दीदी को ड्रायवर ने चोदा

हेलो दोस्तों मैं हूं Antarvasna सनी और आप सबसे कुछ शेयर करने जा रहा हूं. दोस्तों बहनों के रंग बहुत हैं, मेरा मतलब जब कोई भी औरत कुछ करना चाहती हो तो कर जाती है फिर अपना पति या हो या फिर किसी को भी एक मिनट में पागल बना देती है.

मेरी स्टोरी स्टार्ट होती है मेरी अर्ली एज से क्योंकि घर में सबसे छोटा था, बड़ी बहन से बहुत छोटा था. मेरी पुरानी यादें और कुछ फिलिंग है जो आपसे शेयर कर रहा हूं.

छोटा भाई सबसे बड़ी बहन का फ्रेंड ही बन जाता है अगर बड़ी बहन चाहे तो.. मेरी बड़ी बहन जिसकी उम्र २६ साल है वह मैरिड थी, बहुत प्यारी लाइट ब्राउन बाल जो उसकी कमर तक आते थे. उसकी हाइट ५ फुट ६ इंच थी. पतली कमर थी लेकिन शादी के बाद कुछ मोटी हो गई थी. और साथ उनके बूब्स भी काफी मोटे हो गए थे. उनकी हिप्स मोटी और बाहर को निकली हुई थी और कभी-कभी वह ऐसी स्टाइल मारती थी की उसे देखकर मेरा भी हाल बुरा हो जाता था. मैंने दिल में अभी बात रखी हुई थी की शादी करूंगा तो दीदी जैसी लड़की के साथ किस करूंगा.

दीदी की शादी को २ साल गुजर गए थे जब भी वह आती हम बहुत मजाक करते थे मुझसे मस्ती करती और कभी कभी सेक्सी जोक भी सुना देती, मैं शरमाता तो बोलती कि तुम मेरा बॉयफ्रेंड है, और कभी घर के नौकरों को भी तंग करती तो मजा आता था और हम हसते रहते.

एक दिन दोपहर का टाइम था दीदी और मैं मूवी देख रहे थे, अचानक लाइट चली गई और गर्मी थी काफी थी, दीदी ने खिड़की खोल दी तो देखा हमारा ड्राइवर डैड की कार वाश कर रहा था.

उसने पतली सी धोती पहन रखी थी जो तू ही रंग में काला सा था और एज भी दीदी से ज्यादा कोई ३५ से ३६ साल का था, पतला और लंबा था. दीदी उसे देखने लगी. मैंने देखा की दीदी कभी उसकी तरफ देखती तो कभी मेरी तरफ देख कर हस्ती थी तो कभी अपनी उंगली मुह में डाल देती थी.

मेने कहा क्या हुआ दीदी? तो दीदी जिस तरह पहले हस रही थी और बातें कर रही थी उसकी जगह अब वह बस चुप से कभी बाहर देखती तो कभी रूम में नजर डालती, दीदी ने ऑफ़ व्हाइट कमीज पहनी हुई थी और दीदी का स्किन कलर का ब्रा साफ नजर आ रहा था. दीदी कुछ देर के बाद सोफे पर आकर बैठ गई और अपनी कमीज के दो बटन खोल दिए, ओह्ह उफ्फ्फ बहुत गर्मी लग रही है सनी.. मैं छोटा था मगर इतना भी नहीं. दीदी की बॉडी और उनके सेक्सी स्टाइल और उनकी कमीज देख कर मुझे कुछ हो रहा था.

मुझे पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने दीदी के गले से लग गया और बोला दीदी आई लव यू, और दीदी ने भी मुझे किस की और बोली आई लव यू टू माय बॉयफ्रेंड. हम लोग सोफे पर बैठे थे और सोफा विंडो के पास था, दीदी मुड़ मुड़कर बाहर देखती तो बाहर खड़ा काला ड्राइवर दीदी की तरफ देख कर हंसता, तो उसके वाइट टथ ही नजर आते, इस बार वह कुत्ता ड्राइवर विंडो के सामने आ गया, सिर्फ ३ या ४ फीट का फासला था.

