चोद चोद के टीचर को पेट से कर दिया

हाई दोस्तों मैं Antarvasna दीपक, उम्र 33 साल, मुंबई से. ये मेरी पहली स्टोरी हे. इस से पहले मैं काफी महीनो से इस हिंदी कहानी की साईट पर कहानियाँ पढता आया हूँ. वैसे मैं वेल सेटल्ड हूँ और रेपुटेड क्लास से हूँ. पर पिछली लाइफ में ऐसी कुछ कहानियाँ घटी हे जो अब तक मैंने किसी के साथ में शेयर नहीं की थी. पर फिर इस साईट को देख के लगा की यहाँ पर अपने जीवन की घटनियो को रखने में कोई हर्ज नहीं हे.

ये बात बहुत सालों पहले की हे. तब मैं 12वी कक्षा में पढता था. मेरी पढाई बॉयज स्कुल में हुई थी इसलिए कोई एन्जॉय नहीं था. मैं नया नया जवान हुआ था उन दिनों. लेकिन लड़कियों से नजदीकी का कोई चांस नहीं मिला था. हम सब दोस्त मिल के लड़कियों के बारे में डिसकस करते थे. और अक्सर हिंदी कहानियनों की बुक्स भी पढ़ते थे. एक बार मेरे एक दोस्त ने मुझे अपने घर पर बुलाया और ब्ल्यू फिल्म्स के बारे में बताया. पर हम उम्र में छोटे थे इसलिए वीडियो पार्लर में जा के बिपि नहीं देख सकते थे.

तो फिर हम लोगों ने मिल के प्लान बनाया. उसके घर पर कोई नहीं होता था दोपहर के वक्त में. उसके मम्मी पापा दोनों ऑफिस जाते थे. तो उसके घर में वीसीआर पर बिपि की केसेट लगा के देखना चालू कर दिया हम लोगों ने.

एक सेटरडे को स्कुल से आने के बाद हम वीसीआर तो ले आये किराये पर. और दूकान वाले से बड़ी मिन्नत की तो उसने बिपि की केसेट भी दे दी डबल रेंट पर. हम दोस्त का घे में वो बिपि देखने लगे चोरी चुपके. वो एक साउथ इंडियन बी ग्रेड मूवी थी. सिंस फुल न्यूड नहीं थे इंग्लिश के जैसे लेकिन उन दिनों तो जांघ देख लेना भी बड़ी उपलब्धि होती थी. और मूवी में आंटियों को देख के मैं भी सोचने लगा की ऐसी कोई आंटी मुझे भी चोदने के लिए मिल जाए! हम लोग ऑलमोस्ट हर शनिवार को दोस्त के घर पर ब्ल्यू फिल्म्स का प्लान बना लेते थे. कभी कभी हम तिन चार दोस्त साथ में मिल के समूह हस्तमैथुन भी करते थे. और मेरे दो दोस्त तो एक दुसरे के लंड भी हिला देते थे.

और फिर उसके बाद हम लोगो के सेमेस्टर स्टार्ट हो गए और मेरे ब्ल्यू मुविस देखना बंद सा हो गया. लेकिन मेरा मन बिलकुल भी स्टडी में नहीं लग रहा था. दिमाग के अन्दर सिर्फ सेक्स, सेक्स और सेक्स ही भरा हुआ था जैसे. और इसका सीधा असर मेरे रिजल्ट के ऊपर दिखा. मैं सेमेस्टर में फेल हो गया. वैसे मेथ्स में मैं पहले से ही कच्चा था. रिजल्ट आने के बाद मेरे पेरेंट्स ने मुझे बहुत डांटा और पापा ने मारा भी.

फिर मेरे पापा ने मेथ्स के लिए ट्यूशन शरू करवा दिया. हमारे कोलोनी के पास में एवरीडे 6 बजे शाम को. और शनिवार को 4 बजे से ले के 8 बजे तक ट्यूशन का प्रोग्राम फिक्स हो गया. मैं पढाई की कोशिश करने लगा. मेरी टीचर भी अच्छी थी, अर्चना नाम था उसका. लगभग 25 साल की उम्र थी उनकी. वो घर पर अकेली ही रहती थी. उनके पति का कपडे का व्यापार था. वो हमेशा रात में ही घर आते थे दोपहर का टिफिन जाता था घर से. मेरी अर्चना टीचर के साथ अच्छी बनने लगी थी.

