आंटी के साथ लंड चूत के प्यार की लड़ाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna और कैसे हो मुझे बहुत खुशी हुई की आपको मेरी पिछली कहानी इतनी पसंद आई है और हाँ फ्रेंड्स मुझे यह सब आपके भेजे मैल से पता चला है. आप मुझे मेसेज और मैल ज़रूर करना जिससे मैं आपको और भी बहुत सारी अच्छी सेक्स कहानियाँ बता सकूँ. वैसे मेरा नाम निखिल है, मेरी उम्र 26 साल की है और चुदाई करना मुझको बहुत पसन्द है. मेरी आज की कहानी बस 7-8 महीने पुरानी है, जब मैं अपने कॉलेज से अपने घर जा रहा था।

मेरी कार मेरे अंकल के पास थी और मेरे पास मेरी बाइक भी नहीं थी तो मैं ऑटो से जा रहा था तभी एक आंटी आई उनको शायद थोड़ी जल्दी थी तो वह ऑटो में मेरे पास आकर बैठ गई और उनके पास एक बैग था जो काफ़ी भारी था उसे रखकर वह ऑटो में बैठ गई थी. उनका बैग कुछ ज्यादा ही बड़ा था तो वह उसको ऑटो में पीछे रखकर आगे आकर बैठ गई थी और उन्होनें पीछे अपना हाथ ले जाकर उनके बैग को पकड़ रखा था. और फिर जब ऑटो चलने लगी तो मुझे कुछ अहसास हुआ कि, आंटी के बब्स मुझसे टकरा रहे है कसम से यार उस समय मुझको बहुत मज़ा आ गया था. दिखने में तो वह आंटी ज़्यादा खूबसूरत नहीं थी लेकिन उनके बब्स की साइज़ को देखकर तो मुझको मजा ही आ गया था, और मैं भी उनके बब्स को धीरे-धीरे अपने कन्धे से दबाने लग गया था जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया था और उस समय मेरा तो मन करने लग गया था कि, बस मैं तो उनको वहीँ पर चोदना शुरू कर दूँ, लेकिन मैं वहाँ पर कुछ भी नहीं कर पा रहा था क्योंकि ऑटो में और भी लोग बैठे थे. और मैं तो बस आंटी के बब्स को दबाता ही जा रहा था।

और फिर हम लोगों का स्टॉप आ गया था और सब लोगों के उतर जाने के बाद भी मैं उनके बब्स को दबा रहा था और आंटी भी मज़े ले रही थी. और फिर हम लोग भी उतरे और अपने-अपने घर की तरफ जाने लगे और मैं थोड़ा आगे जाकर उनका इन्तजार करने लगा और फिर जब वह आई तो मैंने उनका भारी भरकम बैग उठाने में उनकी मदद करी और मैंने बातों ही बातों में उनकी खूब तारीफ़ करी. और फिर मैं उनसे उनके परिवार और पति के बारे में पूछा और मैंने उनका मोबाईल नम्बर भी ले लिया था. और फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उनके बब्स की तारीफ़ भी कर दी तो वह शरमा गई थी और फिर उनका घर भी आ गया था. और फिर मैं वहाँ से अपने घर चला गया था. और उन आंटी ने मुझसे दुबारा जल्द ही मिलने को कहा था।

