पार्किन में लुंगी वाले मजदुर ने मेरी

मेरा नाम संजय Antarvasna हे और ये मेरा अनुभव दो मर्दों के साथ का हे. मैं 19 साल का हूँ. और मैं पूरा दिन होर्नी ही रहता हूँ. वैसे मैं गे हूँ लेकिन बायसेक्सुअल रिलेशन के लिए भी रेडी रहता हूँ. मैं चेन्नई में रहता हु एक बड़े अपार्टमेंट में अपने पेरेंट्स के साथ में. मेरा लंड 7 इंच का, अनकट हे और मुझे घर में ही ज्यादा रहने की वजह से मर्दों का ज्यादा सहवास नहीं मिला था. चलिए अब मेरे गे अनुभव के बारे में बताऊँ जो कुछ दिनों पहले हुआ था.

ये बात मेरे कोलेज के वेकेशन में बनी. मेरे पापा की सरकारी जॉब हे और वो अपने किसी ऑफिशियल काम की वजह से बहार गए थे और मम्मी भी उन्के साथ गई थी. मैं नहीं गया था और घर पर ही था. बहुत दिनों से मैंने किसी के साथ सेक्स नहीं किया था. और उन दिनों मेरा कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं था. मैं एकदम होर्नी था और मैंने सोचा की अभी ओई ऑनलाइन मिले तो जा के अपनी गांड मरवा लूँ!

मैंने लेपटोप के ऊपर ब्ल्यू गे पोर्न लगाया और देखने लगा. साथ में मैंने इस बात का ख्याल रखा की मैं क्लाइमेक्स पर ना अ जाऊ. फिर मैंने सोचा की चलो बहार कही नजर मारू इधर उधर, घर में बैठ के लंड हिलाने से कुछ नहीं होना हे. वैसे भी पब्लिक में न्यूड घूमना और बहार खुले में सेक्स करना मेरी फेंटसी ही थी. लेकिन एक लुंगी वाले के साथ सेक्स करना पड़ेगा ऐसा मैंने कभी सोचा नहीं था.

मैंने अपने बदन के ऊपर पापा की लुंगी डाली, वो इसलिए की अगर कोई मिल जाए तो सिर्फ ऊपर ही उठानी हो उसे. और बाकी का नंगा बदन ले के मैं हमारे अपार्टमेंट से निचे उतर आया. कपडे बदल के मैं निचे बेसमेंट की पार्किंग में आ गया. हमारी बिल्डिंग में 2 पार्किंग हे. बिल्डिंग के काफी सारे अपार्टमेंट अभी खाली थे क्यूंकि वो बिल्डिंग नयी थी और सिटी से थोड़ी बहार भी. वहां अभी कंस्ट्रक्शन का काम भी चल रहा था. और पार्किग में सिर्फ कुछ गाडिया थी और वो भी एक दुसरे से बहुत दूर दूर.

मैं पार्किंग में टहलने लगा और मैं लुंगी को ऊपर उठा लिया ताकि मेरा 7 इंच का लोडा बहार दिखे. फिर मैं एक कौने में हो गया. अपनी कमर को मैंने दिवार के साथ सटा ली. और फिर वही पर खड़े हुए मैं अपने लंड को जोर जोर से हिलाने लगा. साथ ही में मैं अपने निपल्स और बॉल्स के साथ में भी खेल रहा था. मैं अपने सुपाडे को भी एकदम जोर जोर से पकड़ के हिला रहा था और उसे लाल कर दिया था मैंने. जब क्लाइमेक्स को पहुंचता था तो मैंने अपने हाथ लंड से हटा लेता था. मेरे बदन में वीर्य का उभार आते हुए महसूस सा होने लगा था मुझे. और फिर आखिर में मेरे लंड का पानी छुट ही गया.

कुछ देर के बाद मैंने अपने हाथ में थूंका ताकि लंड चिकना हो सके. मेरे थूकने की आवाज वहां काम कर रहे दो कंस्ट्रक्शन कारीगरों ने सुन ली और वो लोग मेरी तरफ बढे. एक मेरे जितना था और दूसरा 30 साल के ऊपर की उम्र का था. वो लोगो ने भी लुंगी पहने हुए थे और ऊपर शर्ट थी उन्के. वो लोगों की चेस्ट के ऊपर बाल थे. पहले तो मैं उन्हें दिखा नहीं अँधेरे की वजह से. लेकिन मैंने उन्हें देखा. वो लोग थोड़े नर्वस से लग रहे थे और बातचीत करने लगे.