कुछ दिन एसे ही चले गए. उसके बाद मुझे फिर से बिपि देखने का मन हो रहा था. इसी वजह से टीचर की और देखने की मेरी नजर और नियत दोनों बदल गई थी. मैं उन्के नाम की मुठ मारने लगा था. दिन में कभी तो दो दो बार अर्चना मेडम को आँखे बंद कर के चोद लेता था खयालो में अपने.

अर्चना मेडम एक चाल में रहती थी. पहले मजले पर सिर्फ दो ही मकान थे. सामनेवाले मकान हमेशा बंद ही रहा था. इसलिए मैं जब भी मौका मिलता था टीचर के घर जाता था. उन्हें लगता था की मेथ्स पढने के लिए आता हूँ पर मैं सिर्फ उन्हें देखने के लिए जाया करता था. वो घर में कभी सारी तो कभी गाउन पहनती थी. मैं चोरी चुपके उनके क्लीवेज को देखता था. कभी काम करते समय वो गाउन घुटनों तक ले लेती थी तो मैं उन्के पैर और थाई देखने की कोशिश करता था. ये सब करने में मुझे बहोत मजा आने लगा. और उसके बाद तो ये मेरे रोज का काम बन गया. पढाई कम और टीचर को घूरना ज्यादा!

एक दो बार अर्चना मेडम ने ये नोटिस भी किया और डांट कर स्टडी पर ध्यान देने के लिए कहा. उन्ही दिनों में मेरी बुरी नजर को मेडम समझ चुकी थी. उन्होंने मुझे प्यार से एक दो बार समझाया की इस उम्र में कैसे खुद पर कंट्रोल करना वगेरह वगेरह. लेकिन खुल के कुछ बात नहीं की थी उन्होंने. मैं समझ गया की मेरे इरादों के बारे में टीचर को पता चल गया हे. कुछ दिन मैं शांत बैठा और फिर चोरी चोरी उनके बदन को देखना स्टार्ट कर दिया.

एक दिन मैं अपने घर से ट्यूशन के लिए निकला तो अचानक रस्ते में तेज बारिश शरु हो गई. मैं फिर भी दौड़ दौड़ के उनके घर चला गया. तभी सीड़ियों में मेरा पैर फिसल गया और मैं गिर पड़ा. कपडे पहले से ही गिले थे और अब कीचड़ भी लग गया. उसी हालत में मैं टीचर के घर गया. उन्होंने मुझे देखते ही चिल्लाना शरु किया और फिर अन्दर आने को कहा. बहार बारिश भी तेज चालू हो गई थी इसलिए मैं घर वापस भी नहीं जा सकता था.
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अर्चना मेडम ने कहा की तुम्हारे सारे कपडे ख़राब हो गए हे, बाथरूम में जाकर साफ़ कर लो. और वो बोली कपडे चेंज करने पड़ेंगे नहीं तो शर्दी हो जायेगी. उन्होंने चेंज करने के लिए मुझे उन्के हसबंड की लुंगी दे दी. मैंने बाथरूम में जाकर अपने सारे कपडे निकाले और फ्रेश होकर लुंगी पहन के बहार आ गया. मुझे देखकर टीचर हंसने लगी और बोली तुम तो सचमुच बड़े हो गए हो. मुझे कुछ समझ में नहीं आया. मैंने वैसे ही शांत बैठा.

फिर उन्होंने कहा की यहाँ सोफे पर बैठ जाओ. और फिर वो मेरे लिए चाय बनाने के लिए चली गई. कमरे का पंखा बंद था फिर भी मुझे ठंडी लग रही थी. मैंने वहाँ बैठे हुए अर्चना मेडम को देखा तो वो चाय बना रही थी. मैं पीछे से उनकी एस को देख रहा था. इतने में वो निचे कुछ लेने के लिए झुक गई. ओह्ह्ह क्या गजब का नजारा था वो! मैं तो हैरान हो गया. उसकी गांड एकदम फ़ैल गई थी जैसे. मेरे लंड में ठंडी के अन्दर भी गर्मी चढ़ गई. उसने तभी मुझे देखा तो मेरा मुहं खुला हुआ था. वो गुस्सा हो गई और बोली, क्या देख रहे हो!!! मैं कुछ नहीं बोला. फिर उन्होंने चाय दी और मेरी बगल में आके बैठ गई.