और फिर 1 सप्ताह के बाद मेरे पास एक फ़ोन आया तो मैंने पूछा कि, कौन है? तो उन्होनें बताया तो फिर हमारी ऐसे ही मेसेज से और फ़ोन से बात-चीत चलने लगी थी. दोस्तों मैं भी बातों ही बातों में उनसे उनके बब्स की बात कर देता था तो वह एकदम से तड़प जाती थी. उनके पति एक प्राइवेट कम्पनी में इंजिनियर थे और वह अपने काम में काफ़ी व्यस्त रहते थे. और फिर उन्होनें मुझको एक दिन मिलने बुलाया और फिर हम मिले और साथ में हम फिल्म देखने भी गये थे. वहाँ पर मैंने उनके साथ खूब किस किये और खूब सारी सेक्सी बातें भी करी तो फिर उन्होनें मुझसे सेक्स करने के लिए कहा तो फिर मैंने उनको कहा कि, चलो मेरे साथ. तो फिर वह बोली कि, आज नहीं कल मिलते है. तो फिर मैंने भी कहा कि, ठीक है. और फिर उसने मुझको बाय किया और फिर हम अपने-अपने घर पर चले गये थे. दोस्तों उसकी उम्र 35 साल के आस-पास की थी लेकिन फिर भी उसकी चुदाई की भूख इतनी थी कि, पूछो ही मत, उसको देखकर तो लगता था कि, जैसे वह कई सालों से सेक्स की प्यासी हो।

और फिर अगले दिन मुझको उसका फ़ोन आया और फिर उन्होनें मुझको कहा कि, तुम शाम को 4 बजे मेरे घर आ जाना. और फिर यह सुनते ही तो मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा था. क्योंकि मैं तो उनको चोदने के लिए वैसे भी पहले से ही तैयार बैठा हुआ था और मैंने तो मन ही मन सोच के रखा हुआ था कि, इसको तो मैं इतना रुला-रुलाकर चोदूंगा कि, इसकी सारी चुदाई की भूख एक ही बार में मर जाएगी. और फिर मैं उसके घर जाने के लिए एकदम तैयार हो गया था, और उस दिन मैं कॉलेज से भी जल्दी ही आ गया था. और फिर शाम को उसका फोन आया कि, अब तुम आ सकते हो. और फिर मैंने उनको मुझे उनके घर के पास से लेने आने को कहा तो फिर वह थोड़ी देर के बाद उनकी गली के बाहर रोड़ से मुझे लेने आ गई थी. और फिर जब मैं उसके घर पर पहुँचा तो मुझको पता चला कि, वह तो खुद भी मुझसे चुदने के लिये पहले से ही तैयार होकर बैठी थी. और फिर मैंने उससे उसके पति के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि, वह 2 दिन के लिए अपने ऑफिस के काम से बाहर गये हुए है, और बच्चे भी ट्यूशन पर पढ़ने गए हुए है। और फिर वह मुझको अपने बेडरूम में ले आई थी फिर उसने मुझको अपनी बाहों में भर लिया था, और फिर वह मुझको कहने लगी कि, प्लीज चलो अब शुरू करो ना, मैं वैसे भी बहुत समय से प्यासी हूँ सेक्स की. दोस्तों उसके पति का लंड तो मुश्किल से 5” का ही था. और फिर उसने मुझसे कहा कि, तुमने जब से मेरे बब्स को हाथ लगाया है तब से मेरे पूरे बदन के अन्दर एक अजीब सा करंट सा लग गया है. और फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है बस मैं थोड़ा फ्रेश होकर आता हूँ।

