वो मेरी सेक्स वाली गर्लफ्रेंड बनना

दोस्तों मेरा नाम Antarvasna सनी हे और मैं एक सक्सेसफुल बिजनेश का संचालन करता हूँ. मैं कुछ सालो पहले इस बिजनेश की नीव रखी थी जो अब सक्सेस के ऊपर हे! मेरी ये कहानी मेरी ड्रिम यानी की सपना सच होने की बात हे. ये किस्सा आज से 7 महीने पहले का हे. बात अपनी ऑफिस में एक सेक्रेटरी को जॉब पर रखने से स्टार्ट हुई!

उसका नाम नताशा था जिसे मैंने इस काम के लिए चुना था. वो 27 साल की मेरिड औरत थी. और मेरी भी शादी हो चुकी हे. उसका काम सही था इसलिए मैंने उसे अपनी सेक्रेटरी के साथ साथ अपनी पर्सनल मेनेजर का दोहरा रोल दिया हुआ था. वो दिन में मेरे साथ 12-13 घंटे तक होती थी और सब काम को बड़े ही अच्छे ढंग से करती थी.

बात आगे तब बढ़ी जब नताशा ने अपने बर्थडे पर एक पार्टी ओर्गेनाइज की. और उसने मुझे एक 34 साल की औरत से मिलवाया. उस औरत का नाम सोनम था. वो भी मेरिड थी. सोनम के साथ बात की मैंने और उसकी और मेरी अच्छी बन गई. उसके सौक सब मेरे जैसे ही थे, चेस खेलना, घूमना, नए नए बिजनेश एक्सप्लोर करना.

नताशा की पार्टी ने हमने खूब बातें की और साथ में बैठ के ड्रिंक भी किया. उसके दो बच्चे थे. और उसका फिगर 34c-32-33 था. वो अपनी पर्पल साडी के अन्दर बड़ी ही मादक लग रही थी. साडी के ऊपर से अन्दर की ब्रा की भी झाकी हो रही थी. शराब पीते हुए ही हम दोनों ने एक दुसरे से नम्बर्स की आप ले कर ली. और फिर हम कुछ ही हफ्तों में अच्छे दोस्त भी बन गए.

फिर एक दिन मैं अपनी सेक्रेटरी नताशा के साथ भोपाल की 3 दिन की ट्रिप पर जाने को था. लेकिन नताशा का कुछ फेमली मेटर आ गया इसलिए उसने मुझे मना कर दिया. सोनम को बात की तो वो बोली की चलो मैं साथ में आ जाती हूँ क्यूंकि वैसे भी मेरे हसबंड अभी बहार हे और बच्चे भी नानी के वहां हे छुट्टियों की वजह से. हम दोनों भोपाल गए और मैंने होटल में दो अलग कमरे बुक किये हमारे लिए.

क्लाइंट से मिलने के बाद शाम को मैंने और उसने बहार घुमने का और शोपिंग करने का प्लान बनाया. उस शाम को भी उसने एक बड़ी ही सेक्सी साड़ी पहनी हुई थी. और उसे देख के मेरे मन में गुदगुदी सी हो रही थी. हम लोग लेक साइड पर गए. वहां पर हमने 3 घंटे निकाले बैठने में और ड्रिंक करने में. फिर ड्रिंक करते हुए ही उसने मुझे एक बड़ा आर्श्चय दे दिया.

उसने मुझे पूछा की क्या हम दोनों अफेयर कर सकते हे प्लेजर के लिए?

मैंने भोंदू बनने की एक्टिंग की और कहा, सोनम क्या कह रही हो तुम?

उसने कहा की तुम्हे क्या लगता हे की एक औरत ऐसे ही इतनी दूर तुम्हारी ऑफिशियल विजिट के लिए तुम्हे कम्पनी देने के लिए आई हे? मुझे तुम्हारी जरूरत हे!

मैं खुश था लेकिन साथ में मैं प्यार श्यार और चिकन खुराना वाले लफड़े में नहीं पड़ना चाहता था. लेकिन वो मेरे करीब आ गई और उसने अपने होंठो को मेरे होंठो से लगा दिया और चूसने लगी. और वही टेबल के निचे ही उसने मेरे ट्रोउसर के ऊपर से मेरे लंड के ऊपर अपना हाथ दबा दिया.

मैंने उसे हटा के कहा, तुम्हे कैसा रिलेशन चाहिए मेरे साथ? हम दोनों आलरेडी मेरिड हे.

उसने कहा, फायदे वाली दोस्ती.

मैंने कहा क्या मतलब?

वो बोली, मुझे अपने हाथ घुमाओ, खिलाओ, शोपिंग करवाओ और मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ. और बदले में जब तुम्हे करना होगा हम सेक्स भी करेंगे!

