भाभी ने को हर ख्वाहिश पूरी – पार्ट १९

चलो सीधा मेरे antarvasna बर्थडे के दिन ही चलते है… बताउगा के क्या दिन गुज़ारा था हमारा… सुबह जब भैया गए तब तक जानबुज कर मैं सोता रहा… भैया मुझे विश करने के लिये काफी टाइम तक रुके… पर भाभी को पता था के मुझे भैया में बिलकुल इंटरेस्ट नहीं था… पर भैया आखिर हारकर चले गए… मैं भाभी और भैया के बारे में हुए वार्तालाप की बात करता हूँ…

भाभी: आप जाओ वो सोया हुआ है… और वो लेट ही जगता है…
भाई: तो वो कॉलेज जाता है की नहीं…
भाभी: कभी जाता है… कभी नहीं… छोडो ना क्या सुबह सुबह…
भाई: अरे मैं तो सिर्फ विश करने के लिए… तुजे पता है… एक यूके के क्लाइंट से एक मीटिंग है तो आज देरी होने वाली है… ग्यारह बज जाए…
भाभी: रात को कर लेना… मेसेज कर देना… फोन कर देना…. पर हां सुनो शायद आज हम बाहर जाएंगे… समीर भाई बोल रहा था के आज शाम को खाना खाने के लिए बाहर जाएगे… मैंने तो मना किया था… मेरा मन नहीं था, क्योकि शायद उनके दोस्त आएंगे… पर भैया भी चले जाएंगे, आप भी देर से आएंगे… तो जाउ?
भैया: पक्का न? तू उस दिन…
भाभी: अरे नहीं नहीं… मैं ही कुछ, मुझे माफ़ कर दीजिए… प्लीज़?
भैया: अरे तुजे ऐतराज़ नहीं तो फिर मैं तो अपने भाई को जनता ही हूँ… वो कभी ऐसा नहीं करेगा…

अब भैया को क्या मालूम के क्या मैं हूँ? क्या मेरे दोस्त है? और क्या उसकी पत्नी है…

भाभी: तो मैं जाऊ?
भाई: हा हा बिलकुल जाओ घर पे बोर हो जाओगी उससे अच्छा के उन लोगो के साथ रहोगी तो समीर के दोस्त कैसे है पता चलेगा… कहीं बुरी संगत में तो नहीं फस गया…
भाभी: ह्म्म्म ठीक है…

भाई तो चले गए तुरंत मैं बहार निकला और भाभी को पीछे से दबोच लिया….

मैंने देखा तो भाभी के ब्लाउज़ के हुक खुले थे….

मैं: साली खोल भी दिए?
भाभी: अरे तेरे भाई सुबह सुबह दबाके जाते है न? तू सो रहा था तो खोल के दबाया… तू उठने ही वाला था तो मैंने फिर खुले ही रख्खे…
मैं: चल मादरचोद किस दे… जन्मदिन है मेरा….
भाभी: मुह तो धो के आओ…
मैं: आज कुछ नहीं मैं आज के दिन के लिए तेरे बदन का मालिक हु मुझे जो पसंद आए वही…

थोड़ी ना नुकुर करके भाभी ने मुझे किस दिया… मैंने अपनी जीभ उनके मुँहमे अंदर तक घुसाई… भाभी ने साथ दिया… पर भाभी ने रोक कर कहा…

भाभी: रुक यही पे… तैयार हो जा तेरे दोस्त आने ही वाले होंगे.. और मुझे तैयारी करनी है…

मुझे पसंद नहीं आया पर आज बहोत कुछ होने वाला था… इसलिए मैं ये छोटी चुदाई पे ध्यान नहीं देना चाहता था… डोरबेल बजी के मेरे सारे दोस्त अंदर आये और उनके साथ एक हट्टा कट्टा नौजवान भी आया जो निप्पल में छेद करने के लिए स्पेशल था.. वो आया और आते ही शिकार ढूंढने लगा… पर भाभी अपने रूम में शायद तैयार होने गई थी… आज भाभी क्या पहन के आएगी? उसे पता तो था के एक लड़का आएगा… तो अब?