मैंने चाय ख़तम की और पढाई के बारे में टीचर से बातें करने लगा. तभी टीचर बोली, पढाई जरुर करेंगे पर पहले तुम्हारे दिमाग ठिकाने पर लाने की जरूरत हे. अब मैं बहोत डर गया था. मैं समझ गया था की वो क्या कहनेवाली हे. मैं एकदम चूप बैठा रहा.

फिर मेडम ने ही शरुआत की और बोली, देखो दीपक तुम एक अच्छे घर के लड़के हो. इस उम्र में सभी गुजरते हे, मैं जानती हूँ की तुम मुझे किस नजर से देखते हो. पर ये नेचरल फिलिंग हे, इसमें तुम्हारा कोई कसूर नहीं हे.

ये सब सुनके मैं रो पड़ा. और मैंने उनसे कहा, अर्चना दीदी आई एम सोरी! आगे से मैं ऐसा सब नहीं करूँगा. मैं पढाई की बहुत कोशिश करता हूँ पर मेरे दिमाग में हमेशा ही गंदे विचार चलते रहते हे दीदी. इस पर मैं कैसे कंट्रोल करूँ वो आप बताओ मुझे.

मैंने एक ही दम में उन्हें अपनी बात कह दी. वो हंस के बोली अरे पागल ये सब करने के लिए सारी उम्र पड़ी हे. पहले पढाई करो और जॉब ढूंढ लो. फिर कोई अच्छी लड़की से शादी कर के सब करना ही हे ना.

फिर वो बोली, लेकीन उसके लिए तो अभी बहुत टाइम हे. पर मैं तुम्हारी प्रॉब्लम सोल्व करुँगी ये ख्याल दिमाग से निकालने के लिए. मैंने तुरंत कहा प्लीज़ मेरी हेल्प करो मुझे भी आप के बारे में गन्दा सोच के अच्छा नहीं लगता हे. फिर उसने कहा की तुम जो कुछ करते हो मुझे विस्तार से बताओ. मैंने कहा टीचर मैं कुछ समझा नहीं. वो बोली की मतलब अब तक तुम्हे सेक्स के बारे में क्या पता हे? किसी को टच किया हे? किसी गर्ल या औरत को न्यूड देखा हे कभी? मैंने कहा नहीं अभी तक रियल में नहीं लेकिन मूवी में सब देखा हे मैंने.

फिर वो फ्रेंड्स के साथ बिपि की कहानी मैंने अर्चना मेडम को बताई. वो बोली, बहोत स्मार्ट हो तुम दीपक बड़ी जल्दी से बड़े हो गए तुम. और क्या क्या करते हो? मैंने शर्माते हुए कहा की मस्टरबेट करता हूँ कभी कभी. तो उन्होंने कहा की कैसे करते हो वो बताओ मुझे. मैं शर्मा गया और निचे देखने लगा. ये सारी बातें करते करते मेरा पेनिस हार्ड होने लगा और लुंगी में खड़ा होने लगा था. और अर्चना मेडम ने ये नोटिस कर लिया. उनकी नजर बार बार मेरे लंड पर जा रही थी. उन्होंने फिर से पूछा अरे बताओ बाबा मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी कैसे करते होए मस्टरबेट. मेरा गला सुख रहा था मुहं से आवाज नहीं आ रही थी. मैं चुपचाप बैठा गया.

