स्कूल वाली मेम के साथ पूरी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम चेतन है, मैं इन्दौर का रहने वाला हूँ और मेरे साथ जब यह घटना हुई थी तब स्कूल मैं 12 वीं कक्षा में पढ़ता था और मेरी उम्र 20 साल की थी और मैं दिखने में भी बहुत स्मार्ट हूँ मेरी लम्बाई 5.8 फुट की है मेरे लंड की लंबाई 6” की है. दोस्तों यह बात पिछले साल की है जब हमारे स्कूल में एक समारोह था जिसमें बहुत बड़े-बड़े लोग आने वाले थे और वह समारोह शाम को 7 बजे शुरू होने वाला था और लगभग सभी लोग समय पर आ भी गये थे. और फिर रात के 11 बजे तक समारोह भी ठीक-ठाक तरीके से ख़त्म हो गया था. दोस्तों हमारे स्कूल वालों ने जिस जगह पर समारोह का आयोजन किया था वह जगह मेरे घर से बहुत दूर थी. तो फिर मैंने सोचा था कि, मैं एक रात के लिए अपने दोस्त के घर पर ही रुक जाऊँगा लेकिन उस समारोह में मेरा वह दोस्त आया ही नहीं था. और फिर समारोह ख़त्म होते-होते रात के 11 बज गये थे।

और फिर मैंने घर जाने के लिए बस का सहारा लिया लेकिन उसमें भी बहुत भीड़ थी. और फिर बस में मैंने देखा कि, एक महिला सीट खाली थी लेकिन महिला सीट होने के कारण मैं वहाँ पर बैठा नहीं था. दोस्तों मैंने दुबारा से जैसे ही उस सीट को देखा तो उस पर मेरे स्कूल की लड़कियों को बास्केटबॉल सिखाने वाली मेडम बैठ गई थी. उनका नाम विनीता है. दोस्तों वह दिखने में बहुत खूबसूरत और उनका फिगर भी बहुत ही सेक्सी है. उनके बड़े-बड़े बब्स मस्त उभरी हुई गांड. वह तो कसम से चलती फिरती एक कयामत है. दोस्तों मेरा लंड तो हमेशा ही उनको देखते ही खड़ा हो जाता था. दोस्तों उनका फिगर 34-28-36 का है जो कि, मुझे बाद में पता चला था. और फिर मैं जब बस में उनके पास गया तो उन्होंने मुझे देखकर उनके साथ में बैठने को कहा, और फिर मैं भी जल्दी ही मान गया और फिर मैं उनसे चिपककर बैठ गया था। और फिर हमने समारोह की बातें करनी शुरू कर दी थी. और इसी बीच मैंने उनको बताया कि, मेरा घर कितना दूर है. तो फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, मेरा घर यहीं पास में ही है, और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, आज की रात तुम मेरे साथ मेरे घर पर ही क्यों नहीं चलते हो? लेकिन पहले तो मैंने उनको मना किया और फिर बाद में मेरे अन्दर का जानवर जाग गया था और फिर मैंने जल्दी से उनको हाँ भी कर दी।

और फिर तभी मैंने घर पर फ़ोन करके अपने मम्मी-पापा को कह दिया था कि, मैं अपनी मेम के घर पर ही आज रात को सो जाऊँगा और फिर उन्होंने मेरी पूरी बात सुनकर हाँ भी कर दी थी. और फिर जब हम उनके घर पर पहुँचे तो मैंने देखा कि, वह तो अकेली ही रहती थी. और फिर मैं इस बात को सोचकर मन ही मन और भी खुश हो गया था. और फिर विनीता मेम मुझको बैठक हॉल में बैठाकर नहाने के लिए चली गई थी. और फिर मैं वहाँ पर बैठकर टी.वी. देखने लग गया था. और फिर तभी थोड़ी देर के बाद में मुझको बहुत तेज पैशाब आया तो मैं पैशाब करने के लिए चला गया था लेकिन मुझको पता नहीं था कि, उनका बाथरूम और टॉयलेट एक साथ ही है. और फिर मैंने जैसे ही बाथरूम का दरवाज़ा खोला तो देखा कि, मेम अन्दर अपनी चूत के बालों को साफ़ कर रही थी. और फिर मैं अचानक से उनको ऐसे देखकर डर गया था, और उन्होनें भी मुझसे डरकर अपनी चूत पर अपना एक हाथ रखकर अपनी चूत को छुपा लिया था. और फिर मैं जल्दी से हड़बड़ाकर बाथरूम से बाहर आ गया था. और फिर मैं वापस आकर बैठक वाले कमरे में बैठकर टी.वी. देखने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद वह भी नहाकार बाहर आई तो मैं तो बस उनको देखता ही रह गया था, और उनको देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, और मेरे खड़े लंड को मेम ने भी देख लिया था. लेकिन उन्होनें मुझको कुछ भी नहीं कहा था और फिर वह मेरे पास आकर बैठ गई थी।

