आंटी की सेक्सी नाइटी

मेरा नाम अर्जुन Antarvasna हे मैं 23 साल का हूँ और ये मेरी पहली कहानी हे. मैं मुंबई से हूँ और मार्केटिंग में डिग्री कर रहा हूँ. मुझे हाउसवाइफ, टीचर्स, और 35 से 45 साल की उम्र वाली औरतें बड़ी सेक्सी लगती हे. मुझे पता नहीं की मेरे में ये सनक कैसी हे. मैं जानता हूँ की ऐसे मच्योर लेडिस को चाहना गलत हे लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाता हूँ. जब मैं किसी औरत को साडी में देख लूँ तो पागल हो जाता हूँ! और फिर मुझे लंड का पानी निकाले बिना चेन नहीं मिलता हे. मैं दिन में एक बार तो आंटी, टीचर, हाउसवाइफ को फेंट्साइज़ कर के मुठ मारता ही हूँ!

ये कहानी मेरी मोम की एक फ्रेंड की हे जो खुद एक सेक्स बम हे. उसकी मस्त सेक्सी गांड हे और बड़े ज्युसी बूब्स हे. वो एक ऐसी औरत हे जिसकी गांड हर मर्द को फाड़ने का मन करे. उसके बूब्स को देख के मुहं में पानी आ जाता हे. उसकी शादी हो चुकी हे और दो बच्चे भी हे. वो 40 साल के ऊपर की हे. उसका पति गवर्नमेंट सर्वेंट हे और पूरा दिन काम करता रहता हे.

अंकल मोर्निंग में ही घर से निकल जाता हे और शाम को काम खत्म कर के शराब पी के घर आता हे. अंकल को डेली पिने की आदत हे. आंटी के दोनों बच्चे भी स्कुल में जाते हे इसलिए वो दिन के समय में घर में अकेली ही होती हे.

मैंने आंटी को टीवी रिपेर करने में मदद की तब से मैं उनके करीब आ गया था. मैं रोज सोचता था की आज आंटी को चोदुंगा! और मैं सच में आंटी को कस कस के चोदना चाहता था. और मैं बस सही समय के लिए रुका हुआ था.

एक दिन मैं मोर्निंग में करीब 7 बजे क्लास के लिए निकला. लेकिन क्लास पहुँच के पता चला की केंसल हो गई थी. मैं वापस आ के आंटी के घर चला गया. आंटी के बारे में सोचते ही बॉडी का तापमान बढ़ गया और लंड में धक धक भी.

मैं जब आंटी के घर पहुंचा तो वो घर पर एकदम अकेली ही थी. उसने लाईट ग्रीन नाइटी पहली हुई थी जिसके अन्दर से उसका आधा बदन आराम से दीखता था. मैंने आंटी को गुड मोर्निंग कह के उसके बूब्स को देखा. उसने अन्दर ब्लेक ब्रा पहनी हुई थी जिसके अन्दर से ये बड़े बूब्स बहार आने के लिए तडप रहे थे जैसे!

आंटी ने मुझे देखा और वो बोली, आओ अंदर.

मैंने कहा, क्लास केंसल हो गई मेरी.

वो बोली, अभी अंकल और बच्चे गए और मैं सुस्ताने का सोच रही थी. वो किचन के तरफ जाते हुए बोली, चाय लोगे ना?

मैं आंटी की सेक्सी गांड को देखते ही उसके पीछे पीछे किचन में घुसा और कहा, पिला दीजिये.

नॉर्मली जब मैं मोर्निंग में आंटी के घर जाता हूँ तो वो नाइटी बदल के सलवार या स्कर्ट और ब्लाउज पहन लेटी हे. वो सारी में होती हे तो उसके बूब्स बड़े ही मस्त लगते हे और मैं देखने का कोई मौका नहीं छोड़ता हूँ. लेकिन आज आंटी ने नाइटी नहीं बदली अपनी. और आंटी को पता था की मैं उसके बदन को देख रहा था. आगे उसके बड़े बूब्स ब्रा में से बहार आने को बेताब थे. तो निचे उसकी पेंटी के भी साफ़ साफ़ दीदार हो रहे थे मुझे. वो मेरे लिए चाय पका रही थी और मैं उसके सामने बैठ के उसके बदन के नजारों को लुट रहा था.

