एक राण्ड की कहानी, एक रात की कहानी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna यहाँ पर मैं आप सभी को सुरक्षा की वजह से अपना नाम नहीं बताऊँगा मेरी उम्र 25 साल की है और मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम का एक पाठक हूँ और मैंने इस वेबसाइट की अब तक की सभी कहानियाँ पढ़ ली है और मुझको वह सभी कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगी है. हाँ तो दोस्तों कामलीला डॉट कॉम की इन्हीं कहानियों को पढ़कर मैंने भी अपने जीवन में पहली बार सेक्स करने की कोशिश करी थी. और आज मैं अपनी उसी कोशिश के कुछ खट्टे और कुछ मीठे अनुभवों को आप सभी के साथ कामलीला डॉट कॉम के इस मंच के माध्यम से बाँटने जा रहा हूँ।

हाँ तो दोस्तों यह घटना मेरे साथ आज से 3 साल पहले घटी थी, और उस समय मैं अपने किसी काम से बाज़ार गया हुआ था और तब मैं पहली बार हिम्मत करके वहाँ के रण्डी बाज़ार में भी गया था और वहाँ पर बहुत सी रण्डियाँ थी. पर मुझे तो एकदम नए माल को चोदना था क्योंकि मेरा भी वह जीवन का पहला सेक्स था इसलिए मैं कोठे पर चला गया था. दोस्तों वहाँ पर सुना था कि, कोठे कि मालकिन के पास किसी भी वक्त कोई ना कोई नया माल ज़रूर होता है।

और फिर मैं कोठे वाली से मिलने गया, उस वक्त वह खुद भी अपने किसी ग्राहक के पास अपनी गांड मरवा रही थी. तो मुझे उसके लिए थोड़ा इन्तजार करना पड़ा. और फिर जब वह आई तो मैं उसे देखकर एकदम से दंग रह गया था. क्योंकि कोठे वाली भी खुद भी एक पेटी पैक माल के जैसे सजी हुई थी साली रण्डी कहीं की. और फिर उसने मुझे अन्दर कमरे में बुलाया. और फिर मैं अन्दर गया तो उसने मुझसे पूछा कि, तुमको कैसा माल चाहिए? दोस्तों उस समय मेरा तो जी कर रहा था कि, उसे ही औंधा करके अपना लंड उसकी चूत में घुसेड दूँ. पर मुझे तो ताजे माल की बात याद आ गई थी. और फिर मैंने खुद पर काबू रखा और फिर कोठे वाली बाई से कहा कि, मुझको एकदम फ्रेश माल चाहिए और मैं उसे अपने साथ ले जाकर चोदूंगा. और फिर कोठे वाली बाई ने अपने कोठे की बहुत सारी रण्डियाँ मुझको दिखाई, और फिर उसने मुझको कहा इनमें से जो भी पसन्द हो उसे अपने साथ ले जाओ. और फिर उन सब में से मुझको एक लड़की बहुत पसन्द आ गई थी. और वह मुझको बहुत ही सेक्सी माल लग रही थी. और फिर मैंने कोठे वाली बाई को बताया कि, मुझे इस लड़की को चोदना है।

और फिर कोठे वाली बाई ने उस लड़की को अपने पास बुलाया, पिंकी इधर आ. और फिर मुझे मालूम हुआ कि, उस लड़की का नाम पिंकी था. और फिर मैंने कोठे वाली से उसका भाव पूछा तो, उसने पूरी रात का 6 हज़ार रूपये कहा. तो फिर मैंने उसको हाँ बोल दिया. और फिर मैं उस रण्डी को अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने साथ घर पर ले आया था. दोस्तों वैसे भी मैं अपने घर में अकेला ही रहता हूँ क्योंकि मेरे मम्मी-पापा तो हमारे गाँव वाले घर में ही रहते है और आज तो त्योहार की वजह से बगल वाली चापलूस आंटी भी उनके घर पर नहीं थी. और फिर रात बहुत हो गई थी और तब मैंने देखा कि, हमको आते हुए कोई भी नहीं देख रहा है तो फिर मैंने पिंकी को जल्दी से अपने घर में ले लिया था. और फिर मैं उस जवान रण्डी को सीधे ही अपने बेडरूम में ले गया था. अभी पूरी रात बाकी थी इसलिए मैंने ज़रा भी जल्दीबाज़ी नहीं करी थी और इसलिये मैं बेडरूम में ही खाना लगाकर ले गया था. और मुझे ऐसा लगा कि, उसने भी कुछ खाया नहीं है तो फिर मैंने उसको भी खाने को बोला. पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन फिर उसने भी मेरे साथ ही खा लिया था। दोस्तों वह ज़्यादा बोलती नहीं थी तो मैंने सोचा कि, सेक्स की पहल कैसे की जाए… तो फिर मेरे दिमाग़ में एक विचार आया. और फिर मैंने उससे कहा चलो पहले हम दोनों नहा लेते है. तो फिर उसने हाँ कर दिया तो मैं उसे लेकर बाथरूम में आ गया था. और फिर मैंने उससे कहा कि, अब तुम मेरे कपड़े उतारो. और फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए. और फिर मैंने भी उस जवान रण्डी को पूरा नंगा कर दिया था. उसने उस समय एक पंजाबी सूट पहना हुआ था और उसने सूट के अन्दर कुछ भी नहीं पहना हुआ था. और फिर मैंने उसे बड़े ध्यान से देखा तो मुझको पिंकी का फिगर एकदम क़ातिलाना लगा था. और फिर मैंने उससे कहा कि, अब तुम मुझे नहलाओ. और फिर उसने मेरे पूरे जिस्म पर साबुन लगाकर मुझे नहलाया और उसके पहलीबार छूने से ही मेरा तो लंड एकदम खड़ा हो गया था. और फिर मैंने उसके दोनों बब्स को अपने हाथ में थाम लिया था, और फिर मैं उनको दबाने लगा तो उसके मुहँ से बड़ी ही सेक्सी और मादक सी आवाज़े आने लगी आहहह.. ओहहह…!

