ऑफिस की कुंवारी लड़की की चुदाई

हाई दोस्तों मैं Antarvasna राघव आज आप लोगों के लिए एक मस्त सेक्स कहानी ले के आया हूँ. और उस बात को ले के मैं आज भी मिस करता हूँ. उन दिनों मेरा सुखा चल रहा था. जिसे मैं चोदता था वो शहर छोड़ के जा चुकी थी. 4-5 महीने से लंड को कोई चूत नहीं मिली थी. और जब ये सेक्सी मिली तो मेरे लंड ने जैसे उसके अन्दर नाच ही लिया.

मैं एनसीआर में रहता हूँ और एक सोफ्टवेर फर्म में काम करता हूँ. हमारी कम्पनी में 4 मार्केटिंग के बन्दे हे और 2 डेवलपर हे. और 2 फिमेल स्टाफ हे जो एसइओ और टेली-कालिंग का काम करती हे. काम बड़ा सही था क्यूंकि फर्म छोटा था और मोस्ट ऑफ़ काम क्लाइंट्स की साईट पर ही होता था. सब कुछ वैसे तो नार्मल था लेकिन सेक्स के लिए मैं तरस रहा था.

ऑफिस की जो दो फिमेल स्टाफ थी उन्के साथ मेरी धीरे धीरे घुलमिल हो गई. उसमे से एक मेरिड थी और उसका एक बच्चा भी था. और उसकी उम्र करीब 30 साल की थी. दूसरी अभी कुंवारी और जाब थी. वो गुडिया जैसी लगती थी एकदम नाजुक सी. मुझे उसके साथ ही ज्यादा काम रहता था. कभी कभी हम दोनों घंटो साथ में होते थे.

अक्सर वो मुझे घूरते हुए देखती थी. मैं उसके ऊपर फुल लाइन लगा के बैठा था. चांस मिले तो मैं अपने बॉडी के पार्ट को उसके बूब्स से टच करवा देता था. उसने अभी तक कोई पोजिटिव साइन नहीं दिए थे लंड लेने के.

एक दिन मैंने अपने लंड को खड़ा कर के उसकी गांड पर टच करवा दिया. वो भडक के भाग उठी. लंच करते वक्त मैंने पूछा तो वो बोली की मैं दिखती हूँ उतनी भोली नहीं हूँ राघव! मैं डर गया और उस से दूर दूर सा रहने लगा.

उसकी तरफ से अपने ध्यान को भटकाने के लिए मैं काम में मन परोने लगा था. लेकिन फिर दो दिन के बाद वो सामने से आई और बोली, राघव क्या हुआ उखड़े से हो?

मैंने कहा, कुछ नहीं यार.

वो बोली, अरे घबराओ मत, तुमने जो किया वो तुम्हारी उम्र का तकाजा हे वो मुझे पता हे. और मुझे उस से कोई शिकायत नहीं हे.

मैंने भी उसे सोरी कह दिया.

फिर हम दोनों वापस से नोर्मल हो गए. लेकिन एक चीज नार्मल नहीं हुई थी अभी तक. और वो मेरी सेक्स की भूख थी. मैं अब दिन बदिन उसे पाने के लिए झुलस रहा था.

फिर एक दिन मैंने काम करते हुए उसकी जांघ के ऊपर अपना हाथ लगाया. मैं डरा और चिंतित था और मैंने थप्पड़ खाने की भी तैयारी रखी हुई थी. उसने मुझे देख के अपनी आई ब्रो को ऊपर किया. मैंने कहा, सोरी कंट्रोल नहीं हुआ! वो बोली ठीक हे मैंने भी कहा रोका हे तुम्हे!

लेकिन मैं ठिठ था और उसका इशारा समझ ही नहीं पाया!

एक घंटे के बाद लंच में वो मेरे पास आ के बैठ के मुझे देखने लगी. मैंने हिम्मत से अपने हाथ को उसकी जांघ के ऊपर रख दिया टेबल के निचे और दबा दिया.