आदमी: आजा, मजा आएगा डर मत.

लड़का: अरे नहीं अन्ना, डर लग रहा हे कोई आ गया और हमें देख लिया तो.

आदमी: अरे कोई नहीं हे यहाँ पर. देख मैं जल्दी से तेरी गांड मार लूँगा. मेरा मूड बना हुआ हे और उसकी माँ बहन मर कर. और फिर मुझे घर भी जाना हे नहीं तो मेरी वाइफ परेशान होगी.

लड़का: पहले आप चेक कर लो की कोई हे नहीं इधर उधर, कोई देख लेगा तो काम से हाथ धोने पड़ेंगे हमें अन्ना.

उनकी इस बातचीत से मुझे डर लगा की कहीं वो लोगो ने मुझे देख लिया तो, मैंने छिपने की बहुत कोशिश की लेकिन उस आदमी ने मुझे देख ही लिया. उसने पूछा: अरे कौन हे रे तू, क्या कर रहा हे यहाँ पर?

मैं: अरे मैं इसी बिल्डिंग मे रहता हूँ, चाबी खो गई थी वो ढूंढने के लिए आया था मैं निचे.

आदमी: ओह ओह सोरी साहब, हमें लगा की कोई गाडी की चोरी करने के लिए आया हे.

उसने निचे देखा तो उसे मेरा कडक 7 इंच का लंड दिखा. मैंने उसके ऊपर लुंगी नहीं डाली थी, क्यूंकि टाइम ही नहीं मिला था उसके लिए. उसने कहा: लगता नहीं हे की तुम चाबी के लिए आये थे. तुम भी मजे करने ही आये थे ना, बोलो?

मैं घबरा के बोला: हां, आप लोग करो जो करना हे मैं जाता हूँ.

आदमी: अरे शरमाओ नहीं मेरी बुलबुल, हम किसी को नहीं बताएँगे कुछ भी. लेकिन तुम हम लोगो के साथ में मिल के मजे कर सकते हो.

और ये कह के उसने मेरे कंधे के ऊपर हाथ रखा और उसे निचे कर के मेरी गांड पर ले गया. उसने मेरी गांड को दबाई. लड़का भी सामने ही खड़ा था. उसने कहा: क्या अन्ना, एक और लड़का?

आदमी: अरे इसकी गांड में भी खुजली हुई हे इसे भी दूर करनी हे ना!

वो लड़का काला और बोना सा था. उसने ग्रीन फ्लावर वाली लुंगी पहनी थी. आदमी था वो शुध्ध काला था और उसका पेट बहार को आया हुआ था. मजदूरी करने की वजह से उसके हाथ और कंधे एकदम मजबूत लग रहे थे. दोनों के ही लंड लुंगी के अन्दर खड़े थे जिसकी वजह से तम्बू बना हुआ था. आदमी की लुंगी का तम्बू तो एकदम बड़ा सा था. वो दोनों ने अपने शर्ट उतार दिए. वो दोनों ने मेरी फेयर चमड़ी देखी तो खुस हो गए.

उस आदमी ने मेरी निपल्स को किस किया और उसे चूसने लगा. फिर उसने उसे बाईट भी कर लिया. मुझे दुखा उसलिए मैंने हलके से शौत किया. लड़के ने मेरी दूसरी निकल को पकड के उसे पिंच कर के दबाई. दोनों अपने लंड को लुंगी के ऊपर से ही मेरी गांड के ऊपर रगड़ दे रहे थे. और वो आदमी ने मेरे बूब्स को ऐसे दबाए जैसे मैं कोई लड़की ना होऊ! और फीर वो मेरे बूब्स को चूसने भी लगा.

लड़के ने मेरे लंड को लुंगी के ऊपर से महसूस किया. और फिर उसने निचे बैठ के उस आदमी की लुंगी की गाँठ को खोल दी. अन्ना का लंड उसने बहार निकाला और अपने होंठो से उसे प्यार देने लगा. बाप रे वो लंड तो पूरा 10 इंच का था. और उसके निचे के बॉल्स टेनिस के बोल के जैसे ही थे. साला तूफानी लंड था उसका तो!

