सुप्रिया की चूतक्रीम का लाजवाब स्वाद

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम निहाल है और मैं 28 साल का जवान लौंडा हूँ मेरी हाइट 5-6″ है. और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। दोस्तों मैं पिछले बहुत समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ने का आदी हूँ और मैंने अब तक कामलीला डॉट कॉम कि सारी सच्ची कहानियों के खूब मज़े लूटे है और आज मैं आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों को अपनी भी एक ऐसी ही सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। जो कि मेरी गर्लफ्रेंड की है। अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मेरी गर्लफ्रेंड जिसका नाम सुप्रिया है उसकी उम्र 27 साल की है. हमें मिले हुए ज्यादा वक़्त नहीं हुआ है वह बहुत ही खूबसूरत है उसका फिगर 34-28-34 के लगभग का होगा। हमारी मुलाकात एक स्कूल में हुई थी, हम दोनों टीचर है जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मुझको ऐसा लगा था कि, यार यह तो क्या लड़की है इसके बब्स और गांड कसम से क्या मस्त लग रहे है मैंने जब उसको पहली बार देखा था तो मैंने सोचा था कि, यार इसकी चूत कितनी गोरी और गुलाबी होगी क्या मुझे उसे चाटने का मौका मिलेगा? यही सब मैं रोज उससे मिलता और सोचता रहता था. हमारी अभी अच्छी दोस्ती नहीं हुए थी वह साइन्स की टीचर थी और मैं कॉमर्स का टीचर था हमारा कमरा बहुत बड़ा था जिसमें दो क्लास एक साथ लगती थी जिससे हमारी क्लास में रोज़ ही मुलाकात होती थी पर ज्यादा बातें नहीं होती थी मैंने सोचा यार इस लड़की को कैसे पटाया जाए।

और फिर एक दिन वह बच्चों को साइन्स पढ़ा रही थी साइन्स में एक विषय ऐसा भी है जिसमें औरत और मर्द के शरीर के बारे में बताया जाता है. जब वह पढ़ा रही थी तो उस वक़्त मैंने मेरी क्लास के बच्चों को अकाउंट का एक सवाल दे दिया था जिससे वह वयस्त हो जाए. और जब वह उसकी क्लास के बच्चों को पढ़ा रही थी तो मैंने उसे ब्लैक-बोर्ड पर बच्चों को समझाते हुए उसकी बातों को ध्यान से सुना और देखता रहा जब वह ब्लैक-बोर्ड पर कुछ लिखती तो उसकी गांड क्या हिलती और मटकती थी. और फिर अचानक से जब वह पल्टी तो उसने देखा की मैं उसे बड़े गौर से देख रहा हूँ मेरी पलक भी नहीं झपक रही थी. और फिर उसने मुझसे कि, पूछा सर क्या हुआ आप ऐसे क्या देख रहे है? मैंने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया तो उसके हाथ में चौक थी तो उसने उसी से मुझे मारा तो मेरी आँख में लग गया और इसी घटना के बाद हमारी दोस्ती शुरू हुई थी।

मेरी आँख में जब चौक लगा तो मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मेरी आँखों से पानी निकलने लगा और मेरी आँख एकदम लाल हो गई थी और फिर वह मेरे पास आई और वह मुझसे बोली कि, सर आई.एम.