भाभी ने की हर ख्वाहिश पूरी – पार्ट १६

उस दिन भाभी antarvasna में मेरा बहोत kamukta बार बिस्तर गरम किया… उस दिन एक पति पत्नी भी शरमाये या एक रण्डी भी थक जाए तो भी हम नहीं थके और भाभी मेरे काबू में आती रही… घर के हर कोने में मैंने उसे चोद छोड़ कर रंडी बनाया… खड़े खड़े चोदा, खड़े खड़े गांड मारी, बाँध कर रफ सेक्स भी किया… वादे के अनुसार एक बून्द वीर्य की वेस्ट नही होने दी… बहोत मज़े किये.. दोपहर का खाना भी नहीं खाया और फिर जब उठे तब हमारे पास भैया के आने में एक घण्टा था… भाभी को चलने में तकलीफ हो रही थी…

मैं: तुजे और बन्दे चाहिए… एक लण्ड तुजे संतुस्ट कर ही नहीं सकता… इतना चुद जाने जे बाद रात को भी तू चुदवायेगी…
भाभी: वो तेरे भैया जान खा जाते है…
मैं: अच्छा वर्ना तू नहीं चुदवाती?
भाभी: (वो हस पड़ी) तो रोका किसने है बुला ले तेरे बर्थडे पर तेरे दोस्तों को…
मैं: ह्म्म्म भाभी बटेगी तो सब मैं बटेगी…

हम दोनों हस पड़े…

भाभी: देख लेना थोड़ी शरारत महंगी न पड़ जाए…
मैं: मेरे दोस्त है… कुछ नहीं होगा… टेंशन मत ले… पहले तू बता तू टाइम में नहीं आएगी ना? तेरा २८ दिन वो दिनों में तो नहीं होगा न भोसडीकि…
भाभी: नहीं मेरा पीरियड उसके नेक्स्ट वीक से स्टार्ट होगा…
मैं: वरना पता चले के तेरा पीरियड चल रहा है..
भाभी: हा हा हा… उसका टेंशन मत ले.. मुझे बिस्तर गरम करना है सब का तो फिर वो दिन तो…. मुझे तैयार रहना पडेगा ना…

ये दस दिन में मेरे दोस्तों को तैयार करना था… तैयार क्या करना? पटा पटाया माल चोदना था… पर सव धीरे धीरे करना था.. सोच समज के… अभी मेरे भाभी को चोदे हुए दो दिन हुए थे के और तैयारी आ गई… उस रात मैंने दोस्तों को मेसेज किया…

मैं: है….
केविन: भोसडीके फ्री हुआ तू? तू कर क्या रहा है साले दो दिन से कुछ अता पता नहीं है तेरा…
मैं: अरे दोस्तों बस काम निकल आया था…. वो छोडो दस दिन में मेरा बर्थडे है… याद है किसीको?
राजू: हा याद है…
कुमार: क्या गिफ्ट चाहिए?
मैं: वो सब छोडो मैंने रिटर्न गिफ्ट तैयार कर के रख्खी है…
सचिन: और वो क्या भला…
मैं: अभी बताऊ के सरप्राइज़ रख्खु?
सचिन: बोलना चुतये…

मेरे दिमाग में काफी कुछ चल रहा था.. सच में बताऊ? अगर हां तो अभी बोलुं या सरप्राइज़ रख्खु? पर मैंने सोचा भाभी पर चढ़ने वालो का पता भाभी को पता होना चाहिए… आखिर भाभी को जैलना है ये सब…

मैं: हा… अभी बताता हूँ…
केविन: बोल जल्दी…
मैं: मैंने भाभी को पटा लिया है…
राजू: ये तो तेरा फायदा है… बधाई हो हमारा क्या…?
मैं: अरे मादरचोद सब के लिए पटा लिया है…
कुमार: क्या बात कर रहा है…
सचिन: अरे शेंडी लगा रहा है, सो जाओ सब लोग… देर हो चुकी है… और ये तो घर के काम के बोज में पागल सा हो गया है…

सब मेरी बात को हसने में निकाल कर सो गए… अब इनको कैसे यकीन दिलाउ?

दूसरे दिन भाभी ने मुझे कुछ इस तरह उठाया….

मैंने सुबह का नाश्ता किया और अपने वीर्य का करवाके पहला जब राउंड ख़तम किया… फिर भाभी को बोला…

मैं: मैंने अपने दोस्तों को मैं रिटर्न गिफ्ट में तुजे देने वाला हूँ बोला तो मान नहीं रहे है… मेरे साथ नंगी फोटो को खीच के भेज ने देगी?
भाभी: अरे फ़ोटो वोटो नहीं…
मैं: तो कैसे प्लान करे?
भाभी: एक काम कर… मुझे उस ग्रुप मे ऐड कर दे…
मैं: ठीक है…

मैंने ग्रुप में भाभी को ऐड किया… और लिखा…

मैं: वेलकम भाभी….

