पड़ोसन अनु को उसके घर पर चोदा

हाई दोस्तों Antarvasna मेरा नाम कृनाल हे और मैं गुजरात से हूँ. वैसे तो मैं काफी समय से हिंदी सेक्स कहानियाँ पढ़ रहा हूँ. पर आज हिम्मत कर के अपनी स्टोरी लिखने जा रहा हूँ.

मैं अभी 22 साल का हूँ और मेरा लंड 6 इंच का हे. बात उन दिनों की हे जब मैं कोलेज कर रहा था. मैं जहाँ पीजी रहता था वो कोलेज से दूर था और सिटी के बिच में था. मैं शाम को अपने दोस्तों के साथ घुमने के लिए जाया करता था. पीजी के सामने वाले घर में एक फेमली रहती थी. फेमली बहोत अच्छी थी. कभी कभी अंकल आंटी के साथ बात हो जाती थी. फेमली में एक लड़की थी उसका नाम अनु था. जब भी सुबह्र बाइक ले के कॉलेज जाता था तो उस वक्त वो मुझे घूरती रहती थी. उसका फिगर बहोत ही टाईट था और वो मोस्टली जींस और टी-शर्ट पहनती थी और बाल उसके मोस्टली खुले ही रहते थे.

एक दिन मैं टेरेस के ऊपर सिगरेट पी रहा था शाम के वक्त. तो वो टेरेस पर आ गई और हेंडसफ्री से सोंग्स सुन रही थी वो. मैंने स्टार्टिंग में इग्नोर किया फिर बाद में देखा तो देख रही थी मुझे. फिर मैंने सिगरेट फेंकने के बहाने उसकी तरफ एख तो वो स्माइल देने लगी. उसने मुझे इशारा किया की सिगरेट क्यूँ पीते हो?

मैंने इशारा किया की मुझे बहुत टेंशन हे. उसने पूछा की कैसे टेंशन में हो? मैंने बोला पढ़ाई का टेंशन.

फिर वो चली गई. और ऐसे बार बार हम छत के ऊपर इशारों में ही बातें करने लगे.

एक दिन मैंने उसके घर के बहार देखा तो अंकल आंटी कार में बैठ के कही जा रहे थे. तो मैं दूध मांगने के बहाने उसके घर पर चला गया. शाम का वक्त था और हल्का सा अँधेरा भी था घर के अन्दर. मैंने नोक किया तो अचानक से आ गई वो और सामने आ के बोली, अरे आज कैसे इस तरफ?

मैं अनु को कहा थोडा सा दूध चाहिए था. तो वो बोली बस थोडा सा? मैंने कहाँ हां बस थोडा सा तो वो बोली की इशारों में तो बहुत बातें करते हो आज मुहं से बात करने में शरम आ रही हे क्या?

फिर अनु ने मुझे कहा की आओ घर में बैठो. फिर मैं अंदर जा के कुर्सी में बैठा. ऐसा लग ही नहीं रहा था की हम दोनों पहली बार मिल रहे हे. फिर बातो बातो में मैंने उसका मोबाइल नम्बर मांग लिया. और हमारे नम्बर्स एक्सचेंज हो गए और फिर उसके बात तो रोज हम दोनों की बातें होने लगी.

फिर मुझे उसके साथ बातों में पता चला की उम्र में वो मेरे से बड़ी थी. मैंने सोचा की चलो अच्छा हे चांस मार ही लेते हे अब तो. मेरा उस से मिलने का प्लान बन चूका था. अब सिर्फ मौके की तलाश थी मुझे. एक दिन उसके मोम डेड गाँव जा रहे थे और अनु को भी फ़ोर्स कर रहे थे साथ चलने के लिए. लेकिन उसने बहाना बना लिया तबियत का और वो नहीं गई उन्के साथ में.

फिर रात के 10 बजे मैंने अपने पीजी के साथ वाले दोस्तों को बोला की मैं अपने दोस्त के घर जा रहा हूँ. और मैं रात को वही पर . मैं फटाफट निचे गया और अनु को मेसेज किया. उसने अपने घर का दरवाजा खुला कर दिया. मैंने इधर उधर देखा और मौका देख के चुपके से उसके घर में घुस गया..

अनु और मैं सोफे के ऊपर बैठे हुए थे और एक दुसरे को किस कर रहे थे. वो बोली इधर ही सब करना हे या बेडरूम में भी चले!

मैंने अनु को अपनी गोदी में ले लिया और उसे ले के बेडरूम में चला गया. और वो मुझे खिंच के किस करने लगी. वो बहोत ही प्यासी लग रही थी. 10 15 मिनिट तक हमने किस किया. वो सेक्स के पुरे नशे में डूब चुकी थी और मजा ले रही थी. मैंने उसके बूब्स ब्रा से आजाद कर दिया और सहलाने लगा. वो बोली, इन्हें अपने मुहं में भर के जोर जोर से चुसो प्लीज़.

