सडक पर मेरी जबरदस्त चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मैं ज़ेबा हूँ मेरी उम्र 25 साल की है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ. दोस्तों मैं दिखने में एक बहुत ही हसीन लड़की हूँ, मेरी जवानी पर हर कोई मर्द अपनी जान लुटाने के लिए तैयार रहता है. दोस्तों मैं आज आप सभी को मेरी एक सच्ची चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ और कामलीला डॉट कॉम पर आप सभी कहानी पढ़ने वालों को मेरी इस कहानी में स्वागत है।

हाँ तो दोस्तों चलो अब मैं आप सभी का ज़्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी पर आती हूँ. दोस्तों मुझको मेरी एक सहेली ने बहुत बार कहा तब जाकर मैंने हिम्मत करके अपनी यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर भेजी है। हाँ तो दोस्तों अब लडकियाँ तो अपनी पैंटी में अपना हाथ डाल लो और लड़के भी अपना लंड अपनी पेन्ट से बाहर निकाल लो क्योंकि अब मैं आप सभी का पानी निकाल के ही रहूँगी।

दोस्तों एकबार मैंने अपने कुछ दोस्तों के साथ देर रात को फिल्म देखने का प्लान बनाया, और फिर हम सभी ने प्लान बनाया कि, हम सभी सीधे सिनेमाघर में ही मिलेगें. और फिर मैं भी रात को 9 बजे वहाँ पहुँच गई थी, लेकिन वहाँ पर अभी तक मेरे दोस्तों में से कोई भी नहीं आया था. और फिर मैंने अपने दोस्तों के ग्रुप को फोन किया।

मैं :– कहा हो तुम सब?

रितु :– यार सॉरी मम्मी की तबीयत अचानक से बिगड़ गई है इसलिए मैं नहीं आ पाऊँगी।

शालू :– ज़ेबा, मेरा तो अपने बॉयफ्रेंड के साथ रात का प्लान हो गया है।

मैं और रितु :– साली कुतिया अपने बॉयफ्रेंड पर ही मरी जा रही है उसके लंड के बिना क्या 1 दिन भी नहीं चलता क्या तेरा?

और फिर इतना बोलकर मैंने फोन बन्द कर दिया था. और फिर अब मेरा भी अकेले फिल्म देखने का बिलकुल भी मन नहीं था लेकिन मैंने टिकट ले लिए थे तो फिर मेरा मन बदला और फिर मैंने सोचा कि, चलो मैं अकेली ही फिल्म देख लेती हूँ और मैं इन लोगों की वजह से अपना मूड क्यों खराब करूँ. और फिर मैं थियेटर के अन्दर पॉपकॉर्न और कोल्डड्रिंक लेकर चली गई थी. अन्दर ज़्यादा भीड़ नहीं थी उस दिन, और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि, चलो यह तो अच्छी बात है. और फिर थोड़ी देर के बाद मेरी बाजू वाली सीट पर एक आदमी आकर बैठ गया था, जो दिखने में एकदम सुन्दर स्मार्ट और पैसे वाला लग रहा था. मैंने भी उस दिन एक लाल रंग की कुर्ती और काले रंग की लेगीग पहनी हुई थी, मेरी कुर्ती की फिटिंग बहुत ही टाइट थी इसलिए मेरे बब्स का आकार भी कमाल का दिख रहा था। दोस्तों वह आदमी जब से मेरे बाजू में आकर बैठा था तब से वह मुझसे अपनी नज़रें बचा-बचाकर मुझको घूरे जा रहा था. पहले तो मुझको भी उसका ऐसे देखना थोड़ा अजीब सा लगा था और फिर मेरे दिल ने कहा कि, अगर आदमी मुझको इस उम्र में नहीं देखेगें तो कब देखेंगे? जब मैं 60 साल की हो जाऊँगी तब। और फिर फिल्म भी शुरू हो गई थी, और फिर उसने भी मुझसे बात करना शुरू कर दिया था।

वह :– हाय मेम.

मैं :– हेल्लो.

वह :– जी, मेरा नाम सुनील है और आपका?

