र बुआ के ब्लाउज पर पड़ी जिसमें से उनके आधे बब्स जैसे बाहर ही झाँक रहे हो. और फिर बुआ ने भी देखा कि, मैं उनके बब्स को देख रहा हूँ. लेकिन उन्होनें मुझसे कुछ भी नहीं कहा. और फिर खाना खाते हुए ऊषा बुआ मुझसे बोली कि, खाना खा के मेरे कमरे में आना, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।

और फिर मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ था और फिर मैंने सोचा कि, आज तो मुझे बुआ को चोदने से कोई भी रोक नहीं सकता है. और फिर मैं बुआ के कमरे में गया और फिर मैंने उनसे कहा कि, बुआ क्या बात करनी है आपको मुझसे? और फिर बुआ बोली कि, अभी कुछ देर पहले जब मैं तुम्हारे कमरे में आई थी तो तुम क्या कर रहे थे? मैं उनकी बात सुनकर एकदम से डर गया था और फिर मैंने उनसे कहा कि, कुछ भी तो नहीं कर रहा था. तो फिर बुआ मुझसे बोली कि, झूठ मत बोलो मयंक. मैंने खुद अपनी आँखो से तुम्हें मूठ मारते हुए देखा था. बुआ के मुहँ से मूठ शब्द सुनकर मैं एकदम से चकित पड़ गया था. बुआ बेड पर पैर नीचे करके बैठी थी. और फिर वह बोली कि, मुझे भैया और भाभी से बात करनी पड़ेगी. और फिर मैं डर के मारे बुआ के पैरों में पड़ गया और फिर मैंने उनसे कहा कि, बुआ जी माफ़ कर दो. अगली बार से यह ग़लती दुबारा नहीं करूँगा. प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो, और फिर इतना कहके मैं रोने लगा. तो फिर बुआ मुझसे बोली कि, ठीक है ठीक है अब ज्यादा नाटक भी मत कर. मैं किसी से कुछ भी नहीं कहूँगी, लेकिन मैं जो कहूँगी वह तुमको करना पड़ेगा. तो फिर मैंने कहा कि, ठीक है, लेकिन मुझको करना क्या है? तो फिर बुआ ने अपनी साड़ी को ऊपर किया और फिर उन्होनें मेरे सिर को पकड़कर कहा कि, मेरी चूत में बहुत दिनों से बहुत खुजली हो रही है इसलिये तुम इसको चाटकर शान्त कर दो. और फिर मैंने अपनी जुबान को बुआ की चूत पर रख दिया और फिर मैं उनकी चूत को चाटने लगा. बुआ ने मेरे सिर को अपनी चूत पर थोडा और ज़ोर से दबाया और साथ ही वह मुझसे बोली कि, ओह… चाट इसे. बहुत दिनों से किसी ने भी नहीं चाटा है इसे… आहह… ओह… .माआआ.. ईईईई… और फिर 10 मिनट के बाद वह झड़ गई थी. और फिर उन्होनें मेरे लंड को पकड़कर गप्प से अपने मुहँ में ले लिया था. और उस समय मेरे मुहँ से भी एक सिसकी निकल पड़ी थी. और फिर मैं अपनी बुआ के मुहँ को चोद रहा था. और फिर कुछ देर के बाद मैंने और बुआ ने 69 की पोज़िशन बना ली थी. मैंने बुआ की चूत के छेद में अपनी जुबान डाल दी थी और बुआ ने मेरा पूरा लंड अपने मुहँ में ले लिया था. और फिर उस पूरे कमरे में हम दोनों की गरम साँसे और सिसकियों की आवाज़ आ रही थी. और फिर इसी बीच बुआ दो बार और भी झड़ गई थी और मैं भी बुआ के मुहँ में ही झड़ गया था. और फिर बुआ मेरा सारा का सारा पानी पी गई थी. अब बुआ ने अपना एक बब्स मेरे मुहँ में दे दिया और फिर वह मुझसे बोली कि, अब इसको भी चूसो. और फिर मैं बुआ के बब्स निप्पल को चूसने लग गया था और वह अपने दूसरे बब्स को अपने हाथ से सहला रही थी. और फिर उन्होनें अपनी दो ऊँगलियों के बीच में अपनी निप्पल दबाई और फिर वह उसको ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थी. दोस्तों बुआ अब तड़प रही थी और उसकी आहें मेरे लौड़े को और भी हवा दे रही थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब मत तड़पाओ मुझे, और डाल दो अब इसको मेरी चूत में अभी के अभी, बुआ ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर कहा. और फिर मैंने बुआ को वहीँ बेड पर उनकी टाँगें फाड़कर लेटाया और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसेड दिया था. मेरा उनकी चूत में लंड घुसाते ही बुआ के मुहँ से आह… ईईई… निकल पड़ा था. मेरा आधा लंड बुआ की चूत में था और उनकी सिसकियाँ बढ़ती ही जा रही थी. और फिर मैं पूरा ही बुआ के ऊपर चढ़ गया था और मैं उनकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से ठोक रहा था. और बुआ भी अपनी बड़ी गांड को उठा-उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत में ले रही थी. दोस्तों उस कमरे में हम दोनों की सेक्सी और मादक सी आवाज़े आ रही थी. और फिर 10 मिनट तक मैं ऐसे ही बुआ को चोदता रहा. और फिर मेरे लंड से पानी निकल गया था. मेरे लंड से बहुत सारा वीर्य निकला. पूरा वीर्य बुआ ने अपनी चूत में ही ले लिया। फिर कुछ देर में सिकुड के मेरा लंड बाहर आ गया. मैं और बुआ दोनों ही बेड पर लेट गये. बुआ उल्टी लेटी हुई थी और मेरे हाथ से मैं उसकी गांड को सहला रहा था। क्या हुआ, पिछवाड़े को क्यूँ हिला रहा है मयंक।

