मौसी की गांड मारी कम्बल के अन्दर

हेल्लो दोस्तों Antarvasna मेरा नाम समीर हे और मैं सीधे ही अपनी अन्तर्वासना की कहानी पर आता हु. ये बात आज से करीब २ साल पुरानी हे. मैं फर्स्ट इयर में था और आप को पता ही होगा की इस उम्र में लडको की क्या हालत हुई होती हे. और सेक्स के लिए लड़के इस उम्र में कितने पागल होते हे. लड़कियों के ऊपर भी ऐसी ही बीतती होगी ऐसा मुझे लगता हे. मैं बड़ी गांड का आशिक हूँ दोस्तों और किसी भी भी बड़ी एस को देख के ऐसा मन करता था की छेद पर जबान को घुमा के चाट लूँ और फिर अपने लंड को नुकीला कर के अन्दर तक डाल दूँ!

मुझे अंदाजा नहीं था की मेरी मौसी की गांड ही मेरा पहला शिकार होगी! मेरी मौसी का नाम समिता हे और वो मेरिड हे उन्के दो बच्चे भी हे और उन्के पति अक्सर बिजनेश के लिए बहार ही रहते हे. मौसी का फिगर 36-34-40 हे. उन्के बोबे एकदम बड़े हे और सॉफ्ट सॉफ्ट से लगते हे ऊपर से वो. उनकी कमर एकदम सेक्सी हे और गांड और बूब्स के अनुपात में स्लिम हे वो. मौसी की गांड ही उसका सब से सेक्सी अंग हे. देखने में एकदम चौड़ी और फैली हुई. मौसी को देख के मैं पहले तो ऐसे नजरें ख़राब नहीं करता था. पर फिर मुझे धीरे धीरे उन्हें उस नजरों से देखने की लत सी लग गई. मौसी ने अपनी बालों में बरगंडी करवा रखी थी और वो एकदम राखी सावंत के जैसी सेक्सी और उभरे हुए बूब्स वाली दिखती थी.

गर्मी के दिनों की बात हे. मौसी अपने बच्चो के साथ छुट्टियों के लिए हमारे घर पर आई हुई थी. वो मुझे गले लग के मिलती थी. और जब वो मेरे बदन को लिपट जाती थी तो उसकी बड़ी चूचियां मेरी छाती के ऊपर चिपक जाती थी. एक दिन मौसी ने चूड़ीदार और स्यूट पहन रखा था. और स्यूट की साइड में जो कट होता हे उसमे से उसकी मोटी गांड बड़ी ही प्यारी लग रही थी की मन कर रहा था की पकड़ के उस बड़ी गांड को दबा लूँ और उसके अन्दर अपने लंड को घिस के डाल भी दूँ.

मैं तुरंत बाथरूम में गया और मौसी के नाम की मुठ्ठी मारी. उस दिन बहुत सब वीर्य निकला मेरा जो एकदम गाढ़ा भी था.

फिर रात को सबने खाना पीना करा और सोने चल दिए तो मौसो को मेरे रूम में सोने को बोला गया. मेरे रूम में एक छोटा बेड हे और फोल्डिंग था तो मौसी ने अपने दोनों बच्चो को फोल्डिंग पर सुला दिए और मेरे बेड पर आके सो गई. हमने थोड़ी बातें की और फिर मौसी को नींद आ गई. लेकिन मेरी नींद तो उडी हुई थी. मौसी मेरी तरफ अपनी वही बड़ी और सेक्सी गांड को कर के सोयी हुई थी जिसे देख के मेरे अन्दर की अन्तर्वासना फिर से जाग्रत हो गई. मैंने सोचा की अगर आज थोडा संभल के मौसी को इसी बिस्तर में पटा लूँ तो चोदने की समस्या का इलाज मिल जाएगा मुझे.

मैंने खड़े हो के एसी को 19 डिग्री पर कर दिया और मेरे वाले बेड पर एक ही कम्बल रखा. थोड़ी ही देर में एसी ने अपना कमाल दिखाया और मौसी को ठंड लगने लगी. और वो अभी पजामी और स्यूट में सो रही थी. तो ठंड के कारण उसने मेरी तरफ मुह कर के सिकुड़ के सोना चालू कर दिया. मैं भी मौसी के मुहं के एकदम पास आ चूका था और सोने की एक्टिंग कर रहा था.

मौसी की साँसों की खुसबू आ रही थी जो मुझे दीवाना सा बना रही थी. और मैं उन्के होंठो को थोड़ी सी आँखे खोल के देख रहा था. तभी मैंने अपने होंठो को मौसी के होंठो के ऊपर रख के चूम लिया. मैं तो बस हलकी सी किस देना चाहता था. लेकिन तब मौसी ने जो किया वो बिलीव करने लायक नहीं था. मौसी ने अपनी जबान बहार निकाल के मेरे होंठो के ऊपर चूम लिया. मैं एकदम से शोक हो गया की ये क्या!

लेकिन मौसी एकदम मजे से मेरे होंठो को चूस रही थी और उसे किस दे रही थी. मौसी एकदम प्यासी लगती थी जैसे की सालों से उसे किसी ने प्यार नहीं दिया था और आज मेरी पहल करने से उसकी अन्तर्वासना जाग गई. मैंने भी अपनी जबान को काम पर लगा दिया और मौसि के होंठो को और जबान को स्मूच करने लगा.

फिर 10 मिनिट तक हम दोनों का यही काम चला. फिर मैंने अपने हाथ को स्यूट के अन्दर डाल के उनकी कमर को पकड़ लिया. और उनकी एकदम सॉफ्ट जैसी कमर के ऊपर मैं हाथ फेरने लगा. मेरी मौसी अभी तक एकदम डेस्परेट थी और वो जोर जोर से किस दे रही थी मुझे.

