प्यार , सम्भोग ओर धोखा 14

आज मुजे घर antarvasna जाना था और एक हफ्ता रह गया था भाई की शादी को तो पहले मेने राधिका जी को घर छुड़वाया ओर में लक्ष्मी को गांव की जिम्मेदारी देखे बाकी सबके साथ घर आ गया इंडस्ट्री का काम 75% पूरा हो गया था अगले हफ्ते भाई की शादी के बाद इंडस्ट्री का उद्घाटन होना था उसकी जिम्मेदारी भी लक्ष्मी पे थी । घर जेक मेरी खूब खातिर हुई माँ मुजे इतने टाइम बाद देख रही थी तो उनकी आंखों में आंसू से चाची का भी ये ही हाल था वही मेरी सारी भहने बोहुत खुश थी मुजे देख कर पर मुजे सीमा कही नही दिख रही थी बोहुत पूछने पर मा ने बताया के उसके पिता की तबियत ठीक नही है जब ठीक होगी तो वो आ जाएगी मगर मुजे कुछ गड़बड़ लगी क्योंकि ऐसा पहले कभी हुआ नही था सीमा ऐसे गयी नही थी कभी भी फेर आज क्यों मगर घर की खुशी देखते हुए मेने बात ओर नही बढ़ाई ओर लग गया घर के कामो में मेरा काम था कि घर की लेडीज़ को कोई असुविधा ना हो उनकी जरूरतों का सारा ध्यान मुजे ही रखना था बोहुत सारे रिश्तेदार आए हुए थे कुछ के रहने का इंतजाम घर मे था तो कुछ का बाहर होटल्स में मेरे सभी करीबी घर पे ही थे फिर शाम को में सभी लेडीज को शॉपिंग करने ले गया तो माँ ने नंदिनी को भी शॉपिंग मॉल में बुला लिया ताकि शादी का जोड़ा उसकी पसंद का हो अपनी सभी बहनों को मैने शॉपिंग कराई ओर थोड़ी देर में नंदिनी भी आ गयी जिसकी नजर मुझपे ही थी जैसे कुछ कहना चाह रही हो बात करना चाह रही हो तो में उसे साइड में ले गया बात करने के लिए ।

विश्वास – नंदिनी सब ठीक तो है ना क्या हुआ ।

नंदिनी – हाँ में ठीक हु ओर खुश भी हु इस शादी से अब मुजे समाज आ गया है के तुम्हारे भाई मुजे बोहुत प्यार देंगे उस एक महीने में मैं उन्हें बोहुत अच्छे से परख लिया है जान लिया है ।

विश्वास – ये तो बोहुत अच्छी बात है ।

नंदिनी – पर मेरा पहला प्यार तो तुम ही हो क्या में एक चीज मांगू दोगे ।

विश्वास – मांगो जो चाहिए

नंदिनी – मुजे अपनी लाइफ की एक शाम देदो में तुम्हारे साथ रहना चाहती हु एन्जॉय करना चाहती हु ।

विश्वास – पर ये नही हो सकता में अपनी होने वाली भाभी के साथ कैसे नही नही ।

नंदिनी – में कुछ नही जानती में सेक्स के लिए तो नही बोल रही ना मुजे कुछ नही सुन्ना बस मुजे चाहिए ।

विश्वास – ठीक है दिया मगर मेरी शर्तो पे जब में चाहू तब ।

नंदिनी – हाँ लेकिन शादी से पहले ही । में इंतजार करूँगी ।

विश्वास – ओक काल हम आ रहे है तुम्हारा दुल्हन का जोड़ा लेके ओर हळद ही तुम सरप्राइज भी दूंगा चलो अब चलते है नही तो कोई गलत समझेगा ।

फेर हम बाहर आ गए और अपने अपने घर आ गए आज बोहुत थक गया था तो में जल्दी ही सोने की सोची आज पूरे एक हफ्ते बाद बिना सेक्स के सो रहा था तो आदत सी हो गयी थी । तो मैने लैपटॉप में से पोर्न निकाली और मुठ मारने लगा और जैसे ही क्लीमेक्स कि ओर पाहुचा के तभी रश्मि दीदी कमरे में आ गयी मेरा ध्यान तो पोर्न में था में लगा रहा मुजे पता नही लगा लेकिन दीदी कुछ देर तक मेरे लंड को देखती थी और जैसे ही मेरा पानी निकला और मेरा ध्यान दीदी पे गया मेरी फट के हाथ मे आ गयी अब क्या करूँ । तभी

रश्मि – आई आम सॉरी विश्वास मुजे नोक करके आना चाहिए था ये तुम्हारा दुद रखा है पी लेना ।

में कुछ बोलता उससे पहले ही दीदी जा चुकी थी और मेरी थोड़ी जान में जान आई के सहली बच गया आज तो नही तो लेने के देने पड़ जाते । ये लंड भी किसी दिन मार खीलवाएगा ओर कटवाएगा मेरी नाक ओर यही सोचता सोचता में सो गया ।