वेरी सॉरी मेरे कारण आपको आँख में लग गई. तो फिर मैंने उससे कहा कि, मैडम पर आपने मुझे मारा क्यूँ? तो फिर उसने मुझसे कहा कि, आप मुझे बहुत गौर से देख रहे थे इसलिए मैंने आपको चौक मारी थी. तो फिर मैंने उससे कहा कि, आप हो ही इतनी देखने लायक, इसलिये मैं आपको देख रहा था, क्या आपको देखना गुनाह है? और फिर मेरे इस वार से वह शरमा गई और वह फिर से बच्चों को पढ़ाने लग गई थी. और फिर स्कूल खत्म होने के बाद उसने देखा कि, मुझे मेरी आँख में बहुत तकलीफ़ हो रही है तो वह मेरे पास आई और वह मुझसे कहने लगी कि, मुझे माफ कर दो सर मेरे कारण आपको इतनी तकलीफ़ हुई. और फिर मैं 2 दिन तक स्कूल नहीं गया, और फिर 3 दिन बाद जब मैं स्कूल गया तो मैंने देखा कि, वह मेरा इंतजार कर रही थी और मुझसे कहने लगी क्या बात है सर आप दो दिन से स्कूल नहीं आए? तो फिर मैंने उसको बोला कि, आप ने जो मारा था वह बहुत ज़ोर से लगा था इसलिए नहीं आया. तो फिर उसने मुझसे बोला कि, क्या मतलब? मतलब आप ने जो चौक से मारा था वह बहुत तेज से मेरी आँख में लगा था घर जाने के बाद मेरी आँख नहीं खुल रही थी डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बोला कि, आप कुछ दिन आराम करो और आंख में डालने के लिए दवाई दी. और फिर उसने मुझे सॉरी बोला। तो फिर मैंने उसको कहा कि, कोई बात नहीं मैं इसका बदला ज़रूर लूँगा. तो फिर वह मुझसे बोली कि ठीक है सर जैसी आपकी मर्ज़ी. और फिर इसी तरह हमारी क्लास में बातें होने लगी थी. स्कूल में परीक्षा का काम चल रहा था और हम अब बहुत करीब के दोस्त भी बन गये थे और मैं सोच रहा था कि, यार अब क्या किया जाए, बहुत समय बर्बाद कर दिया है अब कुछ किया जाए, और मुझे कोई मौका नहीं मिल नहीं रहा था. और फिर 1 दिन मेरी किस्मत रंग लाई और उसको कम्प्यूटर चलाना नहीं आता था तो मैं ऑफीस में 6 बजे पेपर बना रहा था और सभी स्टाफ वाले घर जा रहे थे. सुप्रिया भी जा रही थी पर उसकी नज़र मुझे पर पड़ गई और सुप्रिया ने जाने से पहले पूछा सर आप नहीं जा रहे हो घर पर? तो फिर मैंने कहा नहीं अभी मैं पेपर बना रहा हूँ बाद में जाऊँगा और फिर मैंने उससे कहा कि, आपने आपका पेपर बना लिया तो फिर उसने मुझसे कहा कि, अभी थोड़ा बाकी है बाद में बना लूँगी. तो फिर मैंने उससे कहा कि अगर बना लिया हो तो ठीक है नहीं तो कल बैठकर बना लेंगे. और फिर वह चली गई उसके बाद 7 बजे करीब मैं बोर हो गया तो मैं कम्प्यूटर में सेक्सी फिल्म देखने लगा और फिर अचानक से पता नहीं वह कब मेरे करीब आई और कम्प्यूटर में सेक्सी फिल्म देखते ही कहने लगी कि, सर आप यह क्या कर रहे हो? और फिर मैं अचानक से डर गया कि, यह कौन आ गया और फिर मैं उठकर के खड़ा हुआ तो मेरा ध्यान था ही नहीं और मैं पता नहीं कब से अपनी पेन्ट की चेन खोलकर अपने हाथ से अपने लंड को हिला रहा था. और फिर उसने एकदम से नीचे देखा तो वह एकदम शरमा गई थी. और फिर मैंने उसको देखा तो वह एकदम भीगी हुई थी।

और फिर मैंने अपने लंड को ज़बरदस्ती अपनी पेन्ट में बन्द किया, वह एकदम कड़क हो गया था और उसकी साइज़ 6″ की थी. और फिर मैंने सेक्सी फिल्म भी बन्द कर दी थी और फिर मैंने उससे कहा कि, क्या हुआ सुप्रिया तुम यहाँ, तुम तो एकदम भीग गई हो पर तुम लग बहुत मस्त रही हो. वह सफेद रंग का सूट पहने हुई थी जो कि उसके पूरे बदन से चिपका हुआ था उसने उसके नीचे काले रंग की ब्रा पहन रखी थी. और फिर उसने मुझसे कहा कि, आपने कहा था ना कि, हम दोनों मेरा पेपर पूरा कर लेंगे, इसलिए मैं वापस आ गई हूँ. मुझे क्या पता था कि, इतनी बारिश होगी। और फिर मैंने बीच में ही उसकी बात को काटते हुए उससे बोला कि, आई. एम.