बेस्ट-फ्रेंड की प्यारी भाभी बन गई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम नवीन है और मैं सूरत का रहने वाला हूँ. दोस्तों अब मैं बिना कुछ बकवास किए सीधा ही अपनी कहानी पर चलता हूँ. दोस्तों यह बात आज से करीब 6-7 महीने पहले की है. मेरे सबसे अच्छे दोस्त का नाम अमित है और उसके उसके मम्मी-पापा तो गाँव में रहते है, लेकिन वह यहाँ पर अपने भैया-भाभी के साथ ही रहता है. दोस्तों उसकी भाभी बहुत ही मस्त है. मैं कई बार उनके घर आता जाता था. इसलिए उसकी भाभी के साथ थोड़ा बहुत हँसी मज़ाक भी हो जाता था. लेकिन और कुछ खास नहीं. दोस्तों उन भाभी की लम्बाई करीब 5.7″ की होगी और उनके बब्स 34” के आस-पास के थे।

दोस्तों उस समय दशहरे, दीपावली का समय था. अमित अपने मम्मी-पापा को मिलने के लिए गाँव गया हुआ था और उसके भैया-भाभी भी जाने वाले थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद क्योंकि उसके भाई को अभी उसके काम से छुट्टी नहीं मिल रही थी. और फिर एक दिन अमित का मेरे पास फोन आया और उसने मुझसे कहा कि, हमारे कॉलेज की परीक्षा का फॉर्म भरना है तो तू मेरा फॉर्म भर देना. तो फिर मैंने उससे कहा कि, ठीक है भर दूँगा लेकिन फ़ार्म के साथ लगने वाले तेरे डॉक्युमेंट्स मेरे पास नहीं है. तो फिर वह बोला कि, वह सब तो तू मेरे घर जाकर ले लेना और मैं भाभी को बोल दूँगा कि, नवीन आएगा डॉक्युमेंट लेने के लिए. और फिर मैंने उसको ठीक है कहा और फ़ोन काट दिया. और फिर फ़ोन काटते ही मेरे दिमाग़ में बत्ती जली और फिर मैं सोचने लगा कि, भाभी जब घर में अकेली हो तब ही मैं उसके घर पर जाऊँगा डॉक्युमेंट्स लेने के लिए। और फिर अगले दिन मैं दोपहर के 2.30-3.00 बजे के आस-पास अमित के घर गया और वहाँ पर दरवाजा खोलने सीमा भाभी ही आई थी. दोस्तों उस समय उसने एक बहुत ही मस्त लाल रंग की नाइटी पहनी हुई थी. और फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि, भाभी ने दिन के समय यह नाइटी क्यों पहनी होगी? और फिर मुझको पता चला कि, उनके घर पर और कोई भी नहीं है तो भाभी और उनके पति सेक्स कर रहे होगें दोपहर के समय इसलिए उन्होनें दिन में भी नाइटी पहन रखी थी।

मैं :- भाभी वो अमित के डॉक्युमेंट्स लेने है।

भाभी :- हाँ उसका फोन भी आया था कि, तुम आने वाले हो, अन्दर तो आओ।

मैं :- और फिर मैं अन्दर गया और सोफे पर बैठ गया था।

भाभी :- रूको मैं अभी अमित की फाइल लेकर आती हूँ।

मैं :- ठीक है भाभी।

और फिर भाभी फाइल लेकर आती है और फिर वह मुझे वो फाइल देती है और तभी इसी बीच मैं जानबूझकर उनके हाथ को हल्का सा अपने हाथ से छू लेता हूँ, लेकिन उनको कुछ महसूस नहीं हुआ था. और फिर मैं डॉक्युमेंट को देखने लगा, और साथ ही मैंने भाभी से पूछा कि, आप कब जा रहे हो गाँव?

भाभी :- शायद 2-3 दिन के बाद, क्योंकि तुम्हारे भैया को उनके ऑफीस के किसी काम से अचानक बाहर जाना है।

मैं :- कहाँ जाना है भैया को?

भाभी :- उनको नागपुर जाना पड़ेगा 2 दिन के लिए।

मैं :- कब जाना है?

भाभी :- वह तो अभी चले गये है तेरे आने से जस्ट 1 घंटा पहले ही।

मैं :- (दोस्तों मैं अन्दर से खुश होते हुए उनसे कहने लगा) यह तो बहुत गलत बात है भाभी।

भाभी :- इसमे गलत क्या?

मैं :- आपको 2 दिन तक अकेले ही रहना पड़ेगा ना इसलिए।

भाभी :- (उदास होते हुए) हाँ, अब तो अकेले रहने की आदत सी हो गई है।

और फिर मैं भाभी की उदासी का कारण समझ गया था.