इधर में और दीदी एक साथ सोफे पर अपने घुटनों के बल बाहर की तरफ मुड के बैठे थे, हम दोनों का फेस विंडो की तरफ और बैक हमारी रूम की तरफ थी. उधर ड्राइवर पूरी तरह पानी से गिला हुआ था, वह कार के बोनट के साथ टीका लगाकर खड़ा हुआ दीदी को देख रहा था.

इधर दीदी कभी अपनी कमीज के बटन खुले गले में अपना हाथ ले जाती तो कभी बाहर को निकाल कर अपने लाल होंठ को दबाती, विंडो के बीच में कोई जाली नहीं थी इतने में हमारा ड्राइवर बोला बाहर आ जाओ. तो दीदी बोली नहीं डर लगता है. मैंने मन में कहा कि डर किस बात का दीदी पागल है.. दीदी बिल्कुल मेरे साथ लगी हुई थी तो कभी कभी वह मुझे किस करती उस ड्राइवर को देखती.

इतने में मेरी नजर उसकी पतली और छोटी सी धोती पर पड़ी. ओह माय गॉड उसका काला लंबा और मोटा लंड उसकी छोटी सी धोती से निकला हुआ लटक रहा था, जो काफी लंबा था.

ड्राइवर ने फिर बोला आ जाओ बाहर, मजा दूंगा. तो दीदी हल्का सा मुस्कुराई और मेरे कंधे पर सर रख कर बोली, नहीं तुम हर्ट करोगे मुझे छोटी सी बच्ची को मार ही डालोगे.. मैं बोला नहीं दीदी यह क्या मारेगा, उधर ड्राइवर बोला तुम नहीं मरोगी, तुम कौन सी बच्ची रही हो, अब तो मेरिड हो मजा दूंगा.

इतने में ड्राइवर ने अपने हाथ में अपना लटका हुआ लंबा और मोटा लंड पकड़ लिया और उसको थोड़ा सा अपने हाथ से हिलाया और फिर छोड़ दिया, इधर मैं डर गया था और मेरा एक हाथ दीदी के हाथ में था. जो दीदी ने अपने राइट ब्रेस्ट पर रखा हुआ था, मेरी अजीब सी फीलिंग थी और उधर दीदी का ब्रेस्ट में जैसे आग लगी थी ऐसा मुझे फिल हो रहा था.

दीदी ने एक लंबी सी सांस ली और अपनी आंखें बंद कर ली. मैंने दीदी के कान में बोला दीदी मैं कितना बडा है देखो ये तो नंगा है. दीदी बोलि हां तुम ठीक बोल रहे हो, लेकिन बहुत बड़ा है इसका यह तो मार ही डालेगा तेरी प्यारी बहन को.. अभी कुछ बोलता तो दीदी ने फिर एक किस की और साथ अपनि लंबी जुबान मेरे चेहरे पर फेर दी धीरे से, और बोली जाओ देख कर आओ सब अपने अपने रुम में है, किसी को मत बोलना.

मे अभी सोफे से पीछे को हटा ही था वह काला ड्राइवर धीरे धीरे चलता हुआ खिड़की के पास आ गया और अपना काला सा और बड़ा सा हाथ खिड़की से अंदर डाल दिया, विंडो में सिर्फ लोहे के फुट बाय फुट के लोहे के ब्रैकेट था, उसका हाथ दीदी की तरफ आया तो दीदी ने एक ऊंची से आःह किया यह सुन कर में रूम से बाहर जाते हुए रुक गया और पीछे दीदी की तरफ देखा, तो उस टाइम ड्राइवर का काला और बड़ा हाथ दीदी की कमीज के ऊपर था और दीदी का बूब्स पकड़ा हुआ था और दीदी अपनी लिप्स पर जुबान फेर रही थी. वह बोला क्या मझे का मम्मा है तेरा? तेरे वह कैसे होंगे?

दीदी बोली हां वह भी ऐसे है जिस तरह का यह है. थोड़ा सा अपनी गोरी-चिट्टी मैं मेरा भी डलवा दूं मजा दूंगा, फिर उससे नहीं चुदवायेगी. यह सुनकर तो मेरे कानों में सू सू की आवाज आने लगी, फिर मैं डरता हुआ वापस दीदी के पास आ गया.