मेरी जींस के अन्दर लंड कडक होने की वजह से आकार बना हुआ था. और मैंने भी उसे छिपाने की कोई कोशिश नहीं की. आंटी एकदम से मुड़ी तो उसने देख लिया की मैं उसकी पेटी को ही देख रहा था. उसने नजरो से नजरे मिलाई तो मैं एक पल के लिए डर ही गया था. उसने मुझे चाय की प्याली दी. और हॉल में जा के उसने टीवी ओन की. मैं चाय की प्याली ले के पीछे चल दिया उसके. और आंटी ने मुझे देख के एक नोटी सी स्माइल दे दी, और उस स्माइल की वजह से मुझे थोड़ी राहत हुई.

फिर उस स्माइल के बाद आंटी ने मुझे पूछा की अभी क्या देख रहे थे? मैंने कहा आंटी आप इस नाइटी में बड़ी ही सेक्सी लगती हो. और मैंने कहा आप इतनी सेक्सी लगती हो की बार बार आप के ऊपर ही नजर जा रही थी. मुझे लगा की ये सुन के वो अपनी चूत मुझे परोस देगी. लेकिन वो खामोश रही पांच मिनिट तक. वो पांच मिनिट सच में बड़े लम्बे थे. मुझे पता था की आज जैसा चांस कभी नहीं मिलेगा आंटी को चोदने के लिए. लेकिन कुछ हो भी तो नहीं रहा था.

मुझे बुरा लग रहा था लेकिन कुछ कहने की हिम्मत भी नहीं थी. आंटी ने मेरी माँ को बता दिया तो मैं मर जाता. इसलिए मैं चाय खत्म कर के आंटी के साथ सोफे के ऊपर ही बैठ गया. आंटी ने मुझे देखा और वो चूप ही रही. मैंने चुप्पी तोड़ी और कहा आंटी आप कुछ बोलती क्यूँ नहीं?

आंटी ने कहा एक मेरिड वुमन के बारे में ऐसा सब सोचना सही नहीं हे. मैंने कहा कैसे सोचना?

वो बोली, सेक्सी वाली सोच!

वो गुस्से में नहीं लेकिन एकदम नोर्मल टोन में मुझे ये कह रही थी.

मैंने कहा आप को ऐतराज़ ना हो तो मैं आप से कुछ करूँ. उसने कहा स्योर!

मैंने कहा आंटी मैं सेक्स के लिए बेहद तडप रहा हूँ. और मैं कैसे कहूँ की मुझे तो जवान लडकियां नहीं लेकिन आप के जैसी मेरिड लेडिज ही पसंद हे. और मैंने कहा आंटी मैं आप को प्यार करना चाहता हूँ.

आंटी ने कहा मैं फिलिंग समझ सकती हूँ तुम्हारी लेकिन मैं मेरिड हूँ और 2 बच्चो की माँ भी.

मैं जैसे आंटी के सामने भीख मांग रहा था भिखारी के जैसे. आंटी ने गुस्से में कहा, जाओ बाथरूम में जाओ और हिला लो अपने पेनिस को.

आंटी के मुहं से ये सुन के थोडा अजीब लगा. मैंने सोचा की अब यहाँ तक बात आ चुकी हे फिर आंटी को चोदा नहीं तो सब बेकार ही हे.

मैंने अपने हाथ को आंटी के घुटनों के ऊपर रख दिया और उस से सेक्स की भीख मांगने लगा. आंटी का दाहिना घुटना नाइटी के ऊपर होने की वजह से दिख रहा था. मैंने धीरे से आंटी के घुटने के ऊपर हलकी सी किस कर दी और बोला, बस एक बार ही कर लेने दो ना आंटी!

आंटी ने मेरे माथे के ऊपर हाथ रखा और बोली, चलो हटो और मेरे पास बैठो.

