दोस्त ने बहन के मजे लुटे

अगर आप इस कहानी का मजा लेना Antarvasna चाहते हैं तो कृपया सबर रखें और पूरा पढ़ें.

हाय दोस्तों में जय अपनी एक और कहानी लेकर हाजिर हूं, यह कहानी है मेरी सबसे बड़ी वाली बहन की चुदाई की.

यह बात पिछले साल की है जब मैंने मेरे एक स्कूल फ्रेंड को घर बुलाया था, किसी काम से.

तो यह बात है जुलाई की. बहुत गर्मी पड़ रही थी, मेरे घर में सभी लोग काफी मॉर्डन टाइप के हैं तो हम सब छोटे छोटे कपड़े पहनते थे.

मैं अपने दोस्त का परिचय करा दूं, उसका नाम अजय गुप्ता है, हाईट में बहुत छोटा है, चेहरे पर निशान पड़े हैं, लगभग बिल्कुल भी स्मार्ट नहीं दिखता, वो अपने दोस्त को लेकर मेरे घर आता है, क्योंकि हमारा घर काफी बड़ा है और सबके अपने पर्सनल रूम है. वह दोनों गलती से मेरी बड़ी बहन के रूम में घुस जाते हैं, पहली बार अजय ने मेरी बहन को देखा था.

मेरी सबसे बड़ी बहन का नाम अंकिता है, दिखने में एकदम गोरी फिगर ३४-२८-३४ हे, मेरे घर में सभी का फिगर अच्छा है.

क्योंकि गर्मी बहुत थी तो मेरी बहन मैं उस दिन टी शर्ट और लूज स्कर्ट डाली हुई थी, और अपने पेट के बल वह बेड पर लेटी हुई थी, जिस से उस ने मेरे दोस्त को नहीं देखा था.

वो दोनों मेरी बहन की गांड देख रहे थे, अजय अपना लंड बहार से सहलाने लगा, उसका दोस्त जो उस के साथ आया था, उसके बारे में भी बता दूं, वह बहुत लंबा चौड़ा हट्टा कट्टा था.

और वह बहुत हरामी भी था यानी लड़ाई झगड़ा, नशा सब करता है. और लड़कियां उनके लिए बस चूत देने के लिए है और वह लोग लड़कियों की इज्जत तक नहीं करते थे.

तो वह दोनों मेरी बहन की गांड देख रहे थे इतने में मैं आया और मैंने कहा यहां नहीं वहां है मेरा रूम आ जाओ.

अजय बोला सॉरी यार गलती से यहां आ गए.

फिर हम तीनों मेरे रूम में चले गए

मेरे रूम की एक खासियत है. मेरे रूम की विंडो में एक छोटा सा होल है जो खुद मैंने किया है, जिससे वह रूम दिखता है जहां बाथरूम है और सब चेंज भी वही करती है. दूसरा मैंने बाथरूम की डोर में भी एक छोटा सा होल किया हुआ है ताकि मैं नहाते हुए भी देख सकूं.

अब मैंने सोचा क्यों नहीं उनके दिमाग में बात डाली जाए? वैसे भी मेरी बहन अब चेंज करने जाने वाली थी, मैंने बोला यार तेरी नजर में कोई कारपेंटर है, मेरे बाथरुम के गेट में होल हो गया है.

मैंने उसको वहां ले गया दिखाने. मैंने उसको होल दिखाते हुए कहा कि इस को बंद करवाना है, वरना नहाते हुए डर लगता है कोई देख ना ले. फिर हम वापस आ गए, अब बाथरूम में किसी के घुसने की आवाज आई, तो मैंने बोला यार मुझे बाथरुम जाना था अंकिता को भी अभी घुसना था नहाने.

फिर २ मिनट के बाद बहाना करके निकल गया और बोला मैं २० मिनट में आऊंगा..

जैसे ही मैं निकला कुछ सेकंड में वो दोनों हरामी भी उस रूम में घुस गए और मैं वापस अपने रूम में आकर विंडो से देखने लगा, मैंने देखा दोनों ने एक एक बार होल में देखा और उनकी आंखें फटी रह गई, दोनों एक दूसरे को अजीब नजरों से देख रहे थे. अजय उसको इशारे कर रहा था कि बूब्स बहुत अच्छे हैं, अब दोनों ने अपना लंड निकाल लिया और बारी बारी देखकर हीलाने लगे.

१५ मिनट तक यह सब चलता रहा, फिर दरवाजा खुलने वाला था इसलिए वह दोनों बाहर आ गए अभी जो मैंने देखा में भी हील गया, बाथरूम में अंकिता नहीं मेरी मां थी.

उसके बाद वह दोनों चले गए और लगभग रेग्युलर आना शुरू कर दिया, उन्होंने सबसे थोड़ी जान पहचान भी कर ली थी. लेकिन मुझे मेरे दोस्त ने बताया कि वह लड़का जो मेरे दोस्त के साथ आया था, उसने मेरी सिस्टर को प्रपोज मारा और उसने हां कर दी. मुझे पता था इतना हट्टा-कट्टा है वह कोई भी हां कर देगी.

एक दिन मैंने देखा उसको फोन पर किसी से बात करते हुए, मैं बस इतना सुन पा रहा था कि ठीक है लेकिन अजय को बोलो जय को कुछ नहीं बताए, मैं समझ गया कुछ गड़बड़ है. तो मैंने उसका पीछा किया. तो देखा वह एक बेसमेंट पार्किंग में घुस गई और एक स्कॉर्पियो में जाकर बैठ गयी. मैं अंदर जाने लगा तो पार्किंग वाले ने मुझे रोक लिया.