लड़के ने अब एकदम जोर जोर से लंड को चुसना चालू कर दिया. आदमी ने मुझे निचे धक्का दिया और बोला की टट्टे चबा जा मेरे. उसने भी लडके के माथे को पकड़ा और उसे लंड चटाने लगा जोर जोर से. उसने एक मिनिट में अपने पुरे लंड को इस लड़के मुहं में ठूंस दिया जिसे ये लड़का बड़े ही सेक्सी ढंग से चूसने लगा था.

मैं अब उसके बॉल्स को चूसने लगा था. उसका स्वाद एकदम खारा था. तभी उसके लंड का पानी उस लड़के के मुहं में निकल गया और थोडा बहार आ के मेरी नाक पर भी लगा. और फिर उस आदमी ने लंड को लड़के के मुहं से निकाल के मेरे मुहं में डाल दिया. बाप रे सच में कितना बड़ा था वो. उसका लंड मेरे गले तक आ रहा था जैसे. फिर उस लड़के ने मेरी लुंगी को ऊपर कर दिया और वो मेरे लंड को चूसने लगा.

सच में मैं तो जैसे जन्नत में था. उसका गरम मुह मेरे लंड के चारो तरफ था और वो इतने सेक्सी ढंग से मेरे लंड को और बॉल्स को चाट रहा था. और उसके हाथ मेरे निपल्स के ऊपर आ रहे थे. मेरा पूरा लंड उसके मुहं में घुसा के मैं कमर को हिलाने लगा था. और फिर उस आदमी ने एक मोअन की और उसका लंड मेरे मुहं में एक बार फिर से वीर्य की पिचकारी छोड़ गया. उसका वीर्य एकदम गाढ़ा और साल्टी था.

उसी वक्त मैं भी उस लड़के के मुहं में झड़ गया. आज जितना वीर्य निकला था उतना पहले कभी नहीं निकला था. मेरा माल उसके मुहं में और छाती के ऊपर निकल गया. फिर आदमी ने लड़के को उठा के उसे किया किया. और लड़के ने फिर मुझे भी किस किया.

फिर वो दोनों खड़े हुए और मेरी छाती को चूसने लगे और मेरे बूब्स को दबाने लगे. मैं किसी औरत के जैसे ही मोअन कर रहा था. और वो दोनों के लंड एक बार फिर से खड़े भी हो गए. आदमी ने अपने लंड को मेरे हाथ में दे दिया और बोला हिलाओ उसको मेरी जान! मैं उसके लौड़े को पकड के स्ट्रोक करने लगा था. और एक मिनिट में तो वो फिर से तन भी गया. उसका लंड एकदम गर्म और सख्त था.

फिर वो बोला, खड़े खड़े लेना हे या लेट के.

मैंने कहा, घोड़ी बन के.

आदमी ने मुझे घोड़ी बना दिया. वो लड़का मेरे पास आया और उसने मेरे मुहं में अपना 6 इंच का लंड दे दिया. पीछे खड़े हुए अन्ना ने गांड को थूंक से चिकना किया और लंड अन्दर डाला. बहुत दिनों के बाद इतना बड़ा लोडा मिला था मुझे. मेरे तो तोते ही उड़ चुके थे. मैंने हाथ पीछे कर के अपनी गांड को खोल दी. और अन्ना जोर जोर से मेरी ठोकने लगा. लड़के ने मेरे बाल पकडे और वो जोर जोर से मेरे मुहं को चोदने लगा.

अन्ना ने पांच मिनिट मेरी गांड मारी और उसका पानी निकल गया. मैंने अब उस लड़के को कहा तू मेरी गोदी में आ जा. मैंने चिकनाहट के लिए अपनी गांड में से अन्ना के वीर्य को निकाल के सुपाडे के ऊपर लगा दिया. फिर वो लड़के ने मेरे लंड के ऊपर चढ़ के अपनी गांड मरवा ली. पांच मिनिट में मेरा भी पानी छुट गया.

हम तीनो ने अपनी अपनी लुंगी बाँध ली. अन्ना ने कहा, मैं इस लड़के की गांड रोज मारता हूँ, काल से तुम भी आ जाओ, मिल बाँट के करेंगे.

उसने आगे कहा, हम लोग यही काम करते हे और मेरी बीवी भी आती हे इसलिए यहाँ ही मिलेंगे और उसके सिवा कही और नहीं. और मिलना भी दोपहर को हमारे लंच टाइम में ही. मैंने कहा, ठीक हे कल से मैं आऊंगा एन्जॉय करने के लिए!