मैं :- भाभी इसमे एक डॉक्युमेंट नहीं मिल रहा है।

भाभी :- तू अमित के कमरे में ही देख ले जा।

और फिर मैं अन्दर गया तो मैंने देखा कि, अमित के बेड पर भाभी की ब्रा और पैन्टी रखी हुई थी. और तभी भाभी अचानक से अन्दर आई और वह मुझसे बोली कि, मिला या नहीं? दोस्तों उस समय मैं भाभी की उस ब्रा और पैन्टी को देख रहा था और भाभी ने भी मुझे उनकी ब्रा और पैन्टी को देखते हुए पकड़ लिया था।

मैं उस समय थोड़ा सा शरमा गया था और फिर मैं वह डॉक्युमेंट ढूँढने लग गया था।

भाभी :- मिला या नहीं?

मैं :- हाँ भाभी मिल गया.

और फिर हम दोनों बाहर आए और फिर से सोफे पर बैठ गए थे।

भाभी :- मैं तुम्हारे लिये शरबत बनाकर लाती हूँ।

मैं :- ना भाभी. रहने दो ना।

भाभी :- क्यों?

मैं :- बस ऐसे ही।

भाभी :- ठीक है चलो बताओ कि, वैसे तुम्हारी कॉलेज की पढ़ाई कैसी चल रही है?

मैं :- (थोड़ा उदास होते हुए) हाँ कॉलेज की पढ़ाई तो ठीक-ठाक चल रही है।

भाभी :- क्यों? तुमको कोई गर्लफ्रेंड नहीं मिली क्या?

मैं एकदम से चौंकते हुए चुपचाप रहा.

भाभी :- बोल ना.. मुझको भी अपनी फ्रेंड ही मान ले और बता ना।

मैं :- हा भाभी।

भाभी :- कोई बात नहीं।

(मेरा हाथ पकड़ के और मैं चुप-चाप बैठा रहा)

भाभी :- अरे! तू तो उदास हो गया, चल मैं तेरे लिए शरबत बनाकर लाती हूँ।

मैं :- ठीक है भाभी।

और फिर जैसे ही भाभी उठकर किचन की ओर चली तभी उसके पैर में मोच आ गई और वह गिर गई थी।

मैं :- भाभी संभाल के

भाभी :- अरे नवीन, मेरे पैर में मोच आ गई है।

मैं :- भाभी चलो सोफे पर लेट जाओ।

भाभी :- नहीं सोफे पर नहीं लेट पाऊँगी ठीक से इसलिये मुझे तुम बेडरूम में ले चलो।

और फिर मैंने भाभी को सहारा दिया और उनको बेडरूम में ले गया।

भाभी :- ज़रा दवा भी लगा दे अब, और बाहर का दरवाजा भी खुला है उसको भी बन्द करके आजा।

मैं :- (मन ही मन खुश होते हुए) ठीक है और फिर मैं दवा लगाने के लिए भाभी के पैर को छूता हूँ तो मुझको एक अजीब सा अहसास हो रहा था।

और फिर भाभी ने खुद ही अपनी नाइटी थोड़ी ऊपर कर दी थी ताकि मुझको उनके पैर में दवा लगाने में कोई दिक्कत ना हो. और फिर मैं उनके पैर पर मलम लगा रहा था कि, तभी भाभी ने मुझसे कहा कि, मेरी कमर में भी बहुत तेज दर्द हो रहा है।

मैं :- वहाँ पर भी दवा लगा दूं क्या?

भाभी :- हाँ नवीन. लगाना ही पड़ेगा।

मैं :- ठीक है भाभी।

और फिर उनके पैर पर दवा लगाने के बाद भाभी उल्टी होकर सो गई थी और उनकी नाइटी वन पीस की थी. तो दवा लगाने के लिए पूरी नाइटी को ही ऊपर करना पड़ रहा था. लेकिन मैं उनकी नाइटी को ऊपर नहीं कर सका था।

भाभी :- तुम दवा क्यों नहीं लगा रहे हो?

मैं :- आपकी नाइटी को थोड़ा और ऊपर करना पड़ेगा।

भाभी :- हाँ तो कर दो ना, उसमे शरमाने की क्या बात है?

मैं :- ठीक है।

और अब मेरे सामने भाभी की पूरी नाइटी ही ऊपर हो चुकी थी और भाभी की मस्त चिकनी और गोरी गांड मेरे सामने थी. उसने एक नीले रंग की पैन्टी और काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी. उनकी कमर में दवा लगाते वक़्त ही मेरा लंड तो एकदम टाइट हो गया था।

भाभी :- तुम तो बहुत अच्छी तरह से दवा लगाते हो।

मैं :- थैंक्यू भाभी.

