फेसबुक की चेट से भाभी की चूत

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम आशीष है और मैं कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ अक्सर पढ़ता रहता हूँ, दोस्तों यह कहानी मेरी इस वेबसाइट पर पहली कहानी है जो कि, फेसबुक पर मुझे मिली एक बहुत ही सेक्सी भाभी के बारे में है. दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है इसलिये अगर इसमें मुझसे कोई ग़लती हो तो उसको नज़रअंदाज़ कर देना और आप तो बस कहानी को पढ़ने का मजा लेना क्योंकि यह एक बिल्कुल सच्ची कहानी है।

दोस्तों सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ, मेरा नाम आशीष है, मेरी उम्र 25 साल की है और मेरा रंग गोरा है. मेरी बॉडी भी ठीक-ठाक है और मैं हमेशा ही सेक्स करने के लिये भूखा रहता हूँ, बचपन से ही मुझे सेक्स में कुछ ज़्यादा ही दिलचस्पी थी और जो बड़े होकर मेरा जुनून बन गई थी और इसी जुनून के चलते मैंने फेसबुक पर अपना एक पेज बनाया जो कि, हाइ-प्रोफाइल लड़कियों और भाभियों के लिये है जो कि, सेक्स में पूरी तरह से संतुष्टी चाहती है। पहले तो मुझे मेरे इस पेज पर कोई भी भाभी या लड़की नहीं मिली थी पर मैंने भी हार नहीं मानी थी और फिर मेरे पेज को सब पसन्द करने लगे. और फिर एक दिन मेरे पेज के इनबॉक्स में एक मैसेज आया जो किसी माधुरी का था. और फिर मैंने उसको हाय, कहा और फिर हमारी बातें शुरू हुई, और फिर जैसे-जैसे हमारी बातें आगे बढ़ी तो उसने मुझको बताया कि, वह भी मेरे ही शहर की ही रहने वाली है और वह अपने पति से खुश नहीं है, उसकी उम्र 27 साल की है और वह सेक्स के लिये प्यासी है। और फिर मैंने जब उससे मिलने को कहा तो उसने झट से हाँ कर दी थी और फिर उसने मुझसे कहा कि, जैसे ही उसका पति शहर से कहीं बाहर जाऐगा तो वह मुझे उसके घर पर बुला लेगी, और फिर उसने मुझसे मेरी फीस पूछी तो मैंने बहुत ज़्यादा ना बताते हुए उसको 1000 रूपये एक रात का बोला क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि, वह मेरे हाथ से निकल जाए. और फिर उसने मुझसे कहा कि, ठीक है मुझको कोई दिक्कत नहीं है।

और फिर ऐसे ही हम कुछ दिनों तक बातें और फेसबुक पर चेट करते रहे, और हम इस बात का इन्तजार भी करते रहे कि, कब उसका पति शहर से बाहर जाए. और फिर फिर एक दिन फेसबुक पर उसका मैसेज आया और उसने कहा कि, कल सुबह उसका पति शहर से बाहर जा रहा है. और उसकी बात को सुनकर मेरे तो जैसे खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा था क्योंकि अब मुझको मेरी मेहनत कामयाब होती हुई लग रही थी. और फिर हम दोनों ने दोपहर को 2 से 3 बजे के बीच में मिलने का प्लान बनाया क्योंकि उस समय गर्मी के दिन थे और दोपहर में अक्सर कम ही लोग अपने घर से बाहर निकलते है, जिससे हमको कोई परेशानी नहीं हो सके. और फिर उसने मुझे स्टेशन के बाहर आने को कहा और यह भी कहा कि, मैं वहाँ पर अपनी कार लेकर आऊँगी और तुम मेरे साथ मेरी कार में ही चलना. और फिर मैं भी उसको ठीक है कहकर अगले दिन का इन्तजार करने लग गया था. वैसे मैं दोस्तों उसके बारे में आपको बता दूँ कि, मिलने से पहले उसने मुझे फेसबुक पर उसकी कुछ फोटो दिखाई थी जिसमें वह बहुत ही खूबसूरत दिख रही थी और उनको देखकर ही मैं समझ चुका था कि, इसको चोदने में तो बहुत मज़ा आने वाला है। दोस्तों वह चुदाई के लिए बहुत प्यासी लग रही थी और उसको गाली सुनना बहुत पसन्द था और गालियों के साथ चुदने में ही उसे असली मज़ा आता था. और फिर वह दिन भी आ ही गया जब मैं उससे मिलने वाला था और मैं बिल्कुल सही समय पर उसकी बताई हुई जगह पर पहुँच गया था और मैं उस समय बहुत उत्सुक भी था और थोड़ा सा घबराया हुआ भी था क्योंकि ऐसा सेक्स में पहली बार करने वाला था. और फिर कुछ देर तक उसका इन्तजार करने के बाद मेरे पास माधुरी का फ़ोन आया और उसने मुझसे मेरी जगह पूछी तो मैंने उसे वह बता दी थी। और फिर 10 मिनट के बाद ही एक कार आकर मेरे पास रुकी और उसमें से एक बहुत ही खूबसूरत हसीन और सेक्सी औरत निकली, दोस्तों वही थी मेरी माधुरी भाभी. दोस्तों मैंने जैसे ही उसे देखा तो मेरी तो आँखें फटी की फटी ही रह गई थी।