मैं :– मेरा नाम ज़ेबा है।

वह :– आपका नाम बहुत अच्छा है और आप भी बहुत खूबसूरत हो।

मैं :– थेंक्यू, और फिर इतना कहकर मैं उसकी तरफ मुस्कुरा दी थी।

और फिर ऐसे ही फिल्म देखने के साथ-साथ हमारी थोड़ी बहुत बात हुई और फिर फिल्म का इंटरवेल हो गया था. और फिर वह जैसे ही खड़ा हुआ तो उसको मेरे पैर की ठोकर लग गई थी, और फिर उसके लड़खड़ाने से उसका एक हाथ मेरे बब्स पर आ गया था और फिर उसने भी मौके का फायदा उठाकर मेरे बब्स को दबा दिया था. और फिर उससे मेरे मुहँ से हल्की सी आह निकल गई थी. और फिर सुनील मुझसे बोला कि, आई.एम.सॉरी अंधेरे के वजह से हाथ लग गया. और फिर मैं भी उससे शरारती तरीके से बोली कि, सही कहा आपने अंधेरे में कुछ भी हो सकता है. और फिर वह वहाँ से बाहर चला गया था. और फिर वह 10 मिनट के बाद वापस आकर फिर से मेरे बगल वाली सीट पर बैठ गया था. और फिर अब हम दोनों की आँखों में मस्ती और हवस साफ-साफ दिखने लग गई थी। सही है दोस्तों आखिर हवस क्यों ना दिखे वह ठंड भरी रात जो थी है। और फिर सुनील ने फिर से बात शुरू करते हुए मुझसे कहा कि, ज़ेबा मैं तुमसे 1 बात पूछूँ? तो फिर मैंने उससे कहा कि, हाँ पूछो क्या पूछना है तुमको.

वह :– तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड या पति है?

मैं :– नहीं तो, तुम आखिर मुझसे ऐसा क्यों पूछ रहे हो?

वह :– बस ऐसे ही पूछ लिया तुम इतनी खूबसूरत और सेक्सी हो तो मुझको लगा कि, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड तो होगा ही सही।

मैं :– पहले था लेकिन अब नहीं है और अब मुझको इन सब में कोई दिलचस्पी भी नहीं है।

वह :– तो फिर किस चीज़ में है तुम्हारी दिलचस्पी?

और फिर वह मुझसे इतना पूछकर मेरे गाल को सहलाने लग गया था।

मैं :– तुम में, और फिर मैंने उसको इतना कहकर उसके गाल पर एक जोरदार किस कर दिया था।

और फिर मैं अपनी सीट पर वापस ठीक से बैठ गई थी।

वह :- सच में, तुमने तो मेरे मुहँ की बात ही छीन ली है।

और फिर उसने मुझको अपने गले से लगा लिया था।

और फिर उसने जबरदस्त तरीके से मेरे होठों को चूमना चालू कर दिया था और उसकी पकड़ इतनी मज़बूत थी कि, क्या बताऊँ दोस्तों और फिर तो मैं भी किस करने में उसका साथ देने लग गई थी, और वह मेरे बब्स को भी सहला रहा था. अब तो दोस्तों हमारी दिलचस्पी फिल्म में नहीं सिर्फ़ सेक्स में ही थी. और फिर इसीलिए हम सिनेमा थियेटर से निकले और फिर सुनील ने मुझको कहा कि, तुम यहीं पर रूको तब तक पार्किंग में से मैं अपनी कार लेकर आता हूँ। और फिर वह अपनी कार लेकर आया और फिर मैं भी उसमें बैठ गई थी. और फिर मैंने उससे पूछा कि, हम लोग अब कहाँ पर जा रहे है? तो फिर सुनील मुझसे बोला कि, मेरी जान तू तो बस आराम से बैठ हम अपनी सही जगह पर जा रहे है. और फिर वह कार चलाने के साथ-साथ अपने एक हाथ से मेरे बब्स को भी दबा रहा था. और फिर उसने गाड़ी को एक सुनसान रास्ते पर ले जाकर रोक दिया था और फिर उसने मुझको बोला कि, बाहर निकलो। और फिर मैं जैसे ही कार से बाहर निकली तो उसने मुझको कसके अपनी बाहों में पकड़ लिया था. और फिर वह मेरे होठों पर पागलों की तरह किस करने लगा और फिर वह मेरे कुर्ती के अन्दर अपना हाथ डालकर मेरे बब्स को दबाने लग गया था, और उसके ऐसा करने से मैं भी आहें भरने लग गई थी. और फिर उसने मेरी कुर्ती और लेगिग को भी उतार दिया था. और फिर मैं उसके सामने अपनी ब्रा और पैंटी में आ गई थी. पास ही में हाइवे होने की वजह से बहुत ही ठण्डी हवा चल रही थी. और फिर मैंने उसको अपने गले से लगा लिया था।