ये सुनकर मैंने ब्रा को हटा के दोनों चुचों को पकड के हिलाया और फिर उन्हें अपने मुहं में ले के चूसने लगा. कभी लेफ्ट वाले को तो कभी राईट वाले को चूस रहा था. और उसके निपल को दबा के उसपे अपने दांतों से काट रहा था. ये महसूस कर के वो भी एकदम गरम हो चुकी थी. फिर मैंने उसके कपडे निकाल दिए. पेंटी रहने दी और बाकी के सब कपडे खोल दिए. फिर मैं पेंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहला रहा था. पेंटी गीली हो चुकी थी. वो आँखे बंद कर के पूरा मजा ले रही थी और मेरा साथ भी दे रही थी. मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से ऊँगली को उसकी चूत के ऊपर रख के हिलाना चालू कर दिया. वो बोली अह्ह्ह अह्ह्ह तुम मुहे बहुत तडपा रहे हो यार अह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्होह्ह्हह्ह!

मैंने अनु की पेंटी निकाली और उसकी चूत से निकले हुए पुरे पानी को चाट लिया और जोर से चूसने लगा उसकी फांको को. वो अपने बूब्स पकड़ के जोर से कह रही थी फाड़ दो मेरी चूत को और जोर से चूस साले हारामी, बहोत तडप रही हूँ मैं. और जोर से चूस ले इसको और खा जा साले कुत्ते!

अनु जोर से बोल रही थी और मैंने उसकी चूत को एकदम गरम कर के अपने पुरे कपडे उतार दिए और अपना लंड हाथ में ले लिया और उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा. वो जोर जोर से बोले जा रही थी, चोदो मुझे प्लीज़फाड़ दो मेरी चूत को आज मेरी सब प्यास को अपने लोडे से बुझा दो.

ये सुन के मेरे अन्दर और भी एनर्जी आ गई.

मैंने अनु की चूत में मेरा पूरा लंड डाल दिया तो उसके मुहं से चीख निकल गई, ओईईई माँ मर गई बाप रे कितना बड़ा हे! आह अह्ह्ह आह्ह्ह चोदो मुझे अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह!

फिर मैं उसको बहुत जोर जोर से लेकिन मस्ती से चोद रहा था. वो भी बहोत एन्जॉय कर रही थी. वो बोल रही थी बस ऐसे ही चोदते रहो मुझे. बहोत मजा आ रह हे. रोज मैं तुम्हारे लोडे से चुदना चाहती हूँ. मुझे अपने साथ ले जा और रोज मेरी चूत को चोद साले, तेरा लंड कितना बड़ा हे बाप रे!

फिर मैंने अनु को बेड से उठाया और उसको कहा की चल तू अब लंड चूस मेरा. वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ कर मेरा लंड चूस रही थी. थोड़ी देर लंड चूसने के बाद में मैं लेट गया और अपने लंड के ऊपर अनु को बैठने के लिए कहा.

अनु मेरे लंड के ऊपर बैठ के चुदने लगी. और वो जोर जोर से उछल रही थी. चुदते हुए वो चिल्ला भी ताहि थी अह्ह्ह अह्ह्ह कितने टाइम के बाद ऐसा लोडा मिला हे मुझे जो मेरी प्यास को बुझा रहा हे. मेरे बूब्स को दबाओ ना कृनाल और मेरी चूत को फाड़ डालो अपने देसी लोडे से. फिर वो बोली, आज तो मुझे तेरे लोडे से बहुत चुदना हे. मैं तेरी छिनाल हूँ मुझे पकड के चोद दे साले हरामी!

मैं बस चोदे जा रहा था. फिर उसे उठाय और फिर उसने मेरे लंड को चूसा. मुझे लंड मुहं में दे के माउथ फकिंग में बड़ा मजा आता हे. फिर मैंने अनु को डौगी स्टाइल में आने को कहा. मैंने उसको कहा अनु आज मैं तुझे अपनी कुतिया बना के चोदुंगा साली छिनाल. वो बोली, चोद ले जैसे भी चोदना हे, मेरे मम्मी पापा गाँव में हे और तेरा लंड मेरी भोस में हे.

वो अपनी फैली हुई गांड को हिलाते हुए मेरे सामें घोड़ी बन गई. मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर ठपठपाया और फिर उसे चूत के छेद में पेल दिया. अनु अपनी गांड को आगे पीछे कर रही थी और मैं उसके बूब्स को पकड़ के अपने लोडे को उसकी चूत में घिस रहा था. मैं लंड को पूरा निकाल के उसकी भोस में डाल देता था. अनु चुदासी आवाजें निकाल के गालियाँ दे रही थी मुझे.

पांच मिनिट की कसी हुई चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया. मैंने फट से अपने लंड को उसकी चूत से निकाल एक उसकी गांड के उपर ही सब पानी छोड़ा. एक पिचकारी निकल के उसकी कमर तक चली गई. अनु की चूत की प्यास को मेरे लोडे ने बुझा दिया था.