मैंने विंडो की तरफ देखा तो ड्राइवर विंडो के साथ चिपका हुआ है और उसका हाथ दीदी की कमीज के अंदर दीदी का मम्मा दबा रहा था और उसका लंबा और मोटा लंड जो सीधा खड़ा हुआ विंडो से अंदर आया हुआ था और दीदी के पतले और गोरे हाथ में लंड था.

दीदी सब भूल चुकी थी और कि मैं यहां हूं. फिर मैंने बोला दीदी सब अपने अपने रुम में सो रहे हैं, तो इतने में ड्राइवर बोला यह साथ वाला दरवाजा खोलो मुझे अंदर आने दो. हमारे रूम के २ दरवाजे हे, एक अंदर खुलता था तो एक बाहर को. दीदी बोली अपनी हॉट और रोमांटिक आवाज में, नहीं ना. प्लीज तुम मार डालोगे.. यह बहुत बड़ा है. बहुत मोटा है, मैं इतना नहीं ले सकती, मर जाऊंगी. मैं क्या करूं भैया तुम्हारी बहन मर रही है क्या करूं मेरी आग कैसे बुझेगी.. दीदी बेबस लग रही थी.. ड्राइवर ने मुझे कहा सनी बाबा आप दरवाजा खोलो दो, मैं इसको बचा लूंगा वरना यह तडपती रहेगी, और तुम उसकी कमीज उतार दो.

मेरी तो हिम्मत नहीं हुई दीदी की कमीज उतारने की,. मगर दीदी सोफे पर डॉगी स्टाइल में थी और मुह ड्राईवर की तरफ था, तो दीदी ने अपने एक हाथ से अपने ब्रा की हुक खोली और ब्रा को कमीज से उतार दिया. जैसे ही ब्रा निकाला तो दीदी के गोरी चिट्टी मम्में जो काफी मोटे थे वह लटक कर बहार आ गए, उनके पकड के ड्रायवर दोनों हाथ से जोर जोर से मसलने लगा और दीदी की सिसकियां निकालने लगी.

दीदी ने अपना फेस सोफे की टेक पर रखा हुआ था और हाथ में उसका लंबा और मोटा लंड पकड़ा हुआ बहुत अजीब लग रहा था. कुछ देर बाद के ड्राइवर ने कहा दरवाजा खुलवाओ, पूरा नहीं डालता तुम कौन सी बच्ची हो. सब जानती हो, देख मेरा लंड कैसा हार्ड है, और तेरी चूत में जाना चाहता है.

दीदी बोली की मेरे को भी चैन नहीं है क्या करूं? कुछ समझ नहीं आ रहा.. इनको कैसे मनाउंगी उनको पता चल जाएगा. ड्राइवर बोला नहीं पता चलेगा, बस पता चलेगा तो तेरी चूत को, कोई चीज़ अंदर गयी है, बस कर मान जा अब. दीदी ने इस बार लंड को छोड़ दिया और बोली क्या तुम ऊपर ऊपर से कर लो जस्ट वही करेंगे. वह कुछ देर चुप रहा और फिर अपना लंबा मोटा काला लंड को मसलकर बोला, ठीक है ऊपर तो रगड़ने दे. तेरी चूत को देखूं कैसा हाल है, इतने में दीदी बोली सनी दरवाजा खोल दो, प्लीज भैया मेरे प्यारे भैया मैं मर रही हूं.

तो मैं बोला दीदी यह तो काला सा और बहुत ही बड़ा है आप मर जाओगे.. और यह तो बहुत काला और गंदा सा है और बहुत बड़ा है आपको दर्द होगा.

दीदी बोली हां काला तो है मगर बडा तो है ना मैं कहां छोटी सी बच्ची हूं, दर्द तो होगा लेकिन मजा भी तेरी बहन को आएगा ना. मुझे कुछ नहीं होता तुम खोल दो बस. वादा करो तुम किसी को बताओगे नहीं. यह सब देख कर तो मुझे भी मजा आ रहा था, मैंने बोला नहीं दीदी नहीं बोलता.

तो दीदी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने गोरे मम्में पर रखा और बोली अब कसम खाओ, तो मैंने कसम खाई और दरवाजा खोला तो फट से ड्राईवर अंदर आ गया और दरवाजा को लॉक कर दिया, और दीदी की तरफ चलता जा रहा था. उसका लंड सीधा खड़ा हुआ था हवा में जुल रहा था, दीदी सोफे पर डॉगी स्टाइल में बैठी हुई थी वह पीछे जाकर खड़ा हो गया.

