रिंकी की जवानी से लंड हुआ तूफानी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम राज है और मैं दिल्ली में रहता हूँ, दोस्तों मैं आज अपनी एक सच्ची घटना आप सभी को कामलीला डॉट कॉम पर सुनाने जा रहा हूँ मेरी लम्बाई 5.8 और मेरे लंड की लम्बाई 7 इंच है मैं थोड़ा सा मोटा हूँ या आप यूँ कह सकते है कि, मैं भरे हुए बदन वाला हूँ. मेरे मस्त भरे पूरे जिस्म को देखकर के लड़कियाँ मुझे बहुत पसन्द करती है, और आज मैं आप सभी को वही घटना विस्तार से सुनाने जा रहा हूँ। जिसमें मैंने रिंकी नाम की एक लड़की को अपने प्यार के जाल में फंसाया और बहुत जमकर चोदा और उसको लड़की से एक औरत बनाया था। हाँ तो दोस्तों उस समय रिंकी की उम्र 21 साल की ही थी, लेकिन वह दिखने में किसी 26-27 साल की उम्र की लड़की से कम नहीं लगती थी।

हाँ तो दोस्तों वह गर्मी के दिन थे और मेरे कॉलेज में छुटियाँ लगी हुई थी. और मैं अपनी बुआ के यहाँ पर गया हुआ था. वहाँ पर उनके घर में एक बहुत ही खूबसूरत सी एक लड़की भी आई हुई थी. और उस लड़की को देखते ही मैं उसका दीवाना हो गया था जैसे. क्या फिगर था दोस्तों उसका, एकदम कयामत ढाने वाला. उसकी चूंचियाँ एकदम गोल थी और वह उसके कपड़ों के ऊपर से ही बहुत मादक सी लग रही थी. और फिर मैंने पता किया कि, उसका नाम रिंकी है और बुआ के पड़ोस के घर में उसका ननिहाल था. वह भी मेरी तरह ही छुटियों में यहाँ पर आई हुई थी. पहले दिन तो साली ने मेरी तरफ देखा भी नहीं. और फिर देखते ही देखते रात भी हो गई थी, और फिर मैंने सोचा कि, जल्दी से दोस्ती कर लूँ इस लड़की से वरना इतनी शानदार मुर्गी हाथ से निकल जाएगी. वैसे भी कुछ लड़के होते है जो ऐसी लड़की को देखकर के अपना लंड खुजाने लगते है और फिर हमें बाबा जी का ठुल्लू ही मिलता है. दोस्तों एक दिन जब मैं सुबह उठा तो मैंने देखा की रिंकी मेरे बुआ की बेटी के साथ पानी भर रही थी। वह पानी लेकर के बुआ के घर के पास से गुज़री और हम दोनों की नज़रे मिली. साली ने तिरछी नज़रों से देखा था मेरी तरफ और मैं मन ही मन बोला कि, हाय… चलो देखा तो सही इसने। और इस तरह से एक दिन और निकल गया. और फिर दूसरे दिन मैं और मेरी बुआ की बेटी खेत में जा रहे थे. और हमको रिंकी रास्ते में मिली और उसने हमसे कहा कि, रुको मैं भी आती हूँ साथ में. और फिर वह भी हमारे साथ में खेत की तरफ चल पड़ी और मेरी बुआ की बेटी पूनम गाय, भैंसों के लिये चारा काटने लगी. मैं और रिंकी खड़े हुए थे।