और फिर भाभी ने मुझको कहा कि, अगर ब्रा बीच में आ रही हो तो उसको भी खोल दो. और फिर मैं अब भाभी का इशारा समझ गया था. और मैंने उनकी ब्रा भी खोल दी थी।

मैं :- भाभी बहुत सेक्सी ब्रा है आपकी तो।

भाभी :- थैंक्यू, लेकिन तुझको कैसे पता कि, यह सेक्सी ब्रा है?

मैं :- भाभी काले रंग की ब्रा बहुत पसन्द है मुझको।

भाभी :- ओह! तो ऐसी बात है।

मैं :- खुश हो गया और समझ भी गया कि, सीमा भाभी को आज मेरा लंड चाहिए।

भाभी :- वैसे तुमने कभी किसी लड़की के बब्स देखे है?

मैं :- नहीं भाभी.

तो फिर सीमा भाभी झट से अपने बब्स को मेरे सामने लाई और बोली कि, ले तो अब देख ले तो।

मैं :- भाभी यह तो बहुत बड़े है।

भाभी :- हाँ, 34” की साइज़ है इनकी.

मैं :- क्या मैं इनको छू सकता हूँ?

भाभी :- तुम तो कुछ भी कर सकते हो, अब तो 2 दिन के लिए यह सब कुछ तेरा ही तो है।

और फिर मैं अब भाभी के बब्स को छूने लगा और दबाने भी लगा.

भाभी :- थोड़ा धीरे से कर ना नवीन.

और फिर मैंने हल्के से दबाया तो मुझको बहुत मज़ा आ रहा था.

भाभी :- आहहह… नवीन. कैसा लग रहा है?

मैं :- बहुत अच्छा.

भाभी :- फिर तो तूने कभी किसी की चूत भी नहीं देखी होगी?

मैं :- नहीं तो भाभी.

भाभी :- तो फिर अब किसका इन्तजार है? चल झट से मेरी पैन्टी को निकाल दे।

और फिर मैंने उनकी पैन्टी को भी निकाल दिया, कसम से क्या मस्त चूत थी सीमा भाभी की. एकदम गुलाबी और एकदम साफ़. और फिर मैंने जैसे ही उनकी चूत पर हाथ रखा तो भाभी के मुहँ से आहहह… की आवाज़ निकल गई थी।

भाभी :- जल्दी से मुझे भी तेरा लंड दिखा दे ना।

और फिर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए.

भाभी :- अरे वाह, बहुत बड़ा लंड है रे तेरा तो.

मैं :- भाभी इतना बड़ा है क्या?

भाभी :- तुम्हारे भैया के लंड से तो बड़ा ही है।

और फिर भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाया और फिर वह उसको फिर चूसने लगी. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनको किस किया भाभी के होठों पर।

भाभी :- अब तो बिलकुल भी सब्र नहीं हो रहा है. जल्दी से चोद दे मुझको।

मैं :- भाभी लेकिन कॉंडम के बिना कैसे चोदूं?

भाभी :- हाँ, बिना कॉंडम के ही ज़्यादा मज़ा आएगा।

और फिर मैंने भाभी की चूत पर अपना लंड रखा और ज़ोर से अन्दर घुसाया।

भाभी :- आहहह… बहुत दर्द हो रहा है, तेरा तो बहुत बड़ा है रे… आहहह… प्लीज चोद दे मुझे जल्दी से.

और फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत में पूरा अन्दर डाला और फिर मैं उनको चोदने लगा. और भाभी भी ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी, आहहह… ऊहहह…

मैं :- भाभी आई.लव.यू.

भाभी :- लव.यू.टू. प्लीज चोद मुझे और तेज़ चोद.

मैं :- ठीक है, तुम तो मेरे से भी ज़्यादा हवस से भरी हुई निकली।

भाभी :- हाँ मैं तो हूँ ही हवसखोर क्योंकि तेरा भैया तो साला एक महीने में मुझको 3-4 बार ही चोदता है, तू तो रोज चोदेगा ना मुझे?

मैं :- हाँ ज़रूर भाभी, अब मेरा पानी निकलने वाला है।

भाभी :- मेरी चूत में मत गिराना, प्लीज मुझे पीना है तेरा माल।

और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाला और फिर मैंने अपना सारा पानी भाभी के मुहँ में ही छोड़ दिया था।

भाभी :- बहुत टेस्टी है रे तेरा पानी तो.

मैं :- थैंक्यू भाभी.

भाभी :- 2 दिन तक तू यहीं पर रुक जा और मुझे चोद-चोदकर मेरी चूत का भोसड़ा बना देना।

मैं :- हाँ ज़रूर भाभी.

और फिर अगले 2 दिन तक मैंने भाभी को करीब 10 बार चोदा था. और अब भी जब भैया घर पर नहीं होते है तो मैं भाभी को चोदने चला जाता हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!