फिर उन्होंने कहा की ऐसे ही करते हो या किसी को सोच के करते हो? और फीर वो बोली, या फिर मुझे इमेजिन करते हो? बोलो. मैं एकदम चौंक गया. मैं कुछ नहीं कह पाया. कुछ पल सन्नाटा सा रहा. फिर उन्होंने कहा देखो दीपक ये सारी बातें तुम्हारे दिमाग में रहेगी तो बहोत प्रॉब्लम हो जायेगी. इस से बेहतर हे की इसे दिमाग से निकाल दो और ये सब बातें तब भी चली जायेंगी जब तक तुम प्रेक्टिकली ये सब कर न लो! उसके बगेर तुम्हे शांति नहीं मिलेगी! अभी तुम्हारी उम्र छोटी हे पर तुम काफी मच्योर लगते हो.

मैंने कहा, मैं कुछ समझा नहीं दीदी.

वो बोली, मुझे पता हे की तुम मुझे हमेशा घुर घुर के देखते हो और ममुझे इमेजिन कर के मस्टरबेट करते हो वो भी पता हे मुझे!

और फीर वो बोली आज मैं तुम्हे सब कुछ प्रेक्टिकली कर के दिखा देती हूँ पर सिर्फ आज के ही दिन. उसके बाद मुझे प्रोमिस करना होगा की तुम आइंदा से अपनी पढाई में मन लगाओगे और ये सब छोड़ दोगे. आज तुमको मेरे साथ जो भी करना हे वो कर लो.

मैं एकदम दंग रह गया. अर्चना मेडम के मुहं से ये बातें सुनकर मैं हैरान हो गया. मैं कुछ कह पता इस से पहले ही उन्होंने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे नंगे बदन पर हाथ फेरने लगी. एक अजीब सा करंट दौड़ गया मेरी पूरी बॉडी के अन्दर. जैसे फिल्म देखता था वैसा ही मेरे साथ अभी हो रहा था. मैं ख़ुशी से सातवें आसमान पर चल रहा था. उन्होंने मेरे गाल पर किस किया और अपने होंठ मेरे होंठो से चूसने लगी. क्या लिप लॉक किस था वो. वो स्मूच करती रही और मैं रिस्पोंस देता गया.
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फिर उन्होंने अपना गाउन उतारा और वो सिर्फ ब्रा पेंटी में ही थी. ये देखकर मैं मदहोश हो गया. मेरी आँखे चमक गई. उनके बूब्स हाथ से दबोचने लगा, ब्रा का हुक खोला तो टीचर के निपल्स इरेक्ट हो गए. और उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली. हमारी दोनों की सांसे तेज होने लगी थी. जैसे मैंने बिपि वीयो में देखा था वैसे करने की कोशिश कर रहा था में. मैं धीरे धीरे से उन्के बूब्स को सक करने लगा. उनके मुहं से आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्स अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह ऊईई अह्ह्ह की आवाजें आने लगी थी. मुझे ये सिसकियाँ सुन के और भी जोश चढ़ गया. मैंने अपनी लुंगी हटाई और उनकी पेंटी भी उतार दी. वो मुझे अपने बदन पर रगड़ रही थी. मैंने निचे देखा तो अर्चना मेडम की चूत एकदम क्लीन शेव्ड थी, जो अभी एकदम गीली थी. सच्ची में मैंने पहली बार किसी औरत की चूत को देखा था. मैं ख़ुशी के मारे जैसे पागल सा हो रहा था.

फिर वही सोफे पर वो लेट गई और मुझे एंटर करने के लिए इशारा किया. मेरे पेनिस को देखते ही वो बोली, तुम सच में बड़े हो गए हो दीपक, कसम से 6 इंच का हे ये लंड तुम्हारा.

फिर उन्होंने मुझे गाइड किया लंड चूत के अन्दर डालने के लिए. एक दो बार कोशिश के बाद मेरा पेनिस धीरे धीरे अन्दर गया. आह्ह क्या अहसास था वो! ऐसा लग रहा था की किसी गरम भठ्ठी के अन्दर मैंने अपने लंड को डाला था. उन्के मुहं से सिस्कारियां आने लगी वो अपनी कमर ऊपर उठा के मुझे साथ देने लगी और मैं स्ट्रोक्स ;लगाता गया.