पर कोई यकीन नहीं कर रहा था…

केविन: भड़वे तू अपना ही कोई दूजा नंबर लगा के हमे चोदु बना रहा है…
सचिन: अबे तू दारु पिने लग गया है क्या?
कुमार: ये साला गया काम से…
राजू: भाई… तू रहने दे हम ही मिल रहे है तुजे क्या?

मैंने भाभी को बोला

मैं: भाभी आज उलटी गिनती का नौवा दिन है… ! कैसे बोलुं इन सब को?
भाभी: लगता है हमारी दोनों की एकसाथ तस्वीर भेजनी पड़ेगी… आ मेरे करीब… चल बाथरूम मैं..
मैं: पूरी नंगी भेजेंगे…
भाभी: नहीं कैसे उकसाना है ये मैं जानती हूँ…

कुछ इसतरह से तस्वीर खीच के भेजी गयी…सन्नाटा… भाभी ने लिखा ग्रुप में…

भाभी: हल्लो…

सब का हाई हैल्लो आया… पर कोई क्या बोलता समज नहीं आ रहा था..

मैं: भोसडीको सब की बोलती बंध…

मैं गालिया भी बोलता था… सब का दिमाग चकरावे पे…

केविन: ट्रू कॉलर पर देखा भाभी का ही नंबर है…
भाभी: अरे हां बाबा… मैं ही हूँ कीर्ति…
राजू: ये सब क्या चल रहा है..
सचिन: कुमार… भाई ये तो…
कुमार: भाभी आप… मतलब कैसे…
मैं: देखो भाइयो मैं दो दिन नहीं था… पर भाभी से बिस्तर गर्म करवा रहा था…
केविन: ह्म्म्म
मैं: देखो डरो मत, आप सब लोग भाभी कहके बुलाना पर कोई आप वाप नहीं.. तू करके बुलाएगा… जैसे में बुलाता हूँ…
भाभी: अरे कोई बोलो तो सही…
केविन: भाभी आप बहोत सुन्दर हो..
भाभी: आप नहीं तू.. तू बहोत सुंदर है…
मैं: माल है… एकदम कड़क माल…
भाभी: समीर ये लोगो को बोलने दे… लिखने दे…
राजू: तूने समीर का सच में बिस्तर गर्म किया…
भाभी: हा.. दो दिन से कर रही हूँ… आज सुबह एक बार कर चुकी हूँ..
कुमार: हमारा करेगी?
भाभी: हा हा बिलकुल करुँगी…
केविन: समीर साले… मुझे अभी भी यकीन नही होता…
मैं: तो मत मान… मेरा क्या…
सचिन: वो सब छोडो इस बार समीर का बर्थडे जोरो से मनाया जाएगा… भाभी तू बुरा मत मानना… हम थोड़े चालू है… सॉरी… और हमे गाली गलोच करने की आदत है…
भाभी: हा तो मैंने कब रोका? मुझे भी अपनी फ्रेंड समजकर दे दोगे तो अच्छा लगेगा…
केविन: पर वो टाइम लगेगा… क्योकि ये आदत नहीं है हमे… कैसे भी आप हमारी भाभी हो…
भाभी: ह्म्म्म वो भी है… समीर की आदत भी मुश्किल से गई…
राजू: एक और बात ये ग्रुप में हम गाली के अलावा पोर्न भी भेजते है… नॉनवेज जोक भी जाते है… तो प्लीज़ निकल जाओ तो अच्छा है… समीर?
समीर: अरे मादरचोदो लिखो कोई बात नहीं… ये हम सब लोगो का बिस्तर गरम करने वाली है… तो फिर ये सब?
राजू: तू कर चूका है इसलिए तेरे लिए ये सब बोलना आसान है…
भाभी: एनिवेज़, मुझे खाना बनाने जाना है… और समीर मुझे मदद करने वाला है…
कुमार: हम सब आ जाए?
समीर: सालो अभी नहीं हम दोनों अभी चुदाई के दौरान डिसाइड करेगे के कैसे करना है…

उन लोगो को ऐसे ही छोड़ कर मैं और भाभी ने काफी इन्टेन्स राउंड ख़तम किया… किचन में सेक्स करना कुछ लाजवाब ही रहता है… किचन में मैंने सिर्फ गांड मारी… भाभी काम करती रही….

