मैं बना मेरी बीवी का ग़ुलाम

मेरा नाम मोहित है antarvasna मेरी उम्र 36 साल है मेरी शादी हुए 10 वर्ष हो गए मेरी बीवी का नाम शिल्पा है उसकी उम्र 32 साल है हम पंजाब के रहने वाले है। हमारे पास सभी तरह के सुख-सुविधा के संसाधन है। हम दोनों की शादीशुदा जिंदगी बहुत ही अच्छी चल रही थी। परन्तु मेरी अपनी गलती से आज मैं एक सफल पति की जगह एक नामर्द पुरुष और गुलाम पति बन चूका हु। हालाँकि मुझे भी अब इसमें मज्जा आने लगा है और मुझे अपनी असली औकात का पता चल गया है। कुछ महीने पहले तक सब ठीक था,मैं अक्सर पोर्न साइट देखता रहता हु। तभी अचानक एक दिन मैंने सर्च करते करते *** साइट खोल ली मैं इस साइट के स्टोरी को पड़ना शुरु कर दिया मुझे पहले तो कुछ खास नहीं लगा पर फिर मुझे अहसास हुआ की इस तरह की कहानी पड़ कर मेरे लिंग में तनाव आ रहा है और मुझे काफी अलग महसूस हो रहा है | मेरे अंदर का पुरुष जैसे मर रहा है और मैं दूसरे ही ख्यालो में खो रहा हु l अब मैं इसे रोजाना पड़ने लगा धीरे धीरे ये मेरी आदत हो गयी मेरा खुद का इंटरेस्ट बीवी से कम होकर इसमें अधिक हो गया की कब मेरी पत्नी सोये और मैं *** के कहानी पड़ कर अपनी लूली(अब मुझे अपना लिंग लूली लगने लगा था) हिला कर मुठ मारु | मैं अब रोज इस साइट पर जा कर कहानी रीड करता और साथ ही साथ cuckold husband की वीडियो भी देखने लगा | मैं और मेरी बीवी हम पहले भी अक्सर पोर्न मूवीज देख कर सेक्स करते थे | अब मैं जानबूझ कर बड़े बड़े काले लंड वाली मूवी बीवी के साथ देखता जिस से वो भी अधिक रोमांचित रहने लगी अब उसे मेरा लंड छोटा लगने लगा और ये बात वो मेरे को 2-3 बार बोल भी चुकी थी | एक दिन मैंने उसे cuckold hubby और BBC की मूवी दिखाई और उसका रिएक्शन देखने लगा उसके चेहरे का हाव-भाव लगातार बदल रहे थे | अब मेरी बीवी भी चेंज हो चुकी थी अब वो डोमिनेटेड हो चुकी थी सेक्स करते वक़्त वो उसकी मर्जी चलती और कभी कभी मुझे थोड़ा बहुत जलील भी करती | मैं इसमें आनंद लने लगा हालाँकि मेरा ऐसा कोई विचार नहीं था की मेरी बीवी किसी दूसरे मर्द से सेक्स करे पर इन सब ख्याल से मन रोमांचित हो उठता | अब मेरी बीवी अक्सर मेरे लुल्ली को लेकर मेरा मजाक उड़ा देती और कभी कभी तो सेक्स करने से भी इंकार कर देती | अब उसका रुतबा घर में बढ़ता जा रहा था जबकि मैं धीरे धीरे घर का नौकर बनता जा रहा था अक्सर ही अब वो मुझ से घर के काम भी करवाती यहाँ तक की रात को बिस्तर लगाना और मेरी बीवी के कपड़े निकलाना मेरा काम ही हो गया था | अब वो सेक्स करने से पहले अक्सर मुझ से अपनी चुत चटवाती और जब उसकी चुत पानी छोड़ देती तो मुझे उसका पानी चाट चाट कर साफ करना पड़ता उसके बाद उसकी इच्छा होती तो मुझे सेक्स का मौका मिलता नहीं तो मैं चुप चाप अपना लंड हिला कर सो जाता | मुझे अब इन सब बातो से बहुत मज्जा आने लगा था | एक दिन तो हद ही हो गयी जब मैं बाथरूम से नहा कर बहार निकला तो देखा की मेरे कपड़ो में मेरा अंडरवियर ही नहीं था बल्कि उसकी जगह मेरी बीवी की पैंटी पड़ी थी | जब मैंने अपने अंडरवियर के बारे में पूछा तो वो बोली कोई भी अंडरवियर साफ नहीं पड़ा तुम मेरी पैंटी पहन लो मैं बिलकुल हैरान रह गया | मैं बोलै ऐसे कैसे हो सकता है मैं तेरी पैंटी कैसे पहन लू,वो बोली तो कौन से फ़र्क़ पड़ता है तेरा तो छोटा सा है नुन्नी(ये शब्द उसने पहली बार बोला) जैसे मेरी पैंटी में पूरा आ जायेगा और जोर जोर से हंसने लगी मैं बिलकुल निरुतर हो गया और कुछ न बोल पाया और मेरा अंदर का मर्द उसी वक़्त मर गया मैं शर्म से पानी पानी हो उठा | मैं कुछ भी न कर पाया और चुपचाप बीवी की पैंटी पहन कर ऑफिस चला गया | मैं सारा दिन अपने आप humilated होता रहा | मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की मेरे साथ क्या हो रहा है | अब मेरी जिंदगी बदलनी शुरू हो गयी | उस रात मेरी बीवी ने न सिर्फ मेरे से अपनी चुत चटवाई बलकि अपनी गांड को भी चटवाया और फिर सो गयी और मुझे कुछ भी न करने दिया | अगले दिन फिर मुझे पैंटी ही पहनने को मिली | अब मैं रोज ही पैंटी पहनता और अक्सर रोज ही बीवी की चुत और गांड चाटता | सेक्स करने का मौका मैं लगभग गवा चूका था | अब मैं अपने आप को काफी शर्मिदा महसूस कर रहा था | मैं रोज जलील होने लगा | मैं इस जिंदगी से बाहर आना चाहता था | मैंने धीरे धीरे इसके लिए प्रयास करने शुरू कर दिए पर कोई खास फायदा नहीं हो रहा था | दिसम्बर का महीना था नाव वर्ष शुरू होने वाला था मने इस जिंदगी से बाहर आने का प्रयास शुरू कर दिया था इसी को लेकर मैंने कुछ प्लान बनाया और नया साल मनाने के लिए जैसलमेर जाने का प्रोग्राम बना लिया ताकि मैं अपनी नई जिंदगी दुबारा से शुरू कर सकूं | पर ये क्या सारा मामला ही उल्टा हो गया मैं सचमुच ही cuckold , दब्बू ,नामर्द पति बन गया | जैसलमेर में मेरे साथ क्या हुआ ये वाला किस्सा अगले पार्ट में |