होटल में मैंने मेनेजर शाहीन की पेंटी

हाई दोस्तों Antarvasna मेरा नाम पार्थ हे और मैं 31 साल का हूँ. मैं गुजरात के भरूच का रहनेवाला हूँ. मैं एक बिजनेशमेन हूँ और लाइफ में सेटल हूँ. मेरी शादी हो चुकी हे. और मेरे लंड का साइज़ डिसेंट हे जिस से कोई भी औरत खुश रहेगी. मैं नेचरवाइज मजाकिया और खुले दिल का आदमी हूँ.

2012 की बात हे. तब मैं एक फार्मा कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटीव का काम करता था. और मेरी जो एरिया मेनेजर था उसका नाम शाहीन कहां था. शाहिन मेडम दिल्ली की थी. और वो सुरत हेडक्वार्टर में काम कर रही थी पिछले 5-6 साल से. उसकी केबिन ग्रिप बड़ी अच्छी थी और उसने बड़ी मस्त रेपो सेट की थी बड़े बड़े डॉक्टर्स के साथ. सच कहूँ तो काम का मजा आता था मेरी इस मेनेजर के साथ में. वो मेरिड थी लेकिन उसका पति और बच्चा दिल्ली में ही रहते थे. अक्सर उसका पति उसे कॉल कर के गन्दी गन्दी गालियाँ देता था.

मुझे अपनी इस मेडम में बड़ा इंटरेस्ट था. वो बड़ी ही हॉट थी. उसके बूब्स की साइड 34D, गांड की साइज़ 34 और कमर की साइज 32 के करीब की थी. और ऐसे फिगर वाली के साथ बिस्तर में कितना मजा आता हे वो एक असली मर्द को पता ही हे. एक बार हमारी त्रिमासिक मीटिंग थी मुंबई में. और वो सिंगल पिस का स्यूट पहन के आई थी. उसके अन्दर उसके क्लीवेज और फिगर एकदम साफ़ दिख रहा था. साली क़यामत ढाने को आई थी जैसे मेरी ये सेक्सी मेनेजर!

उस मीटिंग में मुझे भी बहुत इनाम मिले क्यूंकि भरूच के एरीया में उस वक्त पुरे गुजरात में मेरा परफोर्मंस सब से बढ़िया था. मुझे बहुत इनाम मिले थे ओवरआल और प्रोडक्ट वाइज भी. लंच ब्रेक में मैं शाहीन मेडम के साथ में बैठ के खाना खा रहा था. वो मुझे बोली, आज तो बहुत फुदक रहे हो तुम, बड़े इनाम सिनाम ले के आये हो. मैंने कहा आप की हेल्प हे मेडम.

वो बोली, मेरी हेल्प नहीं मेरा ही काम हे सब, तुम्हारा तो बस नाम हे. उसी वक्त मेरे दिमाग में ऐसी खटकी की साली इस रंडी को पकड़ के ऐसे चोदुं की उसकी चूत का खून निकाल दूँ. क्यूंकि वो इतने घमंड से बोल रही थी की जैसे मैंने सिर्फ गांड मरवाई हो फिल्ड में!

मैंने कहा मेडम आगे से मैं आप को ऐसा बोलने का मौका नहीं दूंगा. और मैं ऐसे परफॉर्म करूँगा की आप भी कहेंगे की ये मेरा काम हे. वो बोली, लेट्स सी!

मैंने कहा, ड्रिंक लेंगे मेडम, चलिए मूड को फ्रेश करते हे.

वो हंस पड़ी और बोली, तुम सच में फनी हो मैं तुम्हे ब्लास्ट कर रही थी और तुम ड्रिंक ऑफर कर रहे हो.

मैंने मन ही मन कहा, साली हरामी मोटी कुतिया जब मैं ब्लास्ट करूँगा तो आँखे फाड़ दूंगा भोसड़ी की.

मैंने उसे कहा, अरे मेडम काम का टेंशन रहता हे मुझे पता हे. आप एन्जॉय कीजिये मीटिंग में आये हे तो. वैसे भी कम्पनी ही पे करेंगी कॉम्प्लीमेंरी ड्रिंक के लिए!

वो बोली अभी नहीं मैं शाम को निचे लोबी में मिलती हूँ फिर ड्रिंक करेंगे. मैंने कहा अरे निचे नहीं मेडम बहुत सब लौंडे घुमते हे. राजकोट की टीम के लौंडे आप को देख के आँखे सेक रहे थे वो मिल गए तो फिर पिने का चांस नहीं मिलेगा. वो बोली फिर?

मैंने कहा आप के रूम में कोई नहीं हे. मेरे रूम में दो लडके हे. मैं आप के कमरे में ही आ जाऊ?

वो बोली ठीक हे मीटिंग के बाद मैं फ्रेश होती हूँ और अपने पति से बात करती हूँ कुछ देर. तुम एक काम करो 7 बजे आ जाना मेरे कमरे में.

ठीक 7 बजे मैं कमरे में गया. मेडम ने कॉल कर के हम दोनों के लिए चिल्ड बियर मंगवाई. वो पिने लगी और मैं भी. मेरी नजर बार बार मेडम की गली यानी की क्लीवेज पर जा के अटक रही थी. वो बोली, क्या देख रहे हो. मैंने कहा कुछ नहीं.