पूनम चारा काटकर के खड़ी हुई तो मैंने उससे कहा कि, बहुत प्यास लगी है. तो फिर पूनम ने कहा कि, आप दोनों यहीं रूको मैं अभी आई. और फिर वह चली गई थी और मैं और रिंकी आपस में बातें करने लग गए थे. मैंने उससे पूछा कि, आपका पूरा नाम क्या है? तो फिर वह हँसकर बोली कि, वैसे तो मेरा नाम रिंकिता है लेकिन सब मुझे प्यार से रिंकी कहकर ही बुलाते है. और फिर मैंने उसे पूछा, तुम कौन सी क्लास में पढ़ती हो? तो रिंकी ने कहा, जी मैं बी.ए. के दूसरे साल में हूँ. और फिर कुछ देर के बाद हम दोनों ही एकदम शान्त रहे. शायद उसे मेरा नाम पता था इसलिए उसने सीधे पूछा, आप कौन सी क्लास में हो जी? तो फिर मैंने उससे कहा कि, मैं तो बी.ए. के आखरी साल में हूँ, और फिर इतने में पूनम भी आ गई थी और हमने पानी पिया और घर की तरफ निकल पड़े थे. साली उस दिन भी ऐसे ही शाम हो गई और मैं आगे नहीं बढ़ सका. और फिर उस रात को रिंकी को याद करते हुए मैंने चारपाई पर पड़े-पड़े ही मूठ मार ली थी और मेरा वीर्य भी सूखकर के मेरी अंडरवियर में ही सफेद धब्बा बन गया था।

और फिर अगले दिन सुबह मैं नहा लिया रात के पाप को धोने के लिए और अपने घर जाने के लिए तैयार हो गया था. और मुझे यह लगा कि, रिंकी बहुत ही सीधी लड़की है और उसके आगे मेरी दाल नहीं गलेगी और साला यहाँ पर बैठकर के मूठ मारते रहने से तो अच्छा है कि, मैं शहर में जाकर अपनी सोसाइटी की भाभी के साथ ही चुदाई करूं. वह तो मुझे चोदने देती है लेकिन रिंकी की जवानी देखकर के मैं थोड़ा सेटिंग करने के मूड में आ गया था। मैं फिर जाने के लिये सामान ही पैक कर रहा था कि, रिंकी आ गई और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, क्या आप जा रहे हो? तो फिर मैंने हाँ में जवाब दिया. और फिर उसने मुझसे यह पूछा कि, आपका यहाँ पर मन नहीं लग रहा है क्या? तो फिर मैंने उससे कहा कि, हाँ यार, मेरा तो यहाँ पर कोई दोस्त ही नहीं है बातें करने के लिए. केवल एक भैया थे और वह भी शहर में चले गये है. और फिर तभी वह मुझसे कहने लगी कि, अरे मैं तो हूँ ना और मैं आप से बातें भी तो करती हूँ, और वह मेरी तरफ देखकर के बोली. और फिर मैंने भी उसकी तरफ देखा तो वह हँस पड़ी थी. और फिर मैं उसके बब्स को देखने लगा और फिर जब मैंने वापस उसकी ओर देखा तो साली ने मुझे आँख मार दी थी. और फिर मैंने उठकर के उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया था, और फिर उसने मुझे मेरे गाल पर एक चुम्मा दिया और फिर वह प्यार से मुझसे बोली कि, रुक जाओ ना! और फिर मैंने भी बड़े प्यार से उसके बब्स दबाए और फिर उससे कहा कि, अब तो रुकना ही पड़ेगा जानेमन. और फिर वह घबरा के वहाँ से भाग गई थी. और मैं उसके भागने से उसकी ऊपर-नीचे होती हुई गांड को देखने लगा. और फिर बाहर निकलकर के मैंने देखा कि, वहाँ पर मेरी बुआ खड़ी हुई थी दरवाजे के सामने. और फिर मैंने बुआ से कहा, बुआ मैं रुक जाता हूँ. तो फिर बुआ ने मुझसे कहा कि, ठीक है बेटा रुक जाओ।