और फिर मैंने उनसे कहा कि, मुझको आपकी गांड भी मारनी है बुआ. तो फिर बुआ मुझसे कहने लगी कि, धत! पागल, पीछे भी करेगा क्या? हाँ बुआ, करने दो ना प्लीज़. और फिर बुआ हँस पड़ी थी. और फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया. वह लंड को हिलाने लगी थी और मेरा लंड अब फिर से अपनी खोई हुई लंबाई को पाने लगा था. और फिर 10 मिनट में तो बुआ ने मेरे लंड को फिर से पूरा ही टाइट कर दिया था. और फिर बुआ ने अब मेरे लंड को अपने मुहँ में भरकर चूसना शुरु कर दिया था. मेरा औज़ार अब फिर से खड़ा हो गया था और अब वह बुआ की गांड मारने के लिए पूरी तरह से तैयार था।

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और फिर बुआ वहीं बिस्तर पर मेरे सामने घोड़ी बन गई थी. और फिर मैंने थोड़ा सा थूँक बुआ की गांड पर निकाला और अपने लंड को उनकी गांड के छेद पर रख दिया. बुआ ने पीछे हाथ करके मेरे लंड को सही तरीके से अपनी गांड पर सेट किया. और फिर मैंने एक धक्का मारा लेकिन मेरा लंड उनकी गांड के अन्दर नहीं घुसा था. दोस्तों मेरी बुआ की गांड बहुत ही ज्यादा टाइट थी इसलिए लंड नहीं घुस रहा था. और फिर बुआ ने भी अपना थूँक अपनी ऊँगली पर लिया और फिर उन्होनें वह थूँक मेरे लंड के टोपे के ऊपर मला. और फिर उन्होनें फिर से अपनी गांड के ऊपर मेरा लौड़ा रखा. और फिर मैंने एक धक्का मारा तो मेरी बुआ के मुहँ से उईईइ.. माआआ… मर गई निकल पड़ा था. अभी तो सिर्फ़ मेरे लंड का टोपा-टोपा ही अन्दर घुसा था कि, बुआ को लगा कि, वह मर गई. और फिर मैंने अपने लंड के टोपे को अन्दर उसकी चूत में ही रहने दिया और मैं बिलकुल भी हिला नहीं था. और फिर 5 मिनट के बाद मैंने फिर से बुआ की गांड पर थोड़ा सा और थूँक लगाया और फिर मैंने एक और झटका लगाया. अबकी बार मेरा आधा लंड उनकी गांड में घुस गया था. और फिर बुआ चीख दी थी. और फिर मैंने बुआ के कन्धों को पकड़ा और फिर धीरे-धीरे करके अपना पूरा लौड़ा उनकी गांड में डाल दिया, बुआ की गांड बहुत ही गरम थी और टाइट भी अब मैं हौले-हौले से झटके मार रहा था और बुआ भी अपनी गांड को हिला रही थी. और साथ ही आ.. ओह… उईईइ… मअर… गई भी कहती जा रही थी।

और साथ ही में वह अपनी गांड को उठा-उठाकर पूरी मस्ती में अपनी गांड भी मरवा रही थी. और बुआ की गांड को देखकर के मैं और भी उत्तेजित हो रहा था. दोस्तों मेरी बुआ की गांड मैंने पूरे 15 मिनट तक मारी थी और फिर मेरे लंड ने फिर से अपना लावा उगल दिया था. और फिर मैंने अपना लंड बुआ की गांड से बाहर निकाला और अपना सारा का सारा माल बुआ की गांड पर ही निकाल दिया था. मेरी सफेद और गाढ़ी मलाई ऊषा बुआ की गांड पर ही निकल गई थी. और फिर बुआ ने अपनी साड़ी से अपनी गांड को और मेरे लंड को साफ किया. और फिर उन्होनें अपने हाथ से मुझे कपड़े पहनाए. और फिर उन्होनें अपने पर्स से मुझको पैसे दिए और फिर वह मुझसे बोली कि, जाओ दवा की दुकान से जाकर मेरे लए गर्भ रोकने की गोली ले आओ. मैं नहीं चाहती की भविष्य में कोई दिक्कत हो. और फिर मैं मेडिकल पर गया और बुआ के लिये गोली और अपने लिये एक वियाग्रा ले आया. और फिर तो मेरा पूरा प्लान था बुआ के साथ पूरी रात मज़े करने का. और उस रात को दोस्तों सच में बुआ ने बहुत रंगीन बना दिया था. और सुबह 4 बजे तक हम दोनों एक दूसरे की बाहों में ही थे।

उस रात के बाद तो बुआ और मैं नियमित सेक्स करते है. बुआ ने मुझे सेक्स के बहुत से हथकंडे और टिप्स भी दिए है. मैंने तो अपनी बुआ को साफ कह दिया है की मैं उन्हें अपनी शादी के बाद भी चोदूंगा और अगर मेरी पत्नी ने भी मेरा साथ दिया तो बुआ को अपनी पत्नी के साथ भी चोदूंगा. बुआ भी मुझे बहुत प्यार करती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!