भाभी ने की हर ख्वाहिश पूरी – पार्ट २०

हम फार्महाउस पर antarvasna पहुचे थे… केविन ने तो गाडी उधर ही रख दी….

केविन: जा मादरचोद दरवाज़ा खोल…
भाभी: हा अभी जाती हूँ… पर इन सब को बोलो पहले के मुझे छोड़े…
मैं: भाभी आप नंगी जाओगी?

आजूबाजू भले ही दूर दूर तक जंगल ही था… और जंगल में हम मंगल करने के वास्ते आये थे… पर भाभी पर ये हवस का कौनसा लेवल था? जा के कैक वाले से हाइवे पर चूड़ी उसके टेम्पो में… वो भी बिना कंडोम के क्योकि भाभी की चूत में जब ऊँगली डाली थी तो वो काले वहशी के वीर्य निकलता हुआ देखा था… चूत तो साफ़ करके आई थी… पर अंदर तक जो फव्वारा उड़ा होगा चूत के, वो तो निकलेगा ही… इसी के चक्कर में किसीने चूत नहीं चाटी थी जीप मैं… और अब भाभी जीप से नंगी बाहर जा के फ़ार्महाऊस का दरवाज़ा खोलने जाने वाली है… पर मैं अब खोटी चिंता कर रहा था… मैं ये सोचने लगा के साला हाइवे पर नंगी जा कर एक अनजान आदमी से चुदवाके आई, हाइवे पर तो कई लोग देख सकते थे, तो अब तो क्या यहाँ कोई देखने वाला था? भाभी जीप से बाहर निकली और निचे उतर कर फार्महाउस का दरवाज़ा खोलने जाने लगी… गांड को मटक मटक कर उछल उछल के चलते हुई दरवाजा खोलने गई…

चारो और सुमसाम जंगल जैसा था। बिच में एक आलिशान बंगलो था… आजूबाजू बस सब ग्रीन ग्रीन था… हम सब बैठे थे जीप मैं और भाभी ने दरवाज़ा खोल के हमारा स्वागत किया…

मैं: केविन, यहाँ कितने समय से कोई नहीं आया होगा?
केविन: अरे मैं आता हु… इस का वैसे साफ़ सफाई करवा दी है… दो नौकर यही है.. तो वही लोग होंगे अभी तो…
मैं: साले क्या प्लान है तुम लोगो का…
केविन: देख तेरा बर्थडे बिना खर्च का हो रहा है… सब को मेहनताने के तौर पर भाभी मिलेगी… वो भाभी ने माना है… और इसिलए ये सब मुमकिन हुआ है… और हां आज के आज ही सब को अपना रिटर्न गिफ्ट मिलेगा… मेरी दो डील साइन करने वाली पार्टी भी यही आएगी…
मैं: अबे कुत्ते आज के आज सब कैसे हो पायेगा… तो फिर हमे क्या मिलेगा?
केविन: भाई सब हो जायेगा टेंशन मत ले… सब इंतेज़ाम है.. चल अब वो नंगी इंतज़ार में खड़ी है…

हम सब निचे उतरे… सब निचे उतर के भाभी को वापस हग करने लगे… भाभी भी डेरिंग बाज़ थी… सिर्फ कम्बल ओढ़े नंगी ही जीप में आ बैठी थी… अंदर दो नौकर भी थे… वो जीप रुकते ही आ गए… एक का नाम तेजसिंह और दूसरे का रामपाल था…. दोनों भाभी को नंगी देख हक्के बक्के रह गए…

तेजसिंह तो बाहर कड़ी चैर पर बैठ गया, क्योकि वो होश खो बैठा था… पर रामपाल थोडा आगे बढ़ा… दोनों के उम्र शायद पचास से ज्यादा होगी… साले दोनों बुढ्ढे की आज लॉटरी लग गई थी… मेरा बर्थडे और अभी तक मुझे तो कुछ नहीं मिला था…

रामपाल ने ऊपर कुछ नहीं पहना था…

रामपाल: आइये भाभी जी… आपका स्वागत कैसे करू?

वासना के कीड़े… बुढ्ढे हो गए थे पर औरत देखी नहीं के चालू

भाभी: मेरे मम्मो को हाथ में लेकर करीए स्वागत.. छुये न प्लीज़?