मैंने कहा, आंटी ऐसे नहीं आप पहले कहो की मुझे दो गो तभी मैं उठूँगा. वो बोली, बड़े ही बदमाश हो तुम, मैं सिर्फ लंड हिला देती हूँ तुम्हारा. मैंने कहा आंटी मैं आप के बूब्स को चुसना चाहता हूँ. उसने मन कर दिया और मैं जैसे रोने को था. मुझे अन्दर से शर्म भी आ रही थी ऐसे सेक्स की भीख मांगते हुए!

आंटी ने कहा बूब्स फील कर सकते हो लेकिन कपड़ो को खोले बिना. और वो हेंड\जॉब के लिए रेडी थी लेकिन साथ में उसने कहा की ये सब बस आज के लिए ही था. मैंने कहा हां आंटी पक्का. और फिर मैं और आंटी उसके बेडरूम में चले गए. वो बेड के पास खड़ी हुई थी और मैं उसके बॉडी के हरेक हिस्से को पागल के जैसे टच कर रहा था. उसके बाल से ले के पाँव की उँगलियों तक सब टच किया मैंने. और फिर मैंने आंटी के दोनों गालों पर, हाथों पर, घुटनों के ऊपर और बूब्स के ऊपर (बिना उसके कपडे खोले) किस किये.

आंटी ने कहा, चलो अब मैं हेंडजॉब दे देती हूँ.

मैं जानता था की आंटी ने जैसे ही मेरे लंड को पकड़ा तो खेल ख़त्म हो जाएगा क्यूंकि मैं उतना उत्तेजित था की लंड का पानी छूटने का पूरा भरोसा था मुझे. मैंने कहा, आंटी आप एक ही दिन करोगी तो फिर मेरी मर्जी के हिसाब से करते हे ना प्लीज़.

मैंने सोचा की आंटी के घर अभी तो कोई आना नहीं हे. अगर मैं उसे कुछ देर में उत्तेजित कर दूँ तो पूरा चांस हे की उसकी चूत चोदने को मिल सकती थी मुझे. मैंने आंटी को बेड के ऊपर फेंका और उसके ऊपर आ गया. बिना उसके कपड़ो को खोले मैं उसके बूब्स को दबा रहा था और अपने लंड को मैंने उसके पेट के ऊपर टच करवा दिया था. नाइटी एकदम पतली थी इसलिए लंड की हॉटनेस तो उसे मिलनी ही थी.

आंटी कुछ देर में उत्तेजित हुई और बोली, नाइटी उतार दो कोई प्रॉब्लम नहीं हे. आंटी की नाइटी मैं नहीं खोली और उसे पुरे बदन के ऊपर गरम गरम किस देने लगा. मेरा लंड पानी छोड़ने की स्थिति में था लेकिन मैंने बड़ी मुश्किल से उसे कंट्रोल में रखा हुआ था.

मैं आंटी की जांघ को चाट रहा था. मेरा इरादा तो उसकी चूत को चाटने का भी था. लेकिन आंटी आगे बढ़ने नहीं दे रही थी मुझे.

मैंने आंटी को देखा तो उसकी आँखे बंद थी और पूरी सेक्सी फिलिंग के साथ वो बेड में पड़ी हुई थी. मुझे लगा की शायद आंटी ने बहुत समय से सेक्स नहीं किया था. फिर मैंने आंटी की जबान को चूसा. उसके मुहं से बहुत सब सलाइवा मेरे मुह में आ गई. हम दोनों किसी लवर के जैसे एक दुसरे को किस कर रहे थे.

आंटी एकदम चुदासी हो गई और बोली, आई लव यु.

मैंने कहा, आई लव यु टू.

आंटी ने कहा, मेरी चूत के साथ खेल सकते हो तुम.

और वो मेरे लिए मस्त ग्रीन सिग्नल था आंटी को चोदने के लिए! मैं एक भूखे शेर के जैसे आंटी की नाइटी को निकाल के उसे हग कर गया. वो कुछ नहीं बोली. वो अपनी ब्लेक पेंटी और ब्रा में थी. मैंने आंटी की पेंटी को खिंच के फाड़ डाला. और फिर उसे बेड के ऊपर फेंक के उसकी प्यासी चूत को चाटने लगा. उसके अंदर से आलरेडी ज्यूस आने चालु हो गए थे.