फिर मेरा हाथ मौसी की ब्रा के ऊपर गया जिसे मैंने खोल दिया. फिर मैं अपने हाथ उन्के बूब्स पे ले गया और सच में दोस्तों वो बूब्स इतने सॉफ्ट थे की क्या कहूँ आप लोगों से. फिर मैं अपना मुहं अन्दर ले जाके उन्के बूब्स चाटने लगा और अपना हाथ उनकी पजामी के अन्दर से फिराने लगा. यारों मौसी की गांड मस्त मोटी थी और उसके ऊपर हाथ फेरने का अलग ही मजा मिल रहा था मुझे तो.

मौसी ने अब अपने हाथ को आगे कर के मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे मसलने लगी. मेरे अन्दर एकदम से नया जोश आ चूका था और मैं उसकी गांड को मस्त दबा के उसके एसहोल से खेलने लगा था. फिर मैंने धीरे से अपनी मौसी की पजामी उतारी और उनकी फुल जैसी नाजुक चूत में मुहं रगड़ के चाटने लगा उसे.

मौसी हलकी सी आवाज में आह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी थी. और फिर उसने मेरे बाल पकड़ लिए. मैंने मौसी की चूत को करीब 10 मिनिट तक चाटा. और जब वो झड़ गई तो मैंने चाटना बंद कर दिया. मैंने मौसी के बुर का पानी चाट लिया. और फिर मौसी को मैंने एकदम गन्दी स्मूच दे दी. वो भी मेरी जीभ को कस के चाट रही थी.

फिर मैंने मौसी की कमर अपनी तरफ करवा दी. उसकी बड़ी गांड मेरे लंड के पास ही थी. मैंने अपने आठ इंक के लौड़े को उनकी गांड के छेद पर घिसा और मौसी सिसकियाँ ले रही थी. फिर गांड के ऊपर घिसने के बाद मैंने अपने लंड को मौसी की देसी चूत पर लगा दिया. मैंने मौसी के मुहं के ऊपर अपना हाथ रख दिया ताकि मैं धक्का दूँ तो उसकी आवाज बहार ना आये. और फिर एक धक्का दे दिया. हाथ मुहं के ऊपर था फिर भी मौसी की चीख निकल पड़ी. शायद उसने इतने बड़े लंड से पहले कभी नहीं चुदवाया था. मैंने मौसी को जोर जोर से धक्के दे के पेलना चालू कर दिया. कम्बल के अन्दर हम दोनों एक दुसरे को चिपके हुए थे. और मैं जोर जोर से धक्के मार के उसे पेल रहा था. मौसी के बूब्स पर हाथ रख के मैं उसे दबा रहा था और निचे मैं उसकी चूत में अपने लंड को डाल के बहार निकालता था. और फिर वापस मौसी की चूत में डाल देता था.

मौसी बहुत सिसकियाँ लेती गई और मैं उसकी चूत को 10 मिनिट तक ऐसे ही चोदता गया.

फिर मैंने अपने लंड को बहार निकाला.

मौसी फुसफुसाई: हो गया?

मैं: नहीं पीछे डालना हे!

मौसी: बाप रे पीछे नहीं बेटा बहुत दर्द होगा.

मैंने कहा: मुझे तो पीछे डालूँगा तभी शांति मिलेगी. आगे तो पूरी रात चोदुंगा फिर भी कुछ नहीं निक्लेंगा.

मैंने जूठ ही कहा था मौसी को उसकी गांड मारने के लिए. मौसी ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बोली, इतना बड़ा पीछे कैसे ले सकती हूँ मैं?

मैंने कहा: मौसी आप की एस इतनी बड़ी तो हे आराम से ले लोगी आप!

और फिर मौसी ने अपने गांड के छेद पर लंड को रख दिया. मैंने एक धक्का दिया. अब की उसे बहुत देर तक दर्द हुआ. लेकिन मेरी अन्तर्वासना तो उसकी गांड में ही अटकी हुई थी इसलिए मैं पच पच पेलता गया उस मस्त देसी गांड को.

10 मिनिट के बाद मेरा माल उसकी गांड में छुट गया. मौसी की गांड के अन्दर ही मैं लंड को रख के सो गया और नींद भी आ गई मुझे.

पता नहीं कब मेरा लंड उसकी गांड से अपने आप बहार आ गया.

सुबह मैं उठा तो सब कुछ ठीक था. शायद मौसी ने जल्दी उठ के मुझे कपडे पहना दिए थे.

उस दिन से मेरा और मौसी का काम चालु हो गया हे. अब तो मैं उसके घर जाता हूँ जब अंकल नहीं होते हे. और उसे एनाल और ग्रुपसेक्स की मूवी दिखाता हूँ. पिछली बार मौसी के पास गया था तो उसने दो लंड से चुदने की इच्छा जताई थी. मैंने कहा मेरा बस नहीं होता क्या. तो उसने कहा थ्रीसम का अनुभव लेना हे एक बार.

और उसने कहा की तुम्हे भी दो चूत दिलवाउंगी मेरी एक सहेली हे उसे हम बुलाएँगे.

मैंने कहा मैं अपने दोस्त करन को ले के आऊंगा उसे टाइम रहा तो.

दोस्तों मैं और मेरे दोस्त ने साथ में मिल के भी मौसी को चोदा हे. वो कहानी भी आप को कुछ दिनों में लिख के भेजूंगा! अभी के लिए बाय.