बुढ्ढा पागल हुआ कुछ ऐसे करने लगा…

केविन: ओ रामपाल मुँहमे भर ले हा हा हा…

रामपाल ख़ुशी से पागल हो कर मुह में भाभी के मम्मे भर लिए… और भाभी को तेजसिंह याद आया तो रामपाल मुह में लेके मम्मे चूस रहा था उसके मुह से निकलवा के तेजसिंग के पास गयी और उसे कुछ इसतरह मिली

भाभी: आप नहीं लेंगे मुँहमे? लीजिये ना…

पर तेजसिंह ने उसे निचे बिठाकर उसके मम्मे मसलते हुए उनसे किस करने लगा… रामपाल पीछे पीछे आ ही गया उसे केविन ने रोका…

केविन: अरे ओ बुढ्ढों… हम सब जब इनसे संतुस्ट हो जायेगे… थक जायेगे तब तुम्हारी बारी… तब तक जाओ जीप में पड़ी कैक निकालो…
रामपाल: मालिक हम देख तो सकते है न?
तेजसिंह: हा मालिक?
भाभी: हा। देख लेना.. सब मालिक लोग थके तभी आप लोग की बारी…
तेजसिंह: मेमसाब आप नहीं थकेगी?
भाभी: हां तो? शायद साथ न दे पाउ पर तू लोग जो करना है कर ही सकते हो..

वो दोनों कैक ले कर चले गए… भाभी को फिर हम सब लोगो ने दबोचा… पर भाभी तो हाथ छुड़ा के भाग गई… वो दोनों बुढ्ढों के साथ…

राजू, कुमार और सचिन अभी तक बस तमाशा देख रहे थे और अचानक बोल पड़े…”अरे बहन की लौड़ी अब ये किधर जा रही है…?”

केविन: अब बर्थडे पार्टी शुरू होती है… अभी भाभी कैक लेकर आएगी.. समीर काटेगा…

फिर केविन फोन करने के लिए बाहर गया और हम चारो भाभी को ढूंढने लगे..

भाभी: अंदर मत आओ चले जाओ… तेजसिंह और रामपाल बुलाने आयेगे… बाहर जाओ…

हम वापस बाहर आये के केविन फोन ख़त्म कर के आया…

मैं: किसे फोन किया?
केविन: वो भाभीके निप्पल पे छेद करवाना है ना…
मैं: अरे वो भाभी ने बोलाना के भैया को पूछना पड़ेगा…?
केविन: वो पूछ लेगी… तू चिंता बहोत करता है…

रामपाल और तेजसिंह बुलाने आए… मालिक… भाभी राह देख रही है… जाइए…

हम सब जैसे आग लगी हो वैसे दौड़ पड़े और अंदर भाभी ऐसी मिली हमें…

वाह… कैक तो कट चुकी थी… बस खाना बाकि था… क्या नज़ारा था.. पुरे बदन पर केक लगा रख्खी थी… हम सब पांचो के पांचो भाभी पर टूट पड़े… मम्मो से लेकर होठ जीभ चूत पीठ जहा पर केक नहीं लगाई थी वह जगह हमने लगाई और हम फिर केक खाने लगे… भाभी को हम ने नाश्ता बनाया था.. भाभी के पुर बदन पे पांच पांच जीभ घूम रही थी… सब से ज्यादा लोगोने निप्पल चूस चूस कर केक खाई… मम्मे दो और आदमी पांच.. पर क्या करे… सब को यही रंडी चोदने के लिए चाहिए थी… और किसीसे बिस्तर गरम करवाना ही नहीं चाहते थे… मैंने देखा के दोनों बुढ्ढे दूर से देख रहे थे…

मैं: चलो भाई चाटे ही करेगे या चतवायेंगे भी?
केविन: जा थोडा साफ़ कर के आ…
भाभी: अरे रुक जाओ चेरी नहीं खानी? चलो एक एक करके मेरी चूत में आओ… अंदर पांच चेरी है… निकाल निकाल के बाट के खा जाओ…
राजू: साली ये तो मस्त आईडिया है…
भाभी: ये इन्ही दो बुढ्ढों का है…
केविन: हा क्या? तो फिर इन दोनों को केक खिलानी हैन?
भाभी: वैसे मैंने एक डोज़ दिया है.. मुझपे केक ये दो लोगो ने ही लगाई है और चूत में चेरी अंदर तक भी ये लोग ने घुसाई है.. फिर भी मालिक खा ले बाद में नौकर भी खा लेंगे… है न?

दोनों ने हां में मुंडी हिलाई… हम ने एक एक करके भाभी के चूत से चैरी निकाल निकाल के खाई… जब हमारा पेट भर गया तब नौकरो को बुलाया और उसने भी चाट चाट के भाभी को साफ़ करके केक खाई… भाभी चटाई के दरमियान सिर्फ कहरती रही…

फिर भाभी उठी.. केविन ने बाद में दोनो नौकरो को इशारा किया… और वो भाभी को ले कर अंदर रूम में चले गए… दस मिनिट के बाद हमे बुलाया गया… मास्टर बैडरूम में आने के लिए… बैडरूम में भाभी हमे निचे इसतरह मिली

फर्श पर बंधी हुई…

केविन: आ…..ह वा….उ सोचा था उससे बेहतरीन नज़ारा है… तुजे आज रौंद के रहेंगे सब… आज क्या क्या होने वाला है समजा देता हूँ…

अब हमारे सामने पुरे दिन का हिसाब खुलने वाला था….