और भाभी रूम से बाहर आई…

मादरचोद… कितनी बार ठोका मैंने फिर भी ये जलवे ऐसे दिखती है की बस मन नहीं भरता…

भाभी: ये कौन है?
राजू: ये तेरे निप्पल पे छेद करवाने के लिये बुलाया है… अपना टीशर्ट उतरवाएगी या थोडा अड्जस्ट करके निप्पल टीशर्ट से बाहर निकालेगी?

लड़का सब खुली आँखों से बस देखे जा रहा था…

भाभी: नहीं नहीं अभी नहीं… मुझे समीर के भैया से परमिशन लेनी पड़ेगी… भैया तू बाद में आना हम बुला लेंगे…
केविन: तो अभी प्लान के मुताबिक चले?
भाभी: हा चल तेरे फार्म हॉउस पर…
सचिन: चिंटू तुजे फार्म हॉउस का पता पता है?
केविन: तू टेंसन मत ले सचिन ये आज निप्पल में छेद करके ही जायेगा…
भाभी: केविन तूने इनको आने दिया?
केविन: अरे भोसडीकि मना करता तो सबको पता नहीं चल जाता?

ये सब के बिच चिंटू जैसे निकल गया भूखी नज़रो से के सब भाभी के आसपास उस पर लपक पड़े… साली क्या माल है रे तू मादरचोद करके… भाभी ने सब को रोका…

भाभी: चलो पहले सब दूर हो जाओ… जिसका बर्थडे है उसे अभी तक कुछ नहीं मिला के सब आ गए मुझे बाटने… चलो केविन…. प्लान ले मुताबिक चलो…

क्या है के प्लान प्लान? हम सबका माथा सनका, और पता चला के केविन और भाभी का अलग ही चेटिंग चल रहा था.. दोनों ने ये सब प्लान किया था… के आज के दिन क्या क्या होगा.. मेरा बर्थडे शानदार बनाने के लिए….

मैं: भाभी, ऐसे निचे उतरोगी? कोई देख लेगा तो? अपना सिक्यूरिटी गार्ड वाला ही देख लेगा…
भाभी: अरे तू टेंशन मत ले, मैं कम्बल ओढ़े आने वाली हूँ.. और मुझे गाड़ी में भी हाइवे तक हाथ नहीं लगाएगा….

भाभी कम्बल ओढ़कर हमारे साथ बहार निकली… हम सब चुपके नज़र से जितना होता था बचके निकल गए…. अभी तक पता था उसके हिसाब से केविन के फार्म हाउस पर जाना था… जो के हमारे घर से तो दो घंटे दूर था एक छोटे के गाँव के पास!! तो दो घंटे तो आने जाने में ही निकल जाएंगे। ग्यारह तो बज चुके थे… क्या बकवास प्लान था ये… कुछ समज नहीं आ रहा था…

केविन गाडी चला रहा था… और हमसब पीछे बैठे… केविन का तो सेक्सपर्ट लेवल था और आज का ऑर्गनाइजर भी था तो सब को पीछे बैठ के मज़े लेने के लिए बोला…

हाइवे पर पहोचते ही जैसे सुमसाम रास्ता शुरू हुआ के भाभी ने चादर को हटाया… अरे बाप रे… साली ने जो पहना था वो भी गायब… मादरचोद नंगी गाडी में बैठी थी? ये मादरचोद देख मेरी फटी… साली बिकिनी पेंटी तो पहनती… पर उस वखत और कुछ नहीं सूझता… गोरा बदन सब चारो भेडिए भाभी के ऊपर लपक पड़े… भाभी को मस्त यहाँ वहा छूने लगे… भाभी कहर ने लगी…

भाभी: थोडा तो मर्द बनके हाथ चलाओ… मेरी छाती पर तो एकदम भारी चलना चाइए…

हम सब अपनी मर्दानगी बताने के लिए… टूट पड़े…

केविन: मेरे लिए कुछ रखना भाइयो…
मैं: मादरचोद, ये भोसडीकि थोड़ी ख़तम हो जाएगी? हम भोग ले तब तू भी भोग लेना…
केविन: हा हा हा आप भी भोग नही पाओगे…

हम सब क्यों बोल के चोक गए…

केविन: ये तो अभी शुरुआत है! नंगी सामने कड़ी है पर फिर भी कुछ कर नहीं पाने वाले आप लोग जब तक फार्म हॉउस नहीं पहुंच जाते….