दोस्तों वह एक काले रंग की बहुत ही सेक्सी सी साड़ी में वहाँ आई थी जिसमें उसकी नाभि भी साफ़ दिख रही थी, और उसके लम्बे काले बाल बड़े-बड़े बब्स और नशीली आँखों के साथ गुलाबी रस से भरे हुए होंठ थे और वह उस समय किसी हिरोइन से कम नहीं लग रही थी. और फिर उसने मुझे उसकी कार के अन्दर बैठने को कहा और फिर हम दोनों वहाँ से उसके घर की तरफ चल दिये थे. रास्ते में मैं एकदम चुप-चाप बैठा रहा था क्योंकि, मैं उस समय थोड़ा घबरा भी रहा था. और फिर जैसे ही हम उसके घर पहुँचे तो मैं तो उसके घर को देखता ही रह गया था, दोस्तों उसका घर किसी महल से कम नहीं था और उसके घर पर उस समय कोई भी नहीं था क्योंकि, उसने उस दिन सारे नौकरों को छुट्टी दे दी थी. दोस्तों हम दोनों ही उस समय चुदाई के पूरे जोश में थे, और फिर जैसे ही हम घर के अन्दर बैठक में गये तो फिर मैंने उसको झट से पकड़ा और किस करना शुरू कर दिया था और वह भी किस करने में मेरा पूरा साथ देने लग गई थी. और फिर कुछ देर तक किस करने के बाद उसने अपने बेडरूम की तरफ इशारा किया और फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और फिर मैं उसको बेडरूम में ले गया था और सीधे जाकर उसको बिस्तर पर पटक दिया. और फिर मैंने अपनी शर्ट को उतारकर फैंक दिया था. और फिर मैंने उससे कहा कि, “साली छीनाल कुतिया फेसबुक पर तो तू अपना जिस्म दिखा-दिखाकर मुझको बहुत तड़पाती थी ना, आज देख मैं तेरे इस खूबसूरत जिस्म को कैसे रगड़ता हूँ. और फिर उससे यह कहकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा था और मैं उसके होठों को चूम रहा था, काट रहा था और वह भी मेरा पूरा-पूरा साथ दे रही थी. दोस्तों कभी मैं उसके गले पर अपने दाँतों से काटता को कभी अपनी जीभ से उसके कानों के पीछे सहलाता. और उस समय वह तो मानों जैसे मेरे उस प्यार में पागल ही हो गई थी वह उफ्फ्फ… इस्सस… आहहह… की मादक सी आवाज़ अपने मुहँ से निकाल रही थी और मैं उसके जिस्म के पूरे मज़े ले रहा था. दोस्तों मैं अपने एक हाथ से उसके बड़े-बड़े बब्स को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत को उसके कपड़ों के ऊपर से ही सहला रहा था. और फिर वह भी पागलों की तरह इधर-उधर अपने हाथ-पैर मारने लग गई थी और उसकी सेक्सी आवाज़ से वह पूरा कमरा गूँज रहा था. और फिर मुझसे भी अब और रहा नहीं जा था तो फिर मैंने उसका ब्लाउज फाड़कर उसके बब्स को आज़ाद कर दिया था. दोस्तों उसके बब्स बहुत ही बड़े-बड़े थे वह लगभग 36” की साइज़ के तो थे. दोस्तों उनका रंग बिल्कुल गोरा और उनपर हल्के भूरे रंग के निप्पल उउंमुआहह उनको तो देखकर ही मेरे मुहँ में पानी आ गया था, और फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से उनको चूसने लगा और काटने भी लगा और माधुरी अपने उस सेक्स का पूरा मज़ा ले रही थी. दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर माधुरी ने मुझे नीचे लेटाया और वह खुद मेरे ऊपर चढ़ गई थी. और वह भी मेरे जिस्म को चूमते और चाटते हुए नीचे की तरफ जा रही थी, और फिर मेरी जीन्स उसने उतार दी थी. और फिर मेरा लंड जो टाइट हो चुका था उसको वह मेरी अंडरवियर के ऊपर से ही चूसने लग गई थी. और फिर वह किसी भूखी बिल्ली की तरह मेरा अंडरवियर निकालकर मेरे लंड को चूसने लग गई थी.