खाने का तैल सामने पड़ा था तो गांड मारनी चाही… और भाभी की हवस में वो कुछ मस्त सोचे… खाना खाने के तक मैंने भाभी की चूत को हाथ भी नहीं लगाया… हमने मोबाईल देखा तो कई सारे मेसेज थे जिसमे से भाभी को सिर्फ एक का जवाब देना प्रॉपर लगा…

केविन की और से क्वेश्चन था के “भाभी क्या आप भैया से खुश नहीं है? आप का कोई गहरा राज़ लगता है मुझे… माफ़ कीजिएगा…”

भाभी ने रिप्लाय दिया: समीर की भी सोच तेरे जैसी छोटी थी… मैंने गर्ल्स स्कुल में ही पढ़ा है, मैं समीर के भाई से बहोत प्यार करती हूँ… पर मेरे साथ स्प्रिंग जैसा हुआ है… जितना दबाओ उतना उछलती है… जब पहली बार सेक्स किया तब पता चला… मैं क्या करू?

सब ने सपोर्टिव जवाब दिए उसपर… और पूछा के कुछ तय हुआ? तो भाभी ने बोला के अभी खाना और समीर का दूसरा राउंड पूरा हुआ है… अभी बताते है… सब जल रहे थे…

मैं: तो? क्या सोचा रांड?
भाभी: ये सब वर्जिन है?
मैं: केविन का कुछ बोल नहीं सकते क्योकी पैसेदार बाप की औलाद है… राजू और कुमार तो लोन लेके पढ़ रहे है.. तो वो तो वर्जिन ही है… और सचिन के पापा की किराने के दुकान है… तो वो भी पक्का वर्जिन ही होगा…
भाभी: ह्म्म्म तो केविन को लास्ट रखते है…
मैं: हम? क्या?
भाभी: कुछ सोच रही थी…
मैं: क्या रांड?
भाभी: मैं सोच रही थी के कल से एक एक को बुलाऊ… उनके साथ सोऊ… उनके बिस्तर गरम करू पूरा एकदिन उनके साथ… तो वो सब भी तेरे जन्मदिन तक खिलाड़ी बन जाये… तब ना आएगा गैंगबैंग का मज़ा? सब अनाड़ी होंगे उसदिन जिसको ये नहीं पता के कैसे लड़की को चोदना… वो क्या गैंगबैंग करेंगे? हे के नहीं? तभी तो होगा तेरा रिटर्न गिफ्ट… जिस दिन जो मुझे चोदने आये… उस दिन उसे तू उनकी एक इच्छा पूछ लेना… और फिर तेरे बर्थडे के दिन तू मेरी और से रिटर्न गिफ्ट उसे दिलवा देना…

मैं देख रहा था, भाभी की वासना का लेवल मेरे सोचने से भी काफी आगे था…

मैं: और मुझे?
भाभी: अरे मैं तो तेरी ही हूँ… तुजे जो चाहिए हक़ से कभी भी ले ले…
मैं: तो कल से मैं नहीं चोद पाउँगा तुजे… ?
भाभी: हा हा हा… सही कहा तूने… चार दिन तक…
मैं: ह्म्म्म चलो करो बात चैटिंग में के क्या होने वाला है…

और भाभी ने मेसेज किया…

भाभी: चुदाई किस किस को आती है वैसे…

हमे पता ही था उस तरह से केविन ने ही हां बोली… केविन ने बताया के जब थाईलैंड गया था दोस्तों के साथ तब… आज सब खुल के राज़ बता रहे थे…

भाभी: तो केविन में तुजे आखिर में रखती हूँ…

सब बिच बिच में मेसेज कर रहे थे… भाभी ने सब को रोका…

भाभी: कोई मेसेज नहीं करेगा… सुनो मेरी बात… मैंने सोचा है… के आप पांचो में… अरे वाह पांडव… मैं द्रौपदी… हा हा हा हा… आप पांचो में चार वर्जिन है… समीर अब पक्का खिलाड़ी बन गया है… में चाहती हूँ के कल से हर रोज़ एक एक जन घर आए मुझसे सिख के एक पक्का खिलाड़ी बन जाए… ११ बजे आना है और ६ बजे तक… एक रूम में रहेंगे… खाना भी वही… तो बर्थडे तक सब खिलाड़ी बन जाए…

और जो ख़ुशी की लहर चैट में दौड़ पड़ी… थोडा हल्ला भी बोला गया… के कौन पहले घर आएगा… केविन तो आखरी था ये तय था… पर राजू, कुमार और सचिन में पहले कौन आएगा? ये चर्चा चलने लगी… फिर भाभी ने ही तय किया… के अल्फाबेटिकली डिसाइड करते है… पहले आएगा कुमार, फिर राजू और फिर सचिन…..