तो हम सब भाभी पर और टूट पड़े… भाभी को यही चाहिए था… के अधूरेपन में सब लोग उनके शरीर से कुछ कुछ हांसिल करने के लिए उतावले हो… तभी हम कुछ जबरदस्ती करे… इतने सारे हाथ भाभी पर चल रहे थे पहली बार… कोई भाभी के मुह में कोई भाभी के बालो पर कोई भाभी के स्तन पर कोई भाभी के निप्पल पर कोई चूत में कोई गांड में…कोई पीठ पर कोई पेट पर तो भाभी जल्द ही अकड़ गई… ये उनके लिए भी तो पहली बार था… तभी केविन ने गाडी रोकी…

केविन: चलो यहा एक मिनिट में केक आने वाली है…

थोड़ी देर में एक टेम्पो आया… उसमे एक हट्टा कट्टा काला नौजवान था…

केविन: जाओ भाभी केक की फीज क्या देनी है तुजे पता है…

अरे बाप रे हाइवे पर भाभी नंगी निचे उतरी.. वो काला आदमी भी निचे उतरा और फिर बाहर ही उसे किस किया और पीछे टेम्पो में ले गया… २० मिनिट के बाद भाभी हाथ में केक लेके आई… साली चुदवाके आई? यहा हम भूखे है और वो साला खा के चला गया…?

भाभी आके जीप में बैठी…

केविन: कितने लिए?
भाभी: सिर्फ चूत की बात हुई थी न? साले ने गांड भी मारी पर अब सब कुछ अनलिमिटेड जी भर के लिए फ्री… कंडोम भी नहीं पहना..
केविन: मज़ा आया न?
भाभी: मैं तो सोच रही थी के इनको बुला लेते है…
केविन: रहने दे मादरचोद.. अपनी पार्टी है… तुजे जाना है तो तू उनके साथ अलग चुदवाने जाना…

भाभी तो रण्डी नम्बर वन बनती जा रही थी… भाभी का गोरा चिट्टा बदन लाल लाल था… हम अब मन्ज़िल की और आगे बढे… केक भाभी पकड़े बैठी थी… पर हम ने फिर से भाभी को छूना शुरू किया… भाभी ने केक आगे भिजवा दी… हम ने भाभी को और एक बाए जाड़ा.. साली जब जड़ती थी तो उसको देखना कुछ अलग महसूस हो रहा था…

मैंने हिलते एक मम्मे पर चपत लगाईं….

भाभी: क्यों मारा? क्या गलती की? चल पहले दूसरे मम्मे पर मार ले…
मैं: भोसडीकि तू हमारे लण्ड तो मुह में ले…
भाभी: नहीं प्लान के मुताबिक फार्म हॉउस तक कुछ नहीं…
मैं: चलो भाइयो मारो इस रंडी को…

हम सब ने दे धना धन भाभी को सारे बदन पर चपत लगाने लगे…

केविन: अरे भाभी को आगे बुलाओ मुझे भी मारना है… आगे जुका दो साली को…

भाभी आगे आई और जुकी… स्तन उनके सिट पर लटके हुए थे… केविन ने हल्का छुए और फिर निप्पल को सहलाया… और दोनों पर एकसाथ पड़े ऐसे चपत लगाई… हमारी और भाभी की उभरी गांड थी… हमने वहा दे धनाधन मारना चालू किया… भाभी आऊच, उई माँ, हा प्लीज़ मसलों न, मारो ये यही लायक है… कहरती रही… कभी गांड केविन की तरफ और मम्मे हमारी तरफ…. और ऐसे करके हम पहोंचे फार्महाउस पर…