दीदी ने अपने दोनों बाजू सोफे की टेक पर रखे हुए थे और उन पर अपना सर रखा हुआ था, इधर ड्राइवर ने दीदी का टाइट पजामा उतारा तो दीदी की गोरी मोटी गांड जो सलवार में कम मोटी लगती थी अब बहुत मोटी और चिट्ठी नजर आ रही थी, और जब पजामा उतारा तो दीदी ने अपनी दोनों पैर को खोल लिया, दीदी की चूत बिल्कुल साफ थी कोई बाल नहीं थे.

एक मोटे बर्गर जैसी मोटी लिप्स वाली गोरी चिट्टी नजर आई तो ड्राइवर ने अपनी काली उंगली को दीदी की चूत के लिप्स में रख दिया और बोला तुम तो पूरी तरह गीली हो गई हो, क्या करूं? और साथ ही उसने अपना लंबा मोटा काला लंड दीदी की गोरी चूत के हॉल पर हल्का हल्का ऊपर नीचे फेर रहा था मैं यह सब देख कर डर भी रहा था और एक अजीब मजा भी आ रहा था.

कुछ देर बाद ड्राइवर मुजे बोला अपनी दीदी से अभी पूछो अब मजा ज्यादा है या पहले ज्यादा था? मैं भी पागल था मैं दीदी के पास चला गया और दीदी से पूछा तो दीदी ने अपना एक हाथ मेरे गले में डाल कर किस किया और बोली अब कुछ सुकून मिल रहा है.

ड्राइवर बोला तुम्हारी चूत तो मेरा लंड को गिला करती जा रही है, पानी छोड़ रही है. पानी का सुनकर मैंने अपना मुंह पीछे को करना चाहा तो दीदी ने मुझे रोक लीया और बोली मत देखो, मेरे भैया उस को बोलने दो, उधर ड्राइवर ने मेरे हाथ पकड़ कर अपना लंड पकड़ा दिया जो बहुत गर्म और आग की तरह था, और तपता लोहा की तरह, दीदी को नहीं बता रहा था.

फिर उसने मेरा हाथ से लंड पकड़ कर दीदी की चूत पर रगड़ा और रुक गया, और बोला तुम्हारी चूत पूरी गर्म हो चुकी है, और अब तो इसका मुंह भी खुलता और बंद हो रहा है, डाल दूं.. बोलो ना मेरी जान.. इतने में दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने आप को पीछे को किया, तो ड्राइवर का मोटा काला लंड दीदी की चूत के मुंह में घुस गया और दीदी की हल्की सी आहहह निकली और रुक गयी. इधर मेरा एक हाथ दीदी के मोटे मम्मे पर था और मैं दबा रहा था.

उधर ड्राइवर काला चौड़ा हाथ दीदी के कंधे पर ले आया और दीदी के कंधों को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मुझे बोला तुम थोड़ा सा साइड पर हो.. दीदी ने मेरा हाथ को पकड़ लिया तो दीदी बोली धीरे धीरे डालना बहुत मोटा है और ड्राइवर अपना लंबा मोटा लंड दीदी की नाजुक सी गोरी चूत के अंदर उतारने लगा. अभी दीदी की सिसकिया बढ़ने लगी आह औऊ हह ह्हहा यस हहह ओह हहह अम्म्म बहुत मजा आ रहा है, बहुत बड़ा है तुम्हारा..

ड्राइवर लंड अंदर बाहर करता तो दीदी की चूत से चिप चिप की आवाज आती और दीदी की चूत पूरी तरह ड्राइवर का मोटा काला लंड से चिपकी हुई अंदर-बाहर हो रही थी, जिस से पता चल रहा था की दीदी की चूत कितनी टाईट है, उसका लंड मोटा इतना था और बहन को चोद रहा था.

दीदी की आवाज आने लगी ओह्ह औऊ मा मेरी चूत अआज्ज ईई हहह औऔउ ओह्ह हहह मम्म फह ह्हह्ह अह्ह्ह मेरी चूत के अंदर लग रहा है, इसे बाहर निकालो. दीदी जोर से आगे को निकालती तो वह पीछे से अंदर डाल देता, और दीदी हिल जाती और साथ पूरा मुंह खोल देती.