अब वह मेरी ब्रा के हुक को खोलने लग गया था और फिर उसने मेरी ब्रा को भी उतार दिया था. और फिर मेरे बड़े-बड़े बब्स मेरी ब्रा में से आज़ाद हो गये थे. और फिर वह उनको देखकर और भी पागल सा हो गया था. और फिर वह मुझसे बोला कि, इतने बड़े वाह! इनको चूसने में तो बहुत मजा आएगा. और फिर वह मेरे एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गया था, और वह बीच-बीच में कभी-कभी मेरे बब्स को काट भी लेता था। और फिर मैंने भी उसकी टी-शर्ट को निकाला और उसकी पेन्ट कि चेन को भी खोल दिया था. और फिर जैसे ही उसका लंड उसकी पेन्ट से बाहर निकला तो उसको देखकर मेरे मुहँ से बस यही निकला कि, ओह! यह तो कितना बड़ा है और फिर वह मुझसे कहने लगा कि, बेबी अब तुम इसे चूसो. तो फिर मैं भी किसी पेशेवर रण्डी की तरह अपने घुटनों पर बैठकर के उसके लंड को चूसने लग गई थी. उसका लंड मेरे मुहँ में पूरा नहीं जा रहा था तो भी वह ज़ोर-ज़ोर से मेरे सिर को पकड़कर मेरे मुहँ में धक्के मार रहा था। और फिर उसने मुझको अपनी गोद में उठाकर गाड़ी के बोनट पर लेटा दिया था. और फिर उसने मेरी पैंटी को भी उतार दिया था. और फिर वह मेरी गीली चूत को देखकर हँसने लगा. और फिर उसने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत के अन्दर डाल दी थी. और फिर तो मैं भी बहुत गरम हो चुकी थी. और फिर इसलिए मैंने उससे कहा कि, प्लीज़ बेबी अब ऊँगली नहीं अपना लंड डालो. और फिर तो मेरे मुहँ से इतना सुनते ही उसने अपनी वह ऊँगली मेरे मुहँ में डालकर मुझको चुसवा दी थी, और फिर वह मेरी चूत पर एक किस करके अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लग गया था।

और फिर एक दमदार झटके के साथ उसने अपना लंड मेरी चूत के अन्दर डाल दिया था और उसका आधा लंड मेरी चूत के अन्दर चला गया था और उससे मेरी चीख निकल गई थी आहहह… मररर… गई. और फिर वह मुझसे बोला कि, तुमको आज जितना भी चीखना और चिल्लाना हो चिल्ला लो यहाँ पर तुम्हारी आवाज़ को कोई भी नहीं सुनेगा. और फिर उसने मुझको यह भी बोला कि, तू कुँवारी नहीं है, मुझसे पहले किसके साथ अपनी ठुकाई करवा के आई है? तो फिर मैं उससे बोली कि, उससे तुझको क्या है? तू तो चोद ना. और फिर उसने एक दूसरा झटका मारा तो अबकी बार उसका लंड पूरा का पूरा ही मेरी चूत के अन्दर समा गया था और मैं दर्द से रोने लग गई थी और वो लगातार ही मेरी चूत में झटके मारे जा रहा था और मेरे बब्स को भी थप्पड़ मार रहा था और निचोड़ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि, इस तरह से कभी किसी सुनसान रास्ते में मेरी इतनी बेदर्दी से चुदाई होगी और फिर पूरे 30 मिनट के बड़े बेदर्द झटकों के बाद वह मेरी चूत में ही झड़ गया था. और फिर जब मैंने अपनी चूत को देखा तो वह पूरी तरह से खुल गई थी, और वह उसके लंड के पानी से लबालब भरी हुई थी. और फिर मैंने उसके लंड को बड़ी ही अच्छी तरह से चूसकर साफ कर दिया था. और फिर मुझसे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था तो फिर उसने मुझको अपनी गोद में उठाया और फिर उसने मुझको अपनी कार की पीछे वाली सीट पर लेटाकर वह भी मेरे ऊपर ही सो गया था और फिर वह मुझको किस करने लग गया था। और 10-15 मिनट के बाद फिर से उसका लंड खड़ा होने लगा और फिर उसने मुझसे पूछा कि, अब और कहाँ पर लोगी मेरी जान?

तो फिर मैंने उससे कहा कि, जान तू जहाँ भी देगा वहाँ पर मैं ले लूँगी. तो फिर इतने में ही उसने अपना लंबा लौड़ा झट से मेरी गांड में घुसा दिया था, और फिर उससे मैं कुछ बोलू उसके पहले ही उसने मुझको किस कर लिया था. और फिर 15-20 मिनट तक मेरी गांड में जबरदस्त धक्के मारने के बाद उसने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकालकर मेरे बब्स पर खाली कर दिया था. और फिर अब हम दोनों ही अपने-अपने कपड़े पहनने लग गए थे. और फिर जैसे ही मैंने अपनी ब्रा पहनी तो उसने झट से मेरी ब्रा को वापस उतार दिया था, और फिर उसने मुझसे कहा कि, आज तू बिना ब्रा के ही रहेगी और तू अपनी पैंटी और बाकी सब कपड़े तो पहन ले। और फिर उसने मुझको रात को 3-3.30 बजे के आस-पास मेरे घर के बाहर छोड़ा. और फिर वह मुझको आई.लव.यू. कहकर और मुझको एक किस करके वहाँ से चला गया था।

दोस्तों उस दिन के बाद मेरी उससे दुबारा फिर कभी मुलाकात भी नहीं हुई थी। लेकिन उसकी चुदाई से मुझे मज़े भी खूब आये थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!