और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, जो कुछ भी तुमने अभी देखा है वह तुम किसी को भी मत बताना और वह उस समय बहुत घबराई हुई थी. और तभी मैंने सोचा कि, क्यों ना इस बात का फायदा उठा लिया जाए. और फिर मैंने उनसे कहा कि, ठीक है मैं यह बात किसी को भी नहीं बताऊँगा लेकिन मुझको एकबार आपकी वह देखनी है. और तभी उन्होनें थोड़ा मुस्कुराते हुए पूछा कि, क्या? तो फिर मैंने उनसे साफ़-साफ़ कहा कि, आपकी गोरी और गुलाबी चूत. और फिर तभी वह मुझसे बोली कि, क्या तुम पागल हो गये हो? अपनी मेम से ऐसा कहते हुए तुमको शरम नहीं आती क्या? और फिर तभी मैंने उनसे कहा कि, ठीक है तो फिर मैं स्कूल में अपने सभी दोस्तों को सब सच-सच बता दूँगा।

तो फिर वह मेरी बात से डर गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, ठीक है, मैं वो सब दिखाने के लिए तैयार हूँ जो कुछ भी तुमको देखना है. और फिर उन्होनें झट से अपनी नाइटी ऊपर कर दी थी. और फिर वह अपनी काले रंग की पैंटी को नीचे करके खड़ी हो गई थी. और तभी मैं तो खुशी से पागल सा हो गया था, उनकी इतनी सेक्सी चूत को देखकर और फिर मैं उनकी चूत के और पास जाने लगा और वह मुझसे दूर होने लगी थी. और फिर तभी मैंने उनका हाथ पकड़ा और फिर मैंने उनको अपनी तरफ खींचा और फिर मैंने उनको सोफे पर बैठा दिया था और फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी चूत पर रख दिया तो वह उछल गई थी, दोस्तों कसम से मुझको तो उस समय ऐसा लग रहा था कि, उनकी चूत को उस दिन से पहले कभी किसी ने छुआ भी नहीं होगा. और मैंने भी पहलीबार किसी की चूत देखी थी. और फिर मैं उनकी चूत की खुश्बू लेने लगा जो कि, मुझको एकदम मदहोश कर रही थी. और फिर मैंने अपना एक हाथ मेम के बब्स पर रखा जो कि, बड़े ही नरम और मुलायम थे. और तभी उन्होनें गुस्से से मेरा हाथ अपने बब्स पर से हटा दिया था। और मैंने फिर से उनके बब्स को पकड़ा और फिर मैं उनको सहलाने और दबाने लगा और मैं अपने दूसरे हाथ से उनकी रसीली चूत को रगड़ता भी जा रहा था. दोस्तों फिर मेम भी अब गरम होने लगी थी और फिर वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. और फिर उन्होनें अपनी नशीली नज़रों से मुझको देखा और फिर उन्होनें मेरे होठों पर एक किस किया तो फिर मैं अब और भी जोश में आ गया था. और फिर तो मैंने भी अपने होंठ उनके होठों पर रख दिए थे. और फिर मैं जबरदस्त तरीके से उनके होठों को चाटने और चूमने लग गया था. और फिर तो दोस्तों हम दोनों ही एक-दूसरे की ज़ुबान को चूस रहे थे।

और फिर 5-10 मिनट के किस के बाद मेम ने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया था जो कि, उनकी चूत को देखकर पहले से ही खड़ा हो गया था. और फिर तभी उन्होनें नीचे अपने घुटनों के बल पर बैठकर मेरी पेन्ट और अंडरवियर एकसाथ ही उतार दी थी. और फिर वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चाटने लगी थी. दोस्तों मैं तो उस पल के अहसास मात्र से पागल हो रहा था और मेरा तो वीर्य ही निकल गया था और फिर उन्होनें मेरा पूरा माल पी लिया था. और फिर उसके बाद मैंने मेम के बब्स को उनकी ब्रा से बाहर निकाला और फिर मैंने उनको चाट-चाटकर और चूस-चूसकर एकदम लाल कर दिया था, और उनके बब्स के गुलाबी निप्पल तो बिल्कुल कड़क हो गए थे।