हम दोनों वहाँ से सीधे ही होटल के ऊपर चले गए. और मेरा लंड सोनम को चोदने के ख़याल से ही एकदम कड़क हो चूका था. मैं कमरे में घुसते ही उसे बिस्तर के ऊपर फेंक के लाईट को बंद कर दिया. और फिर हम दोनों ऐसे एक दुसरे को किस करने लगे जैसे कितने सालों से एक दुसरे से बिछड़े हुए हो!

उसने किस करते हुए ही मुझे नंगा कर दिया और मैंने भी उसके बूब्स को दबाते हुए उसकी साडी को निकाल दिया. सोनम को लंड चुसना और लंड हिलाना बहुत अच्छी तरह से आता था उसने मुझे ऐसे बताया.

और फिर उसने अपनी जबान का जादू दिखाया मुझे. वो सच में मेरे लंड के ऊपर ऐसे अपनी जबान को घुमा रही थी की अगर लंड चूसने का अवार्ड होता तो मैं उसे ही दे देता. और साली ने ऐसे सेक्सी ढंग से लंड को चूसा की कुछ ही मिनटों में मेरे लंड का वीर्य निकल के उसके मुहं में निकल गया. मैं चाहता था की वो स्वेलो करे. लेकिन उसने उसके लिए मना कर दिया.

फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और मैंने उसकी ब्लाउज और पेटीकोट को फाड़ ही दीया. वो ब्लेक ब्रा और पेंटी के अन्दर एकदम सेक्सी लग रही थी. मैंने उन्हें भी एकदम जल्दी से उतार दिया और उसकी चूत को थोड़ी देर के लिए चाटा. वो पहले से ही एकदम गीली थी!

मैं उसके ऊपर चढ़ गया और मैंने उसकी जांघो को फोल्ड कर दी ऊपर की तरफ ताकि सोनम की चूत मेरे लिए खुल जाए. और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में पेला. उसकी चूत बड़ी ही गरम थी और मैं धक्को के ऊपर धक्के दे के उसे चोदने लगा. 6 7 मिनिट की मस्त चुदाई के बाद मेरा सब माल सोनम की चूत में ही छुट गया. जैसे ही मेरा पानी निकला उसने मुझे अपने करीब खिंच के जोर जोर से किस दे दी. और मैंने आखरी झटके दिए उसकी चूत को.

और फिर मैंने सोनम को कहा डार्लिंग अब चोदुंगा तो तुम्हे मेरा स्वेलो करना पड़ेगा. वो बोली मुझे नहीं अच्छा लगता हे मुहं में निकलवाना. मैंने कहा फिर दोस्ती का फायदा ही क्या?

वो हंस के बोली, ओके बाबा डाल दो मुहं में चलो मैं चूस के छुडवा देती हूँ.

मैंने कहा, रुको एक सिगरेट पी लूँ.

सिगरेट खत्म कर के मेरा लंड खड़ा हो गया था. मैंने उसके हाथ पकड के उसके माथे के पीछे पकड लिए. और फिर उसके सेक्सी मुहं को चोदने लगा. मेरा पूरा लंड उसके मुहं में था और वो मजे से चूस रही थी. उसका मुहं एकदम बंद हो चूका था और सांस लेने में भी प्रोंब्लेम हो रही थी. लेकिन वो मजे से अपनी जबान का जादू चलाते हुए लंड को चुस्ती रही. मेरे लंड में से वीर्य की छोटी सी बाढ़ आई और सोनम के मुहं को पूरा भर दिया मैंने.

सोनम ने सब माल को गटक लिया और फिर वो लंड को पकड़ के स्ट्रोक करने लगी. अन्दर की बची हुई बूंदों को बहार निकलवा के सोनम उसे भी पी गई.

भोपाल के इस टूर में पहली रात को मैंने उसे चार बार चोदा और उसे अपनी रंडी ही बना लिया. सोनम को ज्यादा चोदने को मिले इसलिए मैंने होटल को 3 दिन और बुक कर लिया. मैंने उसे खूब शोपिंग करवाई और हसबंड वाईफ के जैसे ही घूमते रहे हम.

घर आने के बाद भी मैं उसे अकसर बुला लेता था चोदने के लिए. सोनम को वो सब बेनिफिट मिल रहे थे जिसके लिए वो मेरी रंडी बनी थी. और मुझे उसके साथ सेक्स का काम मिल गया था. बीवी के जैसे ही वो मेरे ऊपर रौफ कर के पैसे मांगती थी. लेकिन बिस्तर में वो मेरे लंड की गुलाम थी. मैं जैसे कहूँ और जितनी बार कहूँ वो मुझे चोदने के लिए कभी मना नहीं करती हे.