वेरी-वेरी सॉरी सुप्रिया मैं थक गया था इसलिए यह सेक्सी फिल्म देख रहा था और मैंने बिलकुल भी सोचा नहीं था कि, तुम वापस आ जाओगी. लेकिन फिर उसने मुझसे कुछ भी नहीं बोला था. और फिर मैंने उससे कहा कि, चलो पेपर बनाते है. तो फिर उसने भी कहा कि, ठीक है पर वह पूरी भीग गई थी तो क्या किया जाए तो फिर मैंने उससे कहा कि, तुम अपने कपड़े सुखा लो. तो उसने कहा कि, ठीक है कोई बात नहीं. पर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था तो मैंने उससे कहा कि, तुम एक काम करो बाथरूम में जाकर मेरी शर्ट पहन लो और बड़ा वाला तोलिया होगा ना वह पहन लो, और फिर मैंने अपनी शर्ट उसको उतार के दी. वह मुझसे मना कर रही थी पर मैंने ज़बरदस्ती उसको कपड़े बदलने के लिए भेज दिया और फिर 15 मिनट के बाद वह जब मेरे पास आई तो कसम से क्या लग रही थी, वह क्या गौरी थी. और फिर मैंने उसको देखकर मन ही मन में कहा कि, यार आज अगर प्रोग्राम हो जाए तो मज़ा ही आ ज़ाएँगा. और फिर वह मेरे बगल में बैठ गई और फिर मैं उसका साइन्स का पेपर हिन्दी में बना रहा था और कम्प्यूटर में बार-बार ग़लत लिख रहा था तो वह सही करा रही थी और जब भी वह अपने हाथों से बताती तो उसके बब्स मेरे होठों से टकरा जाते और 10 मिनट तक यही सिलसिला चलता रहा और इससे मेरा लंड बार-बार खड़ा हो रहा था अब मैं भी सोचने लगा कि, मैं अब क्या करूँ. और फिर अचानक से बिजली कडकी और लाइट चली गई तो फिर उसने मुझसे बोला कि, अब क्या करें? तो फिर मैंने उससे कहा कि, तुम बैठो मैं मोमबत्ती लेकर आता हूँ और फिर जब मैं मोमबत्ती लेकर आया तो पता नहीं क्या हुआ और वह एकदम से डर गई और वह मुझसे आकर चिपक गई थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, क्या हुआ? तो वह मुझसे कहने लगी कि, पता नहीं मेरे पैरो में कोई कीड़ा चढ़ रहा है. और फिर मैंने मोमबत्ती को टेबल पर लगाया और नीचे झुककर देखा तो एक छोटा सा कोकरोच चढ़ रहा था. और फिर मैंने उसको अपने हाथों से हटाया. दोस्तों उसके पैर क्या गोरे थे और फिर मैं उसके पैरों पर हाथ फेरने लगा तो वह मुझसे कहने लगी कि, सर आप यह क्या कर रहे हो? तो फिर मैंने उससे कहा कि, कुछ नहीं बस तुम्हारे पैरों की मालिश कर रहा हूँ. तो फिर वह मेरी बात को सुनकर एकदम शरमा गई थी. और फिर मैंने मन ही मन कहा कि, यही सही मौका है बाबा, दबोच ले इस प्यारी सी चूत को. और फिर मैंने मेरा एक हाथ धीरे-धीरे से उसके घुटनों से उसकी जाँघ पर पहुँचा दिया तो उसने मुझको रोकने की कोशिश करी तो मैंने उसे ही रोक दिया था. और फिर वह धीरे-धीरे गरम हो रही थी और उसकी साँसें ऊपर-नीचे हो रही थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, रूको जरा एक मिनट, मैं गेट पर ताला लगाकर के आता हूँ. और वह वहीं खड़ी रही, और फिर मैं गेट पर ताला लगाकर वापस आया. और फिर मैंने उसे किस किया तो वह पहले तो मुझको मना कर रही थी पर मैंने थोड़ा उसको ठीक से पकड़ा और जबरदस्ती किस करने लगा तो वह भी फिर धीरे-धीरे मेरा साथ देने लगी थी. और फिर मैंने झट से उसका टावल निकाल दिया तो उसने मुझको कुछ भी नहीं कहा तो फिर मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी।

