भाई के साथ चुदाई की एक्सरसाइज

हेल्लो फ्रेंड्स Antarvasna मेरा नाम तृप्ति हे और मैं 21 साल की लड़की हूँ. अभी मैं ग्रेजुएशन की स्टूडेंट हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 5 इंच हे. मेरी चूचियां मोटी हे और रंग गोरा हे. और मेरी गांड भी एकदम सेक्सी और भरी हुई हे. मेरे तिन बॉयफ्रेंड रह चुके हे और तीनो ने मेरी चुदाई की हुई हे इसलिए मेरा शरीर एकदम भरा हुआ हे. आज मैं आप को अपने भाई के साथ सेक्स की हिंदी सेक्स स्टोरी बताने के लिए आई हूँ.

कुछ दिन पहले ही मेरे अपने लास्ट बॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हो गया. उसका नाम अमर हे. मेरे सिवा मेरे घर में मेरा पापा, मेरी माँ और एक भाई हे जो मेरे से बड़ा हे. भाई की उम्र 24 साल हे.

जब से मेरा अपने बॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ था मैं चूदी नहीं थी और चुदाई के लिए मैं तडप रही थी.

पहले मैंने सोचा की किसी लड़के से चुदवा लूँ पर डर था की साला कही रंडी ना बना दे. मैं कुछ ऐसा चाहती थी की जब मैं चाहूँ लंड तैयार मिले पर ऐसा क्या करती आखिर!!!

एक दिन शाम को घर में मम्मी पापा नहीं थे. बस मैं और मेरा भाई राजन ही थे. मैंने सोचा चलो भाई के रूम में हो कर आती हूँ क्यूंकि मैं बोर हो रही थी. राजन का रूम सेकंड फ्लोर पर था. मैं ऊपर गई तो उसके रूम में म्यूजिक बज रहा था. दरवाजा पूरा बंद नहीं था मैं एकदम से अन्दर चली गई. मेरा भाई सिर्फ शोर्ट पहन के एक्सरसाइज कर रहा था.

भाई का हाईट करीब 6 फिट हे और उसका बॉडी एकदम मस्त मस्कुलर हे. उसकी बॉडी पसीने में भीगी हुई थी और उसने वी शेप की फ्रेंची पहनी थी जिसमे उसके लंड का उभार साफ़ दिख रहा था. वो मुझे देख के थोडा अनकम्फ़र्टेबल हुआ और पास रखा हुआ तोवेल लपेट लिया उसने. मैंने एकदम सोरी बोला और उसने कहा की कोई नहीं आ जा छोटी. और फिर उसने पूछा, आज तू ऊपर कैसी?

मैंने कहा बस यु हूँ निचे मन नहीं लग रहा था. वो बोला तू भी एक्सरसाइज कर मोटी होती जा रही हे. मैंने कहा अरे मुझे आता नहीं ये सब एक्सरसाइज वेक्सरसाइज. वैसे भी मेरे पास जिम सिम का टाइम नहीं हे भाई.

वो बोला, अरे इसमें क्या सीखना हे भला.

मैंने कहा आप ही सिखा दो मुझे.

राजन भाई: तो सिख ले ना मैंने कब मन किया हे तुझे.

मेरी नजर अब भाई के नंगे बदन पर थी और लंड का उभार तोवेल से छिप नहीं पा रहा था. अपने भाई के शरीर को देख कर मुझे ऐसी गुदगुदी लाइफ में पहली बार ही हुई थी.

वो भी मुझे ऊपर से निचे तक देखने लगा. फिर उसने पास रखे हुए दो डम्बल उठाये एक्सरसाइज करने के लिए और बोला देख ऐसे पकड़ना हे और हाथ ऊपर नीचे करना. मैंने वो दोनों डम्बलस ले लिए और जैसा उसने बोला था हाथ निचे करने के लिए मैं वैसे करने लगी. वो एकदम बोला अरे नहीं ऐसे नहीं और मेरे पीछे आके अपने हाथ मेरे हाथो से मिला कर एक्सरसाइज करने लगा. इस टाइम वो मेरे बिलकुल पीछे था और उसका लंड मेरी गांड मैं घुसे जा रहा था.

मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मन कर रहा था की अभी उसके सामने घोड़ी बन जाऊ और वो मुझे अपने कडक लंड से चोद दे. पर क्या करती भाई था मेरा. वो ऐसे ही करता रहा मैंने महसूस किया की उसका लंड टाईट हो रहा था और मुझे और भी मजा आ रहा था.

फिर भाई बोला तेरी ये टी-शर्ट टाईट हे इसलिए एक्सरसाइज नहीं नहीं हो पा रही हे. तो मैं भी उसके लिए एकदम रेडी ही थी. मैंने भाई से कहा आप कहो तो इसे उतार दूँ भाई!

भाई ने कहा, देख ले अगर कम्फ़र्टेबल हे तो बिना टी शर्ट के एक्सरसाइज ज्यादा सही होगा.

मैंने कहा ओके और घूम के अपने भाई की तरफ देखा. और अपनी टी शर्ट को मैंने ऊपर उठाई और उतार दी. मैंने निचे रेड कलर की कप वाली ब्रा पहनी हुई थी और मेरे गोरे चुचे आधे बहार आ राहत थे. भाई मुझे आँखे फाड़ फाड़ के देख रहा था और बोला यार तो तो बहुत ही हॉट हे छोटी!!

ऐसी बात सुन के मुझे भी मजा आ गया और मैं बोली भाई आप भी कुछ कम थोड़ी हो!

भाई बोला, थोडा और दिखा न मैं भी तो देखूं की मेरी बहन की जवानी कहा तक आई हे.

मैं शर्मा गई और बोली पहले आप दिखाओ जो छिपाया हुआ हे चड्डी के निचे. भाई बोला की चल खुद ही देख ले. तो मैं आगे बढ़ी और भाई के अंडरवेर को निचे सरकाया मैंने. भाई का लंड जो 6 इंच का था वो तपाक से बहार आ गया. भाई का मोटा लम्बा लंड एकदम से चमक भी रहा था. जैसे ब्ल्यू फिल्म के हीरो के लंड होते हे ऐसा ही लोडा था राजन भाई का.

मैं बोली, हाय रे कितना बड़ा लंड हे आप को भैया. और मैं अपने हाथ में इस बड़े लंड को पकड़ के आगे पीछे करने लगी और देखते ही देखते मैं उसके पैरो के बीच में बैठ गई और लंड को मुहं में भी ले लिया मैंने. भाई ने मेरे बाल पकडे और मेरे मुहं को चोदने लगा और उसका एक एक धक्का मेरे गले तक लंड को धकेल रहा था.

फिर मैं रुकी और उसका टोपाअंड और निचे से अपनी जीभ से उसके लंड को चाटा. मैंने पूछा भाई इतना चिकना क्यूँ हो रहा हे तो वो बोला तेरे आने से पहले ही मैंने उसे तेल लगा के मसला था. फिर भाई ने कहा मेरी ऑफिस की एक भाभी मेरा लंड लेती हे उसके लिए मैं रोज लंड को मालिश करता हूँ.

फिर राजन भाई ने मुझे उठाया और मेरी ब्रा खोल दी. मेरी 36 इंच की साइज़ के गोरे चुचें हवा में झूलने लगे थे. भाई उन्हें दबाने और सहलाने लगा और बोला तेरे निपल्स इतने मोटे क्यूँ हे, जैसे शादीसुदा औरत के होते हे. फिर वो मेरे निपल्स को सक कर के बहार निकाले और बोला, बता बहन की लौड़ी अब तक कितनो के लंड लिए हुए हे तूने!

मैं बोली, अरे भाई मेरा बॉयफ्रेंड साला कुत्ते की तरह मेरे चुचें चुस्ता हे एक एक घंटा और कभी कभी मैं और मम्मी भी.

भाई ने कहा, तू और मम्मी क्या?

मैंने भाई से कहा, भाई मम्मी को लेस्बियन सेक्स पसंद हे और उन्होंने मुझे कई बार मजे दिलाये पर मुझे तो आप के जैसे कडक लंड पसंद हे.