केविन: अभी आज भाभी हमारी स्लेव है, सबसे पहले तो समीर आज इनको रगड़े का अकेला ही क्योकि उनका बर्थडे है… बाद में बाकी काम निपटाएंगे… जा समीर शुरू होजा… हम बाहर जा रहे है… तु तेरा बर्थडे अकेले मना…

दूसरे तिन लोग मुह लटका के बाहर निकल रहे थे के केविन ने उसे कहा की

केविन: भाइओ कोई दुःख मत रखो सीने में… हमे और भी तैयार होना है… तो चलो आओ बताता ही क्या क्या करना है?

सब बाहर चले गए… रूम में मैं और भाभी थे जो फर्श पर पड़ी थी…

भाभी: मेरे पास आओ?
मैं: भाभी कुछ गलत नहीं हो रहा है न?
भाभी: ये हमने मिलके डिसाइड किया था… तो तू मन में ऐसा वैसा कुछ मत रख…
मैं: भाभी एक बात बोलुं?
भाभी: हा बोल?
मैं: भाभी आई लव यु…
भाभी: आई लव यू टू समीर… तू तो मेरा पहला प्यार है…
मैं: तो भाभी आज एक हवस की नज़र से नहीं में आपको एक पत्नी की नज़र से अपना बनाना चाहता हूँ… ये आक्रमक नहीं पर बिलकुल इन्टेन्स लव करना चाहता हूँ… तेरे बदन को मैं एक राजा की तरह भोगना चाहता हूँ… प्लीज़?
भाभी: चल ठीक है… तू तो ठंडा पड़ गया… मुझे लग रहा था के इस हाल में तू मुझे कुछ अलग ही इस्तेमाल करेगा…
मैं: वो तो कई बुरे ख्याल है ही मन में पर पहले इक मस्त इन्टेन्स सेक्स हो जाये? आपको तो पता होगा और क्या क्या प्लान होने वाला है, और कितनी देर तक हम इस कमरे में है?
भाभी: देख आज न…. आ….ह ऐसे हाथ ना घुमा बदन में कुछ होता है… सुन पहले… अभी बजे है कितने?
मैं: १२ बजे है..
भाभी: तो हम लोग डेढ़ बजे तक यही एक ही रूम मैं है… तू दो बार तो चोदेगा न मुझे…
मैं: हा जरूर…
भाभी: हां तो उसके बाद हम खाना खायेगे… खाना खाने के बाद तकरीबन २ बजे मेरे निप्पल में छेद करवाने के लिए बुलवाया है…
मैं: तुजे दर्द नहीं होगा?
भाभी: थोडा होगा… पर तेरे लिए कुछ भी… सुनना… ढाई बजे मुझे उनको फीस देनी है…
मैं: उनसे चुद के?
भाभी: हा… और फिर ३ बजे मेरा गैंगबैंग करोगे आप सब लोग मिलके… से लेकर शाम को ६ बजे तिन घण्टे में सिर्फ आपकी ही रहूंगी… और उसके बाद… केविन ने कुछ क्लाइंट आयेगे… तो उनके साथ भी सोना पड़ेगा… तो मान लो दोनों के एक एक घंटे बाद ८ बजे हम लोग खाना खाएंगे… और फिर दोनों नौकरो को फ़ीस देकर…
मैं: तू उनको भी चूत देगी?
भाभी: कितना ख्याल रखते है अपना…. उतना यो हक है न उनका? और फिर हम लोग घर के लिए निकलेंगे… ठीक?
मैं: निप्पल के छेद के बारे में भैया को क्या कहूँगी?
भाभी: मैं उनको ३-४ दिन से मना रही हूँ… तो आज मैं आप सब लोग पिक्चर देखने गए हो और मैं नहीं गई हु कह कर उनसे वापस जिद करके करवा लुंगी…
मैं: तू बहोत चालु चीज़ है… मैं तुजे छोड़ता हूँ.. पलंग पर चलते है…

मैंने भाभी को धीरे धीरे छोड़ा और फिर उनको फर्श से उठाया और मैंने गोदी में उठाया…. और धीरे धीरे पलंग पर उसे पटक दिया तो भाभी ने हस के मुझे यूँ देखा…