और फिर मैंने उसकी शर्ट निकाली तो मैंने देखा कि, वह सिर्फ़ दो कपड़ो में मतलब काले रंग के टू पीस में ही थी, यानी काली ब्रा और काली पैन्टी में. और फिर मैंने भी अपनी पेन्ट निकाली तो मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था. और फिर उसके हाथ को पकड़कर मैंने अपनी अंडरवियर के अन्दर डालकर उसको अपना लंड पकड़ा दिया था. उसके बाद उसे अन्दर हाथ डालने में परेशानी हो रही तो झट से उसने मेरी अंडरवियर निकाल दी और फिर वह मेरे लंड को देखने लगी. और फिर उसने मेरे लंड को खुद ही अपने मुहँ में लिया और चाटने लगी और फिर वह मुझसे बोली कि, यह तो बहुत ही मस्त लंड है, और फिर वह मेरे लंड के साथ खेलने लगी जिससे मुझे भी मज़ा आने लगा था. और फिर मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था और फिर मैं भी उसकी चूचियों को दबाने लगा मुझे मज़ा नहीं आ रहा तो मैंने उसकी ब्रा निकाल दी और फिर उसे खड़ा किया और उसके एक बब्स को चूसने लगा और फिर 5 मिनट तक ऐसा करने के बाद उसे पता नहीं क्या हुआ और उसने मुझे कुर्सी पर बिठाया और वह फिर से मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा था और फिर 5 मिनट तक चूसने के बाद मैंने उसकी पैन्टी निकाली और उसे कुर्सी पर बिठाकर उसकी चूत को चाटने लगा वह आहहह… आहहह… करने लगी और मुझे बार-बार रोक रही थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, तुम बहुत खूबसूरत हो और मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ. तो फिर उसने भी मुझसे कहा कि, मैं भी तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेना चाहती हूँ. और बस फिर तो क्या था मैंने उससे कहा कि, आज तो सब हदों को टूट जाने दो आज मैं जी भरके तुम्हें चोदूंगा, और फिर हम दोनों एक दूसरे से प्यासे प्रेमियों की तरह लिपटने लगे. और फिर मैंने उसके रसीले होठों को जी भरके चूसा, और उसने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी थी. उसके बब्स जिन्हें मसलने के लिए मैं कितने दिनों से आस लगाकर बैठा था अब वह मेरे सामने नंगे थे और फिर मैंने जी भरके उसके बब्स को चूसा। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं उसके बब्स के निप्पल को अपने दातों से काटने लगा जिससे उसको अब बड़ा मज़ा आ रहा था और वह ऊहहह… आहहह… की आवाज़े निकाल रही थी. और फिर वह मुझसे लिपटकर बोल रही थी कि, और चूसो, पूरा ख़ा जाओ मेरे निप्पल को. और फिर मैंने उसे ज़मीन पर लेटा दिया और आज मुझे ऐसा लग रहा था कि, जैसे मेरी महीनों की प्यास बुझ रही हो. वह ज़मीन पर पड़ी हुई सिसकारियाँ ले रही थी, आहहह, ओहहह और मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से गीला कर दो, मुझे खा जाओ, मैं तुम्हारी ही हूँ, मेरी प्यास बुझा दो, आहह, मर गइईईई. और फिर मैं धीरे-धीरे उसकी चूत की तरफ बढ़ने लगा, उसकी चूत के ऊपर छोटे-छोटे बाल थे जो मुझे और भी पागल कर रहे थे। और फिर मैं उसके बालों को सहलाने लगा और उसकी चूत में धीरे-धीरे ऊँगली भी करने लगा जिससे उसे भी मज़ा आने लगा था, और वह और ऊहह आहह. मैं मर जाऊँगी, मत करो प्लीज कहने लगी पर मैं सुनने वाला कहाँ था. और फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी. और वह अपने पैरों को खोलने लगी और जोरों से चिल्लाने भी लगी आहह… और फिर मैं उसकी चूत के दाने को चूसने लगा और वह सिसकारियाँ लेने लगी. मैं ज़ोर-ज़ोर से अपने जीभ से उसे चाटने लगा, सुप्रिया ने मेरे सर को अपने चूत में दबा लिया, और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मैं अब झड़ने वाली हूँ तो मैंने उससे कहा कि, तुम मेरे मुहँ में ही झड़ जाओ मैं तुम्हारी क्रीम के स्वाद को चखना चाहता हूँ।