मेरे ये कहते ही भाई बोला, साली रंडी छिनाल तू और हमारी माँ, तुम्हारी तो आज मैं गांड फाड़ दूंगा.

ये कह के उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे चुचें बुरी तरह से दबाने लाहा. मेरे निपल्स चूस चूस के खींचे और उन्हें एकदम लाल कर दिया उसने. मुझे भी आज बहुत दिनों के बाद किसी मर्द से पाला पड़ा हुआ था जैसे!

अब भाई ने मेरा पजामा और पेंटी एक बार में ही उतार दी और अपना लंड मेरी चूत के दाने पर रख दिया उसने. वो मेरे दाने को अपने लंड से घिस रहा था. मैं तो पागल हुए जा रही थी. मैंने पुरे जोश में थी और कह रही थी चोदो भाई मुझे प्लीज़ प्लिज्ज्ज्जज्ज्ज्ज़. उसने लंड मेरी चूत पर लगाया और एक झटका दे के अन्दर कर दिया. मेरी तो चीख निकल गई. भाई ने मेरी दोनों टाँगे फैला दी और धक्के पे धक्के मारने लगा वो जोर जोर से.

उसके हर धक्के के साथ मेरा मज़ा बढ़ता ही चला गया. वो ऊपर लेट कर धक्के मार रहा था और मेरे ऊपर चोद के मुझे वो मेरे होंठो को भी चूस रहा था. और इस चुदाई के अन्दर मेरे बूब्स उसकी छाती में घुस से रहे थे. भाई ने कहा. साली रंडी क्या चूचियां हे तेरी; चल अपनी कमर हिला और मेरे लंड को जकड़ ले अपनी चूत के अन्दर. मैंने अपनी चूत को ऐसे कस लिया की भाई का लंड अन्दर गिरफ्तार सा हो गया. वो और भी कस कस के ठोकने लगा मुझे. और मैं भी उसके धक्को का जवाब अपनी गांड को हिला के और अपने बूब्स उसके मुहं में दे के दे रही थी.

मैं अब झड़ने वाली थी मेरी सिस्कारियां निकल पड़ी, आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह ओह ओह अह्ह्ह भाई और करो मजा आ रहा हे.

और ये कहते हुए मैं झड़ गई भाई के लंड के ऊपर ही. लेकिन भाई अभी थोड़ी रुकनेवाला था. वो तो मुझे और भी कस कस के पेल रहा था.

5 मिनिट और हार्ड चोदने के बाद भाई ने कहा, बता मेरा माल कहाँ लेना हे तुझे, बहार निकालूं, मुहं में लेगी या अपनी चूत के अन्दर.

मैंने कहा, भाई अपने कीमती और गर्म माल को मेरी चूत में ही निकालो ना.

और सच में दोस्तों जो सेक्स का असली मजा हे वो चुदवाने में तो हे ही हे. लेकिन गाढ़ा गाढा वीर्य जब चूत को और चिकना करता हे तब एक औरत को असली सेक्स का अहसास होता हे.

भाई ने मुझे कंधो के पास से पकड़ लिया और अब एकदम कस कस के वो ठोकने लगा. साथ में वो मुझे एकदम गन्दी गन्दी गालियाँ भीदे रहा था, साली रंडी क्या चूत हे तेरी कसम से. हिला अपने बूब्स को मेरी रानी और ले ले मेरा लोडा अह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह!

और ऐसी सिसकियों के साथ भाई के लंड का गाढ़ा वीर्य मेरी चूत में निकल गया. चूत के अन्दर गरम गरम माल गिरा तो क्या मजा आया वो मैं शब्दों में लिख ही नहीं सकती हूँ! चूत के पानी का और लंड के वीर्य का संगम अलग ही फिलिंग दे रहा था मुझे.

भाई ने जब लंड निकाला तो उसके ऊपर बहुत सब वीर्य चिपका हुआ था. मैंने अपने मुहं को खोला और भाई ने आके लंड मेरे मुहं में दे दिया. मैं उसे चूसने लगे और चाटने लगी.