और फिर मुझे उकसाये गई… भाभी ने उठकर मुझे अपनी और खीचा मेरे शर्ट से… हलके हल्के मेरे शर्ट के बटन खोलने लगी… और धीरे से भाभी ने मेरा शर्ट निकाल दिया… भाभी ने मुझे अपने ऊपर ला कर अपने पैर चौड़े कर दिये तो मैं उन के बिच अपनी गांड खीसा कर अच्छे से चढ़ गया… भाभी पूरी नंगी और और मैं आधा… हम दोनों ने तकरीबन १० मिनिट तक इन्टेन्स किस किया और फोरप्ले करते रहे… उस टाइम तक भाभी ने मेरा पेंट और मेरा निक्कर भी हटा दिया… मैं भाभी के पुरे बदन को एक पति की तरह हक़ जता रहा था… इतनी बार की हवस के बाद ये पहला प्यार वाला सेक्स था… भाभी ने भी वासना का शिकार न होते हुए मुझे बहुत ही सिडक्टव ब्लो जॉब दी…

ब्लॉ जॉब ख़तम होते ही, भाभी मेरे ऊपर आ गई… हम एक दूसरे को उतना इन्टेन्स लगे हुए थे के बिच में कोई हवा का आना जाना मुमकिन नहीं था… मेरे लिए भाभी अपने मन को मार कर खूब अच्छे से मुझे सपोर्ट कर रही थी… तो मैंने उनके मन को खुश करने के लिए… अचानक करवट बदले भाभी को निचे लेकर उसके चूत को लिक करने लगा… कुछ ऐसा किया जो भाभी को खुश कर गया… मैंने भाभी के दाने को अपने दातो से खीच कर थोडा काट लिया… अब ये आलम था के नाही मुझसे रहा जा रहा था नाही भाभी से… भाभी ने मेरे मुह को खीच कर मुझे लण्ड से पेल ने के लिए आमंत्रित किया…

मैं इतनी इंटेंसिटी से भाभी पर पड़ा के भाभी के मम्मे को थामते हुए मैंने अपने आपको भाभी को लेंड किया… भाभी का मम्मा थोडा खीच गया… भाभी ने जोर से आउच किया… ये एक अचानक भाभी के लिए सुखद अनुभव था… अब मैं भाभी के ऊपर प्रोपर था और मेरे मुह से भाभी के मुह में और उनकी मेरे मुह तक हांफने की गरम साँसे इतनी तेज़ महसूस रही थी की हम एकदम गरम कर रही थी… भाभी और मैंने एक दीर्घ चुम्बन चालू किया… जो धीमे धीमे मेरे लण्ड को भाभी के चूत को चीरता धीरे धीरे एक दो धक्को में घुसाता चला गया… भाभी के हाथ को मैंने पकड़ के रखा था.. भाभी और मेरे होठ एकदूसरे के अंदर जाने को बेताब थे और मेरा लंड अब चूत को चीरे अंदर तक घुस गया… भाभी और मैंने एकसाथ किस तोड़कर आह के साथ एकदूसरे को और करीब खीचने लगे… भाभी ने पूरा साथ देकर अपनी गांड को थोड़ा थोड़ा ऊँचा करके मुझे बराबर साथ दे रही थी… इसी पोज़िशन में हम बिना किस तोड़े… बिना हाथ को छोड़े करीब १५ मिनिट तक सेक्स करते रहे… और अचानक भाभी ने किस तोड़कर थोडा अग्रसेन होते हुए… जोर जोर से चिल्ला ने लगी और फिर ढेर हो गई… पर मेरा खलास होना अभी बाकी था… मैं ये हिस्सा अभी और देर तक चलाना चाहता था… मेरे हाथ भाभी को छोड़ दिए तो हाथ मैंने भाभी की कमर पर हाथ चलाना चालु रखा… मुह मेरा भाभी के मम्मो पर किस करता… निप्पल को हल्का हल्का खीच रहा था… जीभ घुमा रहा था… और धीमे धीमे मेरे हाथ भाभी के कुल्हो तक लेकर उसे खुद ऊँचा करने लगा… क्योकि भाभी खलास होते ही उनके धक्के कम हो गए थे… मैं लण्ड को अंदर बाहर करता ही रहा… लण्ड से पेलना चालू रखा तो भाभी वापस मेरे साथ देने दो मिनिट में तैयार हो गई… वो फिर मुझे साथ देने लगी… आज भाभी सही में मेरा बिस्तर गरम कर रही थी… क्योकि पूरा बदन भाभी का गरम गरम था… भाभी को पसीना आया था… तो हमारा बिस्तर गरम हो चूका था..