आंटी अब जोर जोर से चीख रही थी. और उसने अपनी ब्रा को भी उतार दिया. और वो बोली, साले बहन के लोडे तूने मेरी चूत को जगा दिया बहुत महीनो की नींद से, साले तेरे लोडे में बड़ी आग हे हरामी मादरचोद!

मैंने आंटी को होंठो के ऊपर किस दिया तो वो बोली, अब तेरे लोडे से मेरी चूत और गांड को फाड़ डाल साले कुत्ते!

मैं जनता था की वो बहुत दिनों से चुदी नहीं थी इसलिए एकदम ही गरम थी. मैंने उसे नंगी टाँगे खोल के लिटा के अपने लंड को चूत में डाल के फक फक चोदने लगा. आंटी को पांच मिनिट चोदा था की मेरे लैंड का पानी निकल गया. इतना सारा वीर्य मेरा इस से पहले पूरी लाइफ में नहीं निकला था.

मैंने कहा, आंटी मेरा पानी जल्दी तो नहीं निकला ना?

वो बोली, जवान लौंडे के लिए इतना समय बराबर ही हे.

हम दोनों 10 मिनिट तक लेटे रहे. मैं घडी देखी तो 11 के ऊपर 20 मिनिट हुई थी. मैंने आंटी को कहा आंटी मैं आप को फिर से चोदना चाहता हूँ. आंटी ने मुझे किस दिया और मेरे लंड को पकड़ के देखा उसने. मेरा लंड एकदम कडक था और उसका हाथ लगते ही जैसे पागल सा होने लगा था.

आंटी ने कहा पहले मुझे चूसने दो. और उसने मेरे लंड को लोलीपोप के जैसे अपने मुहं में भर लिया. वो उतने सेक्सी ढंग से लंड को चूस रही थी जैसे की वो पोर्नस्टार हो और लंड चुसना उसका रोज का काम हो. मेरा माथा चकरा उठा ये वंडरफुल फिलिंग की वजह से. वो मेरी आँखों में आँखे डाल के लंड को चुस्ती गई. वो किसी सेक्सी रांड लग रही थी लंड को मुहं में भरे हुए!

अब की मेरे लंड का पानी निकलने में ज्यादा वक्त लगा. और आंटी ने एक भी बूंद को बहार नहीं निकलने दी. वो सब का सब वीर्य गटक गई.

मैंने कहा, आंटी इसे चुस्ती रहो ताकि ये फिर से खड़ा हो जाए. एक बजने तक आंटी ने मेरे लंड को जोर जोर से चूसा. फिर वो घोड़ी बन गई. मैं कहा, आंटी आप ने पीछे लिया हे कभी?

वो बोली, नहीं मेरी गांड वर्जिन हे. लेकिन तुझे मारनी हे तो मार ले!

मैंने आंटी की गांड में लंड डाला और ठोकने लगा. डौगी स्टाइल में एनाल सेक्स करने का बड़ा मज़ा आ रहा था मुझे. आंटी आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर रही थी. और उसका एसहोल सच में बड़ा ही टाईट था.

हम लोगों ने डेढ़ बजे तक सेक्स चालु रखा. फिर उसने कहा 2 बजे मेरे बच्चे आ जायेंगे. और उसे उसके पहले नहाना भी था. मैंने कहा ठीक हे. फिर हम दोनों ने फटाफट खाना खाया.

शाम को मैं फिर से आंटी के घर गया. आंटी के बच्चो को होमवर्क में मदद की और आंटी, अंकल के साथ ही डिनर किया. रात को जाते वक्त मैं आंटी को किस किया और कहा, काल मिलते हे!

मैंने अपने क्लास की टाइमिंग चेंज कर ली थी ताकि मैं आंटी को मोर्निंग में चोद सकूँ. ऑलमोस्ट रोजाना मैं आंटी के घर में होता था मोर्निंग में. फिर सीधे वही से कोलेज जाता था.

डेढ़ साल हो चला हे और आज भी हम वो सब करते हे. वो मेरे से चुदवाने के बाद में तो जैसे और निखर रही हे. वो मुझे अपना हसबंड ही मानती हे. और आंटी मुझे बहुत प्यार करती हे और मैं जैसे कहूँ वैसे चोदने देती हे