उस दिन ऑफिस में दो लोग छुट्टी पर थे और हम दोनों को छोड़ के बाकी के सब लोग एक बड़े क्लाइंट की साईट पर थे. उसने मुझे कहा की मैं भी तुम्हे लाइक करने लगी हूँ. और उसने आँख मार के कहा कुछ एक्स्ट्रा करते हे! और उसने ये कह के अपने हाथ को मेरी जांघ पर रक् के दबा दिया. मैं तो जैसे सातवें आसमान के ऊपर था. मैं तो इस चीज का कितने दिनों से वेट कर ही रहा था.

उसने धीरे से अपने हाथ को मेरे एकदम कडक हुए लंड के ऊपर रख दिया. और उसे दबा दिया. मैंने भी अपने हाथ को उसकी चूची के ऊपर रख के मसला. उसने मुझे रोका और कहा की ये सही और सेफ जगह नहीं हे. और उसने मुझे कहा की चलो स्टोर में चलते हे और तुम मेरे पीछे आओ.

10 मिनिट के बाद मैं स्टोर में गया तो वो मेरी ही राह देख रही थी. मैं उसे देख ही रहा था और वो मेरे पास आ गई और उसने मेरे होंठो के ऊपर अपने ज्युसी होंठो को लगा के चुसना चालू कर दिया. और वो मेरी छाती के ऊपर भी किस करने लगी थी. मैंने शर्ट के बटन खोल के उसके हाथ को मेरी चेस्ट पर रख दिया. उसने मुझे कहा की तुमने मुझे सेक्स के लिए क्रेजी कर रखा हे. मैंने कहा तुमने भी तो मेरा बहुत खड़ा किया इतने दिनों से जानेमन!

हम दोनों एक दुसरे की बॉडी को टच कर के मजे ले रहे थे. फिर मैंने उसे एक डीप किस दी. उसने भी भूखी कुतिया के जैसे फुल रेस्पोंस दिया. मैंने अब उसके बूब्स को अपने हाथ में ले के दबाये. वो मेरे से हाईट में बहुत कम थी. इसलिए मैंने उसे एक चेयर के ऊपर खड़ा कर दिया ताकि मुझे चूमने और टच करने में दिक्कत ना हो.

वो मेरे बदन को और मैं उसके बदन को फिल कर रहे थे. उसने अपने हाथ को मेरी पेंट के ऊपर से लंड के ऊपर रख के दबाया. और मैंने उसके कपड़ो के ऊपर से उसकी चूत को सहला दिया.

फिर मैंने उसे घुमाया और उसे अपनी गोदी में बिठा दिया. मेरा कडक लंड उसकी गांड को टच हो रहा था. मैं सेक्स के इस खेल को उसके साथ एन्जॉय कर रहा था.

फिर मैंने उसकी टी-शर्ट में हाथ डाल के उसकी चमड़ी को टच किया. मैं उसकी बॉडी को सेन्स कर रहा था की उसके अन्दर कम्पन आ रहे थे. अब मेरे हाथ उसके नंगे बूब्स के ऊपर थे. ब्रा के निचे हाथ डाल के मैंने उसकी निपल को टच किया. उसने अपने हाथ को पीछे कर के अपनी ब्रा के हुक को खोल दिया. मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड लिए और मसाज देने लगा. मेरे हाथ में उसके निपल्स थे. वो भी एकदम मस्ती में आ चुकी थी और उसकी उत्तेजना भी एकदम बढ़ चुकी थी.

अब उसने अपने हाथ में मेरे अंडकोष को पकडे और दबाने लगी. मैंने उसकी जींस के बटन को खोल दिया और अपन हाथ को अन्दर डाल के पेंटी के अंदर छिपी हुई उसकी मखमली चूत को ले दबोचा. मैंने उसके दाने को हाथ में ले के फिल किया तो उसका पानी छुट गया था. फिर मैंने ऊँगली को जैसे ही उसकी चूत की होल में डाली तो वो एकदम से मस्तिया उठी.

वो अब कंट्रोल के बहार थी और जोर जोर से साँसे ले रही थी. फिर उसने मेरी बेल्ट को खोली और पेंट को निकाल के फेंक दिया. मेरे लंड को चड्डी से बहार निकाल के वो उसे हिलाने लगी. मैंने उसे देखा तो उसके चहरे के ऊपर एक रंडी के जैसी समाईल थी, बड़ा लंड देख के ही स्माइल आई होगी उसे!

और फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहं में भर लिया. और वो जैसे लोलीपोप सक कर रही हो वैसे मेरे लंड को जोर जोर से चूसने लगी थी. मैंने अपने हाथ उसके माथे पर और उसने अपने हाथ मेरी गांड के ऊपर रखे हुए थे. मुझे सच में अलग ही मजा आ रहा था आज. वो मेरे लंड को अनुभवी रंडी के जैसे सक दे रही थी और जैसे वो लंड को अपने मुहं में खाली करवाना चाहती थी.

आज भी उसके वो लंड चूसने के स्टाइल का जैसे सपना आता हे मुझे. उसके मुहं को 5 मिनिट चोदने के बाद मेरा निकलने को था. मैंने उसे हटाने की कोशिश की और उसे कहा भी. लेकिन वो लंड चूसने में ऐसी बीजी थी की उसने मेरी एक नहीं सुनी. मेरे लंड का लावा निकल के उसके मुहं में ही छुट गया. वो प्यासी थी वीर्य को लेने के लिए इसलिए सब चूस गई. फिर उसने लंड को चाट के क्लीन किया और मेरे अंडकोष भी अपनी जबान से चाट दिए. फिर वो खड़ी हो के बोली, कसम से बहुत दिनों से तुम्हारा लंड मुहं में लेना चाहती थी!

मैंने उसके कंधे को पकड़ा और उसे अपनी गोदी में लंड के ऊपर बिठा दिया. फिर मैं उसकी चूत और बूब्स को सहलाने लगा. फिर मैंने उसके बाकी के सब कपडे खोल दिए और उसे एकदम न्यूड कर दिया. मेरा लंड उसकी जांघो के पार होता हुआ उसकी चूत को टच हो रहा था. मैं अपने लोडे से उसकी चूत का मसाज कर रहा था. वो एकदम मस्ती में आ चुकी थी और जोर जोर से मोअन कर रही थी.

मैंने धीरे से अपने लंड को उसकी चूत की होल पर लगा दिया. और फिर कंट्रोल उसको दे दिया. मेरी उंगलिया उसके चूत के दाने को मसल रही थी. उसने धीरे धीरे से मेरे लंड को अपनी चूत में पेनेट्रेट करवा दिया. मैं और वो दोनों ही एकदम चुदासी हो चुके थे.

फिर जब लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया तो उसने अपने हाथ को मेरे चहरे के ऊपर फेरा. और फिर लंड के ऊपर स्लोवली स्लोवली जम्प करने लगी थी. वो अपनी गांड को बड़े ही सेक्सी अंदाज से मेरे बदन के ऊपर घिस के लंड के ऊपर उछल रही थी. और मेरे दोनों हाथ को मैंने काम पर लगाया हुआ था.

एक हाथ को मैंने उसके बूब्स के ऊपर रखा हुआ था. और दुसरे से उसकी चूत के दाने को हिला रहा था. वो जोर जोर से हिल के लंड को सुख दे रही थी. मुझे इतना मजा पहले किसी भी सेक्स में नहीं आया था!

मेरे लंड का पानी निकल के उसकी चूत को भिगो बैठा. वो भी कांप उठी और उसकी चूत के झरने भी बह निकले. फिर मैंने उसे एक किस किया. मुझे लगा की वो कपडे पहन लेगी अब. लेकिन उसका इरादा ऐसा नहीं लग रहा था.

10 मिनट के बाद उसने फिर से मेरे लंड को मुहं में ले के चूसा और कडक कर दिया. अब की मैंने उसे टेबल पकडवा के खड़ा किया. उसकी गांड पीछे की और बहार आई हुई थी. मैंने अप्पने लंड को चूत में दे के उसे खड़े खड़े चोदा.

इस पोज में भी वो 10 मिनिट तक अपनी गांड हिलाती रही. फिर मेरा पानी छुट गया और हम अलग हो गए. वो बोली, अब कपडे पहन लेते हे नहीं तो कोई आ जाएगा.

हम सही हो के बहार आये ही थे की हमारे कलिग सच में वापस आ गए क्लाइंट के वहाँ से!