और फिर अगले दिन, पूनम को बुखार था, तो बुआ उसे लेकर के पड़ोस के गाँव में डॉक्टर के पास चली गई थी और बुआ जाते समय रिंकी को और मुझको बोल के गई थी कि, गाय भैंसों को चारा और पानी दे देना. और फिर दोपहर को करीब 2 बजे रिंकी आई तो मैंने उससे कहा कि, रिंकी चाय बना दो ना प्लीज़. तो फिर उसने कहा कि, हाँ बना देती हूँ. और फिर वह चाय बनाने लगी और फिर चाय लेकर के वह मेरे पास आ गई. मैं चाय पीते हुए उसे ही देख रहा था. और फिर मैंने उससे कहा कि, तुम्हारा कप कहा है? तो फिर उसने मुझसे कहा कि, मुझे चाय नहीं पीनी है. और फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर के उसको अपनी तरफ खींचा और कहा कि, चलो हम साथ में एक ही कप से पीते है. और फिर वह मुझसे कुछ भी नहीं बोली और मैंने उसे अपने थोड़ा और करीब खींच लिया था. और वह तब भी मुझसे कुछ नहीं बोली थी. और फिर मैंने उसके बब्स दबाए तो भी वह कुछ नहीं बोली थी. और फिर मैंने उसके होठों पर एक चुम्मा दे दिया. और फिर उसने मेरे सिर को कसके पकड़ा और फिर वह मेरे चुम्मे का जवाब चुम्मे से देने लगी. और मैं साथ ही में उसके बब्स भी दबा रहा था और उसके होठों को चूस भी रहा था. अब मैंने अपना हाथ धीरे से नीचे किया. उसकी चूत को हल्के से सहलाया. साली की चूत बड़ी गरम थी. और फिर मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी और रिंकी को कहा, तुम भी उतार दो अपने कुर्ते को, अभी मौका सही भी है और कोई घर पर है भी नहीं. और फिर जैसे ही उसने अपना कुर्ता खोला तो उसके मस्त बब्स को देखकर के मैं और भी पगला सा गया था. और फिर मैंने सीधे ही उसके बब्स के हल्के भूरे रंग के निप्पल को अपने मुहँ में भर लिया था और फिर मैं उनको चूसने लग गया था और रिंकी आहहह… ओहहह… की सिसकियाँ ले रही थी. और मैं उसके बब्स को चूस रहा था और साथ ही में एक हाथ से दबा भी रहा था।

दोस्तों उस समय मेरी तो जैसे कोई लॉटरी ही लग गई थी. मैं उसके बब्स को चूसते-चूसते थोड़ा नीचे हुआ और फिर मैं उसके पेट पर किस देने लगा, और फिर उसकी नाभि के छेद में अपनी जीभ डालकर के चाटने लगा. अब रिंकी के लिए यह सब बर्दाश्त के बाहर था और वह ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी और वह मेरे सिर के बालो को नोंच भी रही थी. और फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी सलवार का नाडा खोला और उसकी सलवार को नीचे कर दिया. उसकी चूत एकदम गुलाबी थी जिसके ऊपर छोटे-छोटे से बाल उगे हुए थे. और फिर मैंने जैसे ही चूत पर हाथ रखा तो मुझे वह बहुत गरम सी लगी. और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली से चूत की फाँक को खोला तो रिंकी ने वहाँ से मेरा हाथ हटा दिया था. और मैंने फिर से अपना हाथ वहाँ पर रखा और उसकी चूत की फाँकों को फिर से खोल दिया तो वह सच में बहुत गरम हो चुकी थी. और फिर मैंने जैसे ही अपनी जीभ को उसकी चूत के ऊपर रखा तो उसके पूरे बदन में जैसे कोई करंट का झटका सा लग गया था और वह मुझसे एकदम से चिपक गई थी और वह मेरी कमर पर अपने नाख़ून से मारने लगी थी. और फिर मैंने उसकी चूत की फाँक को गीला करने के बाद अपनी जीभ को उसकी चूत के छेद से लगाया तो रिंकी यह सब सहन नहीं पर पाई थी और उसके चूत के छेद से खारा-खारा सा ढेर सारा पानी निकल गया था. और फिर उसके बदन को तब एक और झटका लगा, जब मैंने उसकी चूत का पानी पीकर उसे देखा तो वह बड़ी खुश लग रही थी. अब मैंने खड़े होकर के अपनी पेन्ट खोली. और फिर जब मेरा लंड मेरी अंडरवियर से बाहर आया तो उसे देखकर के रिंकी डर गई थी. और फिर उसने मेरी ओर देखा तो, मैंने उससे पूछा कि, क्या हुआ? तो फिर वह मुझसे कहने लगी कि, कुछ नहीं बस थोड़ा सा डर लग रहा है. और फिर मैंने उससे कहा कि, पहली बार में सबको ऐसा ही लगता है, और तुम्हारी उम्र भी तो हो ही गई है सेक्स करने की तो फिर क्या डरना। और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, दर्द तो नहीं होगा ना राज?