और फिर मैंने उसे नीचे बैठा दिया था और फिर मैंने अपने लंड को उसके मुहँ में दे दिया था. और वह गपा-गप करके मेरे लंड को चूसने लगी थी. और फिर दोस्तों मैं भी सेक्स की खुमारी में बाथरूम में ही लेट गया था और मैंने अपनी एक ऊँगली रण्डी पिंकी की चूत में डाल दी थी. और फिर उसने अपने पैर फैला दिए थे. जिससे मुझे भी अब काफ़ी जगह मिल गई थी और फिर मैं अपनी ऊँगली से उसकी चूत को चोदने लग गया था. अब तो मैं और वह हम दोनों ही एकदम गरम हो गये थे. और फिर मैं उसे अपनी बाहों में उठाकर बिस्तर पर ले आया था. और फिर मैं उसको बिस्तर पर लुढ़काकर उसके मुहँ के पास आकर बैठ गया था. और फिर मैंने अपना लंड हिलाया और वापस से उसे चूसने के लिये दे दिया था. और फिर वह फिर से मेरा लंड चूसने लगी थी और मैं भी तेज़ी से उसके मुहँ को चोदने लगा था। और फिर थोड़ी देर तक उसके मुहँ को चोदने के बाद जब उसकी साँस फूलने लगी तो मैंने अपना लंड उसके मुहँ से बाहर निकाल लिया था। और फिर मैं उस रण्डी की रसीली चूत को चाटने लगा और उसके बब्स को भी दबाने लगा था. चूत चटवाते हुए वह दो बार झड़ गई थी. और अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था तो मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया और फिर मैं उसके दोनों पैरों को पकड़कर अपना लंड उसकी चूत के मुहँ पर लगाकर घिसने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मेरे ऐसा करने से वह भी एकदम गरम हो गई थी, और अब हम दोनों को ही भरपूर मज़ा आ रहा था. और फिर अचानक से मैंने उसकी चूत में एक ज़ोर का धक्का लगा दिया था. और मेरा पूरा लंड बिना किसी परेशानी के उसकी चूत में घुस गया था. और अचानक से हुए उस हमले से वह बुरी तरह से चिल्ला उठी थी, आहह… बहुत दर्द हो रहा है! बाहर निकाआलूऊऊ ईसीई…

लेकिन मैंने अपना काम जारी रखा और फिर थोड़ी देर के बाद वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. और फिर तो उसके मुहँ से दर्द की नहीं बल्कि उत्तेजना से भरी हुई आवाजें निकल रही थी. और वह मुझसे कह रही थी कि, ज़ोर-से और ज़ोर-से चोदो मुझको. दोस्तों शायद वह झड़ गई थी इसलिए मेरा लंड उसकी चूत में से बहने वाली चूत-रस की नदी में गीला हो गया था और वह सटा-सट उसकी चूत के मुहँ पर घंटी बजा रहा था. और फिर कुछ देर तक उसको चोदने के बाद अब मैं भी झड़ने वाला था तो, मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही भर दिया था. और फिर हम दोनों एक-दूसरे से चिपककर नंगे ही सो गये थे. और फिर पिंकी ने मुझको बताया कि, वह पूरी चुदाई के दौरान 4 बार झड़ गई थी और फिर वह मुझे पकड़कर मुझको वापस किस करने लग गई थी. और हम दोनों वैसे ही थोड़ी देर लेटे रहे थे. और फिर कुछ ही देर के बाद हम दोनों वापस से शुरू हो गये थे. और वह मेरे लंड के ऊपर हाथ फेरने लग गई थी. और उसके अहसास मात्र से ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने उसकी चूत को ज़बरदस्त तरीके से घोड़ी बनाकर फिर से चोदा था और उसकी गांड भी मारी थी. और वह गांड मारते समय बहुत चिल्लाई थी लेकिन मैंने फिर भी उसकी गांड मार ही ली थी क्योंकि वह मौका बड़ा सही मौका था! और फिर सुबह जल्दी सबके उठने से पहले मैं उसको वापस उसके ठिकाने पर छोड़कर आ गया था, और उसकी गांड मारने के लिये मैंने उसको 2000 रूपये अलग से भी दिये थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!