इतने में दीदी बोली थोड़ा बाहर निकालो मेरी चूत फट रही है, और मैं दो बार डिस्चार्ज हो गई हूं. मुझे सांस लेने दो. और ड्राइवर ने अपनी स्पीड कुछ तेज कर दी, तो दीदी बोली इसको बाहर निकालो, अब नहीं में बस हो गई, इधर दीदी के दोनों बूब्स ड्राइवर के हाथ में थे और ड्राइवर पूरा दीदी के ऊपर झुका हुआ था, दीदी बोली क्या आज की पूरा डाल दोगे? मैं अभी पूरा नहीं ले सकती बहुत दर्द हो रहा है.

तो ड्राइवर बोला नही अभी पूरा नहीं डाला.. तो दीदी बोली भैया क्या इसने पूरा अंदर डाला हुआ है ना? मैंने देखा तो बोला नहीं दीदी अभी कुछ बाहर भी है, तो दीदी अओह हिफ्फ्फ़ ओफ्फ्फ करके बोली बहुत बड़ा लंड हे ईसका मेरी चूत दर्द कर रही है, इतने में ड्राइवर ने कोई तीन या चार बार झटके लगाए और रुक गया. उसकी सांस दीदी से भी फास्ट थी और दीदी के ऊपर गिरा हुआ था.

निचे दीदी हील रही थी उसके नीचे से निकलने को और बोल रही थी कि तुम को बोल रही थी इस को बाहर निकालो.. ड्राइवर हल्कि सी आवाज में बोला लंड का मजा लिया है तो मेरे पानी का भी मजा ले, दीदी बोली तुमने अंदर से भर दी है मेरी चूत. ड्राइवर बोला दो साल तक तुमको बच्चा नहीं हुआ अब देखो होता है या नहीं. उधर ड्राइवर ने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला तो जैसे बोतल खुलती है वैसे आवाज आई और दीदी की चूत में से दूध निकलने लगा, दीदी अपने हाथ को अपनी चूत पर ले गई और दीदी की चूत का मूह पूरा खुला हुआ था और दूध निकलता जा रहा था.

ड्राइवर का लंड आधे से ज्यादा गिला था, पता नहीं क्यों?? यह दीदी का पेशाब लगा था या पानी था मुझे नहीं पता.. उधर दीदी अब सीधी होकर सोफे पर बैठ गयी दोनों टांगें को ऊपर करके और अपनी चूत को दबा रही थी और साथ उस दूध को भी साफ कर रही थी.

इधर ड्राइवर का लंड उसी तरह सीधा खड़ा हुआ था.. दीदी ने देख कर कहा की क्या चीज है तू और तेरा लंड? उसके काले मोटे लंड की केप में एक दूध का ड्राप बाहर को निकला था, तब उसने दीदी के मुंह के पास लाया तो दीदी ने शर्मा कर अपना मुंह खोला, उसका केप काफी मोटा था और दीदी का मुह छोटा था. तो सिर्फ होठ में फस गया तो दीदी ने जुबान से चाट लिया और पी लिया. और वह हंसता हुआ बाहर चला गया, और दीदी अपनी चूत को अपने हाथों से दबाती रही, मगर चूत का मुंह बंद नहीं हो रहा था, मैं बोला दीदी दर्द हो रहा है ना? दीदी सर हिला कर बोली हां, लेकिन मैं ठीक हूं. किसी को मत बोलना. मेरी जिंदगी खत्म हो जाएगी, और फिर दीदी ने मुझे चेहरे पर किस किया.

फिर दीदी मुझे खुश करने के लिए बोली इधर मुंह करो, तो दीदी ने मेरे लिप्स पर किस किया और साथ में मेरा लिप्स को चूसना शुरू कर दिया, मेरी तो जैसे जान निकल रही थी.

दीदी बोली मजा आया? तो मैं बोला हां दीदी बहुत ज्यादा.. दीदी बोली अब मुझे शोवर लेना है, फिर उसने मुझे आंख मारी और बाथरुम चली गई