मैं तुमसे झूठ नहीं बोलूँगा रिंकी, थोड़ा सा दर्द तो होगा शुरुआत में लेकिन फिर जो मज़ा आएगा वह बहुत ही कमाल का होगा. वह मेरे लंड को देख रही थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, पहले इसे अपने मुहँ में लेकर के चूसो ना. और फिर रिंकी मेरे घुटनों के पास बैठ गई और फिर उसने मेरे लंड को अपने होठों से लगा दिया था. उसने सिर्फ़ मेरे लंड का टोपा ही चूसा था कुछ देर तक. लेकिन मैंने उसपर कोई दबाव नहीं डाला था. और फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटाकर उसकी दोनों टाँगें हवा में खोल दी थी. और फिर से मैंने अपने होठों से उसकी चूत का स्वाद चखा. वह उस समय झड़ने ही वाली थी कि, मैंने उसकी चूत के ऊपर से अपने होठों को हटाकर के अपना लंड रख दिया था. और फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत में एक धक्का दिया तो रिंकी तो जैसे मर ही गई हो. और फिर मैंने उसके मुहँ को अपने हाथ से दबा दिया और लंड को हिलाया नहीं. उसकी आँख से आँसू निकल पड़े थे और दर्द उसके चेहरे पर साफ़ दिख रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर एक मिनट के बाद ही मैंने उसका मुहँ छोड़ा तो वह मुझसे कहने लगी कि, राज बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज़ निकाल लो इसे बाहर. तो फिर मैंने उससे कहा कि, अब ही तो असली मज़ा आएगा. और फिर उसको और भी मदहोश करने के लिए मैं उसके बब्स के निप्पल को चूसने लगा. मैं उसके एक बब्स को चूसता रहा और दूसरे को दबाता था. और फिर कुछ ही देर में वह एकदम मस्त हो गई थी और फिर वह खुद ही बोली कि, धीरे-धीरे से अन्दर करो ना. और फिर मैंने उसके होठों से अपने होठों को लगाया और फिर अपने लंड से एक और झटका दिया और तब मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया था और रिंकी की सिसकी मेरे मुहँ में ही दबकर रह गई थी. और फिर मैंने उसे एक किस किया और वह भी अब धीरे-धीरे अपनी कमर को हिला रही थी। मेरा लंड एकदम टाइट था उसकी चूत में और मैं यह भी जानता था कि, उसकी चूत में से खून भी निकला होगा, लेकिन मैं उसे डराना नहीं चाहता था. और फिर मैंने अपने धक्के लगाना चालू रखा और वह भी अपनी गांड को उछाल-उछालकर एक रंडी के जैसे मुझसे चुदवा रही थी. और फिर 5-10 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई के बाद उसकी साँसे फूल गई थी और मैं भी अब ठंडा होने को था. और फिर मैंने 8-10 झटके कस के लगाए और फिर एक ही झटके में मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला तो रिंकी के मुहँ से आईईई… निकला और मेरे लंड की सारी मलाई उसके पेट पर निकल पड़ी थी. मैं तो उस दिन एकदम तृप्त हो गया था उसकी जवान चूत को पेलकर के. और मेरे लंड के अंदर से गाढ़ा वीर्य मलाई की तरह उसके पेट पर ही निकल पड़ा था. और फिर उसकी सलवार से मैंने अपने लंड को और उसकी चूत दोनों को ही साफ किया था. और फिर उसकी सलवार पर खून को देखकर के रिंकी ने मुझसे पूछा कि, यह खून कैसा है? तो फिर मैंने उसके गालों पर हल्के से मारते हुए कहा कि, रिंकी मेरी जान तू आज एक लड़की से औरत बन गई है और तेरी चूत की सील टूटी है यह उसका ही खून है।

और फिर वह मेरी बात पर हँस पड़ी थी और फिर हमने अपने-अपने कपड़े पहन लिए थे और उसने बुआ के घर में ही अपनी सलवार को धोकर सूखा दिया था. दोस्तों रिंकी की चुदाई के बाद मुझे भी मेरे बदन में सब कुछ हल्का-हल्का लग रहा था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!