और फिर मैंने उनके पूरे बदन को खूब चाटा और चूमा भी. और मेरे ऐसा करने से मेडम एकदम ही मदहोश हो गई थी. और साथ ही वह मुझसे कह रही थी कि, और ज़ोर से और ज़ोर से. और फिर तभी मैंने उनके बब्स को चाटना बन्द किया और फिर मैं उनकी चूत की तरफ चला गया था. और फिर मैंने जैसे ही अपना मुहँ उनकी चूत पर लगाया तो मेम ने ज़ोर से मेरे सिर को पकड़ा और फिर वह मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लग गई थी, और मैं भी पागलों की तरह उनकी चूत को चाट रहा था. और फिर 5 मिनट के बाद मेम की चूत का भी माल निकल गया था और मैं उसको पूरा ही चाट गया था. उनके माल का स्वाद मुझको बहुत ही अच्छा लगा था. और फिर मेम ने मुझसे कहा कि, अब तो मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है, अब जल्दी से अपने इस लंड को मेरी तड़पती चूत में डाल दो. और फिर मैं खड़ा हुआ, और फिर मैंने मेम को सोफे के हत्थे के सहारे घोड़ी बनाया और फिर मैंने उनके पीछे खड़े होकर अपने खड़े लंड को उनकी चूत के मुहँ पर रख दिया और फिर मैंने अपने लंड के टोपे और मेम की चूत के मुहँ पर ढेर सारा थूँक लगाया और फिर एक ज़ोर का झटका मारा. तो फिर मेम ज़ोर से चिल्लाई अरे!… मैं तो मर गईईई… और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, थोड़ा धीरे-धीरे करो मेरी जान. दोस्तों मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस चुका था. और फिर मैं 2-5 मिनट के लिए रुका और मैंने फिर से एक और ज़ोर का झटका मारा और अबकी बार अपना पूरा का पूरा लंड मेम की चूत में घुसा दिया था. और उधर मेम का तो बहुत ही बुरा हाल हो गया था दर्द की वजह से उनक चेहरा और आँखें एकदम लाल हो गए थे. और फिर मैं थोड़ी देर के लिए रुका. और इस बीच मैं उनके बब्स को चूसता रहा और उनके होठों को भी चूमता रहा. और फिर मैंने फिर से उनकी चूत में झटके देने शुरू कर दिए थे. मेम का दर्द भी अब कम हो गया था, और वह अब मेरे हर झटके का पूरा-पूरा मज़ा ले रही थी. और मैं भी अपने पूरे दम से अपने लंड को उनकी चूत में डाल रहा था. और वह भी जोश में आकर मुझसे कह रही थी कि, आहहह… और जोर से चोदो मुझे. और फिर तभी उसके मुहँ से यह सुनकर मुझको तो और भी जोश आ गया था. और फिर मैं मेम को बड़े ही जबरदस्त तरीके से चोदने लग गया था. दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर तभी मेम की चूत का पानी निकल गया था और वह थोड़ी ढीली पढ़ गई थी, लेकिन मैं तो ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूत में अपने लंड से धक्के दिए जा रहा था. मेम की चूत के पानी की वजह से मेरा लंड उनकी चूत में अब और भी तेज़ी से अन्दर-बाहर हो रहा था। और फिर 20-25 मिनट तक बिना रुके चुदाई करने के बाद जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने मेम से पूछा कि, कहाँ पर निकालूँ ? तो फिर वह मुझसे बोली कि, तुम फ़िक्र मत करो और अपना सारा माल मेरी चूत के अन्दर ही डाल दो, अभी तो मुझको इस शानदार पल का पूरा मजा लेने दो, मैं बाद में आई.पिल खा लूँगी. और फिर मैंने उनको सीधा लेटाया और फिर से मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसाया. और फिर 8-10 धक्कों के बाद मैंने अपना पूरा माल मेम की चूत में ही डाल दिया था. और फिर मैं बिना अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकाले हुए वैसे ही उनके ऊपर ही लेट गया था और फिर मैं उनके बब्स को चूसने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर एकसाथ नहाकर बाहर आए और फिर हमको चुदाई ख़त्म करते-करते रात के 2-2.30 बज गये थे।

और फिर हमने एक-दूसरे को एक जबरदस्त किस किया और फिर हम एक-दूसरे को अपनी बाहों में लेकर सो गये थे. और फिर मैं जब सुबह करीब 7-7.30 बजे उठा तो मैंने देखा कि, मेम अभी भी सो रही है. और फिर मैंने उनको जगाया और कहा कि, मैं आपको एकबार और भी चोदूंगा. तभी उन्होनें मना कर दिया और कहा कि, मेरी चूत में रात की चुदाई से अभी तक बहुत दर्द हो रहा है और जलन भी हो रही है. और फिर तभी मैं उनके बब्स को चूसने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद मैं उठा और तभी मेरे पापा का फ़ोन भी आ गया था और फिर मुझको मेम के घर से जाना पड़ा. और जाते समय मैंने मेम को किस किया और फिर मैं वहाँ से चला आया था।

दोस्तों उसके बाद मैंने पूरे 3 महीने तक मेम के साथ खूब जमकर सेक्स किया था, और अब मैं इंजीनियरिंग करने के लिए दूसरे शहर में आ गया हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!