उसने बोला सर कौन सी कार है बताओ मैं खुद बाहर ले कर आ जाऊंगा, मैंने कहा नहीं ऐसे ही जा रहा हूं, उसने बोला सर ऐसे मत जाइए. मैंने कहा क्यों? उसने कहा सर किसी ने मना किया है. किसी को भी अंदर आने को. पूछने पर पता चला की अजय के दोस्त ने बोला है यह सब और बोला है उसे भी मजे करने देगा.

मैंने कहा मैं तुझे पैसे दूंगा, कोई भी काले शीशे वाली गाड़ी में मुजे बैठाकर स्कोर्पियो के साइड में लगा दो, थोड़ी देर में वह मान गया. उसने अजय के दोस्त को फोन किया है सर अभी मत करना, बस एक लास्ट कार लगानी है, यह कहते हुए गाड़ी अंदर ले गया और मैं उसी में था. उसने वह चार ऐसे लगाई कि मुझे सब आराम से दिख रहा था.

अब मैंने जो देखा वो देखकर हक्का बक्का रह गया, उस दिन अंकिता ने सूट पहना था, मैंने देखा कि अजय ने अंकिता की सलवार पकड़ी और खींच ली. अब वह पेंटि में थी. अंकिता का सर अजय के दोस्त की गोद में था, और पैर अजय की गोद में थे.

उधर से उसका दोस्त अंकिता की चूची दबा रहा था बाहर से, धीरे धीरे कर के अंकिता गर्म हो गई, यहां से बाहर से ही अजय उसकी चूत में उंगली कर रहा था, अब दोनों ने अपना लंड निकाल लिया.

अजय ने उसकी चड्डी भी खींच ली और नीचे से पूरा नंगा कर दिया, उसके दोस्त ने भी देर ना करते हुए ऊपर से अंकिता को नंगा कर दिया, क्या मस्त बूब्स थे एकदम गोल और पिंक निप्पल, अब अंकिता बैठ गई और उसके दोस्त का लंड चूसने लगी और अजय का लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी, इसके बाद अजय का मुंह में लेने लगी और दोस्त का हिलाने लगी, अब दोनों चुदाई के लिए उत्सुक थे, दोस्त ने बोला तू बाहर खड़ा हो पहले मैं मारूंगा.

अजय बाहर चला गया, उसका दोस्त उसके ऊपर चढ़ गया तो ऐसा लगा कोई राक्षस बच्ची की मारने वाला है, अब उसने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया और जोर से झटके मारे, अंकिता के मुंह से आवाज निकलने लगी लेकिन नहीं जिस हिसाब से उसकी बोडी थी वह मार नहीं पाया.

अब बारी अजय की थी, उसके दोस्त ने बोला तु मार के आ जाना मैं पार्किंग वाले को भेज दूंगा, अंकिता ने बोला उसको क्यों? तो वो बोला बाहर से मजे करने दो चोदेगा नहीं ऐसी शर्त पर उसने यहां पर करने दिया, यह कहकर वह निकल गया और बोला अजय तू मार के आ जा घर पर.

अब अजय कार में गया, उसने किस करना शुरु किया. वह सही में बुढा दिखता है प पता नहीं अंकिता ने उसे कैसे छूने दिया?

अब अजय ने उसकी चूत में जैसे भी अपना लंड डाला वह उछल पड़ी, उसका था ही बहुत मोटा और लंबा..

मुझे यकीन नहीं हो सका उस छोटे से लड़के ने इतनी बड़ी गाड़ी हीला दी वो इतनी जोर से झटके मार रहा था कि क्या बताऊं?

अब वो जड़ गया और उसी के ऊपर लेट गया, थोड़ी देर में उठा और बोला मैं उसको भेजता हूं, कुछ नहीं बस लंड पकड़ कर हिला दो. ज्यादा से ज्यादा बाहर से बूब्स पकड़ेगा, यह कहते हुए निकल गया.

५ मिनट में मैंने देखा वह पार्किंग वाला आया और अंकिता कार के सहारे खड़ी थी उस ने कपड़े पहन लिए थे.

अब पार्किंग वाला आया अंकिता ने उसकी चेंन खोल दी, लंड निकाला और हिलाने लगी. उसको जोश चढ़ने लगा, तो वह पास आया, अंकिता बोली दूर खड़े रहो, ईतने में पार्किंग वाले ने उस को किस कर दिया.

अंकिता खुद को छुड़वाने लगी, लेकिन उसने उसके होठ गिले कर दिए, फिर उसने अंकिता के बूब निकाले बाहर और चुसने लगा, अंकिता फिर गरम हो गई थी, उसने जोर से अंकिता को उल्टा किया, सलवार नीचे की, चड्डी उतारी और अपना लंड घुसाने लगा, अंकिता ने मना किया यह सब नहीं..

लेकिन वह माना नहीं उसने बोला तुम पर कंडोम भी नहीं है, लेकिन उसने कुछ नहीं सुना और खड़े खड़े ही गांड में डाल दिया, रात के ११ बज रहे थे तो आवाज साफ सुनाई दे रही थी, बाहर शोर नहीं था, अब वह खड़े खड़े झटके दिए जा रहा था और उसके अंदर ही झड़ दिया.

उसके बाद वह २ मिनट ऐसे ही रुका और फिर उस ने अंकिता को बोला नीचे जुक घोड़ी बन और उसने गांड में लंड डाल दिया, अंकिता एकदम से आगे गिरी, उसने जमीन पर ही उस पर कुंडली कस ली और बहुत चोदा, उसके बाद उसने अंकिता के मुंह में भी दिया और जड दिया, उसके बाद कपड़े पहने और चला गया.