वो बोली, मुझे पता हे की फिल्ड में भी तुम मुझे देखते रहे हो. और आज भी तुम मोर्निंग से ही आँखे हटा नहीं रहे हो मेरे बदन पर से. मैंने कुछ नहीं कहा और अपने हाथ मेडम की कमर पर रख के उसे अपनी तरफ हलके से खिंचा. वो भी रंडी की तरह मेरी बाहों में लिपट गई और उसने सामने से अपने होंठो को मेरे होंठो के ऊपर लगा दिया. वो एकदम मस्त रिस्पोंस दे रही थी तो मेरी हिम्मत खुल गई. मैंने उसके ड्रेस के पीछे की जिप को खोल के निचे कर दिया. जिप खुलते ही मेडम का ड्रेस अपनेआप निचे गिर गया. उसने अन्दर लेस वाली ब्लेक ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी.

मैंने उसे पकड़ा और उसके बूब्स को मसल दिया. उसके चहरे के ऊपर रंडी के जैसी ही स्माइल थी. मैंने उसको कमर से पकड़ के दिवार के साथ लगा दिया और मेडम की निपल्स उभर आई जैसे. मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ी और मैं उस निपल्स को चूसने लगा.

मैं उस सेक्सी निपल्स के ऊपर जबान से सर्कल बना रहा था. और वो भी आह्ह्ह आह कर के मुझे उकसा रही थी. मैंने उसके निपल्स को ऐसे सक किया जोर जोर से की शाहीन मेडम की चूत से पेशाब छुट गया.

वो शर्म की वजह से पानी पानी हो गई. मैंने कहा अरे कोई बात नहीं हे मेडम सेक्स में ऐसा सब चलता रहता हे. मेरा ऐसा कहने से उसे थोड़ी राहत सी हुई. मैंने उसे बेड पर धक्का दिया और उसकी पेंटी को फाड़ डाला. और उसकी पेशाब से गन्दी हुई चूत मेरे सामने खुली पड़ी थी.

मैंने उसके बूब्स को जोर से मसला और फिर उसकी नाभि के ऊपर ऊँगली रख दी. उसका पेट ऊपर निचे होने लगा था. मैंने निचे हो के उसकी नाभि को किस किया.

अब मेडम एकदम चुदासी हो चुकी थी. मैंने निचे हो के उसके पेट को लिक किया और अपनी ऊँगली से उसकी चूत को छेड़ने लगा. वो एकदम सेक्सी आवाजे निकाल रही थी और उसका पेट एकदम जोर जोर से ऊपर निचे होने लगा था. उसकी साँसे भी एकदम तेज हो गई थी.

वो बोली, आह्ह्ह जल्दी से करो मेरे से रुका जाएगा मेरी जान. ऐसे मस्त फॉरप्ले कभी भी मैंने अपन लाइफ में नहीं किया हे.

मैंने उसकी चूत को धीरे से एक थप्पड़ लगाईं और वो प्लीजर की वजह से उछल पड़ी. मैंने उसकी टाँगे खोल दी और अपने लंड को धकेल दिया बदन की सब शक्ति को लगा के. वो जोर से चीख पड़ी, और मैं अपने लंड को उसकी चूत आगे पीछे कर के उसकी चूत को चोदने लगा.

कुछ देर मस्त चोदने के बाद मैंने कहा आप मेरे लंड पर सवारी करोगी?

वो बोली, वाऊ मजा आएगा लंड पर बैठने में तो.

अब मैं बिस्तर में लेट गया और अपने घुटनों को मैं मोड़ दिया मेडम मेरी गोदी में आ के बैठी. मेरा लंड मैंने उसकी चूत में घुसा दिया था. वो उछल उछल के लंड से चुदवा रही थी और मैं दोनों हाथ से उसके बूब्स को पक्स के मसल रहा था.

मैंने कुछ देर उसे लंड पर कूदने दिया. फिर मैंने उसे निचे किया और अपने लंड को उसके मुहं में डाल दिया. लंड के ऊपर चूत का पानी लगा था जिसे मेडम ने चाट के साफ़ कर दिया.

अब मैंने मेडम को घोड़ी बना दिया. वो अपनी हॉट बड़ी दिखा रही थी. मैंने लंड को चूत पर घिसा और फिर अंदर कर दिया. अब मैं उसकी चूत को ऐसे चोद रहा था जैसे आज के बाद मुझे चूत मिलनी नहीं हे फिर कभी. मेडम भी मस्त गांड को हिला हिला के चुदवा रही थी.

वो अब छूटने के करीब थी इसलिए उसके मुहं से अजीब आवाजें निकल रही थी. मैंने फिर से पोजीशन बदल ली. अब मैं उसे निचे लिटा के फिर से मिशनरी पोज में चोदने लगा था. हम दोनों कराह रहे थे और मोअन कर रहे थे. और फिर हम दोनों का सेक्स ज्यूस एक साथ ही उसकी चूत में छुट पीडीए.

चुदवाने के बाद उसने अपने कपडे पहन लिया और अपनी फटी हुइ पेंटी मुझे दे के बोली, इसे यादगिरी के तौर पर संभाल के रख लेना.

दोस्तों मेरी सेक्सी मेडम ने फिर तो जैसे अपनी चूत का पिटारा ही मेरे लिए खोल दिया था. उसकी संगत में रह के मैंने जाना की वो जो डॉक्टर लोग थे बड़े बड़े शहरों के वो भी उसको चोदते थे और बिजनेश देते थे. मेरे अपने भी कुछ डॉक्टर्स थे जो साले प्रिस्क्रिप्शन लिखते नहीं था मेरा तो मैंने शाहीन मेडम को उनके पास भेज के भी अपना काम निकलवा लिया. ऐसी एक और कहानी में मैं आप को बताऊंगा की कैसे मेरे दो डॉक्टर्स ने शाहीन मेडम को डबल पेनेट्रेट कर के चोदा था. वो फिर कभी!