और फिर क्या था 2 मिनट के बाद वह झड़ गई हो और उसकी चूत से क्रीम निकलने लगी. वह क्या टेस्ट था, बिल्कुल क्रीम की तरह, मैं सारी की सारी क्रीम को चाट गया. और फिर मैंने उसकी चूत को और चाटा और फिर उसके बब्स को दबाने लगा. मेरा लंड भी अब झटके मार रहा था, और फिर उसने फिर से मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे अपने होठों से लगाने लगी और उसे पूरा का पूरा अपने मुहँ में डालकर के चूसने लगी, जिससे मैं भी मस्त होने लगा, वह मेरे लंड को खूब जोर से हिलाने लगी और चूसने लगी, और फिर मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और उसके मुहँ में अपना लंड पेलने लगा, पेलते वक़्त मैं उसे बोलने लगा कि, सुप्रिया आई.लव.यू. और फिर वह भी मुझसे बोलने लगी कि, लव.टू.यू. निहाल. और फिर 5 मिनट तक चाटने के बाद मैं भी झड़ गया था. और फिर 15 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा, अब मैं और समय गवाना नहीं चाहता था और ना ही वह. और फिर मैंने उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखा और फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर टिका दिया था. और फिर उसने भी मेरे लंड को थोड़ा सहारा दिया और फिर वह उसको धीरे-धीरे अपनी चूत के अन्दर लेने लगी. और फिर मैंने सोचा कि, एक ज़ोरदार धक्के के साथ करूँगा तो चिल्लाएगी इसलिये अब मैं धीरे-धीरे करने लगा जिससे उसको भी मज़ा आने लगा था और उसके बाद मैंने ज़ोर से लंड को झटका मारा तो वह चिल्लाने लगी फिर मैं झट से उसे किस करने लगा और झटके भी मारने लगा. और फिर वह धीरे-धीरे शान्त होने लगी. और फिर थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा था और वह भी अपनी गांड को उछालकर मेरा साथ देने लगी थी. और फिर क्या था वह पूरा कमरा उसकी सिसकियों की आवाज़ से गूंजने लगा. हाए मेरे भी बहुत दिनों का सपना आज पूरा हो रहा था, और फिर मैं उसे जी भरके चोदने लगा, और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसे घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चूत को मारने लगा. और उसके बालों को पकड़कर उसकी गांड पर थप्पड़ मारता हुआ उसकी चूत को चोद रहा था।

और मेरे ऐसा करने से उसे भी बड़ा मज़ा आ रहा था, और साथ में मुझे भी। उसके बाद मैंने अपनी चोदने की स्पीड और बढ़ा दी थी. और फिर लगभग 20 मिनट की धमाकेदार चुदाई के बाद वह ख़लास हो गई और उसके साथ-साथ मैं भी. फिर हम दोनों एक दूसरे पर ऐसे ही आधे घंटे तक पड़े रहे. और फिर हम दोनों को बहुत मज़ा आया और फिर करीब 15 मिनट के बाद लाइट भी आ गई थी और फिर मैंने सुप्रिया को अच्छी तरह से देखा और उसे पहले की तरह प्यार करने लगा तो उसने कहा आज के लिए बस इतना ही मैं लेट हो रही हूँ जान पेपर कल बना लेंगे मेरे घर से कोई आ गया तो ठीक नहीं होगा हम बाद में किसी और दिन मजा कर लेंगे. और उसके बाद वह घर चली गई और उसके बाद हम बाहर मिलने लगे और खूब चुदाई करने लगे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!