दोस्तों वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी मानो कि, जैसे कोई बच्चा लॉलीपोप को चूसता है, मैं तो उस समय आनन्द के सातवें आसमान पर था और मुझको तो उस समय किसी जन्नत का मज़ा मिल रहा था और मैं मन ही मन यह चाह रहा था कि, यह मज़ा कभी खत्म ना हो. उसने मेरे लंड को पूरा चूस लिया था और अब तो उसकी चूत भी मेरा लंड मांग रही थी. और फिर वह बेड पर नीचे लेट गई थी और फिर उसने अपने दोनों पैर मेरे सामने फाड़ दिये थे और फिर मैं समझ चुका था कि, अब वह मुझसे क्या चाहती है. तो फिर मैंने भी बिना देर किए ही उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था और अपनी जीभ से उसको चोदने लगा था और वह भी पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी और अपनी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी. वह कभी अपने हाथ से मेरे सिर को उसकी चूत पर दबाती तो कभी अपना सिर उत्तेजना में इधर-उधर पटक रही थी और उसके मुहँ से बस यही एक बात निकल रही थी कि, तुमने तो आज मुझे खुश कर दिया है मेरी जान, तुमने तो चूसकर ही मेरी चूत की प्यास बुझा दी है, अब तो तुम जब भी बोलोगे मैं तुमसे चुदने के लिये आ जाऊँगी उफ्फ्फ… आहहह… म्‍म्म्मममम… आहहह… की उसकी आवाजों से वह पूरा कमरा गूँज रहा था। और फिर मेरा भी लंड अब असली चुदाई के लिये तैयार हो चुका था. और फिर मैंने उसको बेड के कौने पर किया और फिर उसकी दोनों टाँगें अपने कन्धे पर रखी और फिर अपना लंड उसकी चूत के मुहँ पर सेट किया. दोस्तों उसकी चूत बहुत ही टाइट लग रही थी शायद वह काफ़ी समय से चुदी नहीं थी। और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहँ पर रखकर एक झटका मारा तो मेरा सिर्फ़ आधा ही लंड उसकी चूत के अन्दर गया था और वह चीख पड़ी थी आहहह… उईईई… माआआ आहहह… निकालो इसको बाहर मुझको बहुत तेज दर्द हो रहा है मेरी चूत फट गई माआआआ…

और मैंने उसकी एक ना सुनी और फिर दूसरे झटके में तो मेरा लंड उसकी चूत में पूरा ही चला गया था. और फिर वहाँ पर मैं थोड़ी देर रुका और उसके बब्स को चूसने लगा और फिर जब वह चुप हुई तो फिर मैं फिर से ज़ोरदार झटकों के साथ उसको चोदने लगा था, और फिर तो वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और अपनी चुदाई के जमकर मज़े ले रही थी. और फिर करीब 20-25 मिनट तक उसको ऐसे ही चोदने के बाद मैं नीचे लेट गया और वह मेरे ऊपर आकर बैठ गई थी, और फिर वह मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके उछलने लग गई थी, आहहह… क्या बताऊँ दोस्तों उस समय मैं कैसा महसूस कर रहा था मेरे पास उस अहसास को बताने के लिये शब्द ही नहीं है. वह मेरे ऊपर उछल रही थी, और साथ-साथ उसके बड़े-बड़े बब्स भी ऊपर-नीचे उछल रहे थे. और फिर मैंने उसके बब्स को ज़ोरदार तरीके से पकड़ा और उन्हे खूब दबाया और वह मेरे लंड पर बिल्कुल एक खरगोश की तरहा उछल रही थी और मेरे लंड से अपनी चूत की प्यास बुझा रही थी।

और फिर कुछ देर ऐसे ही चुदने के बाद वह थक गई थी और इस बीच उसका 3 बार पानी भी निकल चुका था, लेकिन मेरा अब भी बाकी था. और फिर मैंने उसको लेटाया और उसकी टाँगे फैलाकर उसके ऊपर चढ़ गया था. मेरा लंड उसकी चूत में पूरा चला गया था और मैं ज़ोरदार झटकों से उसकी चुदाई कर रहा था. मेरे दोनों हाथ उसके बब्स को दबा रहे थे और मेरे होंठ उसके होठों से मिले हुए थे, और मेरी जीभ उसकी जीभ से खेल रही थी. हम दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे और फिर मैं भी अब झड़ने वाला था।

तो मैंने अपने झटकों की स्पीड थोड़ी और बड़ाई और उससे कहा कि, अब मैं मेरा माल कहाँ पर छोड़ू? तो उसने मुझसे कहा कि, मेरे मुहँ में छोड़ दो. और फिर मैंने झट से अपना लंड उसकी चूत में से निकाला और उसके मुहँ को चोदने लगा. और फिर कुछ ही देर के बाद मेरा पूरा माल उसके मुहँ के अन्दर था और वह उसको बड़े चाव से पी गई थी. दोस्तों अब उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी और फिर तो मैं भी समझ गया था कि वह मुझसे बहुत खुश हुई है और अब मैं इसको जब भी चाहूँ चोद सकता हूँ. और फिर मैंने उसे उसके पूरे घर में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग पोजीशन में कई बार चोदा था और उस दिन 4 बार अपना माल उसके मुहँ में निकाला था. और फिर उसके बाद में उसको उल्टा पटककर उसकी गांड भी मारी थी जो कि, बहुत ही टाइट थी क्योंकि उसने अपनी गांड में उस दिन से पहले लंड नहीं लिया था।

दोस्तों उस दिन मैंने उसको पूरा मज़ा दिया था और उसका पति 4 दिन के लिये बाहर था तो मैं रोज़ ही उसकी चुदाई करता था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!