सिर्फ 5 मिनिट की चुदाई के बाद मैं डिस्चार्ज हो गया और उन्के ऊपर ही लेट गया. थोड़ी देर बाद अर्चना मेडम ने पूछा क्यूँ मजा आया की नहीं?

मैंने कहा बहुत मजा आया!

तो उन्होंने कहा लेकिन मैं अभी संतुष्ट नहीं हुई हूँ चलो एक बार फिर से करते हे.

मैं फिर से हैरान हो गया वो खुद अपना वादा जो तोड़ रही थी. मैं थोड़ी मना करनेवाला था उसे मैं तो एक जमाने से सेक्स के लिए भूखा था खुद!

फिर हम बाथरूम में जाकर फ्रेश हुए. आधे घंटे के बाद हमारा रोमांस फिर से शरु हो गया. इस बार उन्होंने मेरे पेनिस को मुहं में लिया और जोर जोर से चूसने लगी. मैं चिल्लाता रहा आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह.

मैं बता नहीं सकता क्या फिल हो रहा था मुझे!

5 मिनिट के बाद उन्होंने मुझे उनकी पुसी चाटने लगा दिया. और मैंने भी मेरी जीभ उसकी पुसी में पूरी अन्दर डाल दी. उनकी टाँगे अकड़ने लगी थी और मेरे सर पर हाथ रख कर मेरा चहरा अपनी पुसी पर वो दबाने लगी थी. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करते हुए अर्चना मेडम बड़ी कामुक लग रही थी.

फिर उन्होंने मुझे निचे लिटा दिया और वो मेरे ऊपर चढ़ गई. हम दोनों मदहोश सेक्स करने लगी. अलग अलग पोस में सेक्स कैसे करते हे वो मेरी टीचर ने मुझे उस दिन बताया.

मैंने उस दिन कुछ पोस ट्राय भी किये अर्चना मेडम के साथ.

फिर हम मिशनरी पोस में आ गए. और मैं स्ट्रोक्स मारता चला गया. उनके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे और अचानक उन्होंने मुझे कस के पकड लिया. उनकी टाँगे अकडने लगी थी. वो मेरे लंड के ऊपर झड़ गई और मैं भी उन्के साथ ही झड़ गया.

उस दिन हमने तिन बार और सेक्स किया. वो भी बहुत एन्जॉय कर रही थी. शाम को बारिश कम हुई तो अपना छाता दे के उसने मुझे कहा की अब जाओ घर पर दीपक, मेरे पति भी आ जायेंगे कुछ देर में.

मैंने उन्हें गले से लगा के कहा, थेंक्स मेडम आप ने आज मेरी बहुत मदद की हे!

वो मेरे गाल पर हाथ मार के बोली, पागल तुम अकेले ही थोड़े प्यासे थे!

फिर मैं और अर्चना मेडम महीने में दो तिन बार जरुर सेक्स करते थे. वो मुझे अलग अलग पोजीशन बताती थी और मैं अब वीसीआर उनके घर पर ला के बैठ के पोर्न देखता था उन्हें चोदते हुए. वो मुझे बताती थी की एक औरत को खुश कैसे करते हे सेक्स में. और वो मुझे पढ़ाती भी अच्छे से थी.

प्यार और पढाई पर ध्यान दिया तो मैं एग्जाम में भी पास हो गया.

फिर एक दिन अर्चना मेडम ने मुझे बताया की वो पेट से हे और वो बच्चा भी मेरा ही था. मैं शॉक हो गया. वो बोली घबराओ नहीं मेरे पति को कुछ पता नहीं चलेगा क्यूंकि हम दोनों भी सबंध रखते हे.

9 महीने की प्रेग्नन्सी के बाद मेडम को एक खुबसुरत बेटा हुआ. आज मेरा बेटा कुछ सालों का हे और मुझे दीपक अंकल कह के बुलाता हे. पर अब मैं एक शादीसुदा इंसान हु और अर्चना मेडम मच्योर हो चुकी हे. हम दोनों के इस रिश्ते के बारे में आजतक सिर्फ हम दोनों को पता था, और अब आप लोग जानते हे. (नोट: मैंने गोपनीयता के लिए कहानी के किरदारों और जगहों के नाम बदल दिए हे.)