और फिर जब मैं आया तो सबसे पहले मैंने उसको किस किया. दोस्तों उस पल तो मुझको भी लगा कि, शायद काफ़ी समय से किसी ने भी उसको संतुष्ट नहीं किया था. हाँ दोस्तों अब मैं आप सभी को उसका फिगर बता दूँ उसका फिगर 34-30-36 के आस-पास का था. दिखने में तो वह एक मस्त साधारण घरेलू औरत ही थी. और फिर मैंने उसको किस करने के साथ-साथ उसके बब्स भी दबाने शुरू कर दिए थे. कसम से दोस्तों उस समय क्या मज़ा आ रहा था, और उसके मुहँ से बड़ी प्यारी सी आवाज़ निकल रही थी. और फिर उसने धीरे-धीरे मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और फिर मैंने भी उसकी साड़ी उतार दी थी. और अब वह सिर्फ़ अपने पेटीकोट और ब्लाउज में थी. और फिर मेरे इतना करने में ही उसका पानी निकल गया था. और फिर मैं उसकी पूरी बॉडी पर किस करने लग गया था. और मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत में ऊँगली डाली तो वह काफ़ी गीली हो गई थी. और फिर मैंने उसका ब्लाउज भी उतार दिया था. और फिर उसका ब्लाउज उतरते ही मैंने देखा कि, दोस्तों उसके क्या गजब के बब्स थे उनको देखकर तो लगता ही नहीं था कि, वह साली 2 बच्चों की माँ भी है. और फिर मैंने उसकी ब्रा को भी उतारकर फैंक दिया था. और फिर मैं उसको उसके बेड पर ले जाकर उसके बब्स के साथ खेलने लग गया था। और फिर मैंने उसको पूरी तरह से नंगी कर दिया था और उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे. और फिर मैंने उसको अपना लंड चूसने को कहा ही था कि, वह झट से मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर गपा-गप करके चूसने लग गई थी. और फिर अब हम लोग 69 की पोजीशन में आ गये थे और हम दोनों ही एक-दूसरे के अंगों को चूमने चाटने और सहलाने लग गए थे. और इसी बीच उसने अपनी चूत से ढेर सारा रस छोड़ दिया था और मैं भी उसका वह सारा रस पी गया था. और फिर थोड़ी ही देर के बाद मेरे लंड से भी जवानी फूट पड़ी थी. और फिर उसने भी मेरे लंड से निकला सारा पानी पी लिया था. और फिर 10-15 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था साली की चूत को मारने के लिये। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उसकी दोनों टाँगों को फैलाया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहँ पर रखा और फिर मैं अपने लंड से उसकी चूत को रगड़ने लगा तो वह मुझसे कहने लगी कि, अब इतना भी मत तड़पाओ प्लीज डाल भी दो कब से प्यासी हूँ मैं इस चुदाई के लिए. और फिर मैंने उसकी चूत पर थोड़ा सा थूँक लगाया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया तो उसके मुहँ से बड़ी ही प्यारी सी आवाज़ निकली आहहह… और फिर जैसे ही मैंने पूरा डाला और मेरा लंड अटक गया था उसकी चूत में तो वह चिल्ला पड़ी थी और कहने लगी थी कि, निकालो प्लीज…

दोस्तों इतने समय के बाद भी उसकी चूत इतनी मस्त थी. और फिर अब मैं भी पूरे जोश में आ गया था और मैं उसके ऊपर चढ़ गया था और किस करते-करते ही मैं अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा था. और फिर थोड़ी देर के बाद जब वह सामान्य हो गई थी तब मैंने अपनी चुदाई की स्पीड थोड़ी और बड़ा दी थी. और अब तो वह भी मेरा साथ देने लग गई थी और वह यह भी कहती जा रही थी कि, साले तुझसे चुदने के लिये तो मैं कब से पागल हुई जा रही थी. और उस पूरे कमरे में लंड चूत के प्यार की लड़ाई की जबरदस्त आवाजें आ रही थी, आहहह… उह्ह्ह… इस्सस… उफ्फ्फ… इस बीच उसका पानी तो 2 बार निकल चुका था पर मेरा तो पता नहीं क्यों आज निकल ही नहीं रहा था और वह भी कह रही थी कि, फाड़ दो जान आज तो मेरी चूत को. और फिर उसके मुहँ से यह सुनते ही तो मैंने अपनी स्पीड और बड़ा दी थी. और फिर 20-25 मिनट के बाद जब मेरा लावा निकला तो मैंने अपना सारा जोश उसकी चूत में ही ठण्डा कर दिया था. और फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक-दूसरे के ऊपर ऐसे ही लेटे रहे।

और फिर हम दोनों साथ में ही उठकर बाथरूम में गए और वहाँ पर हम दोनों ही साथ में नहाए भी थे और वहाँ पर भी मैंने उनके साथ एकबार और भी चुदाई करी थी. उसके बाद हमने अपने-अपने कपड़े पहने थे और फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया था और फिर मैं उनको किस करके वहाँ से आ गया था